प्राजनचाई थाईलैंड में कॉम्बैट स्पोर्ट्स हीरो कैसे बने

Prajanchai trains at PK Saenchai MuayThaiGym in Thailand

केवल 26 साल की उम्र में प्राजनचाई पीके.साइन्चे मॉयथाईजिम मॉय थाई में 20 साल से ज्यादा का अनुभव हासिल कर चुके हैं।

इसी अनुभव ने उन्हें शुक्रवार, 30 जुलाई को ONE: BATTLEGROUND में 2-स्पोर्ट ONE वर्ल्ड चैंपियन सैम-ए गैयानघादाओ के खिलाफ ONE स्ट्रॉवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियनशिप मैच दिलाया है।

थाई सुपरस्टार अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि प्राप्त करने के बहुत करीब हैं। यहां जानिए किस तरह वो थाईलैंड में कॉम्बैट स्पोर्ट्स हीरो बने।

‘मॉय थाई मेरे खून में है’

काफी संख्या में मॉय थाई फाइटर्स अपने गेम में सुधार करने के लिए बैंकॉक आते हैं, लेकिन प्राजनचाई का जन्म ही यहां हुआ है।

वो बचपन से ही मॉय थाई से घिरे रहे हैं और भविष्य में उनका रिंग में उतरना निश्चित था।

उन्होंने कहा, “मैं मॉय थाई एथलीट्स के परिवार में पला-बढ़ा हूं। मेरे अधिकतर करीबी लोग बॉक्सर्स हैं। मैंने 4 साल की उम्र में बॉक्सिंग सीखनी शुरू की थी।”

बचपन में प्राजनचाई हर रोज एक लोकल जिम के सामने से गुजरते थे, जो उन्हें रोज अपनी ओर खींचने की कोशिश करता था।

उन्होंने कहा, “स्कूल जाते समय रास्ते में एक बॉक्सिंग जिम पड़ता था। स्कूल से वापस घर जाते समय मेरा मन जिम के अंदर जाने को कहता था। उस समय से मुझे बॉक्सिंग से लगाव रहा है।”

परिवार के कारण प्राजनचाई भी फाइटिंग में करियर बनाना चाहते थे। कुछ समय बाद ही उन्होंने पहली बार रिंग में कदम रखा और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा है।

उन्होंने बताया, “जब मेरे भाई दूसरी जगह फाइट करने जाते तो हमेशा मैं उनके साथ जाता था। उनकी फाइट्स को देख मेरे मन में भी बॉक्सिंग करने की इच्छा होती। उसके कुछ समय बाद मेरे अंकल ने मुझे भी एक मैच दिलाया।”

“मुझे फाइटिंग से लगाव महसूस होने लगा था इसलिए खुद में सुधार करते हुए लगातार मैचों में भाग लेता रहा।

“मैं मॉय थाई से प्यार करता हूं और ये जैसे मेरे खून में है। मैं इसी के इर्दगिर्द रहकर बड़ा हुआ हूं। मैंने जुनून को महत्वाकांक्षा में बदल दिया और ज्यादा सफलता प्राप्त करने के इरादे से आगे बढ़ता रहा हूं।”

खूब सफलता पाई

प्राजनचाई ने एक लोकल जिम में ट्रेनिंग शुरू की थी, उसके बाद Looksuan Muay Thai में ट्रेनिंग करने लगे, लेकिन कुछ समय बाद जिम के स्थानांतरण के कारण उन्हें नया जिम ढूंढना पड़ा।

उस समय उभरते हुए स्टार को PK.Saenchai Muaythaigym में जगह मिली, जहां से उनके करियर ने नई रफ्तार पकड़ी।

कई बड़े स्टार्स के साथ ट्रेनिंग कर प्राजनचाई ने रीज़नल लेवल पर खूब नाम कमाया और उसके बाद बैंकॉक के फेमस स्टेडियम्स में भी सफलता हासिल की।

उन्होंने कहा, “बैंकॉक स्टेडियम्स में फाइटिंग शुरू करने के बाद मैंने खुद से कहा कि मुझे चैंपियनशिप जीतकर ही दम लेना है।”

“मेरे परिवार में कई बॉक्सर्स हैं, लेकिन कभी मेन स्टेडियम्स में कोई बेल्ट नहीं जीती। इसलिए मैं Lumpinee aur Rajadamnern की बेल्ट्स को जीतना चाहता था।”

“कुछ समय स्टेडियम सर्किट में रहने के बाद मुझे Rajadamnern Stadium की 105-पाउंड चैंपियनशिप जीतने का अवसर मिला।

“वो मेरे करियर का सबसे महत्वपूर्ण मैच था क्योंकि इसमें मैंने अपनी पहली बेल्ट जीती थी। सभी ने मेरा सपोर्ट किया और उस दिन रिंग में मेरी आंखों से आंसू भी बहने लगे थे।”

आगे चलकर प्राजनचाई ने इस खेल में और भी बेल्ट्स जीतीं, वहीं आज उन्हें मॉय थाई के सबसे बेहतरीन पाउंड-फोर-पाउंड एथलीट्स में से एक माना जाता है।

उन्होंने कहा, “मैंने लगातार 6 या 7 बेल्ट जीतीं और एक भी मौके को खाली नहीं जाने दिया।”

“मैं इतनी चैंपियनशिप बेल्ट्स जीतने के बाद खुद पर गर्व महसूस करता हूं। वहीं मुझे चैंपियन और थाईलैंड के टॉप फाइटर्स में से एक बनता देख मेरा परिवार भी बहुत खुश था।”



