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लंबे समय बाद वापसी कर मैकलेरन को सबमिशन से हराना चाहते हैं टोइवोनन

मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स एक्शन से 15 महीने दूर रहने के बाद अलेक्सी “द जायंट” टोइवोनन शुक्रवार, 9 अक्टूबर को ONE: REIGN OF DYNASTIES में ग्लोबल स्टेज पर वापसी के लिए तैयार हैं।

पिछले साल सितंबर के महीने में लगी घुटने की चोट से उबरने के बाद ONE Championship के सबसे प्रतिभाशाली फ्लाइवेट एथलीट्स में से एक का सामना को-मेन इवेंट में #5 रैंक के कंटेंडर रीस “लाइटनिंग” मैकलेरन से होने वाला है।

टोइवोनन ने कहा, “मैं इस मौके को प्राप्त कर खुश, संतुष्ट और आभारी भी हूं।”

“मैं ये जानकर चौंक उठा था कि चोट के कारण 15 महीने रिंग से दूर रहने के बाद भी ONE ने मुझे टॉप 5 कंटेंडर्स में से एक के खिलाफ मैच दिया है। मेरे पास अपनी स्किल्स को दुनिया के बेस्ट एथलीट्स में से एक के खिलाफ टेस्ट करने का सुनहरा अवसर है।”



28 वर्षीय टोइवोनन को ONE Championship में अभी केवल एक ही मुकाबले का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने जुलाई 2019 में ONE: MASTERS OF DESTINY में अपना प्रोमोशनल डेब्यू किया था, जहां उन्होंने अकिहिरो “सुपरजैप” फुजिसावा को पहले राउंड में सबमिशन से हराया था।

उनका भविष्य सुरक्षित नजर आ रहा था, लेकिन अपराजित फ्लाइवेट स्टार को ट्रेनिंग के दौरान घुटने में चोट आई और मजबूरन उन्हें ब्रेक लेना पड़ा। ये सौभाग्य की बात रही कि अब “द जायंट” पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।

टोइवोनन ने चोट से उबरने के बारे में बताते हुए बताया, “सब ठीक रहा और अब मैं एक लंबे सफर पर निकलने के लिए तैयार हूं। मैं कई महीने पहले वापसी कर चुका होता लेकिन COVID-19 के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया।”

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Posted by ONE Championship on Friday, July 12, 2019

अब फिनलैंड के एथलीट मैकलेरन के खिलाफ रिंग में उतरने से कुछ ही हफ्ते दूर हैं। मैकलेरन, जिनका रिकॉर्ड 170-22 का है और ग्रैपलिंग स्किल्स बेहतरीन हैं। इसके अलावा वो XFC और Eternal MMA चैंपियनशिप्स अपने नाम कर चुके हैं और ONE के टॉप 5 फ्लाइवेट एथलीट्स में से एक हैं।

“लाइटनिंग” को शुरुआत में ONE में एक बेंटमवेट एथलीट्स के तौर पर भी सफलता मिली थी। दिसंबर 2015 में उन्हें बहुत कम समय के नोटिस पर मार्क स्ट्रीग्ल के खिलाफ मैच मिला था, जो उनका प्रोमोशनल डेब्यू मैच भी रहा। उसके करीब 4 महीने बाद उन्होंने मुईन “ताजिक” गफूरोव को अपने प्रोफेशनल करियर की पहली हार का स्वाद चखाया।

ONE बेंटमवेट वर्ल्ड चैंपियन बिबियानो “द फ्लैश” फर्नांडीस के खिलाफ करीबी मुकाबले में विभाजित निर्णय से हार झेलने के बाद मैकलेरन ने अपने भार वर्ग में बदलाव करने का फैसला लिया, जिसकी शुरुआत नवंबर 2017 में देखने को मिली।

यहां से ऑस्ट्रेलियाई फ्लाइवेट स्टार ने अनतपोंग बनराड, जियानी सूबा और तत्सुमित्सु “द स्वीपर” वाडा के खिलाफ लगातार 3 जीत दर्ज कीं। लेकिन लगातार मुकाबलों में जीत दर्ज करने के बाद उन्हें ONE फ्लाइवेट वर्ल्ड ग्रां प्री में हार झेलने के साथ ही बाहर होना पड़ा। दिसंबर 2019 में उन्होंने गुरदर्शन “सेंट लॉयन” मंगत को पहले राउंड में सबमिशन से हराकर जीत की लय में वापसी की।

