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ऋतु फोगाट का रेसलिंग फीनोम से ONE सुपरस्टार बनने तक का सफर

नवम्बर 11, 2019

भारतीय रेसलिंग सुपरस्टार ऋतु फोगाट शनिवार, 16 नवंबर को ONE Championship में अपना डेब्यू करने जा रही हैं और पूरे भारतीय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स समुदाय की नजरें उनपर होंगी।

ऋतु “द इंडियन टाइग्रेस” फोगाट ONE: AGE OF DRAGONS में पहली बार सर्कल में उतरेंगी। उनका सामना दक्षिण कोरिया की “कैप्टन मार्वल” नाम ही किम के खिलाफ होगा।

25 वर्षीय भारतीय सनसनी रेसलिंग में कामयाबी हासिल करने की वजह से देश में पहले से ही एक बड़ी स्टार हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस नए खेल में अच्छा करते हुए ग्लोबल स्टेज पर देश की पहली विमेंस वर्ल्ड चैंपियन बनेंगी।

चीन के बीजिंग में केज में उतरने और The Home Of Martial Arts में एक नया अध्याय लिखने के लिए उतरने से पहले खुलासा किया कि रेसलरों के परिवार का हिस्सा होने के कारण उन्होंने दुनिया में कैसे अपना नाम बनाया।

रेसलिंग घराने से संबंध

ऋतु हरियाणा के बलाली की रहने वाली हैं और रेसलर व ओलंपिक कोच महावीर सिंह फोगाट की तीसरी बेटी हैं। उनकी सभी बेटियों को पिता ने ही रेसलिंग की शुरुआत करवाई। ऋतु ने 8 साल की उम्र में ट्रेनिंग शुरु की।

उस समय महिलाओं के रेसलिंग करने को लेकर परिवार को समाज से काफी बुरा-भला सुनने को मिला। लेकिन वो बताती हैं कि अपनी बड़ी बहनों गीता, बबीता की कामयाबी की वजह से उन्हें इस तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा।

उन्होंने बताया, “मेरे लिए शुरू से ही स्पष्ट था कि मुझे कुश्ती में आगे बढ़ना है। ईमानदारी से कहूं तो लोगों और समाज ने जो कुछ भी कहा या बात की, वो मेरे समय से पहले थी। मेरे पिता और बहनों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। सौभाग्य से, मैं उन चीजों का सामना करने से बच गई।”

गीता और बबीता 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीतकर नेशनल हीरो बन गई थीं। इसलिए जब ऋतु ने दसवीं कक्षा के बाद रेसलिंग में पूरी तरह ध्यान लगाने के लिए स्कूल छोड़ा तो उनपर पहले से बहनों की कामयाबी को दोहराने का दबाव था।

बेहतरीन टैलेंट

कुछ ही सालों में फोगाट को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी बहनों जैसी कामयाबी को दोहराने का मौका मिला। कामयाबी के बाद भी ऋतु ने बताया कि बहनों द्वारा सेट किए गए स्टैंडर्ट के बराबर आने का दबाव जरूर था।

उन्होंने कहा, “उन्होंने मुझे उस स्तर पर जाने और प्रदर्शन करने के लिए एक मंच दिया था। ये सही है कि मैं उनकी छोटी बहन थी और लोगों को मुझसे बहुत उम्मीद थी, लेकिन मैंने हमेशा मैच के दौरान इस तरह के दबाव को भूलने और 100 प्रतिशत देने की कोशिश की।”

अपने कंधों पर उम्मीदों का भार होने के बावजूद उन्होंने अच्छा प्रदर्शन कर दो नेशनल चैंपियनशिप जीतीं। उन्होंने उसके बाद अच्छा प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर में हुई 2016 कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीता।

हालांकि, वो अगले साल पोलैंड के ब्योडगोस्चेज में हुई अंडर 23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में किए गए अपने प्रदर्शन पर सबसे ज्यादा गर्व करती हैं।

उन्होंने कहा, “मैं अंडर 23 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल जीतने को अपनी सर्वोच्च उपलब्धि मानती हूं। मैंने देश के लिए प्रतिष्ठित इवेंट में रजत पदक जीता। फाइनल मुकाबला काफी क्लोज़ रहा, जिसमें 4-4 का स्कोर था, लेकिन मेरी प्रतिद्वंदी ने आखिरी पॉइंट लेकर गोल्ड मेडल जीता।

