मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स

मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में इस्तेमाल होने वाले 5 सबमिशन मूव्स को आसान शब्दों में समझें

Jul 14, 2020

मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स को दुनिया के सबसे कठिन खेलों में से एक कहा जा सकता है क्योंकि ये कई सारे मार्शल आर्ट्स का मिश्रण होता है।

सर्कल में कामयाबी और लंबे समय तक अपनी बादशाहत बरकरार रखने के लिए किसी भी एथलीट को स्टैंड-अप गेम के अलावा ग्राउंड गेम में भी ताकतवर बनना बेहद जरूरी है। ग्राउंड गेम में पारंगत एथलीट्स कई तरीकों से अपने विरोधियों को मात दे सकते हैं, जिसमें वो ग्राउंड एंड पाउंड अटैक के अलावा सबमिशन का इस्तेमाल कर विरोधियों को टैप आउट करने पर मजबूर कर सकते हैं।

जब कोई एथलीट अपने प्रतिद्वंदी के शरीर के किसी हिस्से को इस प्रकार जकड़ता है कि वो टैप आउट करने पर मजबूर हो जाए या फिर उसके बेसुध होने की स्थिति में रेफरी मुकाबला को खत्म कर दे, तो ये सबमिशन से जीत मानी जाती है।

मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में एथलीट्स द्वारा ढेर सारे सबमिशन मूव्स का इस्तेमाल किया जाता है। हम आपको सर्कल में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सबमिशन मूव्स का मतलब आसान भाषा में बता रहे हैं।

रीयर-नेकेड चोक

जब राहुल राजू ???????? ने रीयर-नेकड चोक से पाकिस्तान???????? के फुरकान चीमा को सबमिशन से हराया। "द केरल क्रशर" को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ! ????

Posted by ONE Championship India on Saturday, April 18, 2020

मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की दुनिया में इसे सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले सबमिशन मूव का दर्जा प्राप्त है। जब कोई एथलीट अपने प्रतिद्वंदी की तरफ बैक (कमर) कर देता है तो विरोधी एथलीट उसकी ठोड़ी के नीचे हाथ ले जाकर बड़ी ताकत से गर्दन को दबोच लेता है।

ये सबमिशन देखने में आसान और बेहद कारगर होता है क्योंकि गर्दन दबी होने के कारण दिमाग तक ऑक्सीजन नहीं जाती और प्रतिद्वंदी कुछ ही पलों में टैप आउट करने पर मजबूर हो जाता है।

आप देख सकते हैं कि भारतीय सुपरस्टार राहुल राजू ने किस तरह से अपने प्रतिद्वंदी को रीयर-नेकेड चोक में फंसाकर टैप आउट करवाया।

गिलोटिन चोक

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Posted by ONE Championship India on Friday, May 15, 2020

एक तरह से गिलोटिन चोक को रीयर-नेकेड चोक का उलटा रूप भी कहा जा सकता है। अधिकतर सबमिशन मूव ग्राउंड पर रहकर लगाए जाते हैं, लेकिन इसे खड़े और मैट पर रहकर भी अंजाम दिया जा सकता है।

जब कोई एथलीट जो अपनी गर्दन खुली छोड़ दे, वो आसानी से इसका शिकार बन सकता है। जब कोई एथलीट अपने विरोधी पर माउंट पोजिशन में हो लेकिन अटैक करते वक्त वो अपनी गर्दन खुली छोड़ दे, तो उसका प्रतिद्वंदी गर्दन के पिछले हिस्से में हाथ डालकर अपनी छाती के दाईं या बाईं ओर पूरे दम के साथ दबा देता है। इसके बाद अच्छे-अच्छे एथलीट टैप आउट कर देते हैं।

ONE Championship में राजिंदर सिंह मीणा ने अपने करियर की पहली जीत गिलोटिन के जरिए ही हासिल की थी।



आर्मबार

जैसा नाम से ही प्रतीत हो रहा है, इसमें विरोधी के आर्म (हाथ) पर दांव लगाया जाता है। आर्मबार एक जॉइंट लॉक है, जिसे अमल में लाने के लिए काफी अच्छी तकनीक की जरूरत होती है।

इसमें प्रतिद्वंदी के हाथ को पकड़कर एकदम सीधा कर दिया जाता है कि जिसकी वजह से उसकी कोहनी और कंधे के जोड़ पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ने लगता है। सही तरीके से लगने पर इसका दर्द असहनीय हो जाता है और पलक झपकते ही टैप आउट करना पड़ जाता है।

अमेरिकाना

अपने प्रतिद्वंद्वी सबमिट करवाना कोई आम बात नहीं है, और अपने पहले ही मैच में तो बिलकुल भी नहीं। Roshan Mainam ने ये…

Posted by ONE Championship India on Saturday, July 4, 2020

अमेरिकाना सबमिशन मूव एक तरह का शोल्डर लॉक है जो कि बड़ा ही दर्दनाक होता है। इसे माउंट पोजिशन या साइड पोजिशन से अंजाम दिया जा सकता है।

मान लीजिए किसी को माउंट पोजिशन से अमेरिकाना लगाना है तो मैट पर गिरे हुए प्रतिद्वंदी के किसी भी हाथ को ‘L’ शेप में ले जाएं, जिसमें उसका हाथ सिर के ऊपर हो। अब अपने हाथ से उसकी कोहनी को पकड़ें और दूसरे हाथ को अपने प्रतिद्वंदी की बाजू के नीचे से निकालकर अपनी कलाई को पकड़ लें। धीरे-धीरे अपना हाथ घुमाएं और आपका प्रतिद्वंदी टैप आउट किए बिना नहीं रह पाएगा।

रोशन मैनम ने ONE Championship में डेब्यू करते हुए अपने पहले ही मुकाबले में खॉन सिचान पर अमेरिकाना लगाकर शानदार जीत दर्ज की थी।

आर्म-ट्रायंगल चोक

आर्म-ट्रायंगल टॉप पोजिशन पर रहने वाले ग्रैपलर्स द्वारा इस्तेमाल में लाया जाता है।

कोई एथलीट अपने प्रतिद्वंदी पर माउंट पोजिशन पर है, तो वो अपने एक हाथ को उसकी गर्दन के नीचे ले जाए और दूसरे हाथ को उसके हाथ के नीचे लाकर धीरे-धीरे ऊपर लेकर आए। ऐसा करने से आपके प्रतिद्वंदी का हाथ ऊपर होता चला जाएगा। प्रतिद्वंदी के हाथ को उसकी ठोड़ी के नीचे और अपनी गर्दन के बीच में ले आएं।

इसके बाद माउंट पोजिशन से हटकर साइड पोजिशन में आ जाएं और बाहर की तरफ होते जाएं। इस तरह से प्रतिद्वंदी की गर्दन पर बहुत दबाव पड़ता है और उसके पास टैप आउट करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचता।

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