‘दोनों मिलकर बेल्ट को डिफेंड करेंगे’ – रैम्बोलैक को योड-आईक्यू के खिलाफ पहले ONE वर्ल्ड टाइटल डिफेंस के लिए तैयार कर रहे सुपरबोन
ONE फेदरवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन सुपरबोन रैम्बोलैक चोर अजालाबून के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं।
अब मौजूदा ONE बेंटमवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन का सामना शुक्रवार, 11 सितंबर को बैंकॉक के लुम्पिनी स्टेडियम में होने वाले The Inner Circle 30 में योड-आईक्यू के खिलाफ होगा। इस एशिया प्राइमटाइम कार्ड का आयोजन live.onefc.com पर होगा।
रैम्बोलैक लगातार छह मैचों को जीतने के बाद अपने पहले वर्ल्ड टाइटल डिफेंस में उतरेंगे। मार्च में हुए The Inner Circle 7 में उन्होंने नबील अनाने को हराकर 26 पाउंड की गोल्ड बेल्ट जीती थी।
सुपरबोन ने पूरी तरह से कमर कस ली है कि उनके शागिर्द बैंकॉक स्थित Superbon Training Camp में बेहतरीन ट्रेनिंग करें और इसके लिए वो खुद पूरी तरह से जुट गए हैं। तैयारी का रूप दिखाता है कि कि 23 वर्षीय रैम्बोलोक फिलहाल कहां पर खड़े हैं।
उन्होंने कहा:
“मैं खुद उनके साथ स्पारिंग कर रहा हूं। मैं इस पर ध्यान दे रहा हूं कि स्पारिंग को शतरंज के मुकाबले की तरह खेलें और उनकी तकनीकी स्किल्स को और बेहतर करें। मुझे लगता है कि अगर कोई टेक्निकल फाइटर मेरे साथ स्पारिंग में आमने-सामने टिक सकता है और खुद को संभाल सकता है तो वो किसी से भी फाइट कर सकता है।
“इसके अलावा मैं उनसे बड़ा भी हूं। मुझे लगता है कि जिस पल वो मेरे साथ तकनीकी मूव्स में बराबरी कर पाएंगे और मेरी स्किल लेवल का सामना कर पाएंगे, उस वक्त वो किसी से भी फाइट के लिए तैयार होंगे, चाहे वो अपने वेट क्लास में हो या ONE Championship में कहीं भी।”
36 वर्षीय स्ट्राइकिंग दिग्गज अच्छी तरह से जानते हैं कि योड-आईक्यू को मात देना कोई आसान काम नहीं होगा। चैलेंजर इस समय लगातार दस मैचों को अपने नाम कर करियर की सबसे बड़ी फाइट में उतरेंगे।
सुपरबोन ने ये सुनिश्चित किया है कि वो और रैम्बोलैक विरोधी की सभी फाइट फुटेज का करीब से अध्ययन करें। इसकी वजह से सुपरबोन ने फाइट के नतीजे को लेकर निष्कर्ष भी निकाल लिया है।
उन्होंने कहा:
“मैं कहूंगा कि ये 50-50 की फाइट है। आखिर में सब कुछ फाइट IQ और तुरंत सही फैसला लेने की क्षमता पर निर्भर करेगा। लेकिन मुझे लगता है कि चालाकी और फाइट IQ के मामले में रैम्बोलैक को योड-आईक्यू पर जरा सी बढ़त हासिल है।
“इसलिए मुझे लगता है कि रैम्बोलैक थोड़ा बेहतर नजर आ सकते हैं, लेकिन आखिर में ये 50-50 की फाइट ही है।”
सुपरबोन ने चैंपियन होने का मतलब बताया
सुपरबोन का करीबी विश्लेषण बताता है कि एक खिताब को डिफेंड करना कितना मुश्किल काम है। ये बात सुपरबोन अच्छी तरह से जानते हैं क्योंकि वो खुद एक शानदार चैंपियन हैं।
बेल्ट जीतना और फिर उसे अपने पास बरकरार रखना दो अलग-अलग काम हैं। फेदरवेट किकबॉक्सिंग चैंपियन ने इसे करीब से जिया है और वो रैम्बोलैक को जमकर तैयारी करवा रहे हैं।
सुपरबोन ने कहा:
“वाकई ये ज्यादा मुश्किल है। आखिर में हर कोई आपके खिलाफ फाइट करने का मौका चाहता है। हर कोई देखता है कि आप कैसे फाइट करते हैं, आपकी पुरानी फाइट्स को बारीकी से समझता है और आपको हराने का तरीका ढूंढता है। जब हर कोई चैंपियन बनना चाहता है तो आपका फाइटिंग स्टाइल किसी से छिपा नहीं रहता।
“इसलिए आपको लगातार खुद को बेहतर करते रहना पड़ता है और जितना हो सके उतनी विविधता लानी होती है। आपको एक फाइटर को एक स्टाइल से हराने आना चाहिए और दूसरे फाइटर के खिलाफ बिल्कुल अलग तरीके से लड़ना आना चाहिए। मैं भी उन्हें यही सिखाने की कोशिश कर रहा हूं।”
फाइट वीक अब आ गया है कि और सुपरबोन का ध्यान तकनीक से उलट किसी साधारण चीज पर टिक गया है। वो चाहते हैं कि लोग उनके शिष्य की फाइट को देखें।
ये उनके लिए कोई आम फाइट नाइट नहीं है। ये रैम्बोलैक के साथ मिलकर कई महीनों की ट्रेनिंग का परिणाम होगा। ऐसे में सुपरबोन चाहते हैं कि फैंस इस चीज को महसूस करें।
थाई स्ट्राइकिंग दिग्गज ने कहा:
“इस फाइट को जरूर देखें क्योंकि ये मुकाबला वाकई बहुत रोमांचक होने वाला है। हर कोई इस फाइट का इंतजार कर रहा था। रैम्बोलैक को अपना पूरा समर्थन दें। मैं उनके कॉर्नर में रहकर उन्हें कोच करूंगा और हम दोनों मिलकर उस बेल्ट को डिफेंड करेंगे।”