मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स

एक MMA एथलीट के रूप में कैसे गुजरता है ऋतु फोगाट का दिन

Dec 3, 2020

ऋतु “द इंडियन टाइग्रेस” फोगाट तेजी से मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की दुनिया में अपना नाम बनाती जा रही हैं।

भारतीय सुपरस्टार साल 2020 के अपने आखिरी मुकाबले में फिलीपींस की जोमारी “द ज़ाम्बोआंगिनियन फाइटर” टोरेस का सामना करने वाली हैं। ये मुकाबला शुक्रवार, 4 दिसंबर को सिंगापुर इंडोर स्टेडियम में होने वाले ONE: BIG BANG में होगा।

मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स को आसानी से दुनिया के सबसे कठिन खेलों की संज्ञा दी जा सकती है क्योंकि ये कई सारी शैलियों का मिश्रण होता है। जिस खेल में कई सारे विधाएं शामिल हों, ऐसे में उससे जुड़ी ट्रेनिंग और भी मुश्किल व चुनौतीपूर्ण हो जाती है। एक सफल मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट स्टैंड-अप और ग्राउंड गेम में महारथ हासिल कर ही इस खेल में लंबे समय तक राज कर सकता है।

आइए ऋतु फोगाट की दिनचर्या के बारे में विस्तार से जानते हैं।

दिन की शुरुआत

“द इंडियन टाइग्रेस” के दिन की शुरुआत सुबह साढ़े छह बजे से होती है।

अगर नाश्ता अच्छा किया जाए तो दिन की शुरुआत भी अच्छी होती है। जिम आने-जाने और पूरे दिन की कड़ी ट्रेनिंग की खातिर खुद को तैयार करने के लिए फोगाट हल्का नाश्ता करती हैं।

उन्होंने कहा, “सुबह बहुत हल्की ही डाइट लेती हूं- जैसे दही, ब्रेड, पीनट बटर या घी के साथ। इसके साथ-साथ कॉफी या चाय भी पीती हूं।”

जिम में गुजरता है लंबा दिन

26 वर्षीय सुपरस्टार की ट्रेनिंग सुबह 9:30 बजे से शुरु होती है।

उन्होंने बताया, “मेरी ट्रेनिंग सुबह 9:30 बजे से शुरु होती है। मैं थोड़ा पहले पहुंचकर स्ट्रैचिंग या फिर योग करती हूं। ट्रेनिंग शुरु करने से पहले वॉर्म-अप कराया जाता है, उसी के बाद ट्रेनिंग में लग जाते हैं।”

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स कई सारी शैलियों का मिश्रण है। ऐसे में एक एथलीट को अपने स्टैंड-अप और ग्राउंड गेम को रोजाना धार देनी पड़ती है। फोगाट रेसलिंग बैकग्राउंड से आती हैं, इस वजह से उनका ग्राउंड गेम एटमवेट डिविजन की एथलीट्स से कहीं आगे है।

अपनी ट्रेनिंग के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “ट्रेनिंग सेशन में स्ट्राइकिंग, BJJ (ब्राजीलियन जिउ-जित्सु), बॉक्सिंग, रेसलिंग, स्ट्रेंथ एंड कंडिशनिंग सब कुछ होता है।”

“पूरे हफ्ते के अलग-अलग दिन अलग शेड्यूल के हिसाब से ट्रेनिंग होती है। उदाहरण के लिए, सोमवार को रेसलिंग और स्ट्राइकिंग, मंगलवार को स्पारिंग और स्ट्रेंथ एंड कंडिशनिंग की ट्रेनिंग।”

फोगाट की ट्रेनिंग में अक्सर दो या तीन सेशन होते हैं, इसके अलावा वो अपनी जरूरतों के हिसाब से एक्सट्रा क्लास भी लेती हैं ताकि आने वाले मैचों से पहले वो हर क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएं।

उन्होंने बताया, “ट्रेनिंग सुबह 9:30 शुरु होती है, जो 11 बजे तक चलती है। उसके बाद ब्रेक होता है और फिर 2 बजे ट्रेनिंग शुरु होती है।”



डाइट

डाइट किसी भी एथलीट के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। सही डाइट से ना सिर्फ शरीर अच्छा रहता है बल्कि पूरे दिन तरोताजा भी महसूस होता है।

अपनी डाइट के बारे में उन्होंने कहा, “रोजाना 4 से 5 मील (खाना) हो जाते हैं।”

“प्रैक्टिस (पहले सेशन) करने के बाद वेजिटेबल्स (सलाद), फिश, चिकन खाती हूं। उसके बाद फिर से प्रैक्टिस होती है, फिर थोड़ा बहुत जिम में ही खा लेती हूं।”

“ट्रेनिंग से घऱ लौटने के बाद अंडों का शेक और उसके बाद डिनर करती हूं। डाइट में बदलाव होता रहता है। कभी वजन थोड़ा ऊपर चला जाता है तो न्यूट्रिशनिस्ट की मदद (डाइट प्लान के लिए) लेती हूं।”

भारतीय रेसलिंग चैंपियन जब दिन में दो बार ट्रेनिंग करती हैं तो वो छह बजे और तीन बार ट्रेनिंग करती हैं तो करीब 8 बजे तक घर पहुंचती हैं।

सिर्फ खाने से शरीर को आवश्यक मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिस कारण लगभग सभी एथलीट्स तरह-तरह के सप्लीमेंट्स लेते हैं। फोगाट सिर्फ प्रोटीन शेक पीती हैं, वो भी सिर्फ ट्रेनिंग करने के बाद।

आराम

ट्रेनिंग, डाइट के अलावा शरीर को पूरा आराम देना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। अगर कड़ी ट्रेनिंग के बाद शरीर की मसल्स को आराम ना दिया जाए तो अगले दिन ट्रेनिंग करना काफी कठिन हो सकता है। फोगाट जिम में मिले ब्रेक का फायदा अच्छे से उठाती हैं।

उन्होंने बताया, “मैं जिम में अपने पहले सेशन के बाद थोड़ा आराम करती हूं और यहीं पर थोड़ा सो भी जाती हूं।”

दिन की कड़ी मेहनत के बाद फोगाट रात को 11 बजे से पहले सो जाती हैं।

उनकी ट्रेनिंग हफ्ते में छह दिन चलती है और रविवार के दिन ब्रेक होता है। छुट्टी के दिन घूमने-फिरने की बजाय भारतीय रेसलिंग चैंपियन आराम करना पसंद करती हैं ताकि अगले हफ्ते होने वाली ट्रेनिंग से पहले शरीर को पूरा आराम दिया जा सके। रविवार को आराम करने के बाद फिर सोमवार से उनके लिए वही रूटीन शुरु हो जाता है।

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