कैसे मॉय थाई की वजह से अज़्वान शे विल ने अपने परिवार की गरीबी दूर की

Azwan Che Wil will face Nguyen Tran Duy Nhat at ONE: IMMORTAL TRIUMPH

ONE Super Series को जॉइन करने से पहले अज़्वान शे विल मलेशियाई मॉय थाई सर्किट में भी सफलता प्राप्त कर चुके थे।

9 साल में वो 45 बाउट्स का हिस्सा रहे और बैंकॉक में OneSongChai S1 चैंपियनशिप भी जीती थी।

मलेशिया के बहुत से युवा मॉय थाई स्टार्स के लिए अज़्वान किसी आदर्श के समान हैं। वो एक ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने ग्लोबल स्टेज पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए काफी सारे त्याग किए हैं।

यहाँ आप देख सकते हैं कि ऐसी क्या चीज रही जो उन्हें मलेशिया के ग्रामीण इलाके से मॉय थाई तक खींच लाई थी और किस तरह उन्होंने अपने जुनून को पूरा करते हुए परिवार को भी गरीबी से बाहर निकाला।

माता-पिता थे रबर टैपर्स

मलेशिया के उत्तरी इलाके के एक छोटे से शहर केलांटन में पले-बढ़े हैं, अज़्वान को नहीं पता था कि खिलौनों से खेलने से क्या खुशी मिलती है और ना ही वो परिवार के साथ छुट्टियाँ मनाने जाया करते थे।

उनके माता-पिता प्रत्येक दिन कई घंटे तक रबर टैपिंग (रबर के पेड़ से रबर निकालने वाले) का काम करते थे, जिससे वो अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकें। मिलकर भी वो एक महीने में केवल RM 1800 (410 यूएस डॉलर) ही कमा पाते थे। ये अज़्वान और उनके 5 भाई-बहनों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए नाकाफी था।

वित्तीय समस्याओं के बावजूद उनके माता-पिता अपने बच्चों को जितना हो सकता था, उतना सुखद जीवन व्यतीत करते देखना चाहते थे।

उन्होंने बताया, “हमारे लिए नई स्कूल यूनिफ़ॉर्म या नए खिलौने खरीद पाना बहुत दूर की बात हुआ करती थी। हम खुद को दूसरों से अलग महसूस करते थे लेकिन मैं आज भी उस समय के बारे में सोचता हूँ तो पता चलता है कि वो कितनी कठिन परिस्थितियां हुआ करती थीं।”

घर पर मनोरंजन का कोई स्त्रोत नहीं होने के कारण अज़्वान अधिकतर समय पढ़ाई करते हुए बिताते थे।

ऐसा शायद ही कभी हुआ जब वो किसी मुसीबत में पड़े हों। लेकिन ऐसे कई मौके रहे जब उनका दूसरे बच्चों के साथ लड़ाई-झगड़ा भी हो जाता था।

उन्होंने बताया, “मैं प्राइमरी और यहाँ तक कि सेकेंडरी स्कूल में भी अच्छे नंबर ला रहा था। किशोरावस्था में शायद ही कोई मुसीबत रही लेकिन ऐसे भी कुछ मौके रहे, जब मेरा दूसरे बच्चों के साथ झगड़ा हो जाता था।

“मेरे शिक्षकों को कभी मुझसे कोई दिक्कत नहीं रही। मैं स्कूल में अपना काम पूरा करता और अपने पिता का इंतज़ार करता जो अपनी पुरानी मोटरसाइकिल पर मुझे लेने आते थे।”

फुटबॉल से लगाव हुआ

जल्द ही अज़्वान को मनोरंजन का एक बड़ा स्त्रोत मिल चुका था।

उनका स्पोर्ट्स के प्रति लगाव बढ़ने लगा और स्कूल के बाद हर दिन वो शाम को अपने दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने जाया करते थे।

