कैसे सुपरलैक ने अपने बुरे दौर से गुजरते हुए नए ‘द किकिंग मशीन’ की पहचान की – ‘मेरे लक्ष्य अब बिल्कुल स्पष्ट हैं’
पिछले साल की चुनौतियों ने “द किकिंग मशीन” सुपरलैक को एक मार्शल आर्टिस्ट के रूप में मजबूत किया है।
अब मौजूदा ONE फ्लाइवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन का सामना The Inner Circle में रूसी नॉकआउट आर्टिस्ट अब्दुल्ला “स्मैश बॉय” दयाएकव से होगा। इस बेंटमवेट मॉय थाई मुकाबले का आयोजन 15 मई को किया जाएगा, जिसे फैंस live.onefc.com पर देख सकते हैं।
सुपरलैक के लिए ये सिर्फ एक फाइट से बढ़कर है। ये उनका खोया हुआ खिताब हासिल करने का मौका है।
उन्होंने मौजूदा ONE बेंटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन जोनाथन “द जनरल” हैगर्टी, ONE अंतरिम फ्लाइवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन टकेरु “नेचुरल बोर्न क्रशर” सेगावा और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन रोडटंग “द आयरन मैन” जित्मुआंगनोन और नबील अनाने जैसे स्टार्स को हराकर खुद को इस पीढ़ी के पाउंड-फोर-पाउंड स्ट्राइकर्स में से एक साबित किया है।
लेकिन उन्हें अपने पिछले दो मैचों में लगातार हार का सामना करना पड़ा, जहां फैंस ने भी उनके प्रदर्शन की आलोचना की।
उन्होंने onefc.com को बताया:
“पिछला साल चोटों की वजह से काफी मुश्किल रहा। इसके अलावा कुछ बाहरी समस्याओं के कारण मैंने अपना आत्मविश्वास भी खो दिया था। इन सबका असर ये हुआ कि मैं पूरी तरह ट्रेनिंग नहीं कर पा रहा था और हर फाइट पर 100 प्रतिशत फोकस भी नहीं दे पा रहा था।
“मैं अपनी पहचान ही खो बैठा था। चोटों और लंबे समय तक एक्शन से बाहर रहने के बाद मैं जरूरत से ज्यादा सोचने लगा था। मैं बिना नतीजों पर ध्यान दिए हर चीज़ आजमाने की कोशिश कर रहा था। इतना ज्यादा सोचने लगा कि मैं खुद जैसा रह ही नहीं गया। मैं ये भूल गया था कि मेरे पास पहले से ही शानदार हथियार हैं और उनकी जगह कुछ अलग करने की कोशिश करने लगा।”
इन सबके बीच सुपरलैक एक घुटने की चोट से भी जूझ रहे थे। सुपरलैक ने अब एक नया चैलेंज ले लिया है। ONE Championship में अपनी शानदार कामयाबी के बाद उन्होंने अपना खुद का जिम खोला, जो कि उनका हमेशा से सपना रहा है। लेकिन उसकी वजह से आई चुनौतियां भी कम नहीं थीं।
सुपरलैक ने एक मुश्किल निर्णय लिया और बैंकॉक के YOKKAO ट्रेनिंग सेंटर में जाकर ट्रेनिंग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा:
“असल में YOKKAO शुरू से ही मेरे स्पॉन्सर रहे हैं। जब मैं कुछ समय के लिए उनसे अलग हुआ, तब कुछ छोटी-मोटी समस्याएं हुई थीं। साथ ही [अपना जिम चलाने के दौरान] मैं सिर्फ फाइटिंग पर ध्यान नहीं दे पा रहा था। मुझे मैनेजमेंट, स्टाफ और बाकी जिम्मेदारियों की भी चिंता करनी पड़ती थी। ये सब संभालना मेरे लिए बहुत ज्यादा हो गया था।
“इसलिए मैंने वापस आने का फैसला किया और खुद पर ध्यान केंद्रित करने के लिए YOKKAO में ट्रेनिंग शुरू की ताकि मैं पूरी तरह फाइटिंग को प्राथमिकता दे सकूं। अब जब मैं यहां वापस आ गया हूं तो मुझे मैनेजमेंट जैसी चीजों के बारे में नहीं सोचना पड़ता। मैं सिर्फ अपने प्रतिद्वंदी पर फोकस करता हूं, अपनी रणनीति बनाता हूं और खुद का पूरी तरह आकलन करता हूं।”
अब नए जोश और नई क्लैरिटी के साथ सुपरलैक एक अलग आदमी के रूप में उतरेंगे।
वो हमेशा से एक फाइटर के तौर पर विकसित होते रहे हैं, लेकिन चुनौतियों ने उन्हें मानसिक रूस से मजबूत किया है।
उन्होंने अंत में कहा:
“मुझे विश्वास है कि मैं शानदार वापसी कर सकता हूं और पहले से बेहतर प्रदर्शन दिखा सकता हूं। सबसे बड़ी बात ये है कि अब मेरा दिमाग पूरी तरह साफ है। मेरे लक्ष्य अब बिल्कुल स्पष्ट हैं।
“उस समय जिंदगी काफी दबाव से भरी हुई थी। मैंने सिर्फ कुछ ही फाइट्स के बाद बेल्ट जीत ली थी और फिर वेट मिस करने की वजह से उसे गंवा दिया। उसके बाद बहुत कुछ हुआ, लेकिन अब मुझे उसे स्वीकार करके आगे बढ़ना है। अब मेरी मानसिक स्थिति बिल्कुल ठीक है। अगली फाइट जीतूं या हारूं, मैं अपना फोकस बनाए रखूंगा।”