5 कारण क्यों युवा सनसनी अकिफ गुलुज़ादा ONE Fight Night 31 में छाप छोड़ सकते हैं

Samingdam Looksuanmuaythai Akif Guluzada ONE Friday Fights 85 20 scaled

तेजी से उभरते हुए मॉय थाई स्टार अकिफ “किंग” गुलुज़ादा शनिवार, 3 मई को अपना यूएस प्राइमटाइम डेब्यू ONE Fight Night 31: Kongthoranee vs. Nong-O II में करेंगे।

19 वर्षीय अज़रबैजानी स्ट्राइकर का सामना थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के लुम्पिनी स्टेडियम में होने वाले फ्लाइवेट मॉय थाई मैच में फिलीपीनो-अमेरिकी स्टार शॉन “द वन” क्लिमेको से होगा।

गुलुज़ादा में भविष्य का ग्लोबल स्टार बनने के सारे गुण मौजूद हैं। इससे पहले कि वो ONE Fight Night 31 में उतरें, आइए उन कारणों पर चर्चा करते हैं, जिसके चलते फैंस उनके ग्लोबल रोस्टर में डेब्यू के बारे में काफी बात कर रहे हैं।

#1 मेहनत कर ग्लोबल स्टेज पर पहुंचे

“किंग” वर्ल्ड क्लास प्रतिद्वंदियों को मात देकर ONE Championship के ग्लोबल रोस्टर में शामिल हुए हैं।

Team Mehdi Zatout के स्टार ने ONE Friday Fights में 3-0 का परफेक्ट रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने जनवरी में हुए ONE Friday Fights 94 में पुएंगलुआंग बानराम्बा को स्पिनिंग एल्बो से नॉकआउट कर ONE Championship का छह अंकों की राशि वाला कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था।

गुलुज़ादा वीकली इवेंट सीरीज में अपने सभी मैचों में शानदार प्रदर्शन के दम पर खुद को फ्लाइवेट मॉय थाई डिविजन के सबसे दिलचस्प नामों में से एक बनाने में कामयाब रहे हैं।

#2 एक युवा नॉकआउट आर्टिस्ट

युवा होने के बावजूद अज़रबैजानी स्टार के पास गजब की ताकत है।

ONE Friday Fights में उनकी तीन में से दो जीत नॉकआउट के जरिए आई हैं। पुएंगलुआंग के खिलाफ आए यादगार नॉकआउट के अलावा उन्होंने ONE Friday Fights 85 में थाई स्टार सामिंगडम एनएफ लुकसुआन को पहले राउंड में TKO (तकनीकी नॉकआउट) से ढेर किया था।

गुलुज़ादा की शानदार ताकत के दम पर ही फैंस उन्हें पसंद करने लगे हैं।

#3 क्लिमेको के रूप में मिला बेहतरीन प्रतिद्वंदी

ONE के मैचमेकर्स ने “किंग” के डेब्यू के लिए शानदार प्रतिद्वंदी दिया है।

अपनी मजबूती, दृढ़ता और वन पंच नॉकआउट के लिए मशहूर क्लिमेको किसी भी सूरत में गुलुज़ादा के लिए आसान शिकार नहीं होने वाले। उनकी मैचों में अटैक के बदले अटैक की रणनीति इस बाउट को बेहद खास बनाएगी।

भले ही जीत मिली या फिर, गुलुज़ादा का मेन रोस्टर डेब्यू धमाकेदार होगा।

#4 आक्रामकता से भरपूर

अपनी फिनिशिंग की लाजवाब काबिलियत के अलावा गुलुज़ादा शानदार गति और स्ट्राइकिंग के दम पर खुद को दिलचस्प स्ट्राइकर बना पाए हैं।

युवा एथलीट ने दिखाया है कि उनके हाथों, किक्स, नीज़ और एल्बोज़ में दमदार ताकत है, जो किसी भी विरोधी के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है।

उनकी आक्रामकता और बहुत सारे वार करने की काबिलियत के दम पर फैंस दिल थाम कर बैठे होते हैं।

#5 नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व

मात्र 19 वर्षीय “किंग” अभी से अगली पीढ़ी के स्ट्राइकिंग सुपरस्टार्स के ध्वजवाहक बन गए हैं।

रिटायर हो चुके ONE स्टार मेहदी ज़टूट की देखरेख में ट्रेनिंग करने वाले गुलुज़ादा ने तकनीकी कुशलता और दर्शकों को खुश करने वाले स्टाइल की वजह से खुद को डिविजन में आगे बढ़ाकर फैंस के बीच नाम बनाया है।

अब क्लिमेको के खिलाफ आई बड़ी जीत सितारों से भरे फ्लाइवेट मॉय थाई डिविजन में उनकी किस्मत खोल सकती है।

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