सेलांगुर और कुआलालंपुर के मुक़ाबले केलांटन एक शांत जगह हुआ करती थी और हमेशा से फुटबॉल के लिए एक आदर्श जगह रही है।

यहाँ तक कि उनके छोटे से गांव का लगभग हर बच्चा एक दिन प्रोफेशनल फुटबॉलर बनने का सपना देखा करता था।

अज़्वान ने कहा, “हर कोई वहाँ फुटबॉल से प्यार करता था। यही एक खेल था जो मेरे गांव में सबसे ज्यादा खेला जाता था।”

“हम 10 से 12 लोग हुआ करते थे और मिट्टी में नंगे पांव खेला करते थे। ऐसा कर हमें पढ़ाई के बाद थोड़ा खाली समय मिल पाता था।”

अज़्वान हॉकी और हैंडबॉल भी खेल चुके हैं और यहाँ तक कि ट्रैक पर रनिंग भी। वो स्पोर्ट्स में सफल हो रहे थे और इस बात पर उन्हें आज भी बेहद गर्व महसूस होता है।

उन्होंने गर्व से कहा, “मैं अपने स्कूल में काफी फेमस हुआ करता था।”



मॉय थाई वर्ल्ड में एंट्री

13 साल की उम्र में अज़्वान को मॉय थाई के बारे में पता चला।

एक दिन वो टीवी पर चैनल बदल रहे थे, तभी मॉय थाई ने उनका ध्यान अपनी ओर खींचा और उसके बाद उन्होंने कुछ और मैच भी देखे।

अगले दिन स्कूल से घर वापस आते हुए उन्हें पता चला कि उनके गांव में एक मॉय थाई एकेडमी है।

उन्होंने कहा, “उस जिम का नाम N41 Manek Urai था। बाहर से देखने से मुझे पता ही नहीं था कि इसमें अंदर क्या होता है। अंदर जाने के बाद पता चला कि जिस तरह के मैच मैंने टीवी पर देखे थे, वहाँ लोग उसी तरह के मूव्स की ट्रेनिंग कर रहे थे।”

अज़्वान ने पैसे बचाने शुरू किए और करीब 1 साल बाद उन्होंने वहाँ एडमिशन लिया और ट्रेनिंग करनी शुरू की। अभी उन्हें ट्रेनिंग शुरू करे 1 महीना ही हुआ था, उनके हेड कोच को लगा कि अज़्वान मॉय थाई में काफी आगे तक जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, “मैं अपने मजे के लिए ट्रेनिंग कर रहा था। फिर 1 महीने बाद मेरे कोच (जो थाईलैंड से आए थे) को एहसास हुआ कि मैं इसमें काफी आगे तक जा सकता हूँ।”

“उन्होंने मुझसे कहा कि मैं एक अच्छा फाइटर बन सकता हूँ लेकिन मुझे नहीं पता था कि मैं किस दिशा में आगे बढ़ रहा हूँ। मैं एक भी मॉय थाई एथलीट के बारे में नहीं जानता था। मैंने तो केवल टीवी पर 2 लोगों को फाइट करते देखा था और इसी कारण मुझे इसके प्रति लगाव महसूस हुआ।”

अज़्वान के माता-पिता ने उनके इस फैसले का समर्थन किया और इसी तरह उनके प्रोफेशनल करियर की शुरुआत हुई थी।

मॉय थाई से अपने माता-पिता की मदद की

5 महीने की ट्रेनिंग के बाद अज़्वान के कोचों को एहसास हुआ कि वो अपने पहले मॉय थाई मैच के लिए तैयार हो चुके हैं।

ट्रेनिंग कैंप के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा और अपने डेब्यू मैच से पहले उनकी नींद भी पूरी नहीं हो पा रही थी।

उन्होंने कहा, “मैच से पहले मैं शारीरिक और मानसिक, दोनों ही तरह से संघर्ष कर रहा था। पहले राउंड में मुझे अंदाजा नहीं था कि किस प्लान के साथ आगे बढ़ना है लेकिन जैसे ही मुझे वहाँ थोड़ा अच्छा महसूस हुआ तो मैंने उन सभी मूव्स का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया जो मैंने ट्रेनिंग के दौरान सीखे थे।”

