जेनेट टॉड को मॉय थाई में कैसे मिली इतनी सफलता

Janet Todd DC 3921

जब जेनेट “JT” टॉड ने मॉय थाई की ट्रेनिंग लेनी शुरू की थी, तभी से उनका मार्शल आर्ट्स के प्रति लगाव बढ़ने लगा था। लेकिन वर्ल्ड स्टेज पर आने और वहाँ सफल होने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत और कई त्याग भी करने पड़े हैं।

जापानी-अमेरिकी एथलीट के लिए अमेरिका में बहुत कम अवसर थे लेकिन उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता तब रंग लाई, जब उन्होंने ONE Super Series को जॉइन किया। यहाँ आते ही उन्हें टॉप कंटेंडर्स के साथ मैच मिलने शुरू हो गए।

इस शुक्रवार, 28 फरवरी को ONE: KING OF THE JUNGLE में स्टैम्प फेयरटेक्स के साथ ONE एटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड टाइटल मुकाबले से पहले टॉड ने बताया कि वो मार्शल आर्ट्स में कैसे आई थीं और कैसे अपने सपने की ओर आगे बढ़ना चाहती हैं।

जिम्नास्टिक्स से हुई थी शुरुआत

ONE Super Series atomweight Janet Todd

टॉड का जन्म हरमोसा बीच, कैलिफ़ोर्निया में हुआ था और वो पली-बढ़ी भी वहीं हैं। उनके पिता मूरल आर्टिस्ट (दीवार पर कलाकारी करने वाले) थे और उनकी माँ, जो जापान से आकर अमेरिका में बसी थीं, वो योग शिक्षा देती आई हैं।

वैसे तो “JT” अमेरिका में पली-बढ़ी हैं लेकिन उनकी मातृभाषा जापानी रही है। बड़ी होने के साथ वो अंग्रेजी में भी अच्छी होती गईं।

मॉय थाई स्टार ने हंसते हुए कहा, “जब मैं अपने बचपन की वीडियो देखती हूँ तो जापानी अंदाज में अंग्रेजी बोला करती थी।”

“मेरी माँ घर पर रहकर हमें जापानी भाषा सिखाया करती थीं और हमें पियानो प्रैक्टिस या जिम्नास्टिक्स के लिए बाहर ले जाया करती थीं और मेरी बहन को सॉकर सिखाने।”

अपने बचपन से ही टॉड एक नेचुरल एथलीट रही हैं लेकिन उस समय उन्हें मार्शल आर्ट्स में कोई दिलचस्पी नहीं थी। लेकिन वो जिम्नास्टिक्स इवेंट्स में जरूर हिस्सा लिया करती थीं।

जैसे ही वो किशोरावस्था में दाखिल हुईं, उन्हें एहसास हुआ कि इस खेल को उनकी उम्मीद से ज्यादा समय और ध्यान चाहिए होता है।

उन्होंने कहा, “ये एक व्यक्ति के जीवन को काफी हद तक बेहतर बना देता है। मुझे सामाजिक जीवन चाहिए था इसलिए मिडल स्कूल में मैंने जिम्नास्टिक्स को छोड़ दिया और उसकी जगह चीयरलीडिंग करनी शुरू कर दी।”

कार्डियो किकबॉक्सिंग से मॉय थाई तक का सफर

हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद टॉड ने चीयरलीडिंग करनी भी बंद कर दी और पूरा फ़ोकस कॉलेज की पढ़ाई पर लगा दिया।

उन्होंने California Polytechnic State University से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री हासिल की है।

वो पढ़ाई को ज्यादा तवज्जो देना चाहती थीं लेकिन अच्छी शेप में भी रहना चाहती थीं और इसी कारण उन्होंने शारीरिक एक्सरसाइज़ के लिए कार्डियो किकबॉक्सिंग शुरू की जिससे उन्हें एक्टिव रहने में मदद मिलती थी और पढ़ाई करने में भी।

जब टॉड ने कॉलेज के सीनियर ईयर में प्रवेश किया, उनके बॉयफ्रेंड ने उन्हें मॉय थाई के बारे में बताया और तुरंत उन्हें मार्शल आर्ट्स से लगाव हो गया था।

उन्होंने बताया, “उस समय वो मेरे बॉयफ्रेंड थे लेकिन आज वो मेरे पति बन चुके हैं। उन्होंने मुझे सेंट्रल कोस्ट एरिया में स्थित एक मॉय थाई जिम के बारे में बताया।”

“ये ऐसा पल था कि मुझे इससे पहली ही नजर में प्यार हो गया था। नए मूव्स सीखने में मुझे बहुत मजा आ रहा था क्योंकि मैं मार्शल आर्ट्स बैकग्राउंड से नहीं आती हूँ। इसलिए किक लगाना सीखना अपने आप में एक सुखद एहसास रहा और शुरुआत में मेरी किक्स बहुत बेकार हुआ करती थीं।

“नए मूव्स सीखना और फिर लगातार ट्रेनिंग कर उन्हें परफेक्ट तरीके से लगाना, ये सब करने में मुझे बहुत मजा आ रहा था।”

