लाइफ स्टाइल

गेमिंग के सहारे मार्टिन गुयेन को अच्छा प्रदर्शन करने में मिलती है मदद

ग्लोबल स्टेज पर ONE फेदरवेट वर्ल्ड टाइटल को डिफेंड करने के लिए ट्रेनिंग करना काफी कठिन काम होता है लेकिन मार्टिन “द सीटू-एशियन” गुयेन आराम के लिए गेम खेलने को ज्यादा तवज्जो देते हैं।

अपने अधिकतर साथियों की ही तरह वियतनामी-अमेरिकी नॉकआउट आर्टिस्ट को बचपन से ही गेमिंग कंसोल्स से लगाव रहा है। पहले उन्होंने Sega Genesis, उसके बाद Nintendo 64 और अब Sony Playstation से गेमिंग करना जारी रखा है।

उन्होंने बताया, ” मैं गेम्स से सभी टेंशन को भूल एक बच्चे की तरह फील करता था।”

“मैंने Sega Mega Drive पर एलेक्स किड और सॉनिक द हेजहॉग खेला, Nintendo 64 पर मारियो कार्ट, गोल्डन आई 007 और रेसलमेनिया 2000 खेला करता था। सच कहूं रेसलिंग गेम्स मुझे सबसे ज्यादा पसंद हुआ करते थे।

“उसके बाद हाई स्कूल में आने के बाद मैंने लैपटॉप पर खेलना शुरू कर दिया, मैं काउंटर-स्ट्राइक बहुत खेला करता था। मैंने खेलना इसलिए बंद कर दिया क्योंकि मुझे रग्बी की ओर ज्यादा लगाव होने लगा था और अपने बच्चों पर भी ध्यान देना था, इसलिए मैंने खुद को गेमिंग की आदत नहीं पड़ने दी है।”



पत्नी के साथ मिलकर 3 बच्चों की परवरिश और साथ ही अपने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स करियर पर भी ध्यान देने की वजह से गुयेन को गेम्स खेलने के लिए कम ही समय मिल पाता था।

हालांकि, वो परिस्थितियां पिछले कुछ सालों में बदली हैं।

साल 2018 में गुयेन को ONE Esports के पार्टनर Razer की ओर से लैपटॉप गिफ्ट में मिला था। उसके बाद से वो अपने कड़े ट्रेनिंग सेशन के बाद आराम के लिए गेमिंग करते आए हैं।

इसके अलावा गुयेन अपने बेटे, काई के साथ भी नियमित रूप से मस्ती करते हैं, जिनमें रग्बी और मार्शल आर्ट्स जैसी एक्टिविटीज़ शामिल हैं। अब वो इस लिस्ट में गेमिंग को भी जोड़ चुके हैं क्योंकि दोनों साथ में काफी वीडियो गेम खेलते हैं जिनमें Fortnite और Minecraft मुख्य हैं।

चाहे वो ऑस्ट्रेलिया में अपने घर पर हों या फिर फ्लोरिडा में स्थित अपने ट्रेनिंग कैंप में, उन्हें जब भी मौका मिलता है वो गेमिंग करना नहीं छोड़ते हैं।

उन्होंने बताया, “मुझे साल 2018 में Razer से लैपटॉप मिला और उसके बाद से ज्यादा गेमिंग करने लगा हूँ। मैं दुनिया के किसी भी कोने में क्यों ना रहूं, ये हमेशा मेरे साथ होता है।”

“अगर मैं घर पर होता हूं तो पहले ब्रूक और बच्चों के सोने का इंतज़ार करता हूं और उसके बाद खेलता हूँ। जब ट्रेनिंग कैंप में होता हूँ तो वीकेंड में अच्छा महसूस करने के लिए गेम खेलता हूँ।

“घर पर मेरे पास PS4 है जिसमें मैं Grand Theft Auto और FIFA भी खेलता हूँ। लैपटॉप पर कॉल ऑफ ड्यूटी, काउंटर स्ट्राइक और ओवरवॉच खेलना ज्यादा पसंद करता हूँ।”

