मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स

कैसे क्योकुशिन कराटे की वजह से विटाली बिगडैश ONE मिडलवेट वर्ल्ड चैंपियन बने

विटाली बिगडैश का बचपन यात्राओंं से भरा रहा क्योंकि उनके पिता अपने परिवार के साथ रूस में अलग-अलग जगह ट्रांसफर होते रहे लेकिन मार्शल आर्ट्स के अभ्यास की शुरुआत के बाद उनके जीवन में ठहराव आया।

ये उनकी जर्नी की यादगार शुरुआत थी और इससे ये मिडलवेट स्टार ONE वर्ल्ड चैंपियन बनकर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स का शिखर छूने में सफल रहा।

बिगडैश ने भले ही बेल्ट गंवा दी हो लेकिन एक बार फिर उनका सामना ONE INFINITY 1 में आंग ला “बर्मीस पाइथन” न संग के साथ होगा और यहां से उनकी शानदार तीसरी बाउट खत्म होते दिखाई देगी और वो फिर दुनिया के शिखर पर पहुंच सकते हैं।

इस शानदार मुकाबले के पहले 35 वर्षीय ने कराटे शुरु करने से लेकर The Home Of Martial Arts में आने तक के सफर के बारे में बात की।

सिल्वर स्क्रीन के नायक

Vitaly Bigdash

बिगडैश का जन्म कजाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित ओरेंबर्ग, साउथवेस्ट रूस में हुआ था। हालांकि, वे यहां ज्यादा समय नहीं रुके क्योंकि उन्हें अपने पिता की मिलिट्री ऑफिसर की नौकरी की वजह से परिवार के साथ बार-बार स्थान बदलना पड़ता था।

हमेशा ट्रेवल करने के बाद भी वो 80 के दशक की मार्शल आर्ट्स पर आधारित फिल्मों में रुचि लेने लगे। ये फिल्में इस रूस के छोटे बच्चे को पसंद आती थी जबकि वो सिर्फ 5 साल के थे।

उन्होंने कहा, “जब मैं छोटा था, मार्शल आर्ट्स की ढेरों फिल्में रूस में आ रही थी। हम सब चक नॉरिस और जॉन-क्लाउड वैन डैम की तरह बनना चाहते थे। मैं वैन डैम की किक से काफी ज्यादा प्रभावित हुआ था।”

“ब्रूस ली की एक फिल्म देखकर मुझे मार्शल आर्ट्स से प्यार हो गया। मुझे अभी उसका नाम नहीं पता है लेकिन मुझे याद है कि वो मुझे काफी पसंद थी और मैं उनके जैसा बनना चाहता था।”

बिगडैश ने अपने फिल्मी आदर्शों की राह पर चलने का फैसला लिया लेकिन बचपने की तरह उन्हें सीखने की कोशिश करनी पड़ी और खुद को ऊपर उठाने का प्रयास किया। ये सब 4 सालों बाद बदल गया, जब उनके पिता को फिर स्थान बदलना पड़ा और उनका परिवार भी पिता के साथ चला गया।

मार्शल आर्ट्स के लिए जुनून

Former ONE Middleweight World Champion Vitaly Bigdash training

बिगडैश ने सबसे पहले क्योकुशिनकाई नाम के जापानी फुल कॉटेक्ट कराटे की मार्शल आर्ट्स क्लास में एंट्री की, जिसने कई सारे देशवासियों के ध्यान खींचा। रूस के लोग हर जगह इसका अभ्यास करने लगे थे।

पूर्व ONE मिडलवेट वर्ल्ड चैंपियन ने बताया, “हम फिर दूसरे शहर में चले गए और मेरे पिता के नए साथियों ने एक वेलकम पार्टी आयोजित की”

“वे मिलिट्री से थे और पिताजी की तरह उन्हें भी मार्शल आर्ट्स काफी पसंद था। उनमें से एक क्योकुशिनकाई की ट्रेनिंग करते हुए लोगों की टेप लेकर आया और उसने बताया कि यहां एक स्टूडियो है जहां मैं समय-समय पर ट्रेनिंग कर सकता हूँ।”

बिगडैश उस करीबी स्टूडियो की पहली क्लास में गए और उन्हें शुरुआत में ही मजा आने लगा। उन्हें जल्द ही महसूस हुआ कि ये वो चीज़ है जो वो सालों तक कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे इसकी हर चीज़ पसंद आई जिसमें सबसे खास जिम का माहौल था”

उन्होंने हंसते हुए कहा, “इसमें एक आध्यात्मिक अनुभव मिलता था क्योंकि लोग इस खेल की ट्रेनिंग के बारे में जानने में काफी रुचि रख रहे थे, उस समय ऐसा सोचा नहीं जा सकता था। अब आप उसे जिम नहीं कह सकते।”

