अकिफ गुलुज़ादा के बारे में
बहुत कम फाइटर्स ऐसे होते हैं, जो अकिफ “किंग” गुलुज़ादा जितने अनुभव के साथ ONE Championship में कदम रखते हैं।
अज़रबैजान के बाकू में जन्मे और पले-बढ़े इस किकबॉक्सर की परवरिश एक सहयोगी परिवार में हुई, जहां उनके पिता का सैन्य अनुशासन और उनकी मां का शिक्षा के प्रति समर्पण उनके व्यक्तित्व को आकार देने में अहम रहा। स्कूली शिक्षा के शुरुआती वर्षों में उन्होंने कुछ समय रूस के क्रास्नोयार्स्क में भी बिताया, जिससे उनकी परवरिश में एक नया आयाम जुड़ा। इसके बाद वो अपने देश लौट आए।
खेल हमेशा से उनके जीवन का अहम हिस्सा रहे हैं। गुलुज़ादा ने तीन साल की उम्र में तैराकी शुरू की और कुछ साल बाद कराटे की ओर रुख किया। इसके बाद पूर्व ONE फेदरवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन और अपने हमवतन स्ट्राइकर चिंगिज़ अलाज़ोव के प्रदर्शन से प्रभावित होकर उन्होंने किकबॉक्सिंग को अपनाया। अलाज़ोव आगे चलकर उनके ट्रेनिंग पार्टनर भी बने।
गुलुज़ादा ने अपनी युवावस्था में एमेच्योर और जूनियर स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते हुए 200 से अधिक मुकाबले लड़े। इसके बाद 2020 में उन्होंने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की। साल 2021 में उन्होंने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा, जब उन्हें अपने देश में ग्लोबल स्टार्स अवॉर्ड्स में यंग एथलीट ऑफ द ईयर चुना गया। ये उनके लिए गर्व का पल था, लेकिन इसके साथ ही उनसे उम्मीदें भी बढ़ गई थीं।
जुलाई 2024 में जब उन्होंने आखिरकार ONE Friday Fights में कदम रखा तो वो पूरी तरह तैयार थे। गुलुज़ादा ने प्रमोशन में अपने डेब्यू मुकाबले में शानदार दबदबा दिखाते हुए सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने लगातार दो नॉकआउट जीत दर्ज कर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया और ONE Championship के ग्लोबल रोस्टर में जगह बनाई।
उन्हें एक कोच ने “किंग” उपनाम भी दिया था। ये नाम उनके अहंकार को दर्शाने के लिए नहीं बल्कि रिंग के अंदर उनकी प्रभावशाली मौजूदगी को देखते हुए दिया गया था। जिस तरह वो मुकाबले की गति को नियंत्रित करते हैं, आगे बढ़कर दबाव बनाते हैं और विरोधियों को अपनी शर्तों पर फाइट करने के लिए मजबूर करते हैं, उसी अंदाज ने उन्हें ये उपनाम दिलाया। तब से उन्होंने इस नाम को पूरी सहजता के साथ अपनाया है।
अब गुलुज़ादा को अलाज़ोव का मार्गदर्शन मिल रहा है और वो मेहदी ज़टूट की देखरेख में ट्रेनिंग कर रहे हैं। ज़टूट वही कोच हैं, जिन्होंने नबील अनाने और असादुला इमानगज़ालिएव को ONE वर्ल्ड टाइटल जीतने में मदद की थी। ऐसे में गुलुज़ादा आज बिल्कुल सही जगह पर हैं। किंग अपने मौके का इंतजार नहीं करते, बल्कि खुद अपने मौके बनाते हैं।
ONE Championship रिकॉर्ड्स
इवेंट के रिजल्ट्स
| रिजल्ट | खेल | तरीका | राउंड | तरीका और राउंड | प्रतिद्वंद्वी | प्रतिद्वंद्वी और इवेंट | देश | तारीख | इवेंट | |||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
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हार
किकबॉक्सिंग
सर्वसम्मत निर्णय
UD
राउंड 3 (3:00)
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किकबॉक्सिंग |
सर्वसम्मत निर्णय
राउंड 3 (3:00)
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राउंड 3 (3:00) |
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जोहान एस्टुपिननकोलम्बिया
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कोलम्बिया |
ONE Fight Night 44: Jarvis vs. Rungrawee II |
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जीत
मॉय थाई
सर्वसम्मत निर्णय
UD
राउंड 3 (3:00)
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मॉय थाई |
सर्वसम्मत निर्णय
राउंड 3 (3:00)
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राउंड 3 (3:00) |
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जाओसुयाई मोर क्रुंगथेपथोंगबुरीथाईलैंड
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थाईलैंड |
ONE Fight Night 36: Prajanchai vs. Di Bella II |
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जीत
मॉय थाई
सर्वसम्मत निर्णय
UD
राउंड 3 (3:00)
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मॉय थाई |
सर्वसम्मत निर्णय
राउंड 3 (3:00)
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राउंड 3 (3:00) |
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शॉन क्लिमेकोफिलीपींस / संयुक्त राज्य अमेरिका
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फिलीपींस / संयुक्त राज्य अमेरिका |
ONE Fight Night 31: Kongthoranee vs. Nong-O II |
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जीत
मॉय थाई
नॉकआउट (KO)
KO
राउंड 2 (1:17)
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मॉय थाई |
नॉकआउट (KO)
राउंड 2 (1:17)
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राउंड 2 (1:17) |
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पुएंगलुआंग बानराम्बाथाईलैंड
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थाईलैंड |
ONE Friday Fights 94 |
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जीत
मॉय थाई
तकनीकी नॉकआउट (TKO)
TKO
राउंड 1 (2:41)
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मॉय थाई |
तकनीकी नॉकआउट (TKO)
राउंड 1 (2:41)
|
राउंड 1 (2:41) |
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सामिंगडम लुकसुआनथाईलैंड
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थाईलैंड |
ONE Friday Fights 85 |
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जीत
किकबॉक्सिंग
सर्वसम्मत निर्णय
UD
राउंड 3 (3:00)
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किकबॉक्सिंग |
सर्वसम्मत निर्णय
राउंड 3 (3:00)
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राउंड 3 (3:00) |
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हरुटो यसुमोटोजापान
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जापान |
ONE Friday Fights 72 |
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