टोइवोनन ने कहा, “मैं जानता हूं कि रीस एक बेहतरीन ग्रैपलर हैं। लेकिन मैं अपने प्रतिद्वंदियों के प्रदर्शन को ज्यादा फॉलो नहीं करता, ये काम मैं अपने कोचों पर छोड़ देता हूं। लेकिन मुझे इतनी उम्मीद जरूर है कि फैंस को एक धमाकेदार मुकाबला देखने को मिलने वाला है।”

इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि टोइवोनन के ट्रेनिंग कैम्प Evolve MMA को COVID-19 के कारण लगी पाबंदियों के कारण काफी बदलाव करने पड़े हैं। जिम के बंद रहने के कारण कारण “द जायंट” अपने कैम्प में जाकर ट्रेनिंग नहीं कर पाए हैं।

उन्होंने कहा, “परिस्थितियों के हिसाब से मैंने अच्छी ट्रेनिंग की है लेकिन ये भी सच है कि ट्रेनिंग कैम्प जैसा माहौल मुझे नहीं मिल पाया।”

“मैंने ज़्यादातर अपनी स्ट्रेंथ, कंडिशनिंग और स्ट्राइकिंग ड्रिल्स पर ध्यान दिया है। मौजूदा स्थिति के हिसाब से हम जो कर सकते थे, वो सब करने की कोशिश की है।”

9 अक्टूबर के दिन देखना दिलचस्प होगा कि टोइवोनन किस तरह अपनी स्ट्राइकिंग स्किल्स से मैच में बढ़त बना पाते हैं। वहीं, अगर वो स्टैंड-अप गेम में रहकर मैकलेरन का सामना नहीं कर पाते हैं तो उनका प्लान ग्राउंड गेम में बढ़त बनाने का होगा।

उन्होंने कहा, “मेरी ग्रैपलिंग स्किल्स ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही है। मुझे लगता है कि ग्राउंड गेम में हम दोनों एक-दूसरे की कड़ी परीक्षा लेने वाले हैं और ये देखना दिलचस्प होगा कि किसकी तकनीक बेहतर है।”

“लेकिन ये बात भी माननी होगी कि इस बार मैं कैम्प में जाकर ग्रैपलिंग पर ध्यान नहीं दे पाया हूं। इसलिए मैच बेहतर तकनीक पर ही निर्भर रहने वाला है।”

रिंग से एक साल से भी अधिक समय दूर रहने के बाद टोइवोनन का सबसे पहला लक्ष्य अपनी पुरानी फ़ॉर्म में वापसी करने का होगा। साथ ही वो अपनी 7 मैचों से चली आ रही फिनिश करने की स्ट्रीक को भी आगे ले जाना चाहेंगे।

वो जानते हैं कि मैकलेरन की चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा लेकिन एक टॉप 5 कंटेंडर को सबमिशन या नॉकआउट से हराने पर वो ONE वर्ल्ड टाइटल के एक कदम करीब पहुंच सकते हैं।

टोइवोनन ने कहा, “मैं अपने पिछले मुकाबलों की तरह इसे भी फिनिश करना चाहता हूं।”

“मैं मैच को फिनिश जरूर करूंगा लेकिन ये भी सच है कि मैकलेरन के साथ मुकाबला काफी कड़ा होने वाला है। हम दोनों एक-दूसरे की स्किल्स को टेस्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और जो बेहतर तरीके से मूव्स का इस्तेमाल करेगा वो ही विजेता साबित होगा।

“ये किसी टॉप रैंक के एथलीट के खिलाफ मेरा पहला मैच होगा। इसलिए इस मौके का मुझे भरपूर फायदा उठाना होगा। मुझे उम्मीद होगी कि इस मैच में बड़ी जीत हासिल कर रैंकिंग्स के टॉप-5 एथलीट्स में शामिल हो सकता हूं।”

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