आखिरकार उन्होंने घबराहट के साथ-साथ दूसरी दिक्कतों को दूर कर तीसरे राउंड में नॉकआउट से मैच जीता था।

वो जीत उनके लिए यादगार रही और इससे भी ज्यादा अच्छी बात ये रही कि इस जीत के लिए उन्हें 115 यूएस डॉलर का इनाम भी मिला था।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता था कि उस पैसे के साथ मैं क्या करने वाला था क्योंकि मैंने कभी इतने पैसे अपने पास नहीं रखे थे। इसलिए मैंने अपनी माँ और पिता, दोनों को RM100 दिए जिससे उन्हें घर संभालने में मदद मिल सके।”

“मैं बाकी बचे हुए पैसे को ब्रेकफास्ट और स्कूल में लंच के लिए प्रयोग में लाता था। साथ ही नए खिलौने भी खरीद सकता था, जिनके बारे में हमेशा सोचता आया हूँ।”

जिस चीज को उन्होंने अपने मजे के लिए शुरू किया था वो अब उनका करियर बन चुका था।

अज़्वान जानते थे कि अगर उन्होंने अपनी स्किल्स में सुधार करना जारी रखा और बड़े मैचों में जीत दर्ज की तो वो ज्यादा पैसे कमा सकते हैं जिससे उनके परिवार की वित्तीय स्थिति में भी सुधार होगा। इस कारण उन्होंने मॉय थाई को और भी गंभीरता से लेना शुरू कर दिया।

उन्होंने बताया, “मैंने मॉय थाई अपने माता-पिता की मदद के लिए शुरू किया था। मैं हमेशा उन्हें किसी ना किसी तरीके से सपोर्ट करना चाहता था क्योंकि वो मेरे हर फैसले में मेरे साथ खड़े रहे हैं।”

सर्कल में उतरने के लिए कॉल आया

Malaysian athlete Azwan Che Wil kicks his opponent

साल 2018 में उन्हें ONE में आने का मौका मिला लेकिन शुरुआत में उन्हें नहीं पता था कि कंपनी ने हाल ही में ONE Super Series को लॉन्च किया है।

एक दिन उन्हें केलांटन में फाइट के बाद मलेशिया की पहली महिला मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट एन ओस्मान का मैसेज मिला जो उस समय नए टैलेंट की तलाश कर रही थीं।

उन्होंने बताया, “एन ने मुझे फेसबुक पर मैसेज किया था और उन्होंने कहा कि वो चाहती हैं कि मैं ONE में मलेशिया का प्रतिनिधित्व करूं। मैं हाँ नहीं कर पा रहा था क्योंकि मुझे नहीं पता था कि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के नियम क्या होते हैं।”

“लेकिन उसके बाद उन्होंने मुझे बताया कि ये मॉय थाई कॉम्पिटिशन के लिए ही है। इसलिए मैंने बिना देरी किए ऑफर को स्वीकार कर लिया। उसी रात मुझे पता चला कि ONE वो जगह है जहाँ कई मॉय थाई लैजेंड एथलीट्स फाइट करते हैं और मुझे एहसास हुआ कि अब मेरा करियर नया रूप लेने वाला है।”

माता-पिता द्वारा रबर टैपिंग का काम करने से लेकर कैसे उन्होंने खुद का करियर बनाया। अज़्वान आज ONE Super Series में मलेशिया का प्रतिनिधित्व करने वाले 2 एथलीट्स में से एक हैं। उनके अलावा इस लिस्ट में दूसरा नाम उनके दोस्त मोहम्मद “जॉर्डन बॉय” बिन महमूद का है।

सर्कल तक आने का ये सफर एक ही बात बताता है कि 24 वर्षीय स्टार भविष्य में और भी अधिक सफलता प्राप्त करने वाले हैं।

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