ONE Championship कॉन्ट्रैक्ट विजेता नाज़ारेथ लालथाज़ुआला के बारे में 5 दिलचस्प बातें जानिए
नाज़ारेथ “द नॉर्थस्टार” लालथाज़ुआला अटूट जज्बे और घातक फाइटिंग स्टाइल को दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन में लाने के लिए तैयार हैं।
भारत के इस उभरते हुए MMA स्टार ने 5 जून को ONE Friday Fights 157 में फिलीपींस के स्टार जॉन ब्रूटस को पहले राउंड में TKO (तकनीकी नॉकआउट) से हराकर 1,00,000 यूएस डॉलर का ONE Championship कॉन्ट्रैक्ट जीता और मेन रोस्टर में जगह हासिल की।
लालथाज़ुआला ने उस रात करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज कर साबित किया कि सालों की मेहनत और कुर्बानी बेकार नहीं जाती और ग्लोबल स्टेज तक पहुंचने का उनका सपना सच हो गया।
अब इंटरनेशनल सर्किट पर कई शानदार जीत दर्ज करने के बाद ये धाकड़ MMA फाइटर ONE के सबसे बेहतरीन एथलीट्स के खिलाफ अपना दम दिखाने को तैयार है।
ये हैं उस शख्स के बारे में 5 जरूरी बातें, जो भारतीय MMA का असली नाम बनने की राह पर है।
#1 मुश्किलों को पार कर सपनों को दी उड़ान
लालथाज़ुआला का ग्लोबल स्टेज तक का सफर इस बात की कहानी है कि मुश्किल हालात को किसी भी सूरत में अपने रास्ते में नहीं आने देना है। मिजोरम में पले-बढ़े इस फाइटर को पैसों की बहुत तंगी झेलनी पड़ी, कई बार तो स्थानीय मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिताओं तक जाने के लिए किराया भी नहीं होता था।
अपने खेल के सपने को जिंदा रखने के लिए उन्होंने बेहद कड़ी मेहनत वाले काम किए। कभी कूड़े की गाड़ी चलाई, कभी पत्थर की खान में काम किया और कभी बाजार में सब्जी बेची, सिर्फ इसलिए कि अपने मुकाबलों में हिस्सा लेते रह सकें।
आखिरकार उनकी प्रतिभा ने उन्हें गुवाहाटी में ट्रेनिंग के लिए स्पॉन्सरशिप दिलाई, लेकिन संघर्ष यहीं नहीं रुका। नए शहर में फुल-टाइम ट्रेनिंग करते हुए जिंदगी चलाने के लिए लालथाज़ुआला ने एक लोकल गेस्ट हाउस में सफाई का काम किया। ये जिगर का वो नमूना है, जो आज उनके फाइटिंग स्टाइल में भी साफ दिखता है।
#2 बहन ने गलियों में लड़ाई-झगड़े से दूर कराया
मार्शल आर्ट्स की दुनिया में आने से पहले लालथाज़ुआला खुद को एक “स्ट्रीट बॉय” बताते हैं। चार भाइयों और दो बहनों के बड़े किसान परिवार में पले-बढ़े लालथाज़ुआला के शुरुआती साल मोहल्ले में होने वाले झगड़ों में बीते।
18 साल की उम्र में इस बेलगाम जज्बे को सही दिशा मिली और इसका पूरा श्रेय उनकी बड़ी बहन को जाता है। वो खुद एक नेशनल किकबॉक्सिंग चैंपियन रही हैं और अब सिंगापुर में काम करती हैं।
बहन की कामयाबी से प्रेरित होकर लालथाज़ुआला ने ग्लव्स पहने और सड़क के झगड़े को किकबॉक्सिंग ट्रेनिंग में बदल दिया। बहन की सीख ने उनके कॉम्बैट स्पोर्ट्स करियर की नींव रखी और उनके जज्बे को एक सही ढांचा दिया।
#3 एमेच्योर करियर में लाजवाब प्रदर्शन
जब लालथाज़ुआला ने 2020 में MMA की तरफ कदम बढ़ाया तो उनकी तरक्की की रफ्तार देखते ही बनती थी। सिर्फ तीन महीने की MMA ट्रेनिंग के बाद उन्होंने अपना पहला एमेच्योर मुकाबला खेला और नॉकआउट जीत से शुरुआत की।
एमेच्योर सर्किट पर सक्रिय रहते हुए उन्होंने 25-2 का शानदार रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान इस भारतीय स्टार ने तीन नेशनल गोल्ड मेडल जीते और King of Swing और MFL जैसे बड़े रीजनल टूर्नामेंट के खिताब अपने नाम किए।
रफ्तार बनाए रखते हुए लालथाज़ुआला ने एमेच्योर से प्रोफेशनल का सफर बिना किसी देरी के तय किया। आखिरी एमेच्योर मुकाबले के तुरंत बाद उन्होंने प्रो में कदम रख दिया, जो साबित करता है कि उनकी सीखने की रफ्तार और शारीरिक दमखम अगले स्तर के लिए पूरी तरह तैयार था।
#4 मिज़ोरम के अन्य फाइटर ने ONE Championship का सपना पूरा करने का जुनून दिया
लालथाज़ुआला में हुनर तो था लेकिन उनकी असली मंजिल तब तय हुई, जब उन्होंने ONE Friday Fights देखा। अपने ही मिजोरम के ज़ार माविया को दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन में फाइट करते देख उनकी सोच ही बदल गई।
अपने राज्य के एक फाइटर को कॉम्बैट स्पोर्ट्स की सबसे चमकदार रोशनी में परफॉर्म करते देख उन्हें यकीन हो गया कि ये छलांग मुमकिन है। उसी पल से लालथाज़ुआला ने अपनी टीम को बता दिया कि ONE में फाइट करना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।
इस प्रेरणा के बाद उन्होंने एक मजबूत प्रोफेशनल रिकॉर्ड बनाने पर ध्यान लगाया। जापान और फिलीपींस में जाकर मुश्किल विरोधियों के खिलाफ बड़ी जीत हासिल कीं और आखिरकार ONE के मैचमेकर्स की नजर में आ गए।
#5 भारत की मार्शल आर्ट्स स्पीरिट दिखाने के मिशन पर
निजी कामयाबी और चैंपियनशिप गोल्ड से भी परे लालथाज़ुआला के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी है। वो दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि भारतीय फाइटर्स MMA में किसी से कम नहीं हैं।
वो दुनिया के फैंस को याद दिलाना चाहते हैं कि भारत एक ऐसी जमीन है, जहां योद्धाओं और त्याग की लंबी परंपरा रही है। ग्लोबल स्टेज पर अपना अटूट जज्बा और तकनीकी खेल दिखाकर वो देश की अगली पीढ़ी को कॉम्बैट स्पोर्ट्स में अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।
ये राष्ट्रीय गर्व उनकी बड़ी महत्वाकांक्षा को ईंधन दे रहा है। मासाकी सुज़ुकी, जेक ब्रॉन और अब ब्रूटस पर शानदार फिनिश के साथ “द नॉर्थस्टार” की रफ्तार थम नहीं रही। उन्होंने खुद के लिए एक साफ दो साल का टारगेट रखा है: डिविजन की रैंकिंग में ऊपर चढ़ना, दुनिया को चौंकाना और ONE वर्ल्ड चैंपियनशिप बेल्ट अपनी कमर में बांधना।