मौके पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा

Janet Todd defeats Ekaterina Vandaryeva at ONE CENTURY

मॉय थाई से लगाव तो हो गया था लेकिन उन्हें आगे बढ़ने के मौके नहीं मिल पा रहे थे।

इतने लंबे समय तक ट्रेनिंग के बाद आखिरकार एक एमेच्योर लेवल की बाउट के दौरान उन्हें अपनी ट्रेनिंग पार्टनर के साथ कॉर्नर में मौजूद रहने का मौका मिला और इसी कारण उन्हें अपने करियर में आगे बढ़ने की लालसा भी होने लगी थी।

अमेरिकी स्टार ने कहा, “मुझे उनकी फाइट देखने को मिली और एहसास हुआ कि उनके द्वारा जिम में की गई कड़ी मेहनत रंग लाई है।”

“उन्होंने कुछ शानदार नी स्ट्राइक्स लगाते हुए अपनी प्रतिद्वंदी पर TKO से जीत दर्ज की थी। इसे देखकर मेरे अंदर भी ऐसा करने की इच्छा जागृत हुई। एक तरह से उन्हें देखकर मुझे प्रेरणा मिली कि मैं भी इसी तरह का प्रदर्शन करना चाहती हूँ।”

उसके बाद “JT” का भी एमेच्योर लेवल पर मैच हुआ और उसमें वो जीत हासिल कर ही रिंग से बाहर आईं।

उसके बाद काफी समय तक वो रिंग में नहीं उतरीं, उसी समय उन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की थी और उन्हें नए करियर पर भी ध्यान देना था। एक तरफ वो लगातार ट्रेनिंग कर रही थीं लेकिन मॉय थाई में आगे बढ़ने के उनके सपने पर एक रोक सी लग चुकी थी।

4 साल बाद टॉड को अपने बिजी शेड्यूल से एक ब्रेक मिला और उन्होंने उस स्पोर्ट में वापसी की जिससे वो प्यार करती आई हैं। इस बार वो पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहती थीं।

टॉड जितना हो सकता था उतना व्यस्त रहने की कोशिश कर रही थीं लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें एक बहुत बड़ी मुसीबत झेलनी पड़ी। मॉय थाई एक ऐसा स्पोर्ट है जिसे अमेरिका में ज्यादा प्रोमोट नहीं किया जाता है इसलिए उन्हें आगे बढ़ने के मौके नहीं मिल पा रहे थे जहाँ वो नियमित रूप से रिंग का हिस्सा बनी रह सकती थीं।

उन्होंने बताया, “दुनिया के दूसरे हिस्सों में एथलीट हर वीकेंड फाइट करते हैं लेकिन यहाँ एक प्रोमोटर चाहता है कि इवेंट के लिए अगर हमारे नाम से टिकेट नहीं बिके तो हमारा नाम कार्ड से ही हटा दिया जाएगा।”

“कोई इवेंट करीब 1 महीने के अंतराल पर आयोजित होता है इसलिए आपको एक महीने बाद फाइट के लिए भी भाग्य का साथ चाहिए होता है। अगर भाग्य आपके साथ नहीं होता तो मैच कार्ड में जगह बनाने में 2-3 महीने भी लग जाते हैं। दूसरे देशों के मुकाबले यहाँ आगे बढ़ने के अवसर बहुत कम हैं।”

वर्ल्ड टाइटल के लिए चैलेंज कर रही हैं

अपने मॉय थाई करियर में आगे बढ़ने के लिए टॉड ने अमेरिका से बाहर होने वाले इवेंट्स में मौके तलाशने शुरू कर दिए और हर ऑफर को स्वीकार करती रहीं जिससे उन्हें दुनिया के हर बड़े टूर्नामेंट में बाउट करने का मौका मिले।

केवल साल 2017 की ही बात करें तो वो 14 मैचों का हिस्सा रहीं थी जिनमें से कई मुकाबले उन्होंने नॉकआउट से जीते थे। IFMA Pan American Championships में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता और IFMA वर्ल्ड चैंपियनशिप्स और वर्ल्ड गेम्स में कांस्य पदक भी जीता था।

इसी प्रदर्शन ने उनके लिए ONE में आने के दरवाजे खोल दिए थे, जहाँ वो अपने डेब्यू के बाद से ही बड़ी स्टार के रूप में आगे बढ़ती रही हैं। अपने डेब्यू मुकाबले में ही उन्होंने स्टैम्प फेयरटेक्स को किसी अन्य एथलीट से ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पुश किया था। उसके बाद वो लगातार 3 मुकाबलों में जीत दर्ज कर चुकी हैं और ONE: CENTURY में उनका हेड-किक से आया नॉकआउट मार्शल आर्ट्स के इतिहास का एक यादगार लम्हा बन चुका है।

इसका नतीजा ये निकला कि सिंगापुर में होने वाले इवेंट में उन्हें अपनी प्रतिद्वंदी के खिलाफ वर्ल्ड टाइटल शॉट मिला है। टॉड, वर्ल्ड टाइटल को एक बार फिर किसी अमेरिकी एथलीट के पास लाने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी हैं।

उन्होंने कहा, “मैं सभी के सामने ये साबित करना चाहती हूँ कि मैं उस वर्ल्ड टाइटल को जीतने की हक़दार हूँ।”

“मैंने हमेशा कहा है कि मैं बेस्ट इन द वर्ल्ड बनना चाहती हूँ और वाकई में अब मुझे ऐसा करने का मौका मिल रहा है। ये किसी सपने के पूरे होने जैसा है।”

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