मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स

ONE में थाईलैंड के मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स स्टार्स की 5 सबसे शानदार जीत

थाईलैंड को वैसे तो किकबॉक्सिंग और मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियंस के लिए जाना जाता है लेकिन पिछले कुछ सालों में इस देश के मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट्स भी ग्लोबल स्टेज पर उभरकर सामने आते रहे हैं।

थाईलैंड से आने वाले टॉप लेवल के स्ट्राइकर्स अपनी स्किल्स में बदलाव कर ONE Championship में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भी आ रहे हैं।

एक तरफ ONE फ्लाइवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन रोडटंग “द आयरन मैन” जित्मुआंगनोन मिक्स्ड मार्शल आट्स में आने के संकेत दे रहे हैं। वहीं उनसे पहले भी थाई सुपरस्टार्स सर्कल में काफी सफलता प्राप्त कर चुके हैं।

यहां हम आपको थाईलैंड के मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स सुपरस्टार्स की सबसे शानदार जीत से आपको अवगत कराने वाले हैं।

डेडामरोंग बने स्ट्रॉवेट चैंपियन

Full Fight: Dejdamrong Sor Amnuaysirichoke vs Roy Doliguez

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Posted by ONE Championship on Thursday, May 11, 2017

डेडामरोंग सोर अम्नोयसिरीचोक कुछ साल पहले बैंकॉक में मॉय थाई में काफी सफलता प्राप्त कर रहे थे। वो कई बार के Lumpinee Stadium वर्ल्ड चैंपियन रहे और इस खेल के सबसे लोकप्रिय नामों में से एक हुआ करते थे। उसके बाद उन्होंने अपनी कॉम्बैट स्किल्स में सुधार कर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में आने का निर्णय लिया।

ग्लोबल स्टेज पर लगातार 4 जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने मई 2015 में हुए ONE: WARRIOR’S QUEST में फिलीपीनो बॉक्सर रॉय “द डोमिनेटर” डोलीगेज़ को पहले ONE स्ट्रॉवेट वर्ल्ड टाइटल के लिए चैलेंज किया और इतिहास रचकर सर्कल से बाहर निकले।

पहले राउंड में दोनों एथलीट्स के बीच जबरदस्त ग्रैपलिंग गेम देखने को मिला लेकिन डेडामरोंग ने बढ़त हासिल कर ली थी। खासतौर पर, आखिरी 2 मिनटों में उन्होंने टॉप पोजिशन हासिल कर दमदार ग्राउंड स्ट्राइक्स लगाईं।

डोलीगेज़ का ग्रैपलिंग गेम चरम पर था लेकिन Evolve टीम के प्रतिनिधि को साफतौर पर मैच में अच्छी बढ़त मिल चुकी थी। उसके बाद अगले 5 राउंड्स में भी वो ग्रैपलिंग गेम के सहारे टॉप पोजिशन में रहते हुए अटैक करते रहे और जब भी उनके प्रतिद्वंदी पैरों पर खड़े हो रहे थे, तब भी उन्हें काफी क्षति पहुंचा रहे थे।

पांचवें और आखिरी राउंड में डेडामरोंग स्ट्राइकिंग में भी बढ़त हासिल कर रहे थे और बेहतरीन अंदाज में अपने फिलीपीनो प्रतिद्वंदी के अटैक को विफल कर रहे थे। इस बीच उन्होंने काउंटर-स्ट्राइक्स लगाईं, साथ ही किक्स और पंच भी लगाते रहे।

अंत में डेडामरोंग को सर्वसम्मत निर्णय से विजेता घोषित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने ना केवल पहला ONE स्ट्रॉवेट वर्ल्ड टाइटल जीता बल्कि थाईलैंड से आने वाले पहले मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियन भी बने।

‘द स्माइलिंग असासिन’ ने कैटलन को नॉकआउट किया

पोंगसिरी “द स्माइलिंग असासिन” मिटसाटिट भी डेडामरोंग की राह पर चल रहे थे।

अपने मॉय थाई करियर में वो Northern Thailand चैंपियन बने। फिर उन्होंने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में आने का फैसला लिया, वहां लगातार 9 मुकाबलों में जीत दर्ज की।

