ONE में पहली जीत के लिए पूरी तरह से तैयार हैं ज़ेबा बानो – ‘आलोचकों को करारा जवाब देना चाहती हूं’

Indian MMA Fighter Zeba Bano

ONE Championship 17 फरवरी को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में स्थित लुम्पिनी बॉक्सिंग स्टेडियम में ONE Friday Fights 5 के धमाकेदार एक्शन के लिए तैयार है, जिसमें भारतीय MMA फाइटर ज़ेबा बानो भी वापसी कर रही होंगी।

इस इवेंट में बानो का सामना डेब्यू कर रहीं रूसी एथलीट अलेक्सांद्रा साविचेवा से होगा, जिन्हें हराकर भारतीय स्टार ONE में अपनी जीत का खाता खोलने को बेताब होंगी।

“फाइटिंग क्वीन” ने पिछले साल अपना ONE डेब्यू किया था, लेकिन उसके बाद अलग-अलग कारणों से उनकी फाइट्स नहीं हो पाईं। इससे बानो को निराशा तो हुई मगर उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत को लगातार जारी रखा।

उन्होंने बताया:

“मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं है, लेकिन 2 बार मैच ना होने के कारण मेरे अंदर थोड़ी निराशा के भाव अब भी हैं। मैं इस बार लोगों को दिखाना चाहती हूं कि मैंने खुद में बहुत सुधार किया है।

“हमारे (एथलीट्स पर) ऊपर दबाव हमेशा रहता है क्योंकि हमें ट्रेनिंग, डाइट पर भी ध्यान देना होता है। अचानक मैच कैंसिल हो जाने से आपका पूरा शेड्यूल बिगड़ जाता है।”

बानो का मैच पहले लेया बिविंस और उसके बाद दिवंगत विक्टोरिया ली से भी तय किया गया था, मगर दुर्भाग्यवश उनके दोनों मैच नहीं हो पाए।

उस निराशा के भाव के कारण भारतीय एथलीट के अंदर अच्छा करने का जुनून है इसलिए वो रूसी स्टार के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना चाहती हैं।

भारतीय एथलीट ने कहा:

“पिछली बार मेरी फाइट्स आखिरी समय पर रद्द हो गई थी, जिससे मुझे बहुत निराशा हुई। मैं मैचों के लिए पूरी तरह तैयार और शानदार प्रदर्शन करने को बेताब थी। इसलिए अगले मैच में मेरी कोशिश रहेगी कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ कर पाऊं।

“उनकी (अलेक्सांद्रा साविचेवा) स्ट्राइकिंग काफी अच्छी है। मैंने उनके खिलाफ मैच के लिए खुद को पूरी तरह तैयार किया है और अपना बेस्ट देने के लिए तैयार हूं।”

रूसी फाइटर साविचेवा एक अच्छी स्ट्राइकर हैं, लेकिन बानो की स्ट्राइकिंग स्किल्स भी किसी से कम नहीं हैं। खास बात ये है कि भारतीय स्टार को अपनी अगली विरोधी से काफी ज्यादा अनुभव है, जो उन्हें जीत दिलाने में मदद कर सकता है।

उन्होंने रूसी एथलीट के गेम को काफी अच्छे तरीके से स्टडी किया है। इस ध्यान में रखकर उन्होंने गेम प्लान भी तैयार कर लिया है। साविचेवा अपनी प्रतिद्वंदी से लंबी हैं, लेकिन बानो ने इससे निजात पाने के लिए भी प्लान बनाया है।

ज़ेबा बानो ने अपनी विरोधी से ज्यादा अनुभवी होने के बारे में कहा:

“वो अपने गेम में बेस्ट हो सकती हैं, लेकिन मैं अपनी नज़र में खुद को बेस्ट मानती हूं। मैंने अलग-अलग लेवल पर अलग तरह की फाइटर्स का सामना किया है। ये मेरे लिए केवल एक फाइट नहीं है क्योंकि मेरे अंदर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का जुनून है और पूरी दुनिया में नाम कमाना चाहती हूं।

“वो आक्रामक फाइटिंग स्टाइल पर ध्यान ना देकर तकनीकी तौर पर बढ़त बनाने की कोशिश करती हैं। उन्हें काउंटर अटैक करना भी बहुत अच्छा लगता है।

“मैंने फिलहाल स्ट्राइकिंग पर ज्यादा ध्यान दिया है क्योंकि मेरी प्रतिद्वंदी अच्छी स्ट्राइकर हैं। सबसे अहम बात ये है कि वो डिफेंसिव मोड में रहना अधिक पसंद करती हैं और उनकी लंबाई को स्टडी करने के बाद हमने प्लान बनाया है कि कैसे उनके करीब जाकर अटैक करना है।”

