मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स

कैसे वीडियो गेम्स ने एड्रियन मैथिस को ONE तक के सफर के लिए प्रेरित किया

उभरते हुए स्टार एड्रियन “पापुआ बैडबॉय” मैथिस ने ONE Championship में शानदार सबमिशन और नॉकआउट जीत से अपना नाम बनाया है।

Tigershark Fighting Academy के प्रतिनिधि भविष्य पर नजर गड़ाए हुए है लेकिन वो कभी नहीं भूल पाते हैं कि वो कहां से आए हैं।

मार्शल आर्ट्स की ये जड़ें इंडोनेशिया से आई हैं जहां ये स्ट्रॉवेट मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट अभी भी ट्रेनिंग करते हैं और यहीं पर वो बचपन में एक अन्य मनोरंजक गतिविधि से परिचित हुए थे।

सफर की शुरुआत

Indonesian mixed martial artist Adrian Mattheis heads to the Circle

भले ही मैथिस अब जकार्ता में ट्रेनिंग करते हैं लेकिन वो वेस्ट पापुआ के सोरोंग, न्यू गिनी के पश्चिम टिप में बड़े हुए थे।

वो जंगल और खुशियों से घिरे हुए थे जहां उन्हें सांप और मगरमच्छ पकड़ने का शौक था।

इसके अलावा जब वो बाहर नहीं रहते थे तो “पापुआ बैडबॉय” अपने दोस्तों के साथ घर में प्लेस्टेशन कंट्रोलर के साथ नजर आते थे।

27 वर्षीय ने कहा, “मैं टेकन, मोर्टल कॉम्बैट और खासकर सॉकर के गेम्स खेलता था। वो ऐसे दिन थे जब कई सारे गेम्स किराए पर मिलते थे।”

जब कॉम्बैट स्पोर्ट्स, टेकन की बात आती है तो मैथिस के कुछ पसंदीदा कैरेक्टर्स हैं।

इंडोनेशियाई ने कहा, “मुझे [मार्शल] लॉ का कैरेक्टर काफी पसंद था क्योंकि वो ब्रूस ली की तरह दिखता था। वो मेरे मुख्य खिलाड़ी थे।”

“मैं ह्वारेंग [एक कैरेक्टर जिसे टायक्वोंडो की जानकारी है] से भी खेल चुका हूं। मुझे एडी [गोर्डो] पसंद था क्योंकि वो कापोएरा में काफी बढ़िया था, साथ ही लंबे बालों और पुलिस की तरह कपड़े पहनने वाले ली [वुलोंग] भी पसंद थे क्योंकि उसके पास कुंग फू का बैकग्राउंड था।”



स्क्रीन से प्रेरित होना

Indonesian mixed martial artist Adrian Mattheis unloads his ground and pound strikes

वीडियो गेम खेलना और शारीरिक रूप से मुकाबला करना काफी अलग चीज़ें है और मैथिस को नहीं पता था कि प्लेस्टेशन पर उनका मनोरंजन असल में करियर में बदल जाएगा।

उन्होंने अपने ऑन-स्क्रीन हीरोज़ के बारे में कहा, “मैंने कभी भी सोचा नहीं था कि मैं उनकी तरह बनूंगा। इसके बावजूद वो काफी प्रेरणादायक थे।”

इंडोनेशियाई स्टार को पता था कि वो अपने अनुसार एक दिन मार्शल आर्ट्स स्टार बन पाएंगे और ये लॉ, गार्डो और अन्य कैरेक्टर्स के साथ शुरू हुआ।

उन्होंने कहा, “मैं उनके मूव्स का अभ्यास करना पसंद करता था।”

माता-पिता ने उनका समर्थन किया और इस टैलेंटेड एथलीट को स्किल्स में सुधार करने के लिए कराटे क्लास में डाल दिया।

उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में भी मार्शल आर्ट्स का अभ्यास जारी रखा और भले ही वीडियो गेम्स उनकी रुचि को बढ़ा नहीं रहे थे लेकिन वो इसके साथ जुड़े रहे।

उन्होंने कहा, “भले ही वो सीधा मुझ पर असर नहीं पहुंचा रहा था लेकिन गेम्स ने मुझे मार्शल आर्ट्स के मूव्स और सेल्फ-डिफेंस दर्शाए।”

सर्कल में कदम रखना

2013 में मैथिस की मुलाकात प्रसिद्ध कोच और पूर्व ONE Championship एथलीट ज़ुली “द शार्क” सिलावांटो से हुई। ये स्टार उनके जिम Tigershark Fighting Academy में गए और उनकी नजरों के सामने ट्रेनिंग करना शुरू किया।

“पापुआ बैडबॉय” ने फिर अगस्त 2016 में अपना प्रोमोशनल डेब्यू किया और एक ही रात में दो विरोधियों को नॉकआउट करके ONE स्ट्रॉवेट इंडोनेशिया टूर्नामेंट चैंपियनशिप नाम की प्रतियोगिता जीती और ग्लोबल स्टेज पर अपनी एंट्री की घोषणा की।

इस समय के बाद वो दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन में खुद को स्टार के रूप में स्थापित करने में सफल रहे हैं और वो ONE के 2020 कैलेंडर में देखने योग्य मुख्य नामों में से एक रहेंगे।

उनके मूव्स के बारे में जानने और उन्हें ट्राई करने के सालों बाद “पापुआ बैडबॉय” आखिर मार्शल आर्ट्स स्टार बन गए और एक ऐसे व्यक्ति बन गए जो किसी दिन गेम का एक कैरेक्टर बन सकते हैं।

मैथिस ने भले ही खुद को यहां तक पहुंचने की उम्मीद नहीं की होगी लेकिन वो बचपन के साधारण शौक से मिले रास्ते को नहीं भूले हैं।

उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ यहीं कह सकता हूं कि भगवान का काम अनोखा है। इसी वजह से मैं खुशनसीब हूं कि मैं अब यहां पहुंच हूं। मुझे यहां आने के लिए एक लंबा सफर तय करना पड़ा।”

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