स्टेला हेमेट्सबर्गर ONE Fight Night 46 में शानदार स्ट्राइकिंग मुकाबले के लिए तैयार – ‘अपने हथियारों पर पूरा भरोसा’
ऑस्ट्रियाई सुपरस्टार स्टेला “ऑल्वेज़ हंग्री” हेमेट्सबर्गर का कोई इरादा नहीं है कि वो ONE Fight Night 46 में अपने मॉय थाई खिताब को गंवाए।
27 वर्षीय स्ट्राइकर शनिवार, 15 अगस्त को मेन इवेंट मुकाबले में पहली बार अपनी ONE विमेंस स्ट्रॉवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियनशिप बेल्ट का बचाव करते हुए नतालिया “कैरेलियन लिंख्स” डियाचकोवा का सामना करेंगी। इसका लाइव प्रसारण बैंकॉक के लुम्पिनी स्टेडियम से होगा।
हेमेट्सबर्गर के लिए पिछले 12 महीने कमाल के रहे हैं। उन्होंने लगातार दो मैचों में जैकी बुंटान को मात देकर मॉय थाई और किकबॉक्सिंग खिताब अपने नाम किए।
वो दो खेलों की ONE वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली इतिहास की तीसरी महिला फाइटर बनीं। अब ऑस्ट्रियाई सुपरस्टार ने माना कि उनकी मानसिकता में जरा भी बदलाव नहीं आया है।
हेमेट्सबर्गर ने onefc.com को बताया:
“मेरी सोच में कोई बदलाव नहीं आया है। मैं हमेशा कड़ी मेहनत करती हूं और मेरा मुख्य लक्ष्य एक बेहतर फाइटर बनना, लगातार आगे बढ़ना और अपनी स्किल्स को निखारना है। बेशक, मुझे अपनी दोनों बेल्ट डिफेंड करनी हैं, लेकिन मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।
“मेरा मंत्र ‘ऑल्वेज़ हंग्री’ रहेगा। मैं इस फाइट को जीतने और अपनी बेल्ट डिफेंड करने के लिए बहुत, बहुत ज्यादा भूखी हूं।”
खुद में लगातार सुधार करने की बात के चलते ही वो Phuket Fight Club में अपनी स्किल्स को बेहतर से बेहतरीन करने में जुटी हैं। वो जानती हैं कि रूसी चैलेंजर की चुनौती जरा भी आसान नहीं होगी।
डियाचकोवा को संगठन में सिर्फ एक हार मिली और “ऑल्वेज़ हंग्री” ने उनका पूरी तरह से अध्ययन किया है।
हेमेट्सबर्गर ने आगे कहा:
“उनके हाथों में काफी ताकत है। उन्होंने अपने टाइटल शॉट का हक कमाया है। ये पहली बार नहीं है जब मैंने अपनी प्रतिद्वंदी की फाइट्स देखी हैं और किसी को नॉकआउट होते देखा है। उनकी पावर ऐसी चीज है, जिसे हमने अपनी तैयारी में ध्यान में रखा है।
“लेकिन मुझे अपने हथियारों पर पूरा भरोसा है। मुझे अपने कार्डियो पर भरोसा है, अपने हाथों पर भरोसा है। मुझे अपनी तकनीक और अपनी बॉडी किक्स पर भी पूरा भरोसा है। इसलिए कुल मिलाकर, मेरे पास जो कुछ भी है, मुझे हर चीज पर पूरा भरोसा है।”
डियाचकोवा की तरह ही हेमेट्सबर्गर का भी संगठन में आंकड़ा शानदार है। वो अभी तक 5-0 का बेहतरीन रिकॉर्ड रखती हैं और लगातार सात मैचों में जीत दर्ज कर चुकी हैं।
साल्ज़बर्ग निवासी ने कहा कि अगर फिनिश का मौका मिला तो वो जरा भी पीछे नहीं हटेंगी।
उन्होंने बताया:
“फिनिश होता है या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर नॉकआउट मिलता है तो अच्छी बात है। अगर नहीं मिलता तो भी कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन मेरी भविष्यवाणी है, ‘एंड स्टिल, स्टेला हेमेट्सबर्गर।’
“इस फाइट में मेरा लक्ष्य सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करना और जीत हासिल करना है। चाहे मुझे पांच राउंड तक उन्हें पछाड़कर अपनी तकनीक दिखानी पड़े या मुकाबला जल्दी खत्म करना पड़े, मैं हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहूंगी।”
हेमेट्सबर्गर को अपने अनुभव पर पूरा भरोसा
स्टेला हेमेट्सबर्गर का मानना है कि ONE Fight Night 46 के मेन इवेंट में नतालिया डियाचकोवा के खिलाफ अनुभव उनके काम आएगा और उन्हें इस पर पूरा भरोसा है।
जैकी बुंटान के खिलाफ उनके दोनों खिताबी मैच पूरे पांच राउंड तक चले। इस दौरान उनकी स्किल्स, स्टैमिना और संयम की कड़ी परीक्षा हुई, जिसे उन्होंने शानदार तरीके से पास किया।
डबल चैंपियन ने बताया:
“अपने प्रोफेशनल करियर में पहले कभी नॉकआउट नहीं होने और पांच राउंड तक मुकाबला करने का अनुभव मुझे आत्मविश्वास देता है। ये दिखाता है कि मेरे अंदर फाइटिंग का जज्बा और हिम्मत है।
“लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि मैं अपने सामने आने वाली चुनौती को हल्के में लूं या जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास में रहूं। मैं इसे हमेशा की तरह सही और संतुलित आत्मविश्वास कहूंगी।”
शनिवार को अपनी बेल्ट की रक्षा करने के अलावा हेमेट्सबर्गर ने आगे के बारे में सोचना शुरु कर दिया है।
दो खेलों की वर्ल्ड चैंपियन के रूप में वो न सिर्फ अपनी विरासत को मजबूत करना चाहती हैं बल्कि खेल को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना चाहती हैं।
उन्होंने अंत करते हुए कहा:
“मैंने अब तक जो हासिल किया है और आगे जो हासिल कर रही हूं, उससे मेरा बस यही मकसद है कि मैं इस खेल को और ज्यादा लोकप्रिय बनाऊं और युवा फाइटर्स, खासकर युवा लड़कियों को ट्रेनिंग करने के लिए प्रेरित करूं।
“उम्मीद है कि इससे उनके लिए नए मौके भी बनेंगे ताकि उन्हें ज्यादा फाइट्स मिलें और कॉम्बैट स्पोर्ट्स की दुनिया में कदम रखने का रास्ता उनके लिए थोड़ा आसान हो सके।”