मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स

Monarchy MMA के उदय, पतन और सफलता की कहानी

कुआलालंपुर में जब भी सबसे कम्पलीट मार्शल आर्ट्स जिम को चुनने की बारी आती है तो हमेशा ही Monarchy MMA का नाम दिमाग में आता है।

इस जिम की स्थापना पूर्व ONE Championship फेदरवेट प्रतियोगी समीर “फ्लेक्सिबल” म्राबेट ने की थी। उनको मलेशिया में बेहतरीन वॉरियर्स के लिए घर में जिम स्थापित करने को लेकर काफी कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा था। इन बेहतरीन वॉरियर्स में अगिलान “एलीगेटर” थानी, पीटर डेविस, किआनू सूबा और मेहदी बघेरी शामिल हैं।

मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के सुपरस्टार्स के अलावा म्राबेट ने अपने कई स्टूडेंट्स को मार्शल आर्ट्स के माध्यम से एक स्वस्थ जीवन शैली स्थापित करने में मदद की है। उन्होंने स्टूडेंट्स को विश्वस्तरीय कोचों और मूल्यवान जीवन कौशल की काबिलियत हासिल करने की एक जगह दी है।

अब बेल्जियन के उद्यमी शेयर कर रहे हैं कि कैसे Monarchy MMA ने अपने रास्ते में आईं बड़ी चुनौतियों का सामना किया और कैसे जिम वो ब्रैंड बन गया, जिसे आज सब जानते हैं।

‘वहां कोई ऊर्जा नहीं थी’

Monarchy MMA's first location, before renovations began

म्राबेट बेल्जियम के मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट हैं। जनवरी 2010 में वो पहली बार मलेशिया आए थे। वो ब्राजीलियन जिउ-जित्सु की ट्रेनिंग करने के लिए काफी उत्साहित थे। हालांकि, उन्हें ये जितना मुश्किल लगता था, उससे कहीं ज्यादा कठिन साबित हुआ।

उन्होंने कहा, “सिटी सेंटर के आसपास जिम नहीं थे इसलिए मुझे ट्रेनिंग करने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था।”

उन्हें याद है कि जो ट्रनिंग वो किया करते थे, उससे काफी अलग ट्रेनिंग सेशन वहां हुआ करते थे।

बेल्जियन स्टार कहते हैं, “जब मैंने अपनी पहली क्लास अटैंड की तो मुझे याद है कि वो मलेशिया में मेरा पहला शुक्रवार था। उसकी रफ्तार काफी धीमी थी।”

“जिउ-जित्सु जिम को चलाने का उनका तरीका बहुत ही अलग था। उनका ध्यान काफी आरामदायक वातावरण पर रहता था।

“वहीं मेरे लिए जिउ-जित्सु का मतलब अपनी सीमाओं को ढकेलना, पसीना बहाना और रोलिंग करना था। जब ये सब साथ में किया जाता है तो आप काफी बेहतर महसूस करते हैं। इससे काफी शांति के पलों का अहसास होता है। हालांकि, वहां पर तो वॉर्मअप या रोलिंग जैसा कुछ था ही नहीं और तो और मुझे याद है कि मैं वहां की क्लास में सो गया था। वहां कोई ऊर्जा ही नहीं थी।”

अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर म्राबेट को पता था कि वहां कुआलालंपुर में ऐसा जिम लॉन्च करने का मौका है, जिसमें बीजेजे लेवल की ट्रेनिंग दी जा सकती हो। उनके दिमाग में पहले से ही इसकी तैयारी थी। ये वहां की सारी कमियों को पूरा भी कर सकती थी।

हालांकि, इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्हें पैसे और संसाधन दोनों की जरूरत थी लेकिन उनके पास दोनों ही नहीं थे।

कुछ ब्रेक लेने के बाद

One of the earliest Monarchy MMA classes

चीजों के आने से पहले म्राबेट के जीवन में हर चीज उल्टी होने लगी थीं। उनकी गर्लफ्रेंड को मलेशिया में आने से पहले ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और जिस मॉडलिंग एजेंसी में वो काम करती थीं, वो दिवालिया हो गई थी।

इसके कुछ दिनों बाद उन्हें अपने अपार्टमेंट से बाहर कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने इससे इंकार कर दिया लेकिन निकलना पड़ा और किस्मत से उन्हें एक ब्रेक मिल गया।