गेमिंग मौजूदा ONE फेदरवेट वर्ल्ड चैंपियन के लिए कई अलग-अलग तरह से महत्वपूर्ण है।

इससे ना केवल उन्हें दिन के व्यस्त कार्यक्रम के बाद अच्छा फील होता है बल्कि इससे उन्हें जिम से बाहर के दोस्तों के साथ ऑनलाइन कनेक्ट होने का भी मौका मिलता है।

31 वर्षीय स्टार ने कहा, “मैं दुनिया का बेस्ट गेमर बनने के लिए नहीं खेलता। टाइम पास के लिए खेलता हूँ और व्यस्त कार्यक्रम के बाद अपने माइंड को फ्रेश करने के लिए।”

“अगर मैं ऑनलाइन खेल रहा होता हूँ तो ऐसा लगता है मैं अपने दोस्तों के साथ घूम रहा हूँ जबकि असल में आप नहीं घूम रहे होते हैं। ऑनलाइन गेमिंग से फायदा ये होता है कि मैं उनसे बात कर पाता हूँ इसलिए मुझे लगता है कि मैं असल में उनके साथ घूम रहा हूँ।

“मैं अपने ट्रेनिंग पार्टनर्स के साथ खेलता हूँ और सोशल नेटवर्क पर फ्रेंड्स के साथ भी खेलता हूँ। वो मुझे जानते हैं क्योंकि मैंने उन्हें बताया हुआ है कि मैं कौन हूँ। लेकिन जब पहली बार हमने इसकी शुरुआत की थी तो वो मेरे लिए किसी अजनबी की तरह हुआ करते थे।”

एक अन्य ONE वर्ल्ड चैंपियन ने गुयेन को चुनौती भी दी है और वो सर्कल में नहीं बल्कि गेमिंग में है।

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “ONE फ़्लाइवेट वर्ल्ड चैंपियन एड्रियानो मोरेस नियमित रूप से मुझसे PUBG पर आने की चुनौती देते हैं। मैं उसे खेलता हूँ लेकिन ज्यादा नहीं। इसलिए हर बार मैं उनसे यही कहता हूँ कि इस गेम में ज्यादा अच्छा नहीं हूँ।”

“एड्रियानो ने हाल ही में कॉल ऑफ ड्यूटी: वॉरज़ोन डाउनलोड किया है जो कुछ सप्ताह पहले ही रिलीज़ हुआ है इसलिए इस गेम में कभी भी हमारा आमना-सामना हो सकता है। मैं उन्हें हराकर ही दम लूंगा।”

काफी सारे ONE के टॉप एथलीट्स गेमिंग और Esports से जुड़ रहे हैं इसलिए ये चांस हमेशा बना रहता है कि फैंस उनसे ऑनलाइन कभी भी भिड़ सकते हैं।

हालांकि “द सीटू-एशियन” ट्रॉलिंग की ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते। आमतौर पर गेमिंग करने वाले अधिकतर व्यक्तियों की धैर्य क्षमता बेहद कम होती है लेकिन गुयेन को ट्रेनिंग से अपनी भावनाओं पर काबू करने में हमेशा से मदद मिलती आई है।

उन्होंने कहा, “इससे मुझे एक चीज जरूर मिली है कि इसके कारण मुझे नए लोगों से बात करने का मौका मिलता है।”

“फाइटिंग करियर से अलग सोशल नेटवर्क पर नए लोगों से मिलना मेरे लिए आम बात है। दूसरा गेम खेलने की इच्छा जागृत होती है और उनमें मैं अपने दोस्तों को भी शामिल करता हूँ। मात्र सेकंडों के भीतर किसी गेम से 5-6 लोग जुड़ जाते हैं और हर रात हम ऐसा करते हैं।

“इससे उन्हें अपनी धैर्य क्षमता को मजबूत करने में भी मदद मिलती है। लोग कंप्यूटर गेम्स के कारण अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाते। मैं नियमित रूप से देखता हूँ, जब भी कुछ गलत होता है, इंटरनेट स्लो या कोई दूसरी समस्या आती है तो लोग भावनाओं पर काबू नहीं रख पाते। लेकिन मेरी स्थिति दूसरों जैसी नहीं है।”

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