डेब्यू से मिले सबक के बाद आलोचकों को करारा जवाब देने पर नजर

ज़ेबा बानो ने ONE 157 में अपना प्रोमोशनल डेब्यू किया था, जहां उन्हें नट जारूनसाक के खिलाफ सबमिशन से हार झेलनी पड़ी थी। उनके टैप आउट करने के बाद लोगों ने उनकी काफी आलोचना की थी और अब वो अपने आलोचकों को करारा जवाब देना चाहती हैं।

बानो ने अपने डेब्यू के बाद खुद में सुधार करने की कोशिश की है और नई स्किल्स पर भी ध्यान दिया है। अक्सर एथलीट्स अपने विरोधियों को फिनिश करते हुए जीत की लय प्राप्त करने का दावा करते हैं, लेकिन भारतीय एथलीट ने अलग तरीके से इस मैच के खत्म होने की भविष्यवाणी की है।

24 वर्षीय भारतीय फाइटर ने कहा:

“पिछली बार जब मुझे हार मिली तो लोगों ने मेरी खूब आलोचना की थी। मैं इस बार जीत दर्ज कर अपने आलोचकों को करारा जवाब देना चाहती हूं।

“पहले मैच में मुझे हार मिली, जिसके बाद मैंने उस फाइट को स्टडी किया तो पता चला कि मेरे गेम में कुछ खामियां थीं। मैंने मानसिक तौर पर खुद को बेहतर किया है। मेरी पिछली तीनों प्रतिद्वंदियों का ग्राउंड गेम अच्छा था इसलिए मैंने ग्राउंड गेम में सुधार पर काफी जोर दिया है। मेरे हिसाब से इस मैच का परिणाम जजों के स्कोरकार्ड्स से आएगा।”

ONE Championship ने कुछ हफ्तों पहले ही ONE Friday Fights सीरीज की शुरुआत की है, जिसके इवेंट्स हर हफ्ते शुक्रवार को बैंकॉक के आइकॉनिक लुम्पिनी बॉक्सिंग स्टेडियम में होते हैं।

चूंकि ONE के MMA मुकाबले केज के अंदर होते हैं, लेकिन लुम्पिनी स्टेडियम में एथलीट्स को रिंग के अंदर फाइट करनी होती है। परिस्थितियां बदलने के बावजूद बानो का मानना है कि उन्हें रिंग में फाइट करने में कोई समस्या नहीं है और वो इस बार बोनस जीतने की भी उम्मीद कर रही हैं।

भारतीय एथलीट ने कहा:

“मेरे कुछ मुकाबलों को छोड़कर (पहले के) सभी रिंग में हुए हैं। इसलिए मैं कह सकती हूं कि मुझे रिंग में फाइट करने का काफी अनुभव है।

“मैंने पिछली बार भी बोनस हासिल करने का लक्ष्य बनाया था, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। मेरा ध्यान इस बार भी बोनस पर रहेगा क्योंकि अभी तक भारत के किसी फाइटर ने ऐसा नहीं किया है।”

ONE की सबसे युवा और उभरती हुई स्टार्स में से एक विक्टोरिया ली का पिछले साल दिसंबर में दुखद तरीके से निधन हो गया था। भारतीय स्टार ने कहा है कि अगर उन्हें अगले मैच में जीत मिली तो वो उसे विक्टोरिया ली को समर्पित करना चाहेंगी।

बानो ने कहा, “एक एथलीट होने के नाते मैं अपनी जीत उन्हें जरूर समर्पित करना चाहूंगी।”

न्यूज़ में और

British Muay Thai fighter George Jarvis punches Rungrawee Sitsongpeenong to the head
Asadula Imangazaliev celebrates his World Title win over Aslamjon Ortikov at The Inner Circle 20.
Rungrawee Sitsongpeenong and George Jarvis touch gloves before their clash
Asadula Imangazaliev faces off with Aslamjon Ortikov ahead of their Muay Thai World Title fight
Aslamjon Ortikov Jordan Estupinan ONE Fight Night 43 5
Stamp Fairtex makes her way to the ring against Ham Seo Hee
Asadula Imangazaliev walks toward the ring for Nong O Hama fight
Denice Zamboanga Alyona Rassohyna ONE Fight Night 27 75 scaled
Kana Morimoto Stamp Fairtex ONE 173 18 scaled
Aslamjon Ortikov Jordan Estupinan ONE Fight Night 43 14 scaled
Allycia Hellen Rodrigues defends her title for the fifth time against Phetjeeja Lukjaoporongtom
Roman Kryklia wears three ONE World Titles with pride