सामेत अगदेवे The Inner Circle 19 में रोमन क्रीकलिआ के खिलाफ रीमैच में आलोचकों को शांत करने के लिए तैयार – ‘वही लोग शिकार बन गए’
ONE हेवीवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन सामेत “द किंग” अगदेवे पहले ही खेल के शिखर पर पहुंच चुके हैं। अब उनका लक्ष्य गिने-चुने आलोचकों को शांत करने का है।
अपराजित टर्किश फाइटर शुक्रवार, 19 जून को The Inner Circle 19 के को-मेन इवेंट में दो खेलों और दो डिविजन के ONE वर्ल्ड चैंपियन रोमन क्रीकलिआ के खिलाफ अपने खिताब को दांव पर लगाएंगे। इस इवेंट का लाइव प्रसारण बैंकॉक के ऐतिहासिक लुम्पिनी स्टेडियम से live.onefc.com पर किया जाएगा।
अगदेवे ने पिछले साल नवंबर में क्रीकलिआ को हराते हुए पहला ONE हेवीवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन बनकर दुनिया को चौंका दिया था। अब यूक्रेनियाई सुपरस्टार से उनकी दोबारा टक्कर होने जा रही है और 22 वर्षीय हेवी हिटर डिविजन पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहेंगे।
उन्होंने कहा:
“रोमन को हराना मेरे लिए कोई हैरानी की बात नहीं थी। वो कई सालों की कड़ी मेहनत, त्याग और खुद पर विश्वास का परिणाम था। शायद लोग उस नतीजे से चौंक गए हों, लेकिन मैं नहीं। मुझे हमेशा पता था कि मैं क्या करने में सक्षम हूं और वो जीत मेरे पूरे करियर में किए गए प्रयासों का इनाम भर थी।”
सालों तक अगदेवे ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ी तपस्या की। जब कॉम्बैट स्पोर्ट्स के सबसे प्रभावशाली चैंपियंस में से एक खिलाफ इसे अंजाम तक पहुंचाने का समय आया तो उन्होंने इसे बखूबी निभाया।
उन्होंने कहा:
“लंबे समय तक लोग मुझे सिर्फ एक आसान निशाना समझते रहे। लेकिन जब मौका आया तो वही लोग शिकार बन गए। यही मेरी यात्रा की कहानी है और रोमन क्रीकलिआ के खिलाफ मुकाबले में भी बिल्कुल यही हुआ।”
मैच से पहले क्रीकलिआ को लेकर हाइप समझा जा सकता था क्योंकि वो तीन बार के ONE लाइट हेवीवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन, दो बार के ONE हेवीवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन और ONE हेवीवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड ग्रां प्री चैंपियन रह चुके हैं।
अगदेवे को इस मैच में कम आंका जा रहा था और उन्होंने इसका भरपूर फायदा उठाते हुए जीत दर्ज करने में सफलता पाई।
“द किंग” ने समझाया:
“सच्चे चैंपियन कभी किसी हैरानी या संयोग के दम पर नहीं जीतते। इस स्तर पर सफलता वर्षों की तैयारी, अनुशासन और कड़ी मेहनत का परिणाम होती है।
“जिसे लोग हैरानी भरी जीत कहते हैं, वो अक्सर उन त्याग और संघर्षों का नतीजा होता है जिन्हें उन्होंने कभी देखा ही नहीं होता। मैंने वो जीत अपनी मेहनत से हासिल की थी,और मेरा मानना है कि सच्चे चैंपियन समर्पण, मेहनत और खुद पर विश्वास के दम पर अपने अवसर खुद बनाते हैं।”
रोमन क्रीकलिआ की बदले की आग से प्रभावित नहीं हैं अगदेवे
रोमन क्रीकलिआ इस शुक्रवार को बदलने की भावना के साथ उतरते हुए अपने ONE करियर की इकलौती हार का हिसाब बराबर करने उतरेंगे।
काफी लोगों का मानना है कि यूक्रेनियाई एथलीट को इस अहम मैच में फायदा हो सकता है। हालांकि, अगदेवे को इस बात की कतई चिंता नहीं है कि क्रीकलिआ ने पहले मैच से क्या सीखा या नहीं।
उन्होंने कहा:
“इससे मुझे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने क्या सीखा है, इसका पता हमें तभी चलेगा जब घंटी बजेगी और मुकाबला शुरू होगा।
“तब तक ये सब सिर्फ अटकलें हैं। मेरा पूरा ध्यान खुद पर, अपनी तैयारी पर और रिंग में उसके द्वारा लाई जाने वाली हर चुनौती के लिए तैयार रहने पर है।”
क्रीकलिआ को लग सकता है कि उन्हें अनुभव का फायदा होगा। मगर अगदेवे उसी मानसिकता के साथ उतरेंगे, जिसके साथ वो पिछले साल नवंबर में उतरे थे।
अगदेवे ने अंत में कहा:
“सच कहूं तो मुझे इसकी परवाह नहीं है। उन्होंने पहले मेरी ताकत और दबाव का सामना किया है या नहीं, इससे मेरी सोच में कोई बदलाव नहीं आता।
“मेरा काम रिंग में उतरना, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना और अपने खिताब का बचाव करना है। वो क्या जानते हैं या क्या उम्मीद करते हैं, ये उनकी चिंता है, मेरी नहीं।”