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Throwback Thursday: रीस मैकलेरन का BJJ ब्लैक बेल्ट के लिए प्रोमोशन

रीस “लाइटनिंग” मैकलेरन ने अपनी शानदार ब्राजीलियन जिउ-जित्सु स्किल्स की मदद से ONE Championship के सबसे अच्छे सबमिशन स्पेशलिस्ट में से एक बनकर नाम कमाया है।

गोल्ड कोस्ट के निवासी ने ग्लोबल स्टेज पर मिली 6 जीत में से 4 जीत सबमिशन से दर्ज की है और अपने पूरे करियर की 13 जीत में से 8 बड़ी जीत सबमिशन से आई हैं।

उन्होंने इस चीज़ को घंटों मेहनत करके सीखा और सितंबर 2016 में उन्हें अपने कोच विंसेंट और जोई पैरी की ओर से BJJ ब्लैक बेल्ट मिली।

ये पल काफी खास था क्योंकि इस खेल के दिग्गज रीगन माचाडो (मशाडो BJJ के हेड कोच) उस समय उपस्थित थे।



मैकलेरन ने कहा, “मैंने नहीं सोचा था कि उस दिन मुझे ब्लैक बेल्ट मिलेगी।”

“हमें क्वीन्सलैंड में रीगन माचाडो के सेमिनार में जाना था और मैंने सोचा था कि ये सीखने का एक अच्छा मौका होगा।”

“मैंने कुछ सालों पहले उनके साथ एक सेमिनार किया था और गीलोंग में उनकी एक क्लास में ट्रेनिंग भी ली थी और वो शानदार अनुभव था इसलिए मैं फिर उनसे ट्रेनिंग लेने का मौका छोड़ना नहीं चाहता था।”

मैकलेरन ने कुछ घंटे ब्राजीलियन दिग्गज से सीखा और फिर सेमिनार के अंत में वो अपने ब्लैक बेल्ट प्रोमोशन को देखकर चौंक गए।

वो ऑस्ट्रेलियाई स्टार के लिए अविस्मरणीय पल था लेकिन उन्हें याद है कि किस तरह समय ने उनके लिए अपने-आप एक अच्छी कहानी तैयार की।

वो ONE: AGE OF DOMINATION में ONE बेंटमवेट वर्ल्ड चैंपियन और BJJ के सबसे बड़े स्टार्स में से एक बिबियानो “द फ़्लैश” फर्नांडीस का टाइटल के लिए सामना करने वाले थे और अब वो अपने प्रतिद्वंदी की तरह “द जेंटल आर्ट” में ब्लैक बेल्ट हासिल कर चुके थे।

28 वर्षीय ने बताया, “मेरे कोच को लगा कि मुझे बेल्ट हासिल पहले ही कर लेनी चाहिए थी।”

“हम बिबियानो के खिलाफ फाइट करने की तैयारी कर रहे थे इसलिए मैं मानता हूँ कि उन्होंने मुझे उस दिन ब्लैक बेल्ट दी ताकि मैं दुनिया को संदेश दे पाऊं कि एक ब्राउन बेल्ट और ब्लैक बेल्ट एथलीट के बीच मुकाबला नहीं होने वाला है बल्कि ये ब्लैक बेल्ट बनाम ब्लैक बेल्ट होगा।”

रैंक हासिल करने के लिए BJJ दुनिया का सबसे कठिन मार्शल आर्ट्स है और बहुत कम लोगों इसमें सफल रहे हैं इसलिए “लाइटनिंग” इस ग्रुप का हिस्सा बनने पर खुश थे।

उन्होंने बताया, “काफी अलग महसूस होता है जब वो बेल्ट आपको कमर पर पहनाई जाती है। मेरे लिए ये एक क्वालिटी चैक की तरह था।”

वाइट से ब्लैक बेल्ट तक आने में उन्हें 6 साल का सफर करना पड़ा जो अन्य लोगों से जल्दी था। इसके बावजूद “लाइटनिंग” ने फुल-टाइम एथलीट बनने और अपनी रुचि को पूरा करने के लिए काफी त्याग किए हैं और उन्हें कठोर परिश्रम का फल मिला।

काफी मेहनत करने के बाद उस चोटी पर पहुंचने पर भी मैकलेरन ने इसे अंत नहीं माना। उन्होंने इसे उलट तरीके से देखा और मार्शल आर्टिस्ट के रूप में नई शुरुआत की तरह माना।

उन्होंने बताया, “ईमानदारी से बताऊं तो ब्लैक बेल्ट कुछ नहीं है। ये सफर का एक हिस्सा लेकिन अब ये अंतिम चीज़ नहीं है। ये असल में एक शुरुआत है।”

“जॉन विल (Will/Machado BJJ Australasia के ऑपरेशनल हेड) ने कहा था कि जब उन्हें ब्लैक बेल्ट मिली थी तो रीगन ने उन्हें एक ओर बुलाया और कहा, ‘ठीक है, अब मैं तुम्हें जिउ-जित्सु सिखा सकता हूँ।'”

अभी भी मैकलेरन खेल में शुरुआती दिनों से अलग ब्लैक बेल्ट को जीवन का एक अलग हिस्सा मानते हैं लेकिन वो धीरे-धीरे सुधार करने की अपनी बात पर खरे उतरे।

Reece McLaren looks at the referee with his mouthguard showing

ये ऑस्ट्रेलियाई सब कुछ नहीं जानता है और न कभी जान पाएगा लेकिन उन्होंने ग्रैपलिंग की कला को सही तरह से सीखने की क्षमता को हासिल किया है। इस वजह से वो लगातार अलग-अलग चीज़ों को अपने शस्त्रागार में जोड़ रहे हैं।

इस चीज़ से जब भी “लाइटनिंग” सर्कल में सुधार के साथ आते हैं तो वो ONE Championship के फ्लाइवेट डिविजन के लिए बड़ा खतरा साबित होते हैं।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए ये कंप्यूटर सिस्टम की तरह है और अब मैं प्रोग्राम देख सकता हूँ, साथ ही देख सकता हूँ कि ये क्या है और उसे जल्द ही पूरा करने में सक्षम रहता हूँ।”

“ये काफी ज्यादा अजीब रहता है और मैं घमंडी साबित नहीं होना चाहता लेकिन मुझे याद है जब मैं वाइट बेल्ट था और मैं तकनीक देखता था तो फिर उसे याद रखने के लिए उसका अभ्यास करता था।”

“अब लगता है कि मैं ये देख सकता हूँ और मैं आसानी से आगे जा सकता हूँ और किसी के खिलाफ भी प्रयास कर सकता हूँ। जरूरी नहीं है कि उनकी रैंक क्या है!”

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