कैपिटन ने अपने मॉय थाई के सफर में बताया: ‘पहली ही नजर में प्यार हुआ’

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कैपिटन पेटयिंडी एकेडमी मॉय थाई करियर में हमेशा बड़ी उपलब्धियां अपने नाम करते आए हैं। लेकिन पिछले साल सितंबर में हुए एक किकबॉक्सिंग मैच में 6 सेकंड में आई नॉकआउट जीत ने उन्हें बड़ा सुपरस्टार बना दिया।

इस ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें शुक्रवार, 22 जनवरी को ONE: UNBREAKABLE में ONE बेंटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन अलावेर्दी “बेबीफेस किलर” रामज़ानोव के खिलाफ टाइटल मैच भी मिला।

अब कैपिटन को एक ऐसा मैच मिला है, जो उनकी जिंदगी बदल सकता है। रामज़ानोव के खिलाफ जीतते हुए चैंपियन बनकर कैपिटन मॉय थाई के ऐतिहासिक पलों में से एक का हिस्सा बन सकते हैं।

कहां से हुई मॉय थाई की शुरुआत?

कैपिटन का जन्म थाईलैंड के उत्तर-पूर्वी प्रांत नोंग बुआ लम्फु में हुआ, एक ऐसी जगह जिसे हरे-भरे खेतों और पहाड़ी इलाकों के लिए जाना जाता है।

हर साल दुनिया से हजारों लोग नोंग बुआ लम्फु की बहुत पुरानी गुफाओं को देखने आते हैं। प्रांत के अधिकतर लोगों की आर्थिक स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं है और आर्थिक संकट से निजात पाने के भी उनके पास ज्यादा रास्ते नहीं हैं।

ये थाईलैंड के सबसे गरीबी वाले इलाकों में से एक है, जहां लोग महीने में औसतन यूएस डॉलर 114 कमाते हैं। खेती के अलावा लोगों के पास कोई दूसरे विकल्प नहीं हैं। लेकिन वहीं से निकलकर कैपिटन भी एक सफल मार्शल आर्ट्स एथलीट बने हैं।

उन्होंने कहा, “मैं बचपन में Channel 7 पर मॉय थाई के मुकाबले देखता था।”

“जब मैं 9 साल का था तो नकलांगनोई सोर. किंगस्टार नाम के एक मॉय थाई कोच ने मेरे घर के पास जिम खोला।”

टीवी पर देखकर मॉय थाई से लगाव हुआ और जिम खुलने के बाद कैपिटन ने ट्रेनिंग शुरू की। 2 महीने की ट्रेनिंग के बाद थाई स्टार पहली बार रिंग में उतरे।

उन्होंने बताया, “मैंने एक वार्षिक टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और वहां मैं पहली बार रिंग में उतरा। घबराहट के कारण मैं कुछ सोच नहीं पा रहा था, इस कारण मुझे हार मिली। वो मेरी पहली नॉकआउट हार भी रही।”

हार झेलने के बाद भी कैपिटन इस खेल से जुड़े रहे।

उन्होंने आगे कहा, “मुझे इस खेल से जैसे पहली ही नजर में प्यार हो गया था। अपनी स्किल्स में सुधार कर उन एथलीट्स जैसा प्रदर्शन करना चाहता था, जिस तरह का प्रदर्शन मैं टीवी पर देखा करता था।”

10 साल की उम्र में वो अपनी स्किल्स में सुधार करने और एक सफल एथलीट बनने के इरादे से अपना प्रांत छोड़ नए मौकों की तलाश में निकल पड़े।

मॉय थाई में सफलता मिलनी शुरू हुई

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बैंकॉक मॉय थाई सर्किट में नाम कमाने के बाद कैपिटन को बड़े स्टेडियम्स में मैच मिलने शुरू हुए।

युवावस्था में उन्होंने 135-पाउंड थाईलैंड मॉय थाई चैंपियनशिप, 154-पाउंड Isuzu Cup championship और 154-पाउंड WPMF वर्ल्ड और थाईलैंड चैंपियनशिप के लिए चैलेंज किया।

उनके करियर की सबसे पहली खास जीत जून 2019 में आई जब वो डेट्रिट साथियान मॉयथाई जिम को हराकर 154-पाउंड Lumpinee Stadium मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन बने।

कैपिटन ने कहा, “Lumpinee Stadium चैंपियनशिप बेल्ट को जीतना हर एक मॉय थाई एथलीट का सपना होता है। वो Lumpinee, Rajadamnern और थाईलैंड में चैंपियन बनना चाहते हैं। मुझे खुद पर गर्व है कि मैं अपने करियर में इतना आगे बढ़ पाया।”

“मुझे खुद पर गर्व हो रहा था और लोगों को अपनी स्किल्स से भी प्रभावित किया।”

कैपिटन इतनी शानदार लय प्राप्त कर चुके थे कि उन्होंने नटाडेज विचाईराराटनावांगका ध्यान अपनी ओर खींचा, जिन्हें मॉय थाई वर्ल्ड में सिया बोट के नाम से जाना जाता है।



Petchyindee Academy में करियर को नई शुरुआत मिली

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Lumpinee Stadium वर्ल्ड चैंपियन बनने के 3 महीने बाद ही उन्हें Petchyindee Academy को जॉइन करने का ऑफर मिला।

कैपिटन ने कहा, “टीम के हेड कोच एक ऐसे ही एथलीट को ढूंढ रहे थे, जो Lumpinee चैंपियन हो।”