बेल्जियन ने बताया, “मैं बुकिट बिनटैंग की गलियों में टहलकर ठहरने के लिए एक कमरे की तलाश कर रहा था। मैं अपने आपको ये बात बताता चल रहा था कि कुछ बुरी चीजें हमें कभी-कभार अच्छी परिस्थितियों की ओर ले जाती हैं।”

“फिर मैं एक औरत और उसकी बेटी के पास पहुंचा, जिनके पास किराए की एक जगह थी। उन्हें मुझे ये बताते हुए काफी शर्म आ रही थी कि मैं उस जगह को अफोर्ड नहीं कर सकता था। फिर भी मैंने ऑफर स्वीकार कर लिया और वो मुझे ठहरने वाली जगह पर ले गए।

“अंदर जाने पर मुझे अहसास हुआ कि वहां पांच कमरे थे। अगर मैं बाकी चार को किराए पर उठा देता तो मैं फ्री में रह सकता था।”

अगले चार दिनों में बेल्जियन कुछ साथ में रहने वालों को तलाशने में कामयाब रहे और तब जाकर उनके पास ऐसी जगह थी, जिसे वो घर कह सकते थे। ये उनके पहले कुछ लकी ब्रेक में शामिल थे, जिन्होंने Monarchy MMA का रास्ता बनाना शुरू किया था।

नए घर में शिफ्ट होने के बाद म्राबेट एमपेंग के एक मॉय थाई जिम में बीजेजे की ट्रेनिंग देने लगे। हालांकि, चीजें वहां भी योजना के मुताबिक नहीं रहीं। वहां ट्रेनिंग देने के दौरान उन्होंने अपनी छोटी से फॉलोइंग बनाई और फिर तय किया कि अब समय आ गया है, जब ऐसी जगह बनाई जाए जहां मलेशियाइयों को सबसे अच्छी बीजेजे की ट्रेनिंग दी जा सके।

इसका मतलब ये हुआ कि तब समय आ गया था, जब इसके लिए जगह तलाशी जाए।

One of the earliest Monarchy MMA classes

जिस सह अधिकार में वो रह रहे थे, वहीं पर एक किंडरगार्टन हॉल ही में बंद हुआ था। उनके एक दोस्त ने सुझाव दिया कि उन्हें उस जगह को किराए पर लेने के बारे में सोचना चाहिए। म्राबेट ने उन्हें एक ऑफर दिया और मैनेजमेंट ने उसे स्वीकार लिया। इसके साथ ही “फ्लेक्सिबल” उन्हें हर महीने 1000 मलेशियाई रिंगिट (आरएम) किराए के तौर पर देने लगे।

इस फीस को अफोर्ड करने के लिए उन्हें और ज्यादा पैसे की जरूरत थी। अपने अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के बाद जैसे म्राबेट को फिर से एक लकी ब्रेक मिल गया।

उन्होंने कहा, “मुझे एक मॉडलिंग ऑफर मिला, जिससे काफी अच्छा पैसा मिल गया।”

“इस कैंपेन के बाद वो मुझसे 4000 आरएम का खास मेमोरेंडम साइन करवाना चाहते थे लेकिन मैंने मोल-भाव करके उसे 10,000 आरएम करवा लिया। इससे मुझे अपने जिम के लिए कई सारी नई चीजें जमा करने में मदद मिली। जैसे रोलआउट मैट्स और उस जगह का लुक भी काफी सुधारा गया। मैं मलेशिया में पहला इंसान था, जो जिम में रोलआउट मैट्स इस्तेमाल कर रहा था।”

ये बात सही है कि सबसे अच्छे प्लान भी बेकार हो जाते हैं लेकिन अड़चनों के बावजूद म्राबेट ने आगे बढ़ना जारी रखा।

उन्होंने बताया, “मैंने नवंबर 2011 में जगह को किराए पर लेने के लिए लीज पर साइन किया लेकिन फरवरी 2012 से पहले शुरू नहीं कर पाया क्योंकि मैट देरी से आए और असली ठेकेदार लगभग 9000 आरएम लेकर फरार हो गया।”

“खुशकिस्मती से मेरे पास लिम नाम का एक स्थानीय बंदा था, जो प्राइवेट क्लासेज करने के लिए उत्साहित था। वो 100 क्लासेज के लिए करीब 16,000 आरएम हर हफ्ते के हिसाब से पेमेंट करने को तैयार हो गया। इससे मुझे रेंट देने व जिम के लिए कुछ बैग और दूसरे सामान खरीदने में काफी मदद मिली।”