शुरुआत में उनकी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया लेकिन मई 2019 में रॉबिन “द इलोंगो” कैटलन पर पहले राउंड में शानदार जीत के बाद लय में वापसी की।

शुरुआत में ऐसा लग रहा था जैसे मिटसाटिट मुसीबत में घिरते जा रहे हैं। फिलीपीनो एथलीट ने उनकी लेग किक को पकड़ा और उन्हें टेकडाउन करने की कोशिश की लेकिन “द स्माइलिंग असासिन” के बैलेंस ने उन्हें बचाए रखा। कैटलन ने उनकी बैक को निशाना बनाकर रीयर-नेकेड चोक लगाने का प्रयास किया।

थाई स्टार किसी तरह इस प्रयास को विफल करने में सफल रहे लेकिन कैटलन ने इसके बाद दूसरी पोजिशन में आते हुए हील हुक लगाने का प्रयास किया। मिटसाटिट बेहद चपलता के साथ इससे भी बच निकले और वापस अपने पैरों पर आ खड़े हुए।

हल्की चोट के कारण मैच में इंजरी टाइमआउट भी देखा गया लेकिन चोट गंभीर ना होने के कारण मुकाबला एक बार फिर शुरू हुआ। कैटलन ने एक बार फिर अपने प्रतिद्वंदी को सर्कल वॉल की तरफ धकेलकर टेकडाउन करने का प्रयास किया।

“द स्माइलिंग असासिन” ने अपनी पोजिशन को ठीक किया और अंत में क्लिंचिंग की मदद से अपने प्रतिद्वंदी पर नी-स्ट्राइक्स की बरसात कर दी। इनमें से एक नी फिलीपीनो स्टार की छाती और पेट के बीच के हिस्से से जा टकराई और अगले ही पल कैटलन मैट पर गिरे नजर आए।



विराचाई ने 21 सेकंड में मुकाबले को समाप्त किया

मार्च 2018 में शेनन “वनशिन” विराचाई का सामना अपना प्रोमोशनल डेब्यू कर रहे राहुल “द केरल क्रशर” राजू से हुआ था और इस मैच को जीतने में उन्हें ज्यादा मशक्कत भी नहीं करनी पड़ी।

ONE: IRON WILL में हुए इस लाइटवेट कॉन्टेस्ट में थाई मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स सुपरस्टार ने अपने भारतीय प्रतिद्वंदी को केवल 21 सेकंड में हरा दिया था और बैंकॉक के फैंस को खुश होने का एक मौका प्रदान किया।

बैल बजते ही “द केरल क्रशर” लगातार आगे आ रहे थे जिससे विराचाई के पास बैकफुट पर रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

जैसे ही राजू ने आगे आकर राइट हैंड्स लगाए लेकिन थाई साउथपॉ स्टांस वाले एथलीट ने अपने प्रतिद्वंदी को चकमा देकर राइट हुक लगाया जो एकदम सटीक निशाने पर जाकर लैंड हुआ और अगले ही पल भारतीय एथलीट मैट पर गिरे नजर आए।

होमटाउन हीरो केवल 21 सेकंड में मैच जीतकर एक यादगार मोमेंट का हिस्सा बने और इसे ONE Championship के लाइटवेट डिविजन के इतिहास में दूसरे सबसे जल्दी आए नॉकआउट का दर्जा प्राप्त है।

‘टाइनी डॉल’ की शानदार जीत

अक्टूबर 2018 में रिका “टाइनी डॉल” इशिगे ने एक बार फिर ये साबित कर दिया था कि चाहे उनकी लंबाई कम हो लेकिन वो किसी भी टॉप लेवल एथलीट को फिनिश करने में पूरी तरह समर्थ हैं।

ONE: KINGDOM OF HEROES में थाई स्टार का सामना बोजेना “टोटो” अँटोनियर से हुआ। हालांकि, उन्हें जीत जरूर मिली लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ी चुनौती का सामना भी करना पड़ा।

