मिलिए किकबॉक्सिंग सुपरस्टार वेई रुई से, जो ONE में चीनी स्ट्राइकिंग की ताकत साबित करने के लिए तैयार हैं

WeiRui 1200X800

ONE Fight Night 22: Sundell vs. Diachkova में दुनिया के टॉप पाउंड-फोर-पाउंड किकबॉक्सर्स में से एक अपना ONE Championship डेब्यू करेंगे।

4 मई को चीनी सुपरस्टार “डीमन ब्लेड” वेई रुई अपनी 20 फाइट की जीत की लय को दांव पर लगाएंगे, जब वो थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के लुम्पिनी बॉक्सिंग स्टेडियम में पूर्व ONE बेंटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन हिरोकी अकिमोटो से भिड़ेंगे।

इससे पहले कि 32 वर्षीय नॉकआउट आर्टिस्ट अकिमोटो का सामना करें, दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन तक के उनके सफर पर करीब से नजर डालते हैं।

स्कूल में लड़ना-झगड़ना

वेई का जन्म और पालन-पोषण हेनान प्रांत में हुआ, जो चीनी सभ्यता का जन्मस्थान है।

बचपन में उनके परिवार को गुजारा करने के लिए संघर्ष करना पड़ता था, अक्सर कई आधुनिक सुविधाओं का अभाव होता था। लेकिन भले ही वो स्कूल में अक्सर झगड़ा करते थे, लेकिन युवा वेई घर पर अच्छा व्यवहार करते थे।

हालांकि, उनका कहना है कि लड़ाई के प्रति उनकी रुचि ने उन्हें कॉम्बैट स्पोर्ट्स के दैनिक जीवन में डाल दिया:

“हां, मैं स्कूल में झगड़े किया करता था, लेकिन मेरे माता-पिता को ये नहीं पता था क्योंकि मैं घर पर अच्छा बर्ताव करता था। स्कूल में लड़ाई और पढ़ाई में खराब प्रदर्शन के कारण मुझे मार्शल आर्ट्स स्कूल में जाने की सलाह दी गई थी।”

थोड़े से शुरुआती प्रशिक्षण के साथ वेई ने सांडा की चीनी कला में अच्छा प्रदर्शन किया, जो बॉक्सिंग, किकबॉक्सिंग, क्लिंच वर्क और विस्फोटक किक के मिश्रण के लिए जाना जाता है।

कम उम्र से ही वो मार्शल आर्ट्स में पूरी तरह से रुचि रखते थे। उन्होंने याद किया कि माता-पिता ने उनके चुने हुए रास्ते पर कभी संदेह नहीं किया:

“मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरे फैसले का सम्मान किया। अगर मैं तय करता हूं कि मुझे क्या करना है तो वे मेरा समर्थन करते हैं। वे मुझे खुद निर्णय लेने का अधिकार देते हैं। मेरी मां का मुझसे एकमात्र अपेक्षा ये है कि मैं एक अच्छा इंसान बनूं।”

किकबॉक्सिंग को अपनाना

अपनी विलक्षण प्रतिभा के साथ वेई जल्द ही चीन के शीर्ष सांडा एथलीट्स में से एक के रूप में उभरे।

हालांकि, वो सफलता उस वित्तीय सुरक्षा के बराबर नहीं थी जिसकी उन्हें और उनके परिवार दोनों को सख्त जरूरत थी इसलिए वो सांडा से किकबॉक्सिंग में चले गए:

“मेरे पास ये बदलाव करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। जब मैं सांडा टीम में था तो मेरे पास आय का कोई स्रोत नहीं था जब तक कि मुझे फाइट में अच्छा परिणाम नहीं मिलता। इसलिए मुझे लगा कि इसमें मेरे लिए कोई भविष्य नहीं है।”

इन उभरती प्रतिभा ने पहचाना कि किकबॉक्सिंग की बढ़ती लोकप्रियता का मतलब बेहतर वेतन हो सकता है, जिससे उनके परिवार का देखभाल करना संभव होगा।

अंततः एक नए खेल में उतरने के लिए वेई की मुख्य प्रेरणा यही थी:

“उस समय व्यावसायिक स्तर पर किकबॉक्सिंग का बोल-बाला था। जो लोग उन इवेंट्स में लड़ते थे, उन्हें अच्छा पैसा मिलता था। पारिवारिक वित्तीय तनाव को कम करने के लिए मैंने किकबॉक्सिंग में आने का फैसला किया।”

चीनी स्ट्राइकिंग का एक ‘पड़ाव’

किकबॉक्सिंग की ओर कदम समझदारी भरा साबित हुआ क्योंकि वेई ने खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फाइटर्स में से एक के रूप में स्थापित करने के लिए 69-3 का प्रभावशाली प्रोफेशनल रिकॉर्ड कायम किया।

