टकेरु ने ONE SAMURAI 1 में रिटायरमेंट, बदले और जापानी मार्शल आर्ट्स के नए युग पर बात की – ‘ये मेरे लिए सिर्फ एक और मुकाबला नहीं’
टकेरु “नेचुरल बोर्न क्रशर” सेगावा वर्ल्ड टाइटल जीतकर, पुराना हिसाब बराबर कर और देश की मार्शल आर्ट्स विरासत को आगे बढ़ाते हुए अपने करियर पर विराम लगाना चाहते हैं।
जापानी मेगास्टार का सामना बुधवार, 29 अप्रैल को टोक्यो के एरियाके एरीना से लाइव प्रसारित होने वाले ONE SAMURAI 1 में ONE अंतरिम फ्लाइवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए रोडटंग “द आयरन मैन” जित्मुआंगनोन से होगा।
तीन डिविजन के पूर्व K-1 चैंपियन का मानना है कि जापान के भीतर मार्शल आर्ट्स के नए युग की शुरुआत बहुत अहम कदम है।
इस महीने के अंत से ONE Championship नई मासिक इवेंट सीरीज की शुरुआत कर रहा है। ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा, जिसमें घरेलू स्टार्स को आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे।
उन्होंने onefc.com को बताया:
“अभी मैं देख रहा हूं कि कई फाइटर्स ONE SAMURAI में हिस्सा लेना चाहते हैं। मैं चाहता हूं कि ये इवेंट ऐसा ही बड़ा और खास बने। मेरी यही उम्मीद है कि ये सबसे बेहतरीन इवेंट बने।
“जैसे पहले के समय में K-1 बहुत पॉपुलर हुआ था, वैसे ही मैं चाहता हूं कि ONE SAMURAI भी ऐसा मंच बने, जहां अलग-अलग संगठन के फाइटर्स आकर मुकाबला करें और ये तय हो कि सबसे ताकतवर कौन है।”
पहले टकेरु ने कराटे और फिर किकबॉक्सिंग के जरिए अपने देश का सालों तक प्रतिनिधित्व किया। किकबॉक्सिंग में तो उन्होंने तीन भार वर्गों में मुकाबला कर बड़े कारनामे किए।
अगली फाइट में जीतना उनके लिए सिर्फ जीत के कहीं बढ़कर है।
टकेरु ने बताया:
“मैं खुद कराटे बैकग्राउंड से आता हूं, जो एक अलग मार्शल आर्ट है। इसलिए इस अहम फाइट को जीतना मेरे लिए खास होगा। मैं दुनिया को जापान की बुशिडो भावना दिखाना चाहता हूं और जीत हासिल करना चाहता हूं।
“जापान मार्शल आर्ट्स का देश है, जहां कराटे, जूडो और कई अन्य मार्शल आर्ट्स की शुरुआत हुई।”
29 अप्रैल का मैच पिछले दो दशकों से चली आ रही उनकी मार्शल आर्ट्स विरासत का अंतिम अध्याय है।
Team Vasileus के स्टार खेल के सबसे बड़े खिताब को पाने के बेहद करीब हैं और उनका मुकाबला कड़े प्रतिद्वंदी से अपनी घरेलू जमीन पर हो रहा है।
उन्होंने कहा:
“मेरा मानना है कि ये फाइट एक फाइटर के तौर पर मेरे सफर का सबूत बनेगी। मैं इस रिटायरमेंट फाइट को अपने पूरे करियर का निचोड़ मानता हूं। ये मेरे लिए सिर्फ एक और मुकाबला नहीं है।
“ये जीत मेरे लिए बेहद खास होगी क्योंकि ये वही फाइट है जिसमें मैं ONE Championship की बेल्ट जीत सकता हूं। रिटायर होने से पहले उस प्रतिद्वंदी को हरा सकता हूं, जिससे मैं हमेशा सबसे ज्यादा फाइट करना चाहता था।”
टकेरु के लिए अंतिम मिशन
टकेरु का ध्यान अगला सिर्फ अगले हफ्ते होने वाले अहम मुकाबले पर ही नहीं है बल्कि वो बहुत आगे की सोच रहे हैं।
वो सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि अपने देश और खेल को भविष्य को लेकर भी आश्वस्त लग रहे हैं और जापानी मेगास्टार चाहते हैं कि ये खेल आगे तरक्की करता रहे।
34 वर्षीय दिग्गज ने बताया:
“मेरी रिटायरमेंट के बाद भी मैं चाहता हूं कि मार्शल आर्ट्स का खेल उतना ही लोकप्रिय और जीवंत बना रहे। अगर मेरे जाने के बाद ये कमज़ोर पड़ता है तो मुझे दुख होगा। इसलिए मैं अपनी तरफ से हर संभव कोशिश करना चाहता हूं ताकि जापान में कॉम्बैट स्पोर्ट्स आगे भी फलते-फूलते रहें।
“मैं चाहता हूं कि मार्शल आर्ट्स इंडस्ट्री को ऐसे फाइटर्स आगे बढ़ाएं, जो सच में इस खेल की परवाह करते हों। सिर्फ खुद के बारे में सोचने वाले नहीं, भले ही इस खेल में ऐसा होना कुछ हद तक स्वाभाविक ही क्यों न हो।”
टकेरु को अपने करियर के अंतिम मुकाबले में उस शख्स से पार पाना होगा, जिन्होंने उन्हें पिछली बार मात्र 80 सेकंड में नॉकआउट कर दिया था।
उसके बाद से उन्होंने जमकर ट्रेनिंग में पसीना बहाया है ताकि वो अपने खेल में मनचाहे सुधार कर खुद को पहले से कहीं ज्यादा बेहतर कर सकें।
अंत में कहा:
“पहली फाइट से मैंने जो सबसे बड़ा सबक सीखा, वो ये है कि कंडीशनिंग बेहद जरूरी है। पहले मैं खुद को तैयारी के दौरान किस हद तक धकेल सकता हूं, यही सबसे मायने रखता था क्योंकि मैं इसी तरीके से जीतता आया हूं, यही मेरा रास्ता था।
“लेकिन उम्र के साथ मेरी ट्रेनिंग का रवैया बदल गया है। अब मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान देता हूं कि मैं रिंग में अपनी सबसे बेहतरीन कंडीशन में उतरूं।”