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Throwback Thursday: एक बेल्ट जिसने किआनू सूबा का जीवन बदल दिया

किआनू सूबा ने एमेच्योर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में कामयाबी हासिल की और फिर मलेशिया के सबसे उभरते हुए स्टार बनने का सफर खास रहा है।

सात साल पहले Monarchy MMA के प्रतिनिधि ने MIMMA फेदरवेट टाइटल जीतकर कामयाबी पाई और इस भार वर्ग में देश के सबसे अच्छे एथलीट के रूप में खुद को स्थापित किया।

उन्होंने कहा, “वो मलेशिया के सबसे पहले टूर्नामेंट्स में से एक था और हर एक प्रदेश के लोगों ने हिस्सा लेने का प्रयास किया था।”

“उस समय प्रतियोगिता का स्तर आज जितना कठिन नहीं था लेकिन मेरे डिविज़न में लोगों के पास अलग-अलग स्टाइल का अनुभव था। ये काफी शानदार था। मैंने फाइनल में जाने के लिए 4 मैच पहले राउंड में फिनिश किए।”

Posted by Keanu Subba on Monday, October 5, 2015

ट्राइआउट के बाद सूबा ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदियों को लैडर मैच, क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में हराकर 15 जून 2013 को हुए MIMMA के ग्रैंड फाइन में जगह बनाई।

फाइनल में उनका सामना मुहम्मद इकराम से हुआ, जो फेदरवेट प्रतियोगिता में अपने सारे प्रतिद्वंदी पर भारी पड़े थे। सूबा को अपनी तैयारी पर भरोसा था और वो उस समय अपने सबसे बड़े मैच में हिस्सा लेने के लिए उत्साहित थे।

उन्होंने बताया, “मैं [MIMMA ग्रैंड फाइनल] के लिए काफी उत्साहित था क्योंकि वो मेरी सबसे पहली बेल्ट हो सकती थी और अगर आप वो बेल्ट जीत जाते तो आप मलेशिया के सबसे अच्छे स्टार बन जाते। उस समय ये काफी बड़ी चीज़ थी।”

“उत्साह फाइट का हमेशा अहम हिस्सा रहा है लेकिन उस रात मुझे शांति का अनुभव मिल रहा था। मैं मानता हूँ कि ये मेरा विश्वास था और उस समय हमारी टीम दूसरों के मुकाबले काफी कठोर ट्रेनिंग कर रही थी। मैं जानता था कि मेरे प्रतिद्वंदी ने मेरे जितनी तैयारी नहीं की होगी।

“मेरे कॉर्नर में [पूर्व ONE Championship एथलीट] एडम कयूम और रोजर हुएर्ता थे और ये काफी बढ़िया था। उन्होंने इससे पहले बड़े शोज़ में हिस्सा लिया था और उन्होंने मेरा काफी उत्साह बढ़ाया।”



बैल बजते ही सूबा ने इकराम पर दबाव बनाने में समय नहीं गंवाया। उन्होंने मुकाबले में 60 सेकंड्स के अंदर पहले राउंड में ही TKO (तकनीकी नॉकआउट) की मदद से जीत हासिल की।

उन्होंने बताया, “मुझे प्लान याद नहीं है, शायद वो प्लान उन्हें धराशाई करने का था। इसके बावजूद भी मुझे नॉकआउट मिला।”

“मैंने उन पर दाएं हाथ से वार किया जो उन्हें बुरी तरह लगा और फिर मैंने फिनिश करने का प्रयास किया। उन्हें इस तरह से रोकने के बाद मुझे काफी अच्छा महसूस हुआ क्योंकि मैं प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाला सबसे जवान लड़का था। मैं सिर्फ 17 साल का था और ये काफी अच्छा पल था।”

शानदार सफलता मिलने और मलेशिया के सबसे अच्छे फेदरवेट बनने के बाद भी सूबा जानते थे कि उन्हें और सुधार की जरूरत है।

उन्होंने अपनी जीत और टाइटल बेल्ट को अपनी स्किल्स सुधारने के लिए अवसर माना।

Posted by Keanu Subba on Monday, October 5, 2015

उन्होंने बताया, “जीत के बाद मैंने सेलेब्रेट नहीं किया। मैं अगले स्तर पर जाना चाहता था और एक प्रोफेशनल बनना चाहता था। मुझे महसूस हुआ कि मुझे और बेहतर बनना होगा।”

“टूर्नामेंट जीतने के ठीक बाद ऊंचे स्तर के लोगों के साथ Tiger Muay Thai में ट्रेनिंग करने के लिए गया।

“मैं मलेशिया में छोटे तालाब में बड़ी मछली की तरह था और मुझे ये पसंद नहीं था। मैं चाहता था कि मुझे बेहतर लोगों से हार मिले और मैं सुधार कर पाऊं और यही मैंने 6 महीनों के लिए किया।”

सूबा के अहंकार रहित स्वभाव ने उन्हें लंबे समय तक सुधार करने में मदद की।

उन्होंने एक साल बाद अपने MIMMA फेदरवेट टाइटल को डिफेंड किया और फिर पहले राउंड में TKO से जीत दर्ज की और उन्हें फिर ONE Championship का हिस्सा बनने का मौका मिला।

 

Throw back to winning the first MIMMA featherweight belt with my bro and first MMA and wrestling coach Matthew…

Posted by Keanu Subba on Thursday, February 16, 2017

उसके बाद से सूबा ने ग्लोबल स्टेज पर 6 मुकाबले पहले राउंड में स्टॉपेज की मदद से जीते और सिर्फ 25 साल की उम्र में ही वो मलेशिया के मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स इतिहास के सबसे अच्छे स्टार बने।

वो मानते हैं कि MIMMA फेदरवेट चैंपियनशिप जीत ने उन्हें सफलता की राह प्रदान की और सबक सिखाया कि उन्हें अगले स्तर पर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए सीखना होगा।

उन्होंने बताया, “वो प्रतियोगिता काफी अच्छी चीज़ रही और इसने मुझे बेहतर बनने में मदद की। मैंने अच्छी ट्रेनिंग का महत्व सीखा।”

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