असादुला इमानगज़ालिएव ने The Inner Circle 20 में वर्ल्ड टाइटल जीत का दावा किया – ‘बेल्ट अपने साथ लेकर जाऊंगा’
आखिरी बार जब असादुला “द दागेस्तान निंजा” इमानगज़ालिएव खिताब के नजदीक आए तो वो उनके हाथ से निकल गया।
जो रोगन द्वारा “दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर” की संज्ञा वाले 22 वर्षीय अपराजित स्टार एक अन्य अपराजित सनसनी असलमजोन ओर्तिकोव का सामना करेंगे। इन दोनों की टक्कर 26 जून को बैंकॉक के लुम्पिनी स्टेडियम में होने वाले The Inner Circle 20 में वेकेंट (रिक्त) ONE फ्लाइवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल के लिए होगी। इसका लाइव प्रसारण live.onefc.com पर किया जाएगा।
इस मैच में दो स्टार्स के अजेय रिकॉर्ड दांव पर लगे होंगे। Team Mehdi Zatout और Team Chingiz Allazov में ट्रेनिंग करने वाले इमानगज़ालिएव की बात करें तो उनके नाम 12-0 का जबरदस्त रिकॉर्ड है।
हालांकि, उनका सामना असलमजोन के रूप में एक खास प्रतिद्वंदी से हो रहा है, जो खुद उनकी तरह बहुत ही घातक हैं और सभी विरोधियों को ढेर करने में अभी तक सफल रहे हैं।
“द दागेस्तान निंजा” ने कहा:
“इस मुकाबले को मैं अपने करियर की सबसे कठिन फाइट नहीं कहूंगा। मेरे लिए हर फाइट कठिन और महत्वपूर्ण होती है। मैं हर बार खुद को 100 प्रतिशत तैयार करता हूं।
“अगर कुछ है तो वो मुझे बाकी सभी से ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है। कोई भी फाइट मुझे तनाव नहीं देती। मैं किसी तरह का दबाव महसूस नहीं करता। इसके उलट ये मुझे और कड़ी मेहनत करने व खुद को चैंपियन के रूप में और मजबूत तरीके से स्थापित करने के लिए प्रेरित करती है।”
ओर्तिकोव भी किसी से कम नहीं हैं। एक तरफ दागेस्तानी स्टार को बेहतरीन नॉकआउट्स और 75 प्रतिशत के फिनिशिंग रेट के लिए जाना जाता है तो वहीं उज़्बेक सनसनी के नाम 24-0 का रिकॉर्ड है।
इमानगज़ालिएव रूस के पहले मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन बनना चाहते हैं और ओर्तिकोव उनके रास्ते में खड़े हुए हैं।
उन्होंने बताया:
“मुझे लगता है कि असलमजोन एक बेहद अच्छे फाइटर हैं और ये मुकाबला जबरदस्त होने वाला है। लेकिन मुझे खुद पर पूरा भरोसा है। हर किसी का अपना सफर होता है और मेरा मानना है कि असली चैंपियन मैं हूं और वो बेल्ट मैं अपने साथ लेकर जाऊंगा।
“अगर उनकी सबसे बड़ी ताकत की बात करूं तो वो उनकी रफ्तार और तकनीक है। वहीं उनकी कमजोरी ये है कि उनके हाथों में बहुत ज्यादा ताकत नहीं है और उन्होंने कभी मेरे जैसे फाइटर के साथ रिंग साझा नहीं की है।”
रूसी स्टार को अपनी ताकत और काबिलियत पर पूरा भरोसा है।
22 वर्षीय स्टार को पूरा विश्वास है कि वो 26 जून को लुम्पिनी स्टेडियम से चैंपियन के रूप में निकलेंगे और 26 पाउंड की गोल्ड बेल्ट उनके कंधों पर होगी।
उन्होंने कहा:
“मैं बिल्कुल अलग स्तर का फाइटर हूं। वो क्या लेकर आते हैं, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं अपनी योजना को पूरी तरह लागू करने वाला हूं। उनके जैसे उच्च स्तर के फाइटर को हराना मेरे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। वो अब तक अपराजित रहे हैं और जब मैं उनके रिकॉर्ड से ये ‘शून्य’ मिटाऊंगा, तब पूरी दुनिया को अपना असली स्तर दिखाऊंगा।”
जीवन में किए गए त्याग को हकीकत में बदलने का प्रयास करेंगे इमानगज़ालिएव
असादुला इमानगज़ालिएव ने इस साल मार्च में हुए ONE Friday Fights 147 में दिग्गज नोंग-ओ हामा को नॉकआउट कर चैंपियनशिप लेवल की परफॉर्मेंस दी। हालांकि, फाइट से पहले वेट मिस कर देने की वजह से वो खिताब पर कब्जा नहीं कर पाए।
इस सदमे से निराश होने के बजाय उन्होंने गलती से सीखा। अब वो दोबारा वही गलती नहीं करेंगे और चाहेंगे कि दूसरा मौका किसी भी सूरत में बेकार न जाए।
रूसी स्टार ने बताया:
“बेल्ट के बिना लौटना मुझे बिल्कुल भी परेशान नहीं कर पाया क्योंकि मैं हालात को स्वीकार करना जानता हूं और मुझे भरोसा है कि जो चीज़ मेरे लिए तय है, वो मुझसे छूट नहीं सकती।
“मैंने अपनी पहली फाइट से ही खुद को चैंपियन महसूस किया है। जाहिर तौर पर, मैं इसे एक बहुत बड़ा मौका मानता हूं और असफलता मेरे लिए कोई विकल्प नहीं है। मुझे जाकर वो बेल्ट हासिल करनी ही है।”
इमानगज़ालिएव मार्शल आर्ट्स के शिखर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने रूसी के कठिन पहाड़ों से लेकर थाईलैंड तक का शानदार सफर तय किया है। उनकी स्किल्स से प्रभावित होकर जो रोगन ने उन्हें बहुत बड़ा तमगा दिया।
26 जून को वो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उतरेंगे। इमानगज़ालिएव के लिए ये सिर्फ ONE फ्लाइवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल की बात नहीं है बल्कि वो जीवन में किए गए त्याग की कहानी पूरी करने की बात है।
उन्होंने अंत में कहा:
“पूरी जिंदगी मैंने खुद को चैंपियन बनते हुए देखा है। मैंने हमेशा कल्पना की थी कि इतनी कम उम्र में मैं बेल्ट जीतूंगा। उस समय कोई वास्तव में मुझे नहीं जानता था, लेकिन मुझे खुद पर और अपनी क्षमताओं पर पूरा विश्वास था।
“मैंने इन सभी फाइटर्स को देखा है और मुझे हमेशा लगता था कि मैं उन्हें हरा सकता हूं। सच कहूं तो जो चीज मुझे सबसे अलग बनाती है, वो मेरी सोच और मेरी मेहनत करने की आदत है। वर्ल्ड टाइटल मेरे लिए सब कुछ मायने रखता है क्योंकि ये साबित करता है कि मेरा खून, पसीना और आंसू, मेरी सारी मेहनत और त्याग आखिरकार सफल रहे।”