Monarchy MMA का विकास

Monarchy MMA in its early days

म्राबेट का Monarchy MMA के लिए सपना एक साथ ही आ रहा था और उनके पास मार्शल आर्ट्स के मूल्यों को बांटने के लिए सबसे अच्छी जगह मौजूद थी।

उनके पास अपने पुराने जिम के कुछ स्टूडेंट भी थे, जहां वो उनको कोचिंग देते थे। वो Monarchy MMA की लोकेशन के चलते वहां आकर काफी खुश थे लेकिन उन्हें कुछ सितारों की जरूरत थी।

इसके बाद वहां पर सूबा ब्रदर्स किआनू व जिआनी के साथ डेविस और थानी भी आ गए। ऐसे काबिल एथलीट्स के जिम में आ जाने से सफलता की संभावनाएं काफी बढ़ गई थीं। इस संभावना पर वहां के स्टूडेंट माइकल रोजर्स की नजरें पड़ीं। उनका मानना था कि Monarchy MMA एक छोटे से जिम से मार्शल आर्ट्स का पावरहाउस बन सकता है।

म्राबेट तब भी उद्यमी दुनिया में नए थे और शुरुआत में उन्होंने इस सुझाव को गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि, म्राबेट, थानी और दोनों सूबा भाइयों के पूरे देश में मुकाबला करने के चलते रोजर्स को लगता था कि आगे बढ़ने का ये सही मौका है।

बेल्जियन याद करते हुए बताते हैं, “मैं बस खुद को और कुछ स्टूडेंट्स, जो वहां थे, उन्हीं को संभाल रहा था।”

“लेकिन एक दिन जब मैंने बैठकर इस बात पर विचार किया कि इसके एक बड़ी संस्था के रूप में होने पर ये कैसा लगेगा तो मुझे कई क्षेत्रों को लेकर चिंता होने लगी। इसमें मैंनेजमेंट, स्टाफ हायरिंग और सही मार्केटिंग शामिल थीं। मेरे पास इसके लिए सही बजट भी नहीं था तो इससे मदद नहीं मिलने वाली थी।”

ये अनिश्चितता ज्यादा समय तक नहीं चली और म्राबेट ने जल्द ही रोजर्स का 50,000 यूएस डॉलर्स का ऑफर स्वीकार कर लिया। इससे उन्होंने जिम की कायापलट करके कदम आगे बढ़ाने का फैसला कर लिया था। करीब एक साल तक किडरगार्टन वाली जगह पर रहने के बाद Monarchy MMA जनवरी 2013 में विस्मा एमपीएल चला गया। इसी साल म्राबेट ने ONE Championship में अपना डेब्यू किया।

ये कदम जब सही साबित हो रहा था और जिम पहले से ज्यादा चर्चित हो गया था, तब भी काफी काम किया जाना बाकी रह गया था। म्राबेट को पता था कि उन्हें मदद लेने की जरूरत है। इसमें जरूरत से ज्यादा काम का रिस्क और स्क्वेयर वन से शुरुआत करना शामिल था।

उन्होंने कहा, “ये बदलाव काफी आराम से हो गया था लेकिन जिम काफी बढ़ चुका था और मुझे पता था कि अब काफी सारी चीजों की फिक्र करनी होगी। उस समय काफी सारी फायरिंग और हायरिंग चल रही थी। मालिक होने के चलते शायद वो मेरे लिए सबसे मुश्किल समय था।”

The floor at Monarchy MMA in Kuala Lumpur

म्राबेट ने बीजेजे ब्लैक बेल्ट ब्रूनो बारबोसा को मार्च 2013 में पहले कोच के तौर पर हायर किया था। बारबोसा ने थानी को ONE के वेल्टरवेट डिविजन के सबसे संपन्न ग्रैपलर में बदल दिया लेकिन अपनी पत्नी की प्रेग्नेंसी के चलते जॉब के कुछ ही महीनों के बाद उन्हें ब्राजील लौटना पड़ा था।

इस वजह से म्राबेट को अपने स्टाफ में फिर से फेरबदल करना पड़ा, जिसका असर अच्छा नहीं हुआ था।

उन्होंने शेयर किया, “मैंने कई सारे ब्लैक बेल्ट वाले लोगों को उस दौरान हायर किया लेकिन वो सब आफत साबित हुए। एक व्यक्ति ने अपनी गर्लफ्रेंड को हाउस पार्टी के दौरान मारा, जबकि दूसरा क्लास से पहले ड्रग्स लेते हुए पकड़ा गया था।”