“वो एक ऐसा मैच था जिसे मैं जीत सकती थी। मुझे खुशी है कि भारत से मेरे साथ प्रतिस्पर्धा करने वाली कई लड़कियां थीं, लेकिन केवल मैं अपने देश के लिए पदक अर्जित करने में सफल रही।”

एक नया अध्याय

अपने कुश्ती करियर के दौरान फोगाट मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की फैन बन गईं। उनकी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के प्रति रूचि दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही चली गई।

उन्होंने कहा, “मैं हमेशा कुछ अलग करना चाहती थी। मुझे अक्सर आश्चर्य होता था कि इस खेल में कोई भारतीय वर्ल्ड चैंपियन क्यों नहीं है और वास्तव में मुझे इसी ने आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।”

हालांकि, किसी भी अच्छे जिम के बिना मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की तैयारी नहीं की जा सकती है। ऐसे में नए खेल में आने का उनका सपना तब तक कमजोर रहा, जब तक कि उन्हें सिंगापुर में इवॉल्व के साथ ट्रेनिंग करने का प्रस्ताव नहीं मिला।

ये सही मौका था, लेकिन इसका मतलब था 2,500 मील दूर जाना और वो सब कुछ छोड़ देना जो वो जानती थीं। “द इंडियन टाइग्रेस” निश्चित नहीं थी कि उनका परिवार क्या कहेगा, लेकिन जब उन्होंने अपनी योजनाओं का खुलासा किया, तो परिवार ने पूरा समर्थन किया।

वो कहती हैं, “यदि परिवार का पूरा समर्थन नहीं मिलता तो आज यहां नहीं होती। मैंने वास्तव में अपने पिता से कहने से पहले अपनी बहनों से बात की थी। वो चाहती थीं कि मैं कुछ ऐसा करूं, जिसमें मेरी रुचि हो। और मुझे कहा कि तुम मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में करियर बनाना चाहती हो, तो इसे पूरी दृढ़ता और ध्यान के साथ करना होगा।”

“मेरी बहनों ने मेरे पिता से बात की – मैंने उनसे सीधे बात नहीं की और उन्होंने भी मेरा पूरा समर्थन किया और मुझे भारत को गौरवान्वित करने के लिए कहा। ‘जो भी खेल है, उसमें पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। ‘यही उनका संदेश था।”

भविष्य

फोगाट ने फरवरी में “द लायन सिटी” में अपने आगमन की घोषणा की और तुरंत स्ट्राइकिंग, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु सीखने के काम में लग गईं, ताकि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में कामयाब बन सकें।

एक नए माहौल में एडजस्ट करना और अलग तरह की ट्रेनिंग का रुटिन मुश्किल रहा लेकिन अपने पिता की बातों से प्रेरित होकर, वो अपने नए प्रयास में सफल होने के लिए दृढ़ थीं।

उन्होंने कहा, “मेरे पिता हमेशा कहते हैं कि आप जो भी करते हैं, पूरे समर्पण के साथ करें। उनके आदर्श वाक्य दूरदर्शिता, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प हमेशा उनके साथ रहे हैं। मैंने सिर्फ उनकी सलाह को सुनने और इसका सबसे अच्छा उपयोग करने की कोशिश की है।”

अब, आठ महीने की कड़ी तैयारी के बाद, वो मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। वो अपने टैलेंट को बीजिंग के कैडिलैक एरिना में दुनिया के सबसे बेस्ट मार्शल आर्ट्स ऑर्गेनाइजेशन में दिखाएंगी।

हालांकि फोगाट की मानना है कि इसमें लंबा समय लगेगा और कड़ी मेहनत भी होगी, उनका सपना काफी बड़ा है।

उन्होंने कहा, “मैं वन चैम्पियनशिप वर्ल्ड टाइटल बेल्ट जीतना चाहूंगी। यही मेरा एकमात्र उद्देश्य है। मैं मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला बनना चाहूंगी।”

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बीजिंग | 16 नवंबर | AGE OF DRAGONS | टीवी: वैश्विक प्रसारण के लिए स्थानीय लिस्टिंग की जाँच करें।

ONE: AGE OF DRAGONS का प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स सिलेक्ट 2 पर शनिवार 16 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे IST पर शुरू होगा। मुख्य कार्ड की प्रमुख विशेषता होगी ऋतु फोगाट का ONE डेब्यू, जो 4:00 बजे IST से शुरू होगा।