मॉय थाई से बॉक्सिंग में आए

इतनी सफलता के साथ अनिश्चितता भी प्राजनचाई का साथ नहीं छोड़ रही थी।

वो 5 डिविजंस में 4 बार Rajadamnern और 2 बार Lumpinee Stadium वर्ल्ड चैंपियन बने, लेकिन आगे चलकर उन्हें मैच मिलने भी मुश्किल हो चले थे।

PK.Saenchai Muaythaigym के स्टार के साथ कोई भी रिंग में नहीं उतरना चाहता था इसलिए उन्होंने नए खेल में हाथ आजमाए।

उन्होंने बताया, “मुझे नए विरोधी मिलने बहुत मुश्किल हो रहे थे इसलिए मुझे खुद से साइज़ में बड़े एथलीट्स का सामना करना पड़ता था। उसके बाद अंतर्राष्ट्रीय बॉक्सिंग संघ (IBA) के एक प्रोमोटर ने मुझे मौका दिया।”

“उन्होंने मेरी स्पीड और मूव्स में सटीकता की तारीफ करते हुए मेरे मैनेजर से संपर्क साधा और पूछा कि क्या मैं प्रोफेशनल बॉक्सिंग बॉक्सिंग बाउट्स में फाइट करना चाहता हूं।”

प्राजनचाई ने ऑफर को स्वीकार किया और वो जानते थे कि बॉक्सिंग में सफलता हाथ नहीं लगी तो उनके पास मॉय थाई में वापसी का विकल्प भी खुला होगा।

उन्होंने आगे बताया, “चौंकाने वाली बात ये रही कि 126 पाउंड्स के भार वर्ग में मुझे पहले प्रो बॉक्सिंग मैच में टाइटल शॉट मिला।”

“हर कोई मुझे टाइटल शॉट मिलने को लेकर चौंक उठा था। वहीं मेरी जीत लोगों के लिए और भी अधिक चौंकाने वाली रही।

“उस समय लोगों का मानना था कि मेरी बॉक्सिंग स्किल्स उस समय टॉप लेवल की नहीं थीं। उनका ये भी मानना था कि मेरे ज्यादा प्रभावशाली नहीं हैं और मैं 10 राउंड्स तक मैच में नहीं टिक पाऊंगा। लेकिन मैंने ऐसा कर खुद को दूसरों के सामने एक बेहतरीन फाइटर के रूप में प्रदर्शित किया।”

थाई एथलीट उसके बाद 3 मैचों को जीतकर 2 बार WBA एशिया साउथ बॉक्सिंग चैंपियन बने, जिनमें उनका सामना खुद से कहीं अधिक अनुभवी एथलीट्स से हुआ।

इस तरीके से वो मॉय थाई मुकाबले ना मिलने के बाद भी पैसे कमा पा रहे थे। इससे उन्होंने साबित किया कि अच्छी मानसिकता के साथ वो कहीं भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

प्राजनचाई ने कहा, “अक्सर लोग आपके मनोबल को गिराने की कोशिश करते हैं, लेकिन वही बातें आपको अच्छा करने के लिए प्रेरित करती हैं। इसलिए लोग मुझे जितना कमजोर समझेंगे मैं उतनी ही कड़ी मेहनत कर उन्हें गलत साबित करूंगा।”

ग्लोबल स्टेज पर कदम रखा

Prajanchai PK.Saenchai Muaythaigym signs with ONE Championship

बैंकॉक निवासी एथलीट अब मॉय थाई में वापसी कर चुके हैं और अपने देश के कई टॉप एथलीट्स के खिलाफ जीत दर्ज कर चुके हैं।

इसी सफलता ने उन्हें ONE Super Series में जगह दिलाई है और प्राजनचाई इसे अपने करियर की नई शुरुआत मानते हैं। खासतौर पर तब, जब डेब्यू मैच में उन्हें सैम-ए के खिलाफ ONE स्ट्रॉवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल शॉट मिल रहा हो।

उन्होंने कहा, “मैं इसे अपने जीवन के सबसे खास पलों में से एक मानता हूं। मेरे हिसाब से जो भी मॉय थाई फाइटर ONE Championship को जॉइन करता है, वो वर्ल्ड चैंपियन बनना चाहता है।”

“हर कोई सोचता है कि वो खुद में सुधार कर वर्ल्ड टाइटल शॉट हासिल कर सकते हैं, लेकिन सौभाग्य से मुझे पहले ही मैच में ये मौका मिल रहा है।”

डेब्यू मैच में सैम-ए के खिलाफ वर्ल्ड टाइटल शॉट मिलने से काफी लोग प्राजनचाई की आलोचना करते हुए कह रहे हैं कि वो अभी लैजेंड फाइटर का सामना करने के लिए तैयार नहीं हैं।

मगर थाई स्टार उन्हें नजरंदाज कर रहे हैं। प्राजनचाई पहले भी अपने आलोचकों का मुंह बंद करते आए हैं और उनका मानना है कि वो एक बार फिर ऐसा करने में सफल होंगे।

प्राजनचाई ने कहा, “लोग नहीं सोचते कि मैं इस मैच को जीत सकता हूं। वो ये भी कह सकते हैं कि मुझे उम्मीद से पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप मैच मिल रहा है और कुछ ये भी सोच सकते हैं कि इस मुकाबले से पहले मुझे किसी विदेशी एथलीट का सामना करना चाहिए था।”

“मैं सैम-ए से बेल्ट को जीतने को तैयार हूं।”

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