Flashback Friday: अकिमोटो ने ONE में डेब्यू के साथ की किकबॉक्सिंग में वापसी

ONe Super Series flyweight Hiroki Akimoto

19-0 का शानदार प्रोफेशनल किकबॉक्सिंग रिकॉर्ड कायम करने के बाद जापान के हिरोकी अकिमोटो ने 2013 में सिर्फ 20 साल की उम्र में संन्यास ले लिया था।

6 साल बाद उन्होंने फिलीपींस के मनीला में आयोजित हुए ONE: HERO’S ASCENT में जोश “टाइमबॉम्ब” टोना के खिलाफ किकबॉक्सिंग में वापसी की।

#FlashbackFriday के इस एडिशन में हम 2019 के एक रोचक इवेंट पर नजर डालने वाले हैं और किन मुश्किलों का सामना अकिमोटो ने किया।

शुरुआती दिन

Japanese kickboxing champion Hiroki Akimoto practices

अकिमोटो ने 15 साल की उम्र में प्रोफेशनल किकबॉक्सिंग डेब्यू किया और जल्द ही उन्होंने “जापानी बुआकाव बेंचामेक” का उपनाम हासिल किया क्योंकि उनमें दिग्गज प्रतियोगी जैसी समानताएं थीं।

WBC मॉय थाई जापान फेदरवेट चैंपियनशिप के साथ ही कई सारी अन्य बेल्ट्स पर कब्जा करने के बाद भी उन्होंने 2014 में कराटे में हाथ आजमाया।

जापानी एथलीट ने 8 साल की उम्र से कराटे के साथ मार्शल आर्ट्स का सफर शुरू किया था, जब माता-पिता उनके सिखाते थे।

इस वजह से इसमें कोई चौंकाने वाली बात नहीं है कि किकबॉक्सिंग से कराटे में हाथ आजमाने पर उन्हें सफलता मिली होगी। वो WFKO क्योकुशिन कराटे वर्ल्ड चैंपियन भी बने थे।

उस समय अकिमोटो का लक्ष्य 2020 की कराटे वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतना और फिर खेल से रिटायर होने का था। ये काफी अच्छी योजना प्रतीत हो रही थी लेकिन उन्हें संदेह होने शुरू हुआ।

उन्होंने कहा, “मैं सोचता था कि क्या मेरे लिए कोई बड़ी स्टेज है। बड़ी चुनौती के लिए जज़्बा मेरे अंदर बढ़ रहा था।”

खासकर वो ग्लोबल स्टेज पर किकबॉक्सिंग में वापसी करने के बारे में सोच रहे थे।

एक नई दिशा

अकिमोटो ने संभावनाओं के बारे में सोचना जारी रखा और अगस्त 2018 की इंटरनेशनल कराटे प्रतियोगिता के बाद उन्होंने सिंगापुर में Evolve Fight Team के लिए ट्राइआउट दिया।

अक्टूबर तक उन्होंने फुल टाइम किकबॉक्सिंग की ट्रेनिंग करना शुरू कर दी और अपनी पुरानी फॉर्म को फिर हासिल करने और ONE Super Series रोस्टर का हिस्सा बनने का लक्ष्य बनाया।

अकिमोटो ने दूसरे देश में रहते हुए खेल में वापसी करने पर कहा, “ये मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण था।”

ये वातावरण उन्हें अपने परिवार से दूर रख रहा था जिसमें उनकी कुछ समय पहले पैदा हुई छोटी बच्ची भी थी।

उन्होंने कहा, “मैं उससे दूर हो गया जबकि वो करीब 6 महीने की थी। इसने मेरा दिल तोड़ दिया।”

भले ही ये कदम उठाना मुश्किल था लेकिन अकिमोटो का किकबॉक्सिंग की ओर ढलना Evolve के शानदार ट्रेनिंग वातावरण की वजह से आसान हो गया, क्योंकि वो कई सारे वर्ल्ड चैंपियंस का घर है।

