मॉय थाई

योडसंकलाई ने मॉय थाई में अपने पुराने दिनों को याद किया

31 जुलाई को थाईलैंड के बैंकॉक में “द बॉक्सिंग कंप्यूटर” योडसंकलाई IWE फेयरटेक्स को 2018 में ONE Championship में कदम रखने के बाद अपना सपना पूरा करने का पहला मौका मिलेगा।

ONE: NO SURRENDER में थाई दिग्गज ONE फेदरवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल के लिए वर्तमान चैंपियन पेटमोराकोट पेटयिंडी एकेडमी का सामना करेंगे।

इसके बावजूद बड़े मुकाबले के पहले योडसंकलाई ने “द आर्ट ऑफ 8 लिंब्स” में अपने शुरुआती दिनों के बारे में बात की।

सादा जीवन और कठिन परिश्रम

Yodsanklai IWE Fairtex ONE AGE OF DRAGONS Open Workout

इन दिनों “द बॉक्सिंग कंप्यूटर” अपने खतरनाक अपरकट्स के लिए जाने जाते हैं लेकिन अपने शुरुआती दिनों में उन्हें इस चीज़ में कम महारथ हासिल थी।

35 वर्षीय स्टार ने कहा, “जब मैं जवान था तो मैं अपने भाई के साथ काफी लड़ता था।”

“मेरे घर के पास एक बॉक्सिंग कैंप था, जो स्कूल के टीचर का था। बॉक्सिंग कैम्प के मालिक, टीचर ने मुझे मेरे भाई के साथ फाइट करते हुए देखा। उन्होंने बॉक्सर के रूप में हमारी क्षमता को जाना, इसलिए उन्होंने हमें उनके कैंप में ट्रेन किया।”

ये Saknipaporn Gym था जहां भविष्य में कई बार मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन बन चुके स्टार ने अनुशासन और कठोर परिश्रम का असली मतलब जाना।

जब नोंग बुआ लंपहु के इलाके में ज्यादातर बच्चे सोते थे, तब योडसंकलाई और उनके ट्रेनिंग पार्टनर्स गलियों में अपने स्नीकर्स के साथ निकल जाते थे।

उन्होंने कहा, “सुबह हम 5 बजे जॉगिंग के लिए उठते थे। जॉगिंग के बाद हम घर आते थे और फिर 9 बजे तक स्कूल के लिए तैयार होते थे।”

ये मुश्किल था लेकिन योडसंकलाई “द आर्ट ऑफ 8 लिंब्स” के लिए उत्साहित थे, इसलिए ट्रेनिंग के लिए समय पर आना उनके लिए परेशानी नहीं थी। भले ही उन्हें समय पर स्कूल पहुंचने में देर क्यों हो, ये एक अलग कहानी है।

उन्होंने हंसते हुए बताया, “हम हमेशा लेट रहते थे।”

स्कूल में आने के बाद भी “द बॉक्सिंग कंप्यूटर” के लिए किसी भी हाल में ट्रेनिंग खत्म नहीं होती थी। दिन की अंतिम क्लास के बाद थाई स्टार फिर जिम जाते थे जहां वो 5 और घंटे स्पारिंग, अभ्यास और लेफ्ट किक को आक्रामक बनाने का प्रयास करते थे।

उन्होंने कहा, “हम 9 बजे तक ट्रेनिंग करते थे और इसे हम हमारा दिन कहते थे। इसके बाद हम घर जाते थे और खाना खाकर सो जाते थे। बच्चे के रूप में ये मेरी दिनचर्या होती थी।”



स्टार बनने का सफर

इतनी ऊंचे स्तर की लगन के साथ योडसंकलाई ने मॉय थाई प्रतिद्वंदियों के खिलाफ सर्कल में उतरना शुरू कर दिया। 2001 में उन्हें फ्लाइवेट डिविजन में Lumpinee Stadium वर्ल्ड चैंपियनशिप के रूप में अपनी पहली बेल्ट मिली, उस समय वो वर्तमान से 43 पाउंड्स हल्के थे।

इसके बाद 2005 में उन्होंने मशहूर Petchyindee Academy में काफी मेहनत की और वेल्टरवेट डिविजन में कदम रखा, जहां वो उस भार वर्ग में Lumpinee Stadium वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने में सफल रहे।

जैसे ही “द बॉक्सिंग कंप्यूटर” ने वजन बढ़ाया, उन्होंने Fairtex Training Center में कदम रखा। इसके बाद वो थाईलैंड और बाहर 10 से ज्यादा टाइटल्स जीते।

2 सालों पहले ONE Super Series में आने के बाद “द बॉक्सिंग कंप्यूटर” ने 5 प्रोमोशनल बाउट्स में से तीन में जीत दर्ज की है। उन्होंने यहां मार्च 2019 में आयोजित हुए ONE: A NEW ERA में अपने पुराने विरोधी एंडी “सावर पावर” सावर को TKO (तकनीकी नॉकआउट) की मदद से धराशाई किया था।

अपने करियर की ओर नजर डालने के बाद योडसंकलाई को वर्तमान और नोंग बुआ लंपहु प्रांत के मेहनती बच्चे में बड़ा अंतर नजर आता है।

उन्होंने कहा, “ये आसमान और जमीन के समान है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं दुनिया में शीर्ष रैंक पर आऊंगा।”

“जब मैं जवान था तो देश के हर अन्य खेलते हुए बच्चे की तरह था। मुझे नहीं पता था कि कैसे मेरा जीवन आगे बढ़ेगा। मुझे कोई आइडिया नहीं था।”

इतनी आगे आने के बाद “द बॉक्सिंग कंप्यूटर” उस खेल के शुक्रगुजार हैं, जिसने उन्हें और उनके चहेतों को हर वो चीज़ दी, जिनकी उन्होंने मांग की।

उन्होंने बताया, “मैं आज जिस भी जगह हूं, उसके लिए मुझे भगवान को धन्यवाद करना होगा। मैं विश्व प्रसिद्ध हूं और मेरे पास अच्छा परिवार है। मेरी आर्थिक स्थिति बेहतर है। मैं मॉय थाई को अच्छा जीवन देने के लिए धन्यवाद करना चाहता हूं।”

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