स्टेला हेमेट्सबर्गर ने दो खेलों की वर्ल्ड चैंपियन के रूप में अपनी जिंदगी को बयां किया – ‘मैं अब भी वही इंसान हूं’
कुछ फाइटर्स अनडिस्प्यूटेड चैंपियन बनते ही बदल जाते हैं, लेकिन दो खेलों की ONE वर्ल्ड चैंपियन स्टेला “ऑल्वेज़ हंग्री” हेमेट्सबर्गर ने अपनी पहचान नहीं बदली है।
ऑस्ट्रियाई सुपरस्टार पहली बार अपने ONE विमेंस स्ट्रॉवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल को रूसी स्टार नतालिया “कैरेलियन लिंख्स” डियाचकोवा के खिलाफ डिफेंड करेंगी। इस मुकाबले का आयोजन ONE Fight Night 46 में किया जाएगा, जिसे शनिवार, 15 अगस्त को लाइव देखा जा सकता है।
RS-GYM और Phuket Fight Club की फाइटर ने पहले ONE Fight Night 35 में जैकी बुंटान को हराकर वेकेंट मॉय थाई खिताब जीता। उसके पांच महीने बाद फिर से फिलीपीनो-अमेरिकी चैंपियन को हराकर ONE विमेंस स्ट्रॉवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती।
छह महीने के भीतर ही हेमेट्सबर्गर ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया और वो स्टैम्प फेयरटेक्स और जेनेट टॉड के बाद ONE Championship की तीसरी फाइटर बनीं, जिन्होंने दो खेलों में सफलता हासिल की।
इस सफलता के बारे में हेमेट्सबर्गर ने बताया:
“डबल चैंपियन बनने के बाद से सब कुछ शानदार रहा है। मैं बहुत खुश हूं कि दूसरी फाइट में भी जैकी बुंटान के खिलाफ जीत हासिल कर की और खुद को फिर से साबित किया। मैं इस पूरे नतीजे से बहुत खुश हूं।”
भले ही दो खिताबी जीत बहुत ही ऐतिहासिक रही हों, लेकिन इससे 27 वर्षीय सुपरस्टार की जिंदगी में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
वो 2022 में Phuket Fight Club में आने के बाद से वैसी ही रही हैं। उस समय वो प्रोफेशनल एथलीट भी नहीं थीं और ONE विमेंस एटमवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन एलिसिया हेलन रोड्रीगेज़ को देखकर प्रेरणा लेती थीं।
उन्होंने onefc.com को बताया:
“सच कहूं तो मुझे नहीं लगता कि इस जीत ने मेरे करियर को लेकर मेरी सोच बदली है। मैं अब भी वही इंसान हूं और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पहले की तरह कड़ी मेहनत कर रही हूं।
“लेकिन हां, ऐसी उपलब्धि हासिल करना और रिंग से अपने कंधों पर दो बेल्ट लेकर बाहर निकलना वाकई शानदार अहसास है।”
हेमेट्सबर्गर ने पाया कि डबल चैंपियन होने के चलते उन्हें हर ट्रेनिंग सेशन में खुद को बेहतर करने की नई इच्छा जागृत हुई है। भले ही दो खेलों की चैंपियन बनने से उन्हें नई पहचान मिली है, लेकिन वो ग्लोबल स्टेज पर बड़े सपनों की ओर बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा:
“मुझे लगता है कि डबल चैंपियन बनने के अनुभव ने मुझे हमेशा बेहतर बनने और एक बेहतर फाइटर बनने की प्रेरणा दी है। हर फाइट में मेरा लक्ष्य खुद को पहले से बेहतर बनाना है, जब तक कि मैं खुद का सबसे बेहतरीन रूप नहीं बन जाती।”
दो ONE वर्ल्ड टाइटल का भार
दो वर्ल्ड टाइटल जीत की वजह से स्टेला हेमेट्सबर्गर ने खुद को पहले जैसे नजरिए से देखना बंद नहीं किया है जबकि दुनिया के प्रति उनका नजरिया बीते साल में काफी बदल गया है।
नाम, पहचान और स्टार पावर उन्हें अब हर जगह फॉलो करती है। ये कभी-कभी उन्हें बड़ा अजीब भी लगता है।
ऑस्ट्रियाई चैंपियन ने इस बारे में खुलकर बात की:
“सच कहूं तो खुद को एक स्टार के तौर पर देखना और उसके बारे में बात करना मुझे थोड़ा अजीब लगता है क्योंकि मुझे लगता है कि मैं अब भी वही इंसान हूं। मेरे लिए चीजें ज्यादा नहीं बदली हैं। लेकिन हां, ONE Championship में अपने इन लक्ष्यों को हासिल करना वाकई शानदार है।”
हेमेट्सबर्गर पहली बार 13 वर्ष की उम्र में मॉय थाई से रूबरू हुई थीं और अब वो दो खेलों की वर्ल्ड चैंपियन बन गई हैं, जो अपने खिताब का बचाव करने की जोरदार तैयारी कर रही हैं।
अपने सफर के पुराने दिनों को याद करते हुए 27 वर्षीय डबल चैंपियन ने बताया कि वो अपने युवा अवतार को क्या कहना चाहेंगी।
हेमेट्सबर्गर ने अंत करते हुए कहा:
“अगर मुझे अपने 13 साल के उस रूप से कुछ कहना हो, जब मैंने अभी शुरुआत ही की थी तो सच कहूं तो मुझे लगता है कि वो मेरी आज की बातें सुनकर यकीन ही नहीं करेगी। लेकिन मैं उनसे बस इतना कहूंगी कि आगे बढ़ती रहो, हमेशा प्रेरित रहो और अपने लक्ष्यों के पीछे चलती रहो।”