“साल 2013 से 2015 की शुरुआत तक का समय मेरे लिए काफी मुश्किल भरा साबित हुआ। मेरा ज्यादातर पैसा या तो कोचिंग में जा रहा था या जिम की मेंटेनेंस में। मेरा सपना हमेशा से Evolve और Tiger Muay Thai जैसा बनने का था लेकिन मैं इस बात की कल्पना करते हुए संघर्ष कर रहा था कि जहां वो आज हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्हें उस समय कितनी कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।”

हालांकि, बारबोसा 2015 में फिर Monarchy MMA वापस आए और म्राबेट धीरे-धीरे काबिल एथलीट्स को लाने की जंग जीतने लगे।

बेल्जियन ने कहा, “ब्रुनिन्यो ने स्तर काफी ऊंचा बनाए रखा था। वो एक बेहतरीन कोच थे। हमेशा तकनीक को सही तरीके से सिखाते थे। समय के पाबंद रहते थे और हमेशा मदद करने के लिए तैयार रहते थे।”

2015 में तीन महीने ही बीते थे कि “एलीगेटर” ने ONE में अपना डेब्यू रिएंट फेब्रिजा रेनियर के खिलाफ किया था। साथ ही कुछ अन्य स्टूडेंट्स भी देशभर के बीजेजे और मॉय थाई मुकाबलों में हिस्सा ले रहे थे और मेडल जीत रहे थे। इस तरह से Monarchy MMA ने अपनी छाप छोड़नी शुरू कर दी थी।

विस्तार करना, ब्रेक लेना और ‘दिल’ से सिखाना

Monarchy MMA's Samir Mrabet at the face-off for ONE: WARRIOR SPIRIT

साल 2015 के बीच में Monarchy MMA ने बैंगसर में एक दूसरी ब्रांच खोली। सतह पर सब कुछ सही दिख रहा था लेकिन म्राबेट का कहना था कि साल के अंत तक ऐसा नहीं था।

उन्होंने बताया, “मैं हताश हो चुका था। मेरा जिम अच्छा नहीं चल रहा था। मैनेजमेंट में हर व्यक्ति मुझसे धोखा कर रहा था और मैं माइक से लगातार पैसे मांगता चला जा रहा था, ताकि बिल भर सकूं।”

“मैं काफी कुछ सह चुका था। मैं दोनों जगह को बंद करके इस बिजनेस से छुटकारा पाना चाहता था। किस्मत से मेरे एक दोस्त ने मुझे रास्ता दिखाया। वो मेरे एक दोस्त की गर्लफ्रेंड थी, जिसने मुझे तीन महीने की ट्रिप पर भेजकर एक ब्रेक लेने को कहा।”

“मेरे कई दोस्तों ने मुझे जिम को बंद न करने को कहा और मैंने भी एक बार और कोशिश करने की सोची। मैंने अपने आप से कहा कि मैं जोरदार वापसी करूंगा।

“मैं काफी डिप्रेशन में था। मैं मानसिक तौर पर किसी चीज के बारे में पक्के तौर पर फैसला नहीं कर पा रहा था और इन चीजों से मेरा काफी वजन भी घटता जा रहा था।”

म्राबेट ने तीन महीने इंडोनेशिया, लाओस और थाइलैंड में जीवन के नए उद्देश्यों को खोजते हुए बिताए। थाइलैंड में उन्होंने Tiger Muay Thai और AKA Thailand में ट्रेनिंग करते हुए बिताए। इसके साथ ही उन्होंने सैमी अमीन के खिलाफ जनवरी 2016 में होने वाले ONE: CLASH OF HEROES में मुकाबले की तैयारी भी की।

इन हालातों में बेल्जियन के लिए कुआलालंपुर की विजय यात्रा मील का पत्थर साबित हुई।

उन्होंने कहा, “बाउट के लिए ट्रेनिंग करके मुझे नया उद्देश्य मिला। मैं जब कुआलालंपुर वापस आया और बाउट जीती तो मैं आत्मविश्वास के नए स्तर पर पहुंच गया था।”

अपने नए विश्वास से गदगद म्राबेट Monarchy MMA में तीन महीने के ब्रेक के बाद वापस आए और मैनेजमेंट लेवल से सबको निकाल दिया।

उन्होंने कहा, “मुझे फिर से लेवल जीरो से शुरुआत करके काफी आत्मविश्वास मिला था।”

“केज में जीत हासिल करने के बाद मुझे लगा कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर आ गया हूं और ब्रेक के दौरान मेडिटेशन ने मुझे अहसास दिलाया कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुझे किन चीजों की जरूरत है।

