बेन रॉयल का इंग्लैंड से MMA में सफलता का कठिन सफर

British mixed martial artist Ben Royle

इस समय बेन रॉयल अपने थाईलैंड में ट्रेनिंग करने के अपने मार्शल आर्ट्स के सपने को पूरा कर रहे हैं, जहां वो ONE Championship की कठिन चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।

शुक्रवार, 27 अगस्त को ONE: BATTLEGROUND III में रॉयल का सामना पुरेव ओट्गोनजार्गल से होगा। मगर यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें बहुत कठिन परिस्थितियों से होकर गुजरना पड़ा था।

सिंगापुर इंडोर स्टेडियम में होने वाले शो से पहले यहां जानिए 26 वर्षीय स्टार का इंग्लैंड के मिडल-क्लास परिवार का हिस्सा होने से मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में आने तक का सफर कैसा रहा है।

गलत संगत में पड़े

रॉयल मैंचेस्टर के गॉर्टन नाम के नगर में पले-बढ़े।

वो अपनी मां के साथ रहते थे, जो अपराधियों को पकड़ने में क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम का साथ देने की नौकरी करती थीं।

उन्होंने कहा, “ठीक से बताऊं तो मैं लोगों से कहता था कि, ‘क्या आपने कभी UK के फेमस शो ‘Shameless’ को देखा है?’ मेरा घर वाकई में ऐसी ही जगह पर था। हमारे पास जीवन गुजारने के लिए ज्यादा साधन नहीं थे।”

सॉकर जायंट मैंचेस्टर सिटी की शुरुआत भी गॉर्टन से हुई थी और अन्य युवाओं की तरह रॉयल को भी ये टीम बहुत पसंद थी।

लेकिन जब उनकी हाई स्कूल की पढ़ाई शुरू हुई, तो वो ज्यादातर समय सड़कों पर घूमते हुए बिताते थे।

उन्होंने कहा, “मुझे फुटबॉल खेलना बहुत पसंद था, लेकिन मैंने गलत लोगों के साथ रहना शुरू कर दिया था, जिससे मेरा इस खेल के प्रति लगाव खत्म होता चला गया।”

“हम सड़कों पर ऐसे ही टाइम पास करते रहते थे। हालांकि मैं उस दौरान झगड़ों में नहीं पड़ा, लेकिन मुझे घूमना बहुत पसंद था और मेरे कुछ दोस्त गलत चीजें भी करने लगे थे।”

मार्शल आर्ट्स में जबरदस्ती ले जाया गया

रॉयल की मां जानती थीं कि उनका बेटा किस ओर जा रहा है, इसलिए उन्होंने कुछ नया सोचा। उस समय उनकी उम्र 15 साल थी, तब उनकी मां ने उन्हें जिम जॉइन कराया।

रॉयल ने कहा, “मुझे अपने दोस्तों के साथ घूमने की इजाजत नहीं थी, इसलिए मैं जिम में समय व्यतीत करने लगा। सच कहूं तो वर्कआउट करना और नए लोगों का साथ मुझे अच्छा लग रहा था।”

“हमारा एक हैरी नाम का दोस्त था, जिसके पिता Hyde MMA नाम का जिम चलाया करते थे। एक दिन मैंने सुना कि वो वहां जाने के बारे में सोच रहे थे। मैं नहीं जाना चाहता था क्योंकि मुझे चेहरे पर पंच नहीं झेलना था और ना ही मुझे लोगों को क्षति पहुंचाना पसंद था। लेकिन मेरे दोस्त मुझे जबरदस्ती वहां ले गए।

“2 हफ्ते बाद उन्होंने जाना बंद कर दिया, लेकिन मैं दूसरे जिम की तलाश में था जहां मैं हफ्ते में 5 से 6 बार ट्रेनिंग कर सकता था।”

रॉयल के अंदर जुनून था और उन्हें अहसास होने लगा था कि वो ग्रैपलिंग में अच्छा कर सकते हैं, इसलिए उन्होंने Factory BJJ नाम के ब्राजीलियन जिउ-जित्सु जिम को जॉइन किया।

उन्होंने पहले साल में 5 MMA बाउट्स में फाइट की और अपना पूरा ध्यान BJJ पर लगाने से पहले उन्हें MMA में काफी सफलता भी मिली।

BJJ में सफल होने के बाद वो ASW Manchester में लौट आए, उस समय उनकी उम्र 19 साल थी। वो सही शेड्यूल के साथ ट्रेनिंग नहीं कर पा रहे थे, इसलिए उन्हें एक बदलाव की जरूरत थी।

रॉयल ने कहा, “मैंने इस खेल को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया था, दिन में 2 बार ट्रेनिंग शुरू की, लेकिन एक ऐसा भी समय आया जब मैं समय को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं कर रहा था।”

“मेरा एक दोस्त थाईलैंड होकर आ चुका था, उसने मुझे भी जाने की सलाह दी। उसके 6 महीने बाद मुझे काफी गंभीर चोट आई, ट्रेनिंग लगभग बंद हो चुकी थी और पार्टियों में जाना शुरू कर दिया था। तभी एक दिन मुझे अहसास हुआ कि मुझे अपने जीवन में बदलाव करने की जरूरत है। इसलिए मैंने अपने दोस्त को मैसेज किया, ‘मुझे थाईलैंड जाना है।’

