मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स

मार्शल आर्ट्स के सिद्धांतों से भविष्य के स्टार्स तैयार कर रहे हैं रीनियर डी रिडर

24 साल एक मार्शल आर्टिस्ट के रूप में बिताने से रीनियर “द डच नाइट” डी रिडर को एक वर्ल्ड-क्लास एथलीट बनने में काफी मदद मिली है। लेकिन उनका मानना है कि जिन सिद्धांतों पर निर्भर होकर वो आगे बढ़े हैं उन्होंने उनकी जिंदगी को एक नई दिशा दिखाई है।

अभी तक अनडिफेटेड रहे डी रिडर अब ONE: WARRIOR’S CODE में एक अन्य टॉप-कंटेंडर लिएंड्रो “वुल्फ” अटाईडिस को हराकर ONE मिडलवेट वर्ल्ड टाइटल शॉट हासिल करने का प्रयास करेंगे। लेकिन अनुशासन और सम्मान के बिना वो शायद यहाँ तक नहीं पहुंच पाते।

वो नीदरलैंड्स के शहर ब्रेडा में स्थित Combat Brothers Gym के सह-मालिक भी हैं, डी रिडर का मानना है कि इन चीजों पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है क्योंकि वो नई जनरेशन के एथलीट्स को भी तो तैयार कर रहे हैं।

Reinier De Ridder defeats Gilberto Galvao

उन्होंने बताया, “किसी स्टूडेंट के लिए इस खेल को सीखना जरूरी तो है लेकिन इसके साथ उन्हें इसके सिद्धांतों को भी समझना चाहिए और खुद शिक्षा देते हुए मैं इन्हीं चीजों पर ध्यान देता हूँ।”

डी रिडर का मानना है कि जिम को जो भी संभाल रहा होता है वो वहाँ का सबसे योग्य व्यक्ति बन जाता है क्योंकि स्टूडेंट्स उन्हें ही तो फॉलो करते हैं।

इसी वजह से वो काफी सख्त रवैया अपनाते हैं जिससे उनके स्टूडेंट्स को ज्यादा से ज्यादा चीजें सीखने को मिलें और वातावरण भी सही बना रहे। “द डच नाइट” और उनकी कोचिंग टीम अपने सभी स्टूडेंट्स से एक ही तरह की उम्मीद रखते हैं फिर चाहे वो बच्चा हो, वयस्क हो या फिर कोई नया स्टूडेंट।

उन्होंने बताया, “लोगों को ये दिखाना बेहद जरूरी है कि उनके लिए क्या सही है और हम उनसे क्या उम्मीद रखते हैं, ये मायने नहीं रखता कि वो कोई किशोर है या मुझसे उम्र में 20 साल बड़ा।”

“जैसे अगर कोई देरी से आता है। यदि आप पहली बार देरी से आए हैं तो ठीक है, ये अक्सर होता है। लेकिन अगर आपने दूसरी बार देरी से आने के बारे में सोचा भी तो ऐसे किसी स्टूडेंट के लिए इस क्लास में जगह नहीं है। इसी नियम को ध्यान में रख हम आगे बढ़ते हैं।

“जो भी मैट पर कदम रखता है वो दिन की थकान से होकर यहाँ आता है, कोई काम कर रहा है, किसी को स्कूल जाना है। आप समय पर यहाँ आ सकते हैं लेकिन उसके लिए आपको इस चीज को अपनी प्राथमिकता बनाना होगा। ये अनुशासन, अपने ट्रेनिंग पार्टनर्स के लिए आदर और अपने शिक्षक के लिए किसी सम्मान की तरह भी है।”



डी रिडर मार्शल आर्ट्स में चैंपियन तैयार करना चाहते हैं लेकिन इन सभी चीजों से अलग वो उन्हें अपनी-अपनी जिंदगी का चैंपियन बनाना चाहते हैं। लोगों का आदर करें, जिम में विनम्र स्वाभाव अपनाए रखें और उसी चीज को बाहरी दुनिया पर भी लागू करने की कोशिश करें।

उन्होंने आगे बताया, “ये बहुत महत्व रखता है कि आप अपने पार्टनर्स को किस नजर से देखते हैं और हम उस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं।”

“इन दिनों कई जगहों से हमारे पास लोग आ रहे हैं क्योंकि हमारे बहुत से एथलीट आगे बढ़े हैं और उनमें से कुछ लोग इस अनुशासन और सिद्धांतों के आदि नहीं होते हैं जो हम उन्हें सिखाने की कोशिश करते हैं, इसलिए हम उन्हें अधिक से अधिक सिखाने की कोशिश करते हैं।

“आपकी स्किल्स से ज्यादा ये बात महत्व रखती है कि आप अपने पार्टनर्स के साथ कैसा बर्ताव कर रहे हैं। मैं चाहता हूँ कि आप सभी के साथ अच्छा व्यवहार अपनाएं। मैं किसी को क्षति नहीं पहुंचाना चाहता और ना ही ये चाहता हूँ कि लोग किसी से नफ़रत करें। यदि कोई ऐसा करता है तो यहाँ उसके लिए कोई जगह नहीं है, फिर वो चाहे कोई भी हो।”

हर एक व्यक्ति के साथ एक ही तरह का बर्ताव किया जाता है। चाहे वो मार्शल आर्ट्स सीखने की शुरुआत कर रहे हैं या उसमें एक्सपर्ट हों, जैसे “द डच नाइट” और ONE लाइटवेट एथलीट पीटर “द आर्केंजल” बस्ट, जिन्होंने ONE: FIRE AND FURY में एडुअर्ड फोलायंग को हराया था।

ये चीज वाकई में कारगर साबित हो रही है। टीम में शामिल टॉप-क्लास एथलीट्स ग्लोबल स्टेज पर अपने सफर को एन्जॉय कर रहे हैं, इससे नए फ्यूचर स्टार्स को उभरने में मदद मिल रही है और नियमित रूप से नए लोग अपने मार्शल आर्ट्स सफर की शुरुआत करने की कोशिश करते रहते हैं।

Reinier De Ridder celebrates his victory against Fan Rong

डी रिडर को उम्मीद है कि वो मार्शल आर्ट्स की सकारात्मकता को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में सक्षम हैं और वो अपने स्टूडेंट्स को भी वो ऐसा ही महसूस कराना चाहते हैं जिससे उन्हें वो फायदे मिल सकें जो उन्हें मिले हैं।

उन्होंने कहा, “आपसी समझ, वर्कआउट, ट्रेनिंग करते समय अपने दिमाग को एक ही चीज पर केंद्रित रखना, केवल उसी टास्क पर ध्यान देना जो आपको दिया गया है। मैं शुरुआत से ही इन चीजों पर ध्यान देता आया हूँ।”

“इन चीजों से आपके अंदर ना कोई हिंसात्मक रवैया रह जाएगा, परेशानी नहीं होगी और ये आपके दिमाग को स्वस्थ रखने का बेहतरीन तरीका है, मेरे लिए ये सब चीजें शुरुआत से ही कारगर साबित हुई हैं।”

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जकार्ता | 7 फरवरी | ONE: WARRIOR’S CODE | टिकेट्सयहां क्लिक करें  

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