‘अपना 100 प्रतिशत देना होगा’ – योड-आईक्यू ने The Inner Circle 30 में रैम्बोलैक को हराकर चैंपियन बनने का प्लान तैयार किया
योड-आईक्यू ओर पिमोलश्री 26 पाउंड की गोल्ड बेल्ट पाने के बेहद करीब आ चुके हैं।
शुक्रवार, 11 सितंबर को होने वाले The Inner Circle 30 के मेन इवेंट में थाई स्टार का सामना मौजूदा ONE बेंटमवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन रैम्बोलैक चोर अजालाबून से होगा। इस इवेंट का लाइव प्रसारण live.onefc.com पर किया जाएगा।
योड-आईक्यू ने ONE के बेंटमवेट मॉय थाई डिविजन में धमाकेदार प्रदर्शन किया है और वो अभी तक 12-1 का शानदार रिकॉर्ड कायम कर चुके हैं।
इसमें एक लाख यूएस डॉलर का मेन रोस्टर कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है। इसके अतिरिक्त उन्होंने पिछले मैच में कियामरन नबाती को हराकर अपनी जीत के सिलसिले को 10 तक पहुंचा दिया।
24 वर्षीय चैलेंजर ने onefc.com को बताया:
“जब मैंने देखा कि फाइट कार्ड में मेरा मुकाबला रैम्बोलैक से होने वाला है तो मैं थोड़ा हैरान था क्योंकि मुझे मौका इतनी जल्दी मिल गया। लेकिन ये मौका मुझे मेरी मेहनत की वजह से मिला है और ये मेरे लिए बहुत बड़ा अवसर है।
“पहले अपराजित रहे कियामरन को हराने से ये साबित हुआ कि मैं सच में चैंपियनशिप टाइटल के लिए मौका पाने का हकदार हूं।”
अब उनका सामना डिविजन के चैंपियन से होने जा रहा है। रैम्बोलैक की बात करें तो वो छह जीत के सिलसिले के साथ पहले वर्ल्ड टाइटल डिफेंस में नजर आएंगे। वो साबित करना चाहेंगे कि उनकी बादशाहत अभी शुरु हुई है।
इस तरह के बेहतरीन फाइटर के साथ पांच राउंड तक मुकाबला करने के लिए बेहतरीन शारीरिक क्षमता चाहिए और इसके लिए चैलेंजर जमकर ट्रेनिंग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया:
“रैम्बोलैक चैंपियन बनने के पूरी तरह हकदार हैं। उनमें उस मुकाम तक पहुंचने की काबिलियत और टैलेंट है। वो कोई मामूली फाइटर नहीं हैं। उनके खिलाफ लड़ना बिल्कुल आसान नहीं होगा।
“इस फाइट की तैयारी और भी ज्यादा मुश्किल रही है क्योंकि मुझे खुद को एक लेवल ऊपर उठाना पड़ा। इस मुकाबले के लिए मुझे पहले से भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। वर्ल्ड चैंपियन हमेशा टॉप लेवल के होते हैं इसलिए एक चैलेंजर के तौर पर मुझे उन्हें हराने के लिए खुद को पूरी तरह तैयार रखना होगा। ये जीत हासिल करने के लिए मुझे अपना 100 प्रतिशत देना होगा।”
दोनों ही एथलीट्स के पास मॉय थाई का अच्छा-खासा अनुभव है, लेकिन ये थाईलैंड के दो दूसरे जबरदस्त जिमों के बीच की भी जंग है।
योड-आईक्यू की ट्रेनिंग का जिम्मा मौजूदा ONE फेदरवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन तवनचाई पीके साइन्चाई के पास है। वहीं रैम्बोलैक को मौजूदा ONE फेदरवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन सुपरबोन का साथ मिल रहा है।
उन्होंने कहा:
“फाइट आईक्यू की बात करें तो मुझे नहीं लगता कि रैम्बोलैक और मेरे बीच ज्यादा फर्क है। इस फाइट का नतीजा बताना आसान नहीं होगा। हम दोनों के पास ऐसे शानदार ट्रेनर्स और कॉर्नरमैन हैं, जो फाइट के दौरान हमारी रणनीति में बदलाव कर सकते हैं।
“उनके साथ सुपरबोन हैं और मेरे साथ तवनचाई। दोनों तरफ से अच्छे बदलाव किए जाएंगे इसलिए हमारे बीच अंतर बिल्कुल भी ज्यादा नहीं है। सारी तैयारी हो चुकी है। अब बस रिंग के अंदर इसे परखना है।”
योड-आईक्यू अपने करियर की सबसे शानदार कहानी रचने को तैयार
योड-आईक्यू ने उस मुकाबले को करीब से देखा, जब रैम्बोलैक ने पूर्व डिविजन चैंपियन नबील अनाने को एक शानदार फाइट में हराकर डिविजन में नई कहानी गढ़ी।
चैंपियन की जो काबिलियत उन्हें बेहद खतरनाक बनाती है, वो ये कि उन्हें विरोधी की आक्रामकता को हथियार बनाना बखूबी आता है।
योड-आईक्यू ने बताया:
“उनकी सबसे खतरनाक खूबी उनकी काउंटर स्ट्राइकिंग है। मैंने उनकी लगभग सभी ट्रेनिंग टेप्स देखी हैं। उनका काउंटर लगाने का टाइमिंग बहुत अच्छा है और उनके हाथ भी बेहद खतरनाक हैं। वो इसी टाइमिंग का इस्तेमाल करके दमदार काउंटर पंच लगाते हैं।”
इस खतरे के बावजूद तेजी से उभरते हुए कंटेंडर के पास शारीरिक और तकनीकी रूप से मौजूदा चैंपियन के खिलाफ बढ़त है, ऐसा चैलेंजर का मानना है।
PK Saenchai Muaythaigym के स्टार ने बताया:
“मैं रैम्बोलैक से शारीरिक रूप से बड़ा हूं। हो सकता है कि ये अंतर बहुत ज्यादा न हो, लेकिन मैं उनसे बड़ा हूं। इसके अलावा अलग-अलग तरह की स्ट्राइक्स लगाने की मेरी क्षमता भी मेरे लिए एक बड़ा फायदा है।
“अगर मौका मिला तो मैं निश्चित तौर पर नॉकआउट के लिए जाऊंगा। इससे मुझे बोनस भी मिलेगा और बिना किसी शक के टाइटल भी अपने नाम कर लूंगा। मैं इस फाइट को निर्णायक अंदाज में खत्म करना चाहता हूं।”
योड-आईक्यू का कहना है कि उनके द्वारा करियर में किए गए सभी त्याग का फल इस शुक्रवार को मिलेगा।
उन्होंने कहा:
“ONE वर्ल्ड टाइटल जीतने से मैं बिल्कुल अलग लेवल पर पहुंच जाऊंगा। दुनिया भर में और भी ज्यादा लोग जानेंगे कि योड-आईक्यू कौन है और मुझे वर्ल्ड चैंपियन के तौर पर पहचानेंगे।
“कम से कम चैंपियन बनने से मैं बच्चों और फैंस के लिए एक रोल मॉडल बन सकूंगा और ज्यादा से ज्यादा थाई लोगों को प्रेरित कर सकूंगा। मैं उस बेल्ट को अपने कंधे पर रखना चाहता हूं ताकि अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकूं।”