“उन्होंने अगले दिन फ्लाइट बुक कर दी और मैंने कहा, ‘मुझे ये अभी करना है।’ हम मई 2016 में वहां गए। पहले ही सेशन से मुझे काफी मजा आने लगा था।”



थाईलैंड में मुश्किलों का सामना करना पड़ा

थाईलैंड में ट्रेनिंग के पहले महीने से ही रॉयल के कोचों को उनमें कुछ खास नजर आने लगा था। वहीं जब वापस लौटने का समय आया, तब उनके कोचों ने स्कॉलरशिप लेकर वापस आने की सलाह दी।

ब्रिटिश स्टार ने कहा, “मेरे कोच ने मुझसे कहा, ‘वापस जाने के बाद क्या करोगे? तुम्हारा टैलेंट बेकार चला जाएगा,’ और उनका कहना सही था।”

“इसलिए मैंने उनके ऑफर को स्वीकार किया। UK वापस गया, सब कुछ बेचकर थोड़ा पैसा इकट्ठा किया। पैसे ज्यादा नहीं थे, लेकिन फ्लाइट लेकर सितंबर में मैं यहां आ गया था।”

लेकिन ये सफर उनके लिए आसान नहीं था।

स्कॉलरशिप से वो फ्री ट्रेनिंग तो कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें खाना और रोजमर्रा की चीजों का बंदोबस्त भी करना था। जल्द ही उनके पास पैसे खत्म हो गए, इस वजह से उन्हें अपने दोस्तों के घर सोफे पर सोना पड़ता था। ऐसा प्रतीत होने लगा था कि उनका सपना अब अधूरा ही रह जाएगा।

उन्होंने कहा, “मेरी मुश्किलें बढ़ती जा रही थीं। मैं नहीं जानता था कि अगले दिन खाने का बंदोबस्त कैसे होगा। लेकिन भाग्य मेरे साथ था, क्योंकि जल्द ही चीजें सुव्यवस्थित रूप से चलने लगी थीं।”

UK जाने से ठीक पहले रॉयल को BJJ का ट्रेनर बनने का ऑफर मिला था, जिससे वो फुकेत में रहकर ट्रेनिंग देते हुए पैसे कमा सकते थे। उन्होंने ट्रेनिंग देनी शुरू की और सभी चीजें दोबारा सही राह पर लौट आईं।

उन्होंने कहा, “शुरुआत में थोड़ी कठिनाई हुई। कभी मेरे पास पैसे होते थे तो कभी नहीं।”

“अब सब ठीक चल रहा था, स्थिति ठीक हो चुकी थी। लेकिन ये साढ़े 4 साल का लंबा सफर, जिसमें मुझे नहीं पता था कि आगे क्या होने वाला था।”

अपने सपने को जिंदा रखने के लिए फाइट कर रहे हैं

Ben Royle defeats Quitin Thomas

रॉयल ऐसी स्थिति में जा फंसे थे, जिसे तंग आकर दूसरे लोग शायद घर वापस लौट जाते। मगर उनका लक्ष्य हमेशा से एक था और उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें संघर्ष के दौर से बाहर निकाला।

ट्रेनिंग देने के अलावा उन्होंने फाइटर के रूप में ऑस्ट्रेलिया में अच्छा रिकॉर्ड कायम किया और 2020 में उन्हें दुनिया पर छाने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ।

COVID-19 महामारी के कारण बहुत कम लोग मार्शल आर्ट्स सीखने आ रहे थे, लेकिन इस बीच उन्हें अपने सफर को जारी रखने का एक और अवसर मिला।

उन्होंने कहा, “मैं उस समय बहुत बुरी स्थिति में फंसा था। उस मैच को मुझे हर हालत में जीतना था। अगर मुझे जीत ना मिलती तो शायद कुछ महीनों बाद मुझे थाईलैंड छोड़कर जाना पड़ता।”

उन्होंने ONE: NO SURRENDER III में क्विटिन थॉमस को तीसरे राउंड में तकनीकी नॉकआउट से हराया और खुद को ONE के बड़े स्टार्स में से एक के रूप में स्थापित किया।

अब वो अपने दूसरे मैच के लिए तैयार हैं और कॉम्बैट स्पोर्ट्स में अपने सपने को पूरा करने के लिए अपनी शानदार लय को जारी रखना चाहेंगे।

रॉयल ने कहा, “मुझे इस खेल से प्यार है, इसी वजह से मैं इससे जुड़ा हुआ हूं। मैं अलग-अलग मैचों का हिस्सा बनकर एक मार्शल आर्टिस्ट के तौर पर नए-नए अनुभव हासिल करना चाहता हूं।”

“मैं जानता हूं कि अभी मैं एक मार्शल आर्टिस्ट्स के तौर पर कहां खड़ा हूं। ओट्गोनजार्गल के खिलाफ मैं अपनी स्किल्स को परखना चाहता हूं। मैं उनके मूव्स से बचते हुए उन्हें दमदार शॉट्स लगाना चाहता हूं। हालांकि सब मेरे हिसाब से नहीं होगा, लेकिन मैं उनपर एक बड़ी और यादगार जीत दर्ज करना चाहता हूं।

“मैं उन्हें सबमिशन से हराना चाहता हूं। उनका रिकॉर्ड 7-1 का है और सभी जीत सबमिशन से आई हैं। अगर मैं उन्हें रीयर-नेकेड चोक या ट्रायंगल लगाकर हरा पाया तो उसका मेरे ONE करियर पर बहुत अच्छा असर पड़ेगा।”

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