3 शानदार मुकाबले जो ONE Fight Night 49 को यादगार बना सकते हैं
लाइटवेट MMA डिविजन का एक बेहद अहम मुकाबला, पांच फाइटर्स के बेदाग प्रोफेशनल रिकॉर्ड्स और उलटफेर की संभावनाओं से भरा पूरा फाइट कार्ड — ये सब शनिवार, 7 नवंबर को बैंकॉक के लुम्पिनी स्टेडियम में एक साथ देखने को मिलेगा, जब ONE Fight Night 49 का लाइव प्रसारण होगा।
जब तक मेन इवेंट के फाइटर्स लूकस गेब्रियल और मागोमेद “मुहम्मद” मागोमेदोव रिंग में उतरेंगे, तब तक उन्हें अच्छी तरह पता चल चुका होगा कि वो किसके वर्ल्ड टाइटल को हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे चंद घंटे से पहले इसी ऐतिहासिक स्टेडियम पर दो डिविजन के MMA वर्ल्ड चैंपियन क्रिश्चियन “द वॉरियर” ली, The Inner Circle 37 में वेल्टरवेट सबमिशन ग्रैपलिंग किंग टाय रुओटोलो के खिलाफ अपने ONE लाइटवेट MMA वर्ल्ड टाइटल को डिफेंड करेंगे।
इस इवेंट के एक अन्य बड़े मुकाबले में कोंगथोरानी सोर सोमाई और टाईकी “साइलेंट स्नाइपर” नाइटो किकबॉक्सिंग के एक अहम रीमैच में आमने-सामने होंगे। जापानी स्टार लगातार तीन जीत के शानदार सिलसिले के साथ पिछली हार का बदला लेने उतरेंगे।
इनके अतिरिक्त आइए ऐसे मैचों पर चर्चा करते हैैं, जो कि बेहद यादगार होने वाले हैं।
#1 ली सेउंग चेओल Vs. नाज़ारेथ लालथाज़ुआला

स्ट्रॉवेट MMA डिविजन के दो जबरदस्त फॉर्म में चल रहे स्टार्स, जिनका ONE Championship रिकॉर्ड बेदाग है, आमने-सामने होंगे। दक्षिण कोरिया के शानदार फाइटर ली “द फ्लैश” सेउंग चेओल का सामना भारत के फिनिशिंग स्पेशलिस्ट नाज़ारेथ “द नॉर्थस्टार” लालथाज़ुआला से होगा। दोनों फाइटर्स ने ONE की वीकली इवेंट सीरीज पर अपनी काबिलियत साबित करते हुए छह अंकों की राशि वाले कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए और मेन रोस्टर में जगह बनाई।
दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन के साथ करार करने के बाद से ली का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया है। ONE Friday Fights 136 में चुएंग नाइबाहो को पहले राउंड में सबमिशन से हराकर कॉन्ट्रैक्ट जीतने के साथ उन्होंने लगातार चार जीत का सिलसिला पूरा किया था। इसके बाद DK Gym के इस स्टार ने मार्च में फैबियो “द जायंट” हेनरिके और जुलाई में डिविजन के अनुभवी स्टार बोकांग “लिटल जायंट” मासूनयाने को हराकर रिकॉर्ड 13-1 कर लिया।
स्ट्रॉवेट डिविजन में बहुत कम फाइटर्स ली की जबरदस्त रफ्तार की बराबरी कर सकते हैं। 27 वर्षीय स्टार के नाम फिलहाल ONE में इस डिविजन के एक मुकाबले में सबसे ज्यादा 157 प्रभावशाली स्ट्राइक्स लगाने का रिकॉर्ड है। इसके अलावा एक राउंड में 78 प्रभावशाली स्ट्राइक्स के साथ वो दूसरे स्थान पर हैं।
दूसरी ओर, लालथाज़ुआला को अब तक अपने मुकाबलों में जजों के फैसले की जरूरत ही नहीं पड़ी है। 25 वर्षीय भारतीय स्टार ने मासाकी सुज़ुकी को नॉकआउट करने में सिर्फ 17 सेकंड लगाए थे। इसके बाद उन्होंने दूसरे राउंड में शानदार तरीके से जेक “वेनम” ब्रॉन को सबमिशन से हराया और फिर इसी साल जून में जॉन “द प्रोटेगनिस्ट” ब्रूटस को पहले ही राउंड में फिनिश कर मेन रोस्टर में अपनी जगह पक्की की।
Dojang MMA के प्रतिनिधि लालथाज़ुआला ने ONE में अपने मुकाबले औसतन चार मिनट से भी कम समय में खत्म किए हैं, जबकि ली लंबे और थकाऊ मुकाबलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। फाइट जितनी लंबी चलेगी, पलड़ा उतना ही “द फ्लैश” की ओर झुकेगा। लेकिन तब तक “द नॉर्थस्टार” जैसे ताकतवर पंच लगाने वाले फाइटर के खिलाफ हर एक स्ट्राइक का आदान-प्रदान बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
ली इस शानदार जीत के जरिए स्ट्रॉवेट डिविजन के टॉप फाइटर्स में अपनी जगह और मजबूत कर सकते हैं, जबकि लालथाज़ुआला के पास खुद को भारत के सबसे शानदार MMA प्रतिभाओं में से एक के रूप में स्थापित करने का बेहतरीन मौका होगा।
#2 नोंटाचाई Vs. फिलिपे लोबो
अपनी पहली भिड़ंत के छह महीने बाद नोंटाचाई जित्मुआंगनोन और फिलिपे “डिमोलिशन मैन” लोबो बेंटमवेट मॉय थाई के एक बेहद अहम रीमैच में आमने-सामने होंगे। दोनों फाइटर्स हालिया हार से उबरकर जीत की राह पर लौटने के लिए बेताब हैं।