परिवार फिर जगह बदलता रहा लेकिन बिगडैश के जीवन में मार्शल आर्ट्स टिका रहा। वे जहां भी गए, उन्हें स्थिरता का अनुभव मिला। इसने उनमें विश्वास डाला क्योंकि वो स्कूल में हमेशा नए बच्चे थे।

उन्होंने कहा, “मैं कभी भी बच्चों को मुझे परेशान नहीं करने देता था”

“मैं उस समय कुछ नए झगड़ों का हिस्सा रहा हूँ लेकिन अब मैं पूरे रूस में अपने सहपाठियों को देखकर काफी सौभाग्यशाली महसूस करता हूँ।”

सर्कल में एंट्री करना

बिगडैश ने क्योकुशिनकाई के अपने प्यार को अगले मुकाम पर पहुंचाया, जब उन्होंने कुछ टूर्नामेंट में हिस्सा लेना और जीतना शुरू किया।

रूस के इस एथलीट को दूसरे मार्शल आर्ट्स में भी रुचि थी और जल्द ही उन्होंने दूसरे मार्शल आर्ट्स में हाथ आजमाया। पहले उन्होंने मॉय थाई को चुना और बाद में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की ओर रुख किया।

उन्होंने कहा, “मुझे याद है कि मैंने 1994 और 1995 में पहली बार मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की फाइट देखी थी और रॉयस ग्रेसी की प्रशंसा की थी।”

“मैंने स्ट्राइक और रेसलिंग करने की कोशिश की और जल्द ही मैंने महसूस किया कि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स ही मार्शल आर्ट्स की चोटी है। मेरे दिमाग में ये असली लड़ाई की तरह आता था और मुझे इस खेल की हर चीज़ सीखने में मजा आ रहा था।”

इस खेल से प्यार और मुकाबला करने की इच्छा रखते हुए बिगडैश ने इस खेल को जीवन में शामिल करने का निर्णय लिया। रूस के इस स्टार ने सारे काम छोड़कर इसकी ट्रेनिंग की और इसे करियर की तरह देखा जब तक वो 2012 में प्रोफेशनल नहीं बन गए।

उन्होंने कहा, “मेरा रास्ता साफ था, मुझे इसके अलावा किसी अन्य चीज़ में रुचि या मार्शल आर्ट्स की दुनिया के बाहर शौक नहीं था।”

“मैं कुछ और नहीं बल्कि एक फाइटर बनने जा रहा था। मेरे लिए ट्रेनिंग के दौरान अनुशासन में रहना आसान था क्योंकि मैं अपने लक्ष्य की ओर झुका हुआ था। मैं हमेशा मेरे लक्ष्य पर ध्यान देता हूँ और उसे हासिल करने तक आराम नहीं करता।”

ONE Championship का सफर

अगस्त 2012 में बिगडैश ने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की और अपने प्रतिद्वंदी को पहले राउंड में आर्मबार सबमिशन की मदद से हराया और यहां से उनकी 7 लगातार जीत की स्ट्रीक शुरू हुई और सारे मैच स्टॉपेज के जरिए खत्म हुए। इसकी वजह से वो The Home Of Martial Arts में आने में सफल हुए।

उनका पहला मुकाबला ONE मिडलवेट वर्ल्ड टाइटल के लिए इगोर स्विरिद से हुआ और ये मैच मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के इतिहास का सबसे रोमांचक साबित हुआ। कुछ नॉकडाउन मिलने के बावजूद उन्होंने पंच और घुटने मारना जारी रखा और इस वजह उन्हें वापसी से शानदार KO से जीत मिली।

2015 की बाउट ऑफ द ईयर के बाद बिगडैश को वापसी करने में एक साल से ज्यादा लग गया लेकिन उन्होंने वापसी के बाद आंग ला “बर्मीस पाइथन” न संग पर 5 राउंड तक दबदबा बनाया।

कुछ महीनों बाद रूस के स्टार म्यांमार के हीरो के होमटाउन में रीमैच के लिए गए लेकिन इस बार वो नतीजे की दूसरी ओर मौजूद रहे। इसे भी 2017 की बेस्ट बाउट कहा गया।

इस निराशाजनक हार के बाद बिगडैश को फिर अपने पुराने प्रतिद्वंदी का सामना करने का मौका मिला है। पिछले कुछ साल उनके लिये बीमारी और चोट से भरे रहे हैं लेकिन उन्होंने कभी अपने लक्ष्य के प्रति हार नहीं मानी है। अब आखिर उनकी मेहनत को सराहना मिली और लगा रहा है कि फैंस की सराहना भी मिली होगी।

उन्होंने कहा, “मेरे पास कोई क्रिस्टल बॉल नहीं है इसलिए मैं इस समय नहीं बता सकता कि ये फाइट कैसी जाएगी लेकिन अब अगर हम फिर एक-दूसरे को देखेंगे तो ये और भी ज्यादा भयंकर और कठिन फाइट होगी।”

ये भी पढ़ें: आंग ला न संग कैसे बने म्यांमार के चमकते हुए सितारे