मां द्वारा किए गए त्याग किकबॉक्सिंग स्टार टायफुन ओज़्कान को प्रोत्साहन देते हैं

Turkish-Dutch kickboxer Tayfun Ozcan

टायफुन “टरबाइन” ओज़्कान दुनिया के सबसे दिलचस्प किकबॉक्सर्स में से एक हैं और फैंस को जल्द ही वो ग्लोबल स्टेज पर फाइट करते दिखाई देंगे।

टर्किश-डच स्टार शुक्रवार, 30 जुलाई को ONE: BATTLEGROUND में लैजेंड थाई स्ट्राइकर सिटीचाई “किलर किड” सिटसोंगपीनोंग के खिलाफ फेदरवेट मुकाबले में अपना ONE Super Series डेब्यू करेंगे।

“टरबाइन” ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वो इतने बड़े प्रोमोशन में फाइट करेंगे, जिसके इवेंट्स को करोड़ों लोग देखते हैं, लेकिन खराब शुरुआती दौर ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया है।

यहां जानिए ओज़्कान के ONE में आने तक के शानदार सफर के बारे में।

‘मुझे अपने जीवन में कुछ अच्छा करने की जरूरत थी’

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ओज़्कान के लिए जीवन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उनका जन्म टिलबर्ग, नीदरलैंड्स में एक टर्किश परिवार में हुआ। वो 7 भाई-बहनों में दूसरे सबसे बड़े थे और पिता की शराब की लत के कारण परिवार के सदस्य एक-दूसरे से अलग हो गए।

ओज़्कान ने कहा, “हम जब बहुत छोटे थे, तभी हमारे माता-पिता ने तलाक ले लिया। स्थिति बहुत खराब थी क्योंकि मेरी मां की कमाई ज्यादा नहीं थी, 7 बच्चों की देखरेख कर रही थीं इसलिए हमारा बचपन बहुत संघर्षपूर्ण रहा।”

“मुझे भी अपने छोटे भाई-बहनों का ख्याल रखना था, मैं स्कूल नहीं जा सकता था क्योंकि मेरा ध्यान काम करने पर था। परिवार की खराब स्थिति के कारण मैंने 17 साल की उम्र में स्कूल छोड़ दिया था।”

उन्हें सही राह दिखाने वाला कोई नहीं था इसलिए “टरबाइन” कुछ मुसीबतों में भी जा फंसे क्योंकि उनके कंधों पर उनकी उम्र के हिसाब से बहुत ज्यादा दबाव था।

इस दौरान उन्होंने कई नौकरियां कीं, जैसे दुकानों में साफ-सफाई करना। उनकी मां का ध्यान उनके छोटे भाई-बहनों पर ज्यादा था इसलिए मां का ध्यान अपनी ओर लाने के लिए उन्होंने दूसरा रास्ता ढूंढा।

उन्होंने कहा, “मैं दूसरों से बहुत अलग था। बचपन में मुझे दूसरों से बहुत कम प्यार मिला।”

“7 बच्चों के बीच में ध्यान अपनी ओर लाना कठिन है इसलिए मैं बुरी चीजों में भी फंसता जा रहा था।”

“टरबाइन” मुश्किलों से जूझ रहे थे, लेकिन अपनी मां को दुखी देखकर अभी भी वो परेशान थे, जो परिवार के लिए पैसा जुटाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही थीं।।

ओज़्कान ने बताया, “जब मुझे स्कूल से निकाला गया तो उन्होंने मुझसे एक ही बात कही, ‘टायफुन, मैं उम्मीद ही कर सकती हूं कि तुम अपने जीवन में कुछ अच्छा जरूर करोगे वरना मैंने जो सब तुम्हारे लिए किया है वो सब व्यर्थ चला जाएगा।'”

“उनकी बातों से मुझे प्रोत्साहन मिला कि मुझे अपने जीवन में आगे बढ़ना है।”

एक नई राह पर आगे बढ़े

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ये सौभाग्य की बात रही कि एक लोकल कम्यूनिटी ग्रुप ने भटकते युवाओं को खेलों से जुड़ने का अवसर दिया, जिसने “टरबाइन” को एक नई राह दिखाई।

उन्होंने कई खेलों में भाग लिया, लेकिन 13 साल की उम्र में कॉम्बैट स्पोर्ट्स में आने के बाद उनका जीवन ही बदल गया।

उन्होंने बताया, “मैंने सॉकर, गोल्फ़ और एक बार किकबॉक्सिंग कराने भी ले गए। वो एक असली किकबॉक्सिंग जिम था। वहां एक प्रो फाइटर भी ट्रेनिंग कर रहा था। कोच की बातें मुझे बहुत अच्छी लगीं, वहीं ट्रेनिंग के तरीके और इस खेल के अनुशासन को देखकर मुझे तुरंत इस खेल से लगाव हो गया।”

“मुझे लगा, ‘ये खेल मेरे लिए ही बना है।’ मुझे इसी की जरूरत थी। एक ऐसा खेल जो मुझे अनुशासित रखे और मुझे अच्छी राह दिखाए।”

सफलता की राह कभी सीधी नहीं होती। यहां एक बार फिर ओज़्कान को वित्तीय समस्याओं से जूझना पड़ा, लेकिन उनकी प्रतिभा ने उन्हें नई राह दिखाई।

उन्होंने कहा, “मैंने 3 महीने के लिए ट्रेनिंग की, लेकिन मेरे पास फीस भरने के पैसे नहीं थे। इस कारण वो मुझपर बहुत सख्त रहते थे।”