इसके दो महीनों बाद उन्हें ONE Championship से न्योता मिला और उन्होंने इसे स्वीकारा।

अकिमोटो उस कदम के बाद कठोर ट्रेनिंग कर रहे थे और वो शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार थे। हालांकि, 6 सालों तक कराटे के मुकाबलों में हिस्सा लेने के बाद किकबॉक्सिंग के नियमों की आदत डालना आसान नहीं था क्योंकि यहां हेड-लेवल के हमलों की अनुमति नहीं थी और अन्य चीज़ें भी अलग थी।

उन्होंने कहा, “मेरा शरीर बाउट के लिए खुद तैयार था लेकिन मैं पूरी तरह किकबॉक्सिंग के लिए तैयार नहीं था।”

“जब दूरी की बात आती है तो भले ही वो हेड-लेवल अटैक हो या न हो, इसमें फर्क पड़ता है। मेरा अटैक उतना तेज़ नहीं था, जैसा पहले हुआ करता था। साथ ही डिफेंस में मेरे हाथ अपने आप नीचे जा रहे थे। कराटे में हम हमारे हाथों को छाती से नीचे रखते हैं क्योंकि चेहरे पर पंच लगाने की अनुमति नहीं थी।”



ONE में डेब्यू

अकिमोटो ने किकबॉक्सिंग की ट्रेनिंग को जारी रखा और इसी दौरान ONE Championship ने उन्हें मनीला में टोना के खिलाफ बुक कर दिया।

उन्होंने कहा, “मैं परेशान था। सारे जिम ट्रेनर्स और मेरे दोस्तों ने मुझे कहा कि मैं ठीक प्रदर्शन करूंगा लेकिन मैं निश्चित नहीं था। मैंने खुद तैयारी करने की कोशिश की। [जितने अच्छे से मैं कर सकता था]”

“यहां तक कि जब मैं जापान में था, जब मैं कराटे और किकबॉक्सिंग में हिस्सा ले रहा था, हर कोई कह रहा था कि ‘तुम ठीक प्रदर्शन करोगे’ लेकिन मुझे उसपर भरोसा नहीं था। कभी नहीं। मैंने उस समय तक ट्रेनिंग की जब तक मुझे महसूस नहीं हुआ कि मैं पूरी तरह तैयार हूं। ये मेरा तरीका है।”

इतना परेशान होने के बाद भी अकिमोटो ने अपने दिमाग को फोकस किया और कठोर परिश्रम करना जारी रखा। आखिर वो लंबे समय के बाद होने वाली बाउट के लिए तैयार महसूस कर रहे थे।”

25 जनवरी 2019 को वो समय आया जब उनके कठोर परिश्रम के नतीजे सामने आए। अकिमोटो ने 6 सालों बाद अपने पहले किकबॉक्सिंग बाउट के लिए मॉल ऑफ एशिया एरीना में कदम रखा जहां उनकी मां, पत्नी और बेटी दर्शकों में बैठी हुई थी।

शुरुआती बैल बजने के तुरंत बाद उन्होंने टोनी के शरीर पर लेफ्ट किक लगाई, जिसने ऑस्ट्रेलियाई को पलटने पर मजबूर कर दिया और रेफरी ने 8 काउंट दिए। इसके बावजूद सिर्फ एक मिनट बाद ‘”टाइमबॉम्ब” ने जापानी स्टार के चेहरे पर राइट हुक लगाया और उन्हें कैनवास पर पटक दिया।

ये पहला मौका था जब अकिमोटो अपने किकबॉक्सिंग करियर में नॉकडाउन हुए थे।

उन्होंने कहा, “मैं गलत जगह था। उसने मुझमें डर पैदा कर दिया।”

