क्वोन वोन का लक्ष्य दिग्गज प्रतिद्वंदी के खिलाफ नॉकआउट जीत हासिल करना होगा

Kwon Won Il celebrates his KO win against defeats Sunoto at ONE: CENTURY

पहले दौर की तीन शानदार नॉकआउट जीत के बाद “प्रीटी बॉय” क्वोन वोन इल का मानना है कि 2020 ONE वर्ल्ड टाइटल के लिए अपनी दावेदारी पेश करने और चुनौती देने वाला साल हो सकता है। हालांकि, इसके लिए उन्हें पहले अपने करियर का सबसे कठिन टेस्ट पास करना होगा।

शुक्रवार, 31 जनवरी को फिलीपींस के मनीला में ONE: FIRE & FURY में दक्षिण कोरिया के उभरते हुए स्टार Shooto बेंटमवेट वर्ल्ड चैंपियन शोको साटो का सामना करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि मेन कार्ड में होने वाली ये बाउट बहुत ही कांटे की होगी।

अगर क्वोन जापानी दिग्गज को हरा देते हैं, तो डिविजन के टॉप कंटेंडर बनने की ओर कदम बढ़ा देंगे। अनुभव के मामले में क्वोन अपने प्रतिद्वंदी के सामने कहीं नहीं ठहरते। क्वोन ने अपने करियर में जितने मैचों में शिरकत की है, उससे ज्यादा जीत तो प्रोफेशनल करियर में शोको हासिल कर चुके हैं।

सियोल के 24 वर्षीय एथलीट इस बात से इनकार नहीं करते हैं कि उन्हें एक बहुत बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। फिर भी उन्हें भरोसा है कि वो इससे उबरकर अपनी जीत का परचम लहरा सकते हैं।

उन्होंने कहा, “शोको साटो का ONE Championship के अलावा दूसरी जगहों पर भी अनुभवी एथलीट होने के साथ एक लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है। मैं जानता हूं कि वो एक शक्तिशाली प्रतिद्वंदी हैं।”

“जिनसे अब तक मेरा सामना हुआ है, उनमें वो सच में मेरे सबसे बेहतरीन और कुशल विरोधी में से एक होंगे। मुझे भरोसा है कि मैं उन्हें हरा सकता हूं।”

साटो ने The Home Of Martial Arts की शुरुआती दो बाउट में ऑल राउंड मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की शानदार स्किल्स और क्षमता दिखाई है।

टोक्यो के 31 वर्षीय एथलीट ने किकबॉक्सिंग और तेज-तर्रार ग्राउंड एंड पाउंड की मदद से अपने करियर की करीब 16 नॉकआउट्स जीत हासिल की हैं।उन्होंने ONE के सर्कल में दो जीत दूसरे राउंड में स्टॉपेज के जरिए हासिल की है। इसमें पहली मार्क “टायसन” फेयरटेक्स एबेलार्डो के खिलाफ और उसके बाद पैनक्रेस बेंटमवेट वर्ल्ट चैंपियन राफेल सिल्वा के खिलाफ हैं।



हालांकि, क्वोन, साटो की स्किल्स को जानते हैं और उनका सम्मान करते हैं। उनसे मुकाबले के दौरान वो कम से कम एक तरीका देखते हैं, जिससे वो बढ़त हासिल कर सकें और जीत के लिए अपना हाथ उठा सकें।

Extreme Combat और Top Gym BF प्रतिनिधि का कहना है, “वो एक वेल-राउंडेड एथलीट हैं। उनका फुटवर्क, मूवमेंट, टेकडाउन और स्ट्राइक सब प्रभावशाली हैं। फिर भी मुझे लगता है कि मुझमें उनके कौशल को रोकने की क्षमता है और इसी का इस्तेमाल कर मैं एडवॉन्टेज हासिल करूंगा।”

“मैंने देखा कि उनका फुटवर्क 100 प्रतिशत परफेक्ट नहीं है। बस मुझे उनकी इसी कमजोरी का फायदा उठाना है।”

हो सकता है कि साटो इस बाउट में पिछड़ जाएं लेकिन “प्रीटी बॉय” ने ग्लोबल स्टेज पर आने से पहले अपना निकनेम हासिल कर लिया था क्योंकि ज्यादातर मुकाबलों में वो खुद के चेहरे पर जरा भी चोट नहीं आने देते थे।