“मेरे एक अच्छे दोस्त ने मुझसे कहा कि, ‘टायफुन, मेरे जिम में आ जाओ, मेरे साथ स्पारिंग कर लेना।’ मैं वहां गया और उस समय जिम को एक टर्किश ट्रेनर हैंडल कर रहे थे। मैं स्पारिंग सेशन में अपने दोस्त से बेहतर साबित हुआ और उन्होंने कहा, ‘तुम कितने समय से ट्रेनिंग कर रहे हो? मैं नहीं मान सकता कि तुम 4 महीने से ट्रेनिंग कर रहे हो।’

“उनके शिष्य वहां 2 साल से ट्रेनिंग कर रहे थे और मैं उन्हें आसानी से हरा रहा था। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था। उन्होंने मुझसे कहा, ‘अगर तुम चाहो तो मेरे जिम में ट्रेनिंग कर सकते हो, तुम्हें फीस देने की भी कोई जरूरत नहीं है। अपना सामान ले आओ और यहां ट्रेनिंग करो।'”



अपनी मां का सिर गर्व से ऊंचा किया

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ओज़्कान ने 14 साल की उम्र में एमेच्योर करियर की शुरुआत की, 16 की उम्र में सेमी-प्रोफेशनल फाइटर बने और 18 साल का होने तक वो अपना प्रो डेब्यू कर चुके थे।

“टरबाइन” लगातार अच्छा कर रहे थे और मां के साथ बात करने के बाद उन्हें जैसे एक नई ऊर्जा मिली।

ओज़्कान ने बताया, “एक बार मैंने अपनी मां से पूछा, ‘मां क्या तुम खुश हो?’ मैंने उनसे ऐसा इसलिए पूछा क्योंकि वो हमेशा सफाई में और खाना बनाने में लगी रहतीं। उन्होंने कहा, ‘नहीं, मैं खुश नहीं हूं, लेकिन उम्मीद करती हूं कि एक दिन तुम सभी को खुश देख पाऊं।'”

“उनकी ये बात मुझे प्रोत्साहित करती है। जब भी मैं बुरे दौर से गुजर रहा होता हूं, उन्हीं बातों को याद कर लेता हूं क्योंकि वो अपनी खुशियों का त्याग कर हमारे लिए सब कुछ कर रही थीं। वो उन परिस्थितियों में बिल्कुल भी खुश नहीं थीं, फिर भी उन्होंने हमारे लिए सबकुछ किया। उनका यही त्याग मुझे प्रोत्साहन देता है।”

ओज़्कान को इस बार अच्छे कारणों से पहचान मिल रही थी। उनके जीवन का सबसे खुशी का पल तब आया, जब उनकी सफलता की बात उनकी मां के कानों तक पहुंची।

उन्होंने बताया, “मेरे शहर में 2 प्रोमोटर्स थे। उनका नाम बड़ा था और बड़े मैचों को बुक करते थे। मेरे शहर के सभी फाइटर्स फाइट कर रहे थे और मैं बड़े मैचों में जीत दर्ज कर पहचान बना रहा था।”

“कुछ लोगों ने मेरी मां से पूछा, ‘क्या आपका बेटा किकबॉक्सिंग करता है?’ मेरी मां ने कहा, ‘हां।’ तब एक महिला ने कहा, ‘तुम्हारा बेटा बहुत अच्छी फाइट करता है।’ उसके बाद मां ने घर आकर मुझे ये बात बताई।”

“उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता था तुम इसमें इतने अच्छे हो।’ मैंने कहा, ‘मैं बहुत मेहनत करता हूं, जिससे कुछ बड़ा हासिल कर सकूं।’ वो पहला लम्हा रहा जब उन्हें मेरा किकबॉक्सिंग करियर अच्छा लगा।”

“टरबाइन” को उसके बाद सपोर्ट भी मिलना शुरू हुआ। सबसे अच्छी बात ये रही कि उनकी मां भी अब बहुत खुश थीं और अपनी लाइफ को इंजॉय कर रही हैं।

ओज़्कान ने कहा, “मैंने अब उनसे पूछा और उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं।’ हम बहुत सी चीजों को साथ में करते हैं। वो अब अच्छा जीवन व्यतीत कर रही हैं, शहर जाकर लंच करती हैं और उन्हें अपनी लाइफ को इंजॉय करता देख मुझे बहुत खुशी मिलती है।”

“उन्हें मुझ पर गर्व है। मैं उनसे रोज बात करता हूं और वो कहती हैं, ‘मुझे तुम पर बहुत गर्व है।'”

टॉप पर पहुंचना है लक्ष्य

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उनका शानदार करियर रिकॉर्ड 83-8-3 का है और कई चैंपियनशिप बेल्ट भी जीत चुके हैं। “टरबाइन” किकबॉक्सिंग में काफी सफलता हासिल कर चुके हैं, लेकिन ONE Super Series के टॉप पर पहुंचना उनका सपना है।

अपने परिवार और अपने खुद के बेटे की देखरेख करना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है। दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स प्रोमोशन में परफॉर्म करने से 29 वर्षीय स्टार अपने परिवार को उतना दे पा रहे हैं, जितनी उन्होंने उम्मीद भी नहीं की थी।

ओज़्कान ने कहा, “ONE Championship के साथ जुड़ने के बाद मैंने अपनी टीम को बदला क्योंकि इस बार मुझे एलीट लेवल के फाइटर्स का सामना करना था।”

“मुझे लगता है कि फेदरवेट डिविजन किकबॉक्सिंग वर्ल्ड का सबसे बेस्ट डिविजन है। ये चैंपियंस की लीग है और मैं इसका हिस्सा बनकर गर्व महसूस करता हूं।

“मेरा लक्ष्य जियोर्जियो पेट्रोसियन को हराकर ONE वर्ल्ड चैंपियन बनना है।”

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