“उन्होंने मेरी प्रतिभा को पहचाना और मुझे ONE Championship की 65.8 किलोग्राम वेट कैटेगरी में परफ़ॉर्म करते देखना चाहते थे।

“मैंने उनके ऑफर को स्वीकार किया क्योंकि मैं भी ONE Championship में लाखों-करोड़ों फैंस को अपनी स्किल्स से प्रभावित करना चाहता था।”

कैपिटन को अंदाजा था कि Petchyindee Academy उनके करियर को नहीं राह पर ले जाने वाला है।

मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियंस से सुसज्जित टीम का हिस्सा बनकर कैपिटन ने नई-नई तकनीक सीखनी शुरू की। उनका ट्रेनिंग करने का तरीका और डाइट भी बदल चुकी थी।

थाई स्टार ने कहा, “मेरी मसल्स तगड़ी हुईं, ताकत बढ़ी, यहां सभी चीजें मेरे लिए नई रहीं। इस तरह की परिस्थितियों ने मेरे स्टाइल को पूरी तरह बदल दिया।”

“ट्रेनिंग में Petchyindee जिम जितना सपोर्ट आजतक मुझे कहीं नहीं मिला था। मुझे मॉय थाई के बड़े-बड़े स्टार्स से चीजें सीखने को मिल रही थीं।

“मेरे प्रदर्शन में सुधार हुआ और मेरे फाइटिंग स्टाइल के कारण भी मुझे ज्यादा मैचों में जीत मिलने लगी।”

असल में सच्चाई ये है कि नए ट्रेनिंग रूटीन के कारण ही उन्हें इतने अच्छे परिणाम मिल पाए हैं।

6 सेकंड में आए नॉकआउट के बाद लोकप्रियता बढ़ी

सितंबर 2020 में हुए ONE: A NEW BREED III में कैपिटन को मैच मिला। मैच किकबॉक्सिंग नियमों के तहत होना था, वो भी 6 बार के मॉय थाई और किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन पेटटानोंग पेटफर्गस के खिलाफ, जिन्हें 400 से भी ज्यादा मैचों का अनुभव प्राप्त है।

कैपिटन जानते थे कि ये मैच उनके करियर को संवार भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है।

कैपिटन ने कहा, “सच कहूं तो वो मेरा पहला किकबॉक्सिंग मैच रहा, लेकिन मैं जानता था कि मुझे कैसे आगे बढ़ना है। मुझे एमेच्योर बॉक्सिंग का भी अनुभव प्राप्त था।”

खुद Petchyindee Academy के प्रतिनिधि भी नहीं जानते थे कि मैच में क्या होने वाला है।

मैच अभी शुरू ही हुआ था कि पेटटानोंग ने कम ताकत के साथ जैब लगाया, जिससे कैपिटन ने बचते हुए जैब-क्रॉस कॉम्बिनेशन लगाया और अगले ही पल महान किकबॉक्सिंग एथलीट मैट पर गिरे नजर आए।

कैपिटन ने कहा, “मेरे पंच सही समय पर और सही निशाने पर जाकर लैंड हुए। मैंने उनके जैब को रोका, जैब और उसके बाद पंच लगाया।”

“शायद उन्हें इस तरह के अटैक की कोई उम्मीद नहीं थी। मुझे इस बात का अहसास हो चुका था क्योंकि वो बहुत जोर से चेहरे के बल नीचे गिरे थे।”

केवल 6 सेकंड में जीत दर्ज कर कैपिटन ने पूरे डिविजन को सावधान कर दिया था और ONE Super Series के इतिहास का सबसे तेज नॉकआउट का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

उन्होंने कहा, “वो मेरे लिए एक सुखद अहसास रहा। वो एक महान किकबॉक्सर हैं, फिर भी मैंने उन्हें हराया।”

“लोग मुझे पहचानने लगे हैं। कोई नहीं जानता था कि कैपिटन कौन है और कहां से आते हैं। यहां तक कि लोग मेरा नाम भी नहीं जानते थे।

“अब लोग जानने लगे हैं कि कैपिटन कौन है, जिन्होंने पहली बार रिंग में कदम रखकर केवल 6 सेकंड में ही अपने प्रतिद्वंदी को फिनिश कर दिया।”

कैपिटन का अगला लक्ष्य

22 जनवरी को कैपिटन ग्लोबल स्टेज पर अपने दूसरे मैच के लिए रिंग में उतरेंगे, जहां उनका सामना एक युवा वर्ल्ड चैंपियन एथलीट से होगा।

कैपिटन इस बार भी अपनी स्ट्राइकिंग स्किल्स से सभी को प्रभावित करना चाहेंगे। एक ऐसी जगह से बाहर निकलकर सफलता प्राप्त करना आसान नहीं था, जहां अपना पेट पालने के ही ज्यादा विकल्प मौजूद ना हों।

उनके मार्शल आर्ट्स के सफर की शुरुआत करीब 2 दशक पहले हुई थी, लेकिन उनका करियर इस शुक्रवार नया मोड़ ले सकता है।

कैपिटन ने कहा, “करियर की शुरुआत के बाद से मैं 4 बेल्ट जीत चुका हूं।”

“मैं उन उपलब्धियों को प्राप्त कर खुश हूं। लेकिन मेरा अगला लक्ष्य ONE वर्ल्ड चैंपियन बनना है।

“मैंने इतना लंबा सफर तय किया है और वर्ल्ड चैंपियन बनने के सफर की शुरुआत इस शुक्रवार से होगी।”

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