दायजोन के एथलीट जब भी अपने विरोधियों के सामने खड़े हुए हैं तो उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा को उच्चतम स्तर पर ही बनाए रखा है। हालांकि, ये उनका डिफेंस नहीं है, जिसने सुर्खियां बटोरी हों।

क्वोन के हाथों में अद्भुत शक्ति है खासकर कि दाएं हाथ में। इसी खासियत ने उन्हें ONE एथलीट के रूप में तीन जीत हासिल की हैं, जिन्हें जोड़ दिया जाए तो कुल 3:09 मिनटों का वक्त ही निकलेगा।

Kwon Won Il defeats Sunoto at ONE CENTURYYK 6836.jpg

दक्षिण कोरियाई एथलीट ने पिछली जनवरी को अपने प्रोफेशनल डेब्यू में एंथनी “द आर्केंजल” एंगेलन को महज 67 सेकंड में ही पराजित कर दिया था। उसके बाद अप्रैल में 19 सेकेंड में पूर्व ONE फेदरवेट वर्ल्ड टाइटल चैलेंजर एरिक “द नेचुरल” केली को नॉकआउट में हराकर अपने रिकॉर्ड में सुधार किया।

ग्लोबल स्टेज पर तीसरी जीत तब दर्ज की, जब अक्टूबर में तकनीकी नॉकआउट की मदद से उन्होंने “द टर्मिनेटर” सुनौटो को 1:43 मिनट में हरा दिया था।

इतनी सफलताओं के बावजूद क्वोन रुके नहीं। वो जिम में अपने प्रयासों को दोगुना करने में लग गए, ताकि विजयी रथ को जारी रखना सुनिश्चित कर सकें। वो हर मैच के साथ एक कदम आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसका मतलब है कि वो अपनी संभावनाओं से आगे जाकर देखना चाहते हैं और पहले दौर में ही कुछ बड़ा करना चाहते हैं।

वो बताते हैं, ”मैंने वर्कआउट की दिनचर्या को बेहतर किया है। वेट ट्रेनिंग के साथ-साथ मैं अपनी ग्रैपलिंग और स्ट्राइकिंग स्किल्स को भी बेहतर कर रहा हूं।”

”स्ट्राइकिंग मेरी ताकत है और मैं अपने कौशल में सुधार करने की कोशिश में तेजी से लगा हूं, ताकि अपने प्रतिद्वंदी पर अधिक तेज और प्रभावी हो सकूं। मैं हमेशा अपने विरोधी को ढेर करना चाहता हूं लेकिन इससे पहले मैं कुछ समय अपने विरोधी की चालों को समझने में लगाना चाहता हूं। मुझे लगता है कि अगर मैं ऐसा करूंगा तो मेरी जीत के चांस ज्यादा बढ़ जाएंगे।”

Kwon Won Il attacks Koyomi Matsushima

अगर क्वोन, साटो को हरा देते हैं तो ONE मैचमेकर्स और डिविजन के बाकी एथलीटों के लिए ये एक कड़ा संदेश होगा।

Sakaguchi Dojo और Fight Base Toritsudai के प्रतिनिधि अपनी 54 बाउट्स में से दो को ही फिनिश का शिकार हिए हैं। इनमें से आखिरी आठ साल पहले 2012 की थी।

हालांकि, अपने रिकॉर्ड के बावजूद “प्रीटी बॉय” दुनिया को दिखाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं कि वो एक अप्रत्याशित परिणाम हासिल करके पूरे साल के लिए अपना दबदबा कामय कर देंगे।

दाइजोन के एथलीट ने कहा, “मेरे लिए हर मैच महत्वपूर्ण है लेकिन ये मैच मेरे लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है। लगता है कि हर कोई मुझे हराने की उम्मीद रखता है।”

“मैं उन्हें गलत साबित करना चाहता हूं और खिताबी मुकाबले के करीब पहुंचना चाहता हूं। पिछले साल मुझे खुद को मजबूत स्थिति में लाने का मौका मिला। 2020 में मैं टाइटल बेल्ट हासिल करने के लिए अपने प्रदर्शन को बेहतर करना चाहता हूं।”

ये भी पढ़ें: ONE: FIRE AND FURY के स्टार्स के टॉप-5 नॉकआउट

मनीला | 31 जनवरी | ONE: FIRE & FURY | टिकेट्सयहां क्लिक करें  

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