Kickboxing

5 राउंड के संघर्ष के बाद अलावेर्दी बने पहले किकबॉक्सिंग बेंटमवेट वर्ल्ड चैंपियन

ONE: MARK OF GREATNESS के सबसे लंबे मुकाबलों में से एक रूस के अलावेर्दी रामज़ानोव “बेबीफेस किलर” और चीन के झांग चेंगलोंग “मॉय थाई बॉय” के बीच लड़ा गया जहाँ अलावेर्दी को 5 राउंड के संघर्ष के बाद जीत मिली है।

अलावेर्दी अब पहले ONE किकबॉक्सिंग बेंटमवेट वर्ल्ड चैंपियन बन गए हैं। पहले राउंड में रूस के फाइटर ने झांग को अपनी स्ट्राइकिंग स्किल्स से चौंका दिया था।

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Posted by ONE Championship on Friday, December 6, 2019

जब 21 वर्षीय चेंगलोंग ने काउंटर अटैक करने की कोशिश की तो वो समझ नहीं पा रहे थे कि उन्हें करना क्या है इसलिए रामज़ानोव ने मौके का भरपूर फायदा उठाया और लगातार किक्स से प्रहार जारी रखा।

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दूसरे राउंड में भी रामज़ानोव, चेंगलोंग पर हावी होते जा रहे थे, वहीँ तीसरे राउंड में उन्होंने जबरदस्त जैब लगाते हुए चीन के योद्धा को नीचे गिराने में सफलता पाई। आधे मैच तक चेंगलोंग को मुश्किल से अटैक करने के 1 या 2 मौके मिले होंगे।

झांग को एहसास होने लगा था कि जाहिर तौर पर वो मैच में पिछड़ रहे हैं और यहाँ से जीत हासिल करना उनके लिए बहुत मुश्किल होगा। इसलिए उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए वापसी करने का प्रयास किया लेकिन इसके बावजूद अलावेर्दी की किक्स रुकने का नाम नहीं ले रही थीं।

चेंगलोंग ने आखिरी 2 राउंड्स में नई रणनीति बनाई क्योंकि उन्हें पता था कि यहाँ से नॉकआउट पंच ही उन्हें जीत दिला सकता है इसलिए वो लगातार अलावेर्दी पर पंच बरसाते रहे।

Alaverdi Ramazanov attacks Zhang Chenglong at ONE MARK OF GREATNESS in KL

बाउट के आखिरी क्षणों में अलावेर्दी काफी ज्यादा थक चुके थे वहीँ चेंगलोंग के पास ज्यादा एनर्जी बची हुई थी और आखिरी बेल बजने तक दोनों एक-दूसरे पर प्रहार करने का प्रयास करते रहे।

अगर मैच में 1 मिनट और बचा होता तो ज़रूर चेंगलोंग की जीत पक्की मानी जा सकती थी लेकिन समय की कमी के कारण चीन के फाइटर ऐसा नहीं कर पाए।

आखिर में अलावेर्दी को पहले 3 राउंड में एकतरफा प्रदर्शन करने का फायदा मिला और सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल की और ONE के पहले किकबॉक्सिंग बेंटमवेट वर्ल्ड चैंपियन बने।

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