ONE Friday Fights 168 मेन इवेंट रिजल्ट: वुटिक्राई ने मोहम्मद हबीबपोर को शिकस्त दी
वुटिक्राई वोर चक्रावट ने ONE Friday Fights 168 के बेंटमवेट मॉय थाई मेन इवेंट में लगातार जोरदार एल्बोज़ और काउंटर-स्ट्राइकिंग के दम पर मोहम्मद “प्रिंस ऑफ पर्शिया” हबीबपोर को सर्वसम्मत निर्णय से हराया।
ये मुकाबला एशिया प्राइमटाइम हेडलाइनर शुक्रवार, 28 अगस्त को बैंकॉक के ऐतिहासिक लुम्पिनी स्टेडियम में हुआ। वुटिक्राई पिछले महीने सोनराक फेयरटेक्स के खिलाफ मिली बड़ी जीत की लय के साथ इस मुकाबले में उतरे थे, वहीं हबीबपोर कोंगक्लाई सोर सोमाई के खिलाफ मुश्किल प्रमोशनल डेब्यू के बाद वापसी करने के इरादे से रिंग में उतरे।

हबीबपोर ने पहले राउंड से ही लगातार मूवमेंट और दबाव के साथ आक्रामक शुरुआत की। लेकिन 25 वर्षीय वुटिक्राई पूरी तरह शांत और संयमित बने रहे और उन्होंने पीछे रहकर आक्रामक हमलों को काउंटर करने की रणनीति अपनाई।
थाई स्टार की शुरुआती एक्स किक चूक गई, लेकिन उन्होंने जल्दी ही अपनी लय पकड़ ली। बड़ी बारीकी से अपने शॉट्स चुनते हुए Wor Chakrawut टीम के इस फाइटर ने एक तेज एल्बो लगाई, जिसने तुरंत ईरानी फाइटर के चेहरे पर नुकसान पहुंचाया।

दूसरे राउंड में भी रफ्तार पूरी तरह बरकरार रही। हबीबपोर की स्ट्राइक्स कुछ हद तक अनुमानित थीं, फिर भी उनकी जबरदस्त आक्रामकता ने कुछ देर के लिए उनके थाई प्रतिद्वंदी के लिए मुश्किलें खड़ी कीं।
ज्यादा तेजी से फाइट की जरूरत महसूस करते हुए वुटिक्राई ने अपनी रणनीति बदली और आगे बढ़े। उन्होंने अपने 22 वर्षीय विरोधी की पसलियों पर दो धमाकेदार किक्स जड़ीं, इसके बाद मिडसेक्शन पर नी और ऊपर एक तेज-तर्रार एल्बो लगाई। इससे ईरानी पावरहाउस ने वुटिक्राई को कॉर्नर में धकेल दिया, जिससे राउंड बेहद करीबी बना रहा।

तीसरे और आखिरी राउंड में पूरी तरह अफरा-तफरी मच गई। खून से लथपथ चेहरे के बावजूद “प्रिंस ऑफ पर्शिया” ने अपने माउथपीस को कसकर दबाया और आगे बढ़े। वुटिक्राई ने एक जबरदस्त एल्बो से काउंटर किया और अपने प्रतिद्वंदी को ललकारा, लेकिन हबीबपोर ने एक लेफ्ट हैंड से जवाब दिया, जिसने थाई स्टार को बुरी तरह लड़खड़ा दिया।
वापसी की उम्मीद में ईरानी फाइटर ने पूरी ताकत झोंक दी। वुटिक्राई को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा, वो पीछे हटते हुए इस देर से हुए हमले से बचते रहे, जबकि Team Mehdi Zatout के इस एथलीट ने आखिरी घंटी से ठीक पहले एक और लेफ्ट हुक लगाया।
इसके बावजूद वुटिक्राई की शुरुआती बढ़त और तकनीकी संयम ही निर्णायक साबित हुए। तीनों जजों ने सर्वसम्मत निर्णय थाई स्टार के पक्ष में दिया, जिससे उनका शानदार प्रोफेशनल रिकॉर्ड 52-20 हो गया।