बोजेना अँटोनियर 2 बार की म्यांमार नेशनल बॉक्सिंग चैंपियन रही हैं और शुरुआत से ही उन्होंने दमदार पंच लगाने शुरू कर दिए थे। “टोटो” लगातार क्रॉस और लेफ्ट हुक्स लगा रही थीं, यहां तक कि थाई एथलीट ने क्लिंच करने की कोशिश की तो भी उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी को बॉक्सिंग अटैक से खूब क्षति पहुंचाई।

हालांकि, म्यांमार की एथलीट ने लेग किक्स जरूर लगाईं लेकिन करीब 1 मिनट बाद ही इशिगे को अंदाजा होने लगा था कि कब उन्हें किक लगने वाली हैं। जैसे ही “टाइनी डॉल” ने किक को अपनी तरफ आता देखा तभी उन्होंने शानदार अंदाज में डबल-लेग टेकडाउन लगाया।

इशिगे ने माउंट पोजिशन प्राप्त की और जब “टोटो” ने इससे निकलने की कोशिश की तो थाई स्टार ने रीयर-नेकेड चोक लगाने में भी देर नहीं लगाई।

अँटोनियर इस सबमिशन से बाहर निकलने का प्रयास कर रही थीं लेकिन सेकंड दर सेकंड “टाइनी डॉल” की पकड़ और भी अधिक मजबूत होती जा रही थी। इशिगे ने ग्राउंड गेम में रहते कुछ पंच और एल्बो लगाईं और इसी अटैक के दम पर उन्हें स्टॉपेज से जीत हासिल हुई।

ये इशिगे की ONE Championship में चौथी जीत रही और एटमवेट डिविजन में उनसे अधिक मैच कोई नहीं जीत पाया है।

स्टैम्प ने ‘द नॉकआउट क्वीन’ को सबमिशन से हराया

स्टैम्प फेयरटेक्स चाहे ONE एटमवेट किकबॉक्सिंग और मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं लेकिन अगस्त 2019 में उन्होंने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भी खुद को एक बेहतर एथलीट साबित किया था।

थाई स्ट्राइकर का सामना उस समय अपराजित रहीं भारतीय स्टार आशा “नॉकआउट क्वीन” रोका से हुआ और शुरू से लेकर अंत तक वो मुकाबला धमाकेदार साबित हुआ था।

2 स्ट्राइकर्स के बीच कांटेदार टक्कर देखने को मिली। एक तरफ रोका जो भारतीय नेशनल बॉक्सिंग चैंपियन रही, वो दूर रहकर भी अपनी प्रतिद्वंदी को पंच लगा रही थीं। वहीं, Fairtex टीम की मेम्बर अपनी मॉय थाई स्किल्स का प्रयोग कर नी और दमदार राइट हैंड्स से काउंटर अटैक कर रही थीं।

आखिरकार, स्टैम्प अपनी प्रतिद्वंदी को मैट पर गिराने में सफल रहीं और माउंट पोजिशन में रहते ग्राउंड स्ट्राइक्स की बरसात कर दी, यहां तक कि उन्होंने आर्मबार और गिलोटिन चोक लगाने का भी प्रयास किया था।

दूसरे राउंड में भारतीय स्टार ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने फ्रंटफुट पर रहकर लगातार स्ट्रेट पंच लगाए लेकिन स्टैम्प की नी, पंच और लो किक्स से रोका को थकावट महसूस होने लगी थी।

फिर भी “नॉकआउट क्वीन” ने अंतिम राउंड में धमाकेदार शुरुआत की लेकिन स्टैम्प ने रोका को क्लिंच किया, नी स्ट्राइक्स लगाईं और फिर अपनी प्रतिद्वंदी को मैट पर गिराने में भी सफलता पाई। थाई सुपरस्टार ने माउंट पोजिशन प्राप्त की, ग्राउंड एंड पाउंड अटैक किया जिससे भारतीय स्टार अपनी बैक स्टैम्प की तरफ कर बैठीं।

यहां से थाई स्ट्राइकर ने रीयर-नेकेड चोक लगाया और अपने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स करियर की पहली सबमिशन जीत हासिल की।

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