2017 में “डीमन ब्लेड” ने कठिन K-1 लाइटवेट वर्ल्ड ग्रां प्री जीती और चीन के पहले K-1 वर्ल्ड चैंपियन बन गए, जो उस समय तक उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि थी।

उस उपलब्धि ने स्ट्राइकर्स के उच्च वर्ग के बीच उनकी स्थिति को मजबूत किया, लेकिन वेई का कहना है कि इससे खेल में उनके देश की ताकत भी साबित हुई:

“मुझे लगता है कि ये न केवल मेरे लिए बल्कि चीनी किकबॉक्सिंग के लिए भी एक पड़ाव था। दुनिया के लिए मुझे और चीनी किकबॉक्सिंग दोनों को पहचान मिली।”

उन्होंने विश्व स्तर पर अन्य संगठनों में भी काफी सफलता एवं कई यादगार नॉकआउट्स हासिल किए और 2018 से अब तक अपराजित रहे।

बेशक, वेई का करियर कठिनाइयों से भरा रहा है। किसी भी अन्य प्रोफेशनल फाइटर की तरह उन्हें कई चोटें लगीं, लेकिन कभी हार ना मानने वाले जज्बे और अटूट दृढ़ संकल्प ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ाया।

उन्होंने कहा:

“मुझे लगता है कि एक प्रोफेशनल एथलीट के रूप में सबसे कठिन बाधा चोट और विफलता है। मैं पहले भी कई बार घायल हो चुका हूं। कभी-कभी मुझे चिंता होती थी कि क्या मैं पूरी तरह से ठीक हो पाऊंगा। जहां तक ​​विफलता की बात है, मुझे पता है कि कुछ एथलीट फिर से खड़े नहीं हो पाते, भले ही वे केवल एक बार असफल हुए हों। लेकिन मुझे पता है कि फिर से आरंभ कैसे करना है।”

ONE Championship में आगमन

पिछले छह वर्षों में “डीमन ब्लेड” ने अपनी टीम, Da Dong Xiang Fight Club, को चीन का शीर्ष स्ट्राइकिंग कैंप बनाया है।

अब उन्हें उम्मीद है कि खेल के सबसे खतरनाक फाइटर्स के खिलाफ ONE के ग्लोबल स्टेज पर प्रतिस्पर्धा करने से उन्हें और भी अधिक प्रसिद्धि और प्रशंसा मिलेगी:

“सबसे पहले, मैं अपनी टीम के लिए फाइट करना चाहता हूं और मुझे उम्मीद है कि मैं अपनी टीम को और अधिक सम्मान दिला सकूंगा।”

अपनी टीम को आगे बढ़ाने के अलावा वेई का कहना है कि ONE में प्रतिस्पर्धा करने का मतलब है कि वो निर्विवाद रूप से सर्वश्रेष्ठों में से सर्वश्रेष्ठ के साथ भिड़ेंगे।

और जब अगले महीने ONE Fight Night 22 में उनका मुकाबला हिरोकी अकिमोटो से होगा तो वो चीनी किकबॉक्सिंग का प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक होंगे:

“मुझे लगता है कि ONE Championship दुनिया भर में स्ट्राइकिंग का सबसे प्रभावशाली और मूल्यवान खेल संगठन है। मुझे उम्मीद है कि मैं इस अंतरराष्ट्रीय इवेंट में खुद को साबित कर सकूं और दुनिया को चीनी शक्ति के बारे में दिखा सकता हूं।”

किकबॉक्सिंग में और

Lucas Gabriel and Magomed Magomedov throw down at ONE Fight Night 49
Christian Lee faces off with Tye Ruotolo ahead of The Inner Circle 37
Indian MMA fighter Nazareth Lalthazuala makes his way to the ring
Numsurin Chor Ketwina and Akram Hamidi face off before their Muay Thai fight at The Inner Circle 36
Nontachai Jitmuangnon, Lucas Gabriel, and Kongthoranee Sor Sommai are set to return at ONE Fight Night 49 on Prime Video.
Jonathan Haggerty defends his ONE Bantamweight Kickboxing World Championship at ONE SAMURAI 4
Wang Junguang Prajanchai Pongsuphan PK The Inner Circle 35 5
Jonathan Haggerty and Hiroki Akimoto at the ONE SAMURAI 4 Ceremonial Weigh-Ins & Faceoffs
Prajanchai Pongsuphan PK and Wang Junguang face off ahead of The Inner Circle 35
Prajanchai says a prayer before his fight against Ellis Badr Barboza at ONE Fight Night 28.
Nabil Anane Hiromi Wajima ONE 173 21
Jonathan Haggerty (L) | Hiroki Akimoto (R)