लाइफ स्टाइल

ब्राजीलियन जिउ-जित्सू के 6 बड़े फायदे

जैसे-जैसे मार्शल आर्ट्स की लोकप्रियता बढ़ी है वैसे ही ज्यादा लोग इससे जुड़ने लगे हैं, अब स्ट्राइकिंग के साथ-साथ ग्रैपलिंग स्किल्स होना फाइटर्स के लिए काफी फायदेमंद साबित होने लगा है।

अगर आप अभी युवा हैं लेकिन प्रोफेशनल मार्शल आर्ट्स के प्रति आपकी दिलचस्पी बेहद कम है, तो ज़रूर आपको ब्राजीलियन जिउ-जित्सू के फायदे समझने चाहिए। यहाँ हम आपको बताने वाले हैं कि किस तरह ब्राजीलियन जिउ-जित्सू आपको अच्छा मार्शल आर्टिस्ट बना सकता है।

यह भी पढ़ें: ONE: MARK OF GREATNESS के सितारों के टॉप-5 सबमिशन

#1 फिटनेस के लिए बेहद फायदेमंद

लोग उसी खेल का ज्यादा रुख करते हैं जिसे वो बचपन से खेलते आए हैं लेकिन ब्राजीलियन जिउ-जित्सू एक ऐसी चीज है जिससे आप ना केवल अच्छे मार्शल आर्टिस्ट बन सकते हैं बल्कि फिटनेस का स्तर भी दूसरे लोगों के मुकाबले अच्छा रहता है।

यह केवल शरीर के किसी एक हिस्से को नहीं बल्कि पूरी बॉडी को फिट रखता है और खास बात यह है कि यह बॉडी को चुस्त बनाए रखता है।

इसका सबसे बड़ा उदाहरण 2 बार के नो गि ग्रैपलिंग वर्ल्ड चैंपियन ब्रूनो पुची “पुचीबुल” हैं जो ONE में आने से पहले काफी पतले हुआ करते थे लेकिन यह कड़ी मेहनत ही है जिसने आज उन्हें मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स का बहुत बड़ा स्टार एथलीट बना दिया है।

#2 आत्मरक्षा में काम आता है

ब्राजीलियन जिउ-जित्सू का एक बड़ा फायदा यह भी है कि यह हर व्यक्ति को आत्मरक्षक बनाता है।

सोचिए अगर आप किसी बड़ी मुसीबत में फंसे हैं, उससे भी बड़ी मुसीबत मोल लेने के बजाय आप वहाँ से निकलने के बारे में सोच रहे हैं तो आप अपनी आत्मरक्षा में सामने वाले व्यक्ति को अपनी ताकत से चौंका सकते हैं।

आपको याद दिला दें कि एलेक्स सिल्वा “लिटल रॉक” ने अपने बचपन में इसी तरह आत्मरक्षा के लिए ब्राजीलियन जिउ-जित्सू की ट्रेनिंग शुरू की थी।

यह भी पढ़ें: 5 तरीके जिनसे क्रॉसफिट आपकी मार्शल आर्ट्स स्किल्स में सुधार ला सकता है

#3 हर किसी को इससे फायदा पहुंचता है

बहुत बार ऐसा होता है जब आप अपने से बड़े और ताकतवर व्यक्ति के सामने खुद को कमजोर महसूस करने लगते हैं लेकिन अगर आपके पास अच्छी तकनीक होगी तो कोई भी आपके सामने टिक नहीं सकेगा।

छोटे कद के लोग भी फायदा उठा सकते हैं क्योंकि इससे चोक लगाने में आसानी होती है, फिर चाहे आपके सामने कोई बड़ा और ताकतवर व्यक्ति ही क्यों ना खड़ा हो।

जिस तरह रयूटो सवादा “ड्रैगन बॉय” ने खुद से ताकतवर प्रतिद्वंदी अज़ीज़ कालिम पर इसी तरह चोक लगाया और जीत भी हासिल की थी।

 

#4 अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ता है

दूसरे स्पोर्ट्स में आमतौर पर देखा जाता है कि स्पारिंग की ट्रेनिंग बेसिक मूव्स सीखने के बाद शुरू कराई जाती है लेकिन ब्राजीलियन जिउ-जित्सू में शुरुआत से ही स्पारिंग की ट्रेनिंग दी जाती है।

हालांकि शुरुआत में चोट लगने के चांस ज्यादा होते हैं लेकिन कुछ ही दिनों के अंदर यह अंदाजा होने लगता है कि किस तरह अपने प्रतिद्वंदी पर सबमिशन लगाना है और किस तरह सामने वाले के सबमिशन से बचना है।

अगिलान थानी “एलीगेटर” ने मार्शल आर्ट्स में आने से पहले 110 पाउंड वज़न घटाया था और इसमें ब्राजीलियन जिउ-जित्सू ने उनकी काफी मदद की। कड़ी मेहनत की ही दें है कि अगिलान आज ONE चैंपियनशिप में टॉप के वेल्टरवेट डिवीजन फाइटर हैं।

#5 मानसिक मजबूती प्रदान करता है

ब्राजीलियन जिउ-जित्सू को ऐसे ही “ह्यूमन चेस” नहीं कहा जाता है क्योंकि अपने प्रतिद्वंदी के एक मूव के जवाब में आप अगले ही पल एक से ज्यादा संख्या में मूव्स से अपने प्रतिद्वंदी पर अटैक कर सकते हैं।

समय के साथ नए मूव्स सीखने को मिलते हैं क्योंकि यह खेल ही ऐसा है जिसमें किसी फाइटर को सफल होने के लिए लगातार खुद की तकनीक में बदलाव करते रहना होता है।

ब्लैकबेल्ट होल्डर लगातार सेमिनार भी करते रहते हैं जिनमें एक बड़ा नाम मिशेल निकोलिनी का भी है। वो दुनिया की सबसे बेस्ट ग्रैपलर्स में से एक रही हैं और मिशेल लगातार सेमिनार सेशन करती रहती हैं कि किस तरह युवा फाइटर ग्रैपलिंग के जरिए अपने प्रतिद्वंदी पर बढ़त बना सकते हैं।

यह भी पढ़ें: 10 तरह के मार्शल आर्ट्स जो आपको ONE CIRCLE में देखने को मिलेंगे

#6 नए दोस्त बनते हैं, जिनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है

ब्राजीलियन जिउ-जित्सू एक ऐसा स्पोर्ट है जहाँ अनुभवी एथलीट्स दोस्ताना व्यवहार अपनाते हुए युवा फाइटर्स को आगे आने वाली चुनौतियों से अवगत कराते हैं।

इस खेल में एक कहावत है कि,”जब तक आपके पास गि है तब तक दुनिया की हर जिउ-जित्सू जिम आपका आदर करेगी।“

एडी अल्वारेज़ “द अंडरग्राउंड किंग” फिलहाल मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की दुनिया में सबसे लोकप्रिय नामों में से एक हैं। उन्हें अपने अच्छे व्यवहार और सभी को सम्मान की नजरों से देखने के लिए जाना जाता है और इसलिए दुनिया में उनका भी उतना ही आदर किया जाता है।

यह भी पढ़ें: सेल्फ डिफेंस के लिए 7 सबसे अच्छे मार्शल आर्ट्स