“मैनेजमेंट ने मेरे साथ कई बार काफी चालाकी करने की कोशिश की लेकिन मेरा दिमाग तब तक उसके लिए बुलेटप्रूफ हो चुका था।”

इसके छह महीने बाद ही “फ्लेक्सिबल” ने जिम को एक फायदेमंद संस्था में बदल दिया। उन्होंने Monarchy MMA के लिए नया सपना, नया प्लान और आउटलुक तय किया, जो कि उनकी टैगलाइन “हम दिल से सिखाते हैं” से मेल खाता था।

म्राबेट ने कहा, “मेरे मार्शल आर्ट्स से गायब होते करियर के बावजूद मैं इस बात से खुश था कि इस बदलाव ने किस तरह से मेरी तकदीर बदल दी।”

“आप पैसों को किनारे रख दीजिए लेकिन मैं सच में ऐसी जगह बनाना चाहता था, जो सकारात्मक ऊर्जा और अच्छे मूल्यों से भरी हो। मैं चाहता था कि हर वो व्यक्ति, जो यहां कदम रखे, वो बेहतर इंसान बनकर निकले।”

वर्तमान और भविष्य

A kids class at Monarchy MMA in Kuala Lumpur, Malaysia

जून 2020 तक Monarchy MMA ने मॉन्ट कीरा में स्थित नवीनतम जिम के साथ तीन आउटलेटों तक पहुंच बना ली थी।

किशोरो, वयस्कों और मार्शल आर्ट्स के लिए उत्साहित लोगों के लिए जिम शुरू करने के बाद इसने काफी कुछ फैमिली जैसा माहौल तैयार कर दिया। पेरेंट्स मार्शल आर्ट्स की क्लास रात में अटेंड करते हैं और बच्चों के लिए हर लोकेशन पर वीकेंड पर क्लासेज लगाई जाती हैं।

पिछले तीन साल में म्राबेट ने जगहों की अहमियत को गहरे तरीके से समझा है। अपने रोल के हिसाब से स्टाफ का वर्कफ्लो बेहतर किया।

इस दौरान उनकी कड़ी मेहनत को अनदेखा नहीं किया गया। बेल्जियन ने अपनी टीम के सभी अहम लोगों का वेतन काफी बढ़ाया। इसमें क्लीनर से लेकर सीनियर मैनजमेंट लेवल तक के लोग शामिल हैं।

हालांकि, COVID-19 की वैश्विक महामारी ने म्राबेट की बहुत सी योजनाओं को अस्थाई रूप से 2020 को अपनी सफलता का सबसे बड़ा वर्ष बनाने से रोक दिया। फिर भी वो एक बार इसके समाप्त होते हुए अगली बाधा से निपटने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने हंसते हुए कहा, “जब भी मैं पीछे के वक्त को देखता हूं तो अब भी ये मानना मुश्किल होता है कि 1000 आरएम वाले छोटे से जिम से लेकर तीन ब्रांच के साथ 45,000 आएम के रेंटल का मालिक मैं कैसे बन गया। ये काफी बड़ा बदलाव है ना।”

“पिछले तीन महीने मेरे जैसे जिम ओनर के लिए काफी मुश्किल भरे रहे लेकिन किस्मत से इस पूरे समय के दौरान मैं अच्छी लय में रहा। मैं कई सारे ऐसे तरीके तलाश रहा हूं, जिससे मैं अपनी मार्केटिंग की काबिलियत बढ़ा सकूं और साथ में जिम में और ज्यादा लोगों को मेंबरशिप दिलाने के तरीके भी तलाश रहा हूं।

“सच कहूं तो दिन के अंत में जो सबसे अहम चीज रह जाती है, वो है सीखना। क्या आपको पता है कि जिउ-जित्सु में हर दिन मैट पर पटका जाना कैसा लगता है? ये आपको सिखाता है कि हर दिन एक के बाद दूसरी चुनौती को कैसे हराना है।”

A full class at Monarchy MMA

एक छोटे से सीधे-सादे जिम से लेकर वर्ल्ड क्लास टैलेंट और इसके सदस्यों की रोजाना बेहतर होती जिंदगी तक Monarchy MMA ने सच में मलेशिया की मार्शल आर्ट्स इंडस्ट्री में अपना एक अनोखा मुकाम बनाया है।

कई सारी परेशानियों को पीछे छोड़कर म्राबेट अपने मौके का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं। साथ ही वो अगली पीढ़ी के सुपरस्टार को निखारते भी रहना चाहते हैं।

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