मई में हुए पहले मुकाबले में थाई स्टार की लंबी रीच (पहुंच) और सटीक स्ट्राइक्स ने जीत-हार का अंतर पैदा किया था, लेकिन इस बार लोबो की जबरदस्त पंचिंग पावर मुकाबले का रुख बदलने वाला सबसे बड़ा फैक्टर साबिमत हो सकती है।
नोंटाचाई के लगातार आगे बढ़ने का सफर Road to ONE: Thailand से शुरू हुआ था, जहां उन्होंने लगातार चार जीत दर्ज कर 68 किलोग्राम टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद से Jitmuangnon Gym के इस शानदार फाइटर ने ग्लोबल स्टेज पर 6-2 का रिकॉर्ड बनाया है।
हालांकि, 27 वर्षीय स्टार की लगातार तीन जीत का सिलसिला The Inner Circle 31 में कियामरान नबाती के खिलाफ हार के साथ टूट गया था। लेकिन इससे उनका हौसला बिल्कुल नहीं डगमगाया और उन्होंने चोटिल काटसुकी किटानो की जगह मुकाबले में उतरने का फैसला किया। इससे साफ जाहिर होता है कि वो जल्द से जल्द पिछली हार को भुलाकर आगे बढ़ना चाहते हैं।

वहीं, लोबो ने साओ पाउलो की झुग्गी-बस्तियों से निकलकर यहां तक पहुंचने का लंबा सफर तय किया है। Revolution Muay Thai Phuket के प्रतिनिधि दो बार ONE वर्ल्ड टाइटल के लिए चुनौती पेश कर चुके हैं। यहां तक कि उन्होंने 2024 में हुए मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल मुकाबले में मौजूदा ONE बेंटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन जोनाथन “द जनरल” हैगर्टी को नॉकडाउन भी किया था।
हालांकि, 33 वर्षीय फाइटर को अपने पिछले तीन मुकाबलों में जजों के फैसले से हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन आंकड़ों में आई ये गिरावट उन्हें और भी खतरनाक बनाती है। अब जब उनके पास वापसी करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
ऐसे में एक बार फिर वही चुनौती सामने होगी, लेकिन इस बार कहानी में नया मोड़ आ सकता है। पिछली भिड़ंत में नोंटाचाई ने अपनी किक्स और दूरी नापने वाले जैब का भरपूर इस्तेमाल करते हुए “डिमोलिशन मैन” को खुद से दूर रखा था। हालांकि, ब्राजीलियाई स्टार आमतौर पर बाद के राउंड्स में ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं और एक छोटा सा मौका भी पिछली फाइट का नतीजा बदल सकता है। इसके साथ ही दोनों फाइटर्स की किस्मत भी बदल सकती है।
#3 कलंदर टाबारोव Vs. इलमादी इसराइलोव
कलंदर टाबारोव और इलमादी इसराइलोव कई समानताओं के साथ ONE में कदम रख रहे हैं। दोनों के प्रोफेशनल रिकॉर्ड बेदाग हैं और दोनों ने मुकाबलों को समय से पहले खत्म करने की अपनी काबिलियत साबित की है। बेंटमवेट MMA के इस मुकाबले में दोनों अपना प्रोमोशनल डेब्यू करेंगे, लेकिन बैंकॉक से सिर्फ एक ही स्टार अपना अपराजित रिकॉर्ड बरकरार रखते हुए लौट सकेगा।
कागज पर ये मुकाबला एक क्लासिक स्ट्राइकर बनाम ग्रैपलर की टक्कर नजर आता है। लेकिन गौर से देखें तो दोनों फाइटर्स की काबिलियत उनकी पारंपरिक पहचान से कहीं ज्यादा है।
ताजिकिस्तान के दुशांबे से आने वाले 27 वर्षीय टाबारोव के पास लाजवाब और अप्रत्याशित स्ट्राइकिंग तकनीकों का जबरदस्त जखीरा है। स्पिनिंग वील किक्स उनके पसंदीदा हथियारों में शामिल हैं। हालांकि, उनकी पिछली दो जीत सबमिशन से आई हैं। पांच प्रोफेशनल मुकाबलों में चार फिनिश दर्ज कर उन्होंने साबित कर दिया है कि फाइट चाहे जहां भी पहुंचे, वो उसे खत्म करने की क्षमता रखते हैं।
वहीं, इसराइलोव ने महज 23 साल की उम्र में 9-0 का शानदार अपराजित रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें उनकी छह जीत सबमिशन से आई हैं। Fight Club Akhmat के प्रतिनिधि का ग्रैपलिंग गेम विरोधियों को कैनवास पर गिराकर लगातार दबाव बनाने और टॉप कंट्रोल की स्थिति से सबमिशन के जरिए फिनिश तलाशने पर आधारित है।
कुल मिलाकर, इस मुकाबले में दोनों में से किसी भी फाइटर के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं होगी। स्ट्राइकिंग के दौरान टाबारोव का एक ही वार सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला शानदार पल बन सकता है। वहीं, ग्राउंड पर इसराइलोव एक छोटे से दाव-पेंच को भी मुकाबला खत्म करने वाले सबमिशन में बदल सकते हैं। ऐसे में फाइट का अंत किसी भी पल हो सकता है।