“वहां कुछ बुरी चीज़ें थी। मैं दूरी का पूरी तरह अनुमान नहीं लगा पा रहा था और मैंने जिस तरह शुरुआत की, वो अच्छी नहीं थी…..मैंने काफी ढीलेपन से शुरुआत की और फिर मैं शुरुआत से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था।”

उस पल के बाद भी अकिमोटो ने खुद को तराशा और दूसरे व तीसरे राउंड में बाउट को बदल दिया।

उन्होंने कहा, “दूसरे राउंड में मैंने फाइट करने के दौरान दूरी, अटैक और डिफेंस का ध्यान रखा। मुझे पता था कि ये अंतिम मौका नहीं था और बाउट सिर्फ शुरू हुई है। अंतिम राउंड में मैंने सोचा कि मुझे पूरा प्रयास करने की जरूरत है इसलिए मैंने आक्रमक होने की कोशिश की।”

जब अंतिम घंटी बजी, अकिमोटो ने वापसी की और पूरे मैच में जलवा बिखेरा। इस तरह से उन्होंने टोना को 3 बार मैट पर पटका और उनके किकबॉक्सिंग करियर की 20वीं जीत सर्वसम्मत निर्णय से दर्ज की।

परिणाम

ग्लोबल स्टेज पर विजयी डेब्यू के बाद अकीमोटो को पता था कि उन्होंने किन मुश्किलों का सामना किया है जहां वो अपने परिवार से दूर हुए और नए देश में किकबॉक्सिंग को सीखा, ये जीत उस योग्य थी।

इसके बावजूद भी महत्वाकांक्षी एथलीट संतुष्ट नहीं था।

उन्होंने कहा, “मैंने सिर्फ ये जाना कि मुझे पहली बाउट में किस तरह से प्रदर्शन करना चाहिए था। मैं वो चीज़ करने में सक्षम था जो मैं करना चाहता था, भले ही मैंने सोचा था कि मैं पूर्ण रूप से तैयार था। मैं जीता लेकिन मैं खुश नहीं था।”

इसलिए मैंने ONE Super Series की रैंक्स में ऊपर चढ़ते हुए Evolve में ट्रेनिंग जारी रखी।

मार्च 2019 में आयोजित हुए ONE: A NEW ERA में उनकी जीत की स्ट्रीक टूट गयी लेकिन उस हार ने उन्हें सुधार करने का नया रास्ता दिया।

उन्होंने कहा, “इसके बाद से मैंने डिफेंस पर ज्यादा ध्यान लगाया है और मैंने काफी सुधार किया है।”

अकिमोटो ने जुलाई 2019 में आयोजित हुए ONE: MASTERS OF DESTINY में K1 South Pacific चैंपियन कैनी “द पिटबुल” त्से के खिलाफ जीत हासिल करके सुधार को दर्शाया।

चुनौतियों के लिए तैयार

Hiroki Akimoto defeats Kenny Tse at ONE: MASTERS OF DESTINY

अब 27 वर्षीय एथलीट ONE Championship में अपने करियर पर पूरी तरह ध्यान दे रहा है, अकिमोटो ग्लोबल स्टेज पर अपने मुकाबलों में कराटे स्किल्स दर्शाने की उम्मीद करते हैं।

उन्होंने बताया, मैंने कराटे में जबरदस्त ट्रेनिंग की है इसलिए मैंने उस खेल की ताकत को दर्शाना चाहता हूं।”

“कराटे के बारे में एक अनोखी चीज़ लो किक्स हैं। किकबॉक्सिंग, मॉय थाई और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भी लो किक हैं। इसके बावजूद कराटे में विविधता ज्यादा है। अगर मैं अलग-अलग प्रकार की लो किक दर्शकों को दिखा सकूं तो वो इसका काफी आनंद लेंगे।”

“मैं बतौर एथलीट कराटे को दर्शाते हुए आगे बढ़ना और ONE में रोचक बाउट्स लाना चाहता हूं। इसलिए मेरे लिए दुआ करें।”

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