किकबॉक्सिंग

कैपिटन Vs. मेहदी ज़टूट: वर्ल्ड चैंपियनशिप मैच में जीत के 4 तरीके

सितंबर 21, 2021

शुक्रवार, 24 सितंबर को ONE बेंटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन कैपिटन पेटयिंडी एकेडमी पहली बार अपने टाइटल को डिफेंड करेंगे। उनका सामना उस एथलीट के गुरु से होने वाला है, जिसे हराकर वो चैंपियन बने थे।

Capitan defends the ONE Bantamweight Kickboxing World Title against Mehdi Zatout at ONE: REVOLUTION

थाई स्ट्राइकर ONE: REVOLUTION में मेहदी ज़टूट से भिड़ेंगे, जिसमें तगड़े एक्शन का देखा जाना तय है।

कैपिटन चैंपियन बने रहने की कोशिश करेंगे। दूसरी ओर, ज़टूट अपने शिष्य अलावेर्दी “बेबीफेस किलर” रामज़ानोव की हार का बदला लेते हुए वर्ल्ड टाइटल को अपने नाम करने की कोशिश करेंगे।

लाइव एक्शन के शुरू होने से पहले जानिए कैपिटन vs ज़टूट मैच किन 4 तरीकों से समाप्त हो सकता है।

#1 कैपिटन के पास है वन-पंच फिनिशिंग पावर

Capitan Petchyindee Academy knocks out Petchtanong Petchfergus in their kickbxing fight

पिछले साल अपने प्रोमोशनल डेब्यू में कैपिटन ने पेटटानोंग पेटफर्गस को केवल 6 सेकंड में फिनिश कर ONE Super Series के इतिहास का सबसे तेज नॉकआउट फिनिश अपने नाम किया था।

ONE बेंटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन को अपने विरोधी की पुश किक्स को काउंटर करने के लिए राइट क्रॉस लगाना पसंद है। इस तरह की तकनीक वाले फाइटर का सामना करते समय कैपिटन एक कदम पीछे लेते हैं और अगले ही पल आगे आकर राइट क्रॉस लगा देते हैं।

ज़टूट पुश किक्स नहीं लगाते इसलिए कैपिटन को नई रणनीति अपनानी होगी। रामज़ानोव के खिलाफ वर्ल्ड चैंपियनशिप मैच में उन्होंने रूसी स्टार को सर्कल वॉल की तरफ धकेल कर एक साथ कई दमदार राइट हैंड्स लगाए थे।

दूसरी ओर, “डायमंड हार्ट” अभी तक कई बेस्ट एथलीट्स का सामना कर चुके हैं, जिनमें ONE बेंटमवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन नोंग-ओ गैयानघादाओ भी एक रहे और उन्हें अपने करियर में केवल एक बार स्टॉपेज से हार मिली है। चूंकि इस बार कैपिटन किकबॉक्सिंग ग्लव्स पहनकर फाइट करेंगे इसलिए उनके लिए एक और आसान नॉकआउट जीत हासिल करना मुश्किल साबित हो सकता है।

मैच किसी भी दिशा में आगे बढ़े, लेकिन कैपिटन वन-पंच नॉकआउट फिनिश हासिल करने की कोशिश जरूर करेंगे।

#2 ज़टूट की शानदार तकनीक और काउंटर अटैक

जब मूव्स को काउंटर करने की बात आती है तो ज़टूट उसमें महारत रखते हैं और उनकी ये स्किल्स कैपिटन के खिलाफ बढ़त दिलाने में मदद करेंगी। वर्ल्ड चैंपियन किसी से डरते नहीं हैं और उन्हें फ्रंट फुट पर रहकर बॉक्सिंग कॉम्बिनेशंस लगाना बहुत पसंद है।

ज़टूट की तकनीक शानदार है और उन्हें खतरनाक काउंटर मूव्स लगाना काफी पसंद है। हान ज़ी हाओ के खिलाफ मैच में फ्रेंच-अल्जीरियाई एथलीट ने अपने विरोधी की हाई किक्स से बचते हुए दमदार स्ट्रेट लेफ्ट और राइट भी लगाए थे।

“डायमंड हार्ट” को कैपिटन की ओर से ज्यादा किक्स लगने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए, लेकिन उन्हें किक्स को पंचों से काउंटर करने के लिए तैयार रहना होगा। रामज़ानोव के खिलाफ मैच में एक हुक कैपिटन की चिन (ठोड़ी) पर जाकर लैंड हुआ था, जिससे उन्हें लड़खड़ाते भी देखा गया और इसी चीज पर ज़टूट भी फोकस कर सकते हैं।

अगर “डायमंड हार्ट” उसी तरह के 2 या 3 पंच लगा पाए तो वो नॉकडाउन या फिर नॉकआउट भी स्कोर कर सकते हैं। लेकिन ऐसा करते हुए उन्हें थाई फाइटर की प्रभावशाली स्ट्राइक्स से बचकर रहना होगा।



#3 कैपिटन की प्रभावशाली लो किक्स

इसी साल जनवरी में कैपिटन ने अपने लो किक-राइट क्रॉस कॉम्बिनेशन के जरिए दूसरे राउंड में तकनीकी नॉकआउट से जीत दर्ज कर ONE बेंटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड टाइटल अपने नाम किया था। लेकिन ये उनकी लो किक्स नहीं थीं, जिसने उनकी जीत सुनिश्चित की थी।

थाई स्टार को अपने विरोधी के पंचों को काउंटर करना काफी पसंद है। वो धैर्य से काम लेते हैं और सामने से आ रहे शॉट से बचते हुए प्रभावशाली लो किक लगाते हैं। कैपिटन पहले ही भांप लेते हैं कि उनका प्रतिद्वंदी कब पंच लगाने वाला है इसलिए उन्हें काउंटर अटैक करने में आसानी होती है।

उनकी यही काबिलियत ज़टूट के खिलाफ मैच में बड़ा अंदर पैदा कर सकती है और उन्हें फायदा इसलिए भी होगा क्योंकि Venum Traning Camp के स्टार लो किक्स को ब्लॉक करने पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। इसके बजाय वो अपनी स्पीड और फुटवर्क पर ज्यादा ध्यान देते हैं।

अगर कैपिटन शुरुआत में अपनी लो किक्स को सटीक निशाने पर लैंड करवा पाए तो आखिरी के राउंड्स में उनके लिए बढ़त बनाना आसान हो जाएगा और साथ ही उन्हें अपने राइट हैंड को लैंड करवाने के मौके भी मिलेंगे।

मगर ज़टूट ऑर्थोडॉक्स और साउथपॉ स्टांस में रहकर भी फाइट कर सकते हैं इसलिए कैपिटन को उनके दोनों पैरों पर अटैक करना होगा।

#4 ज़टूट दोनों हाथों का कारगर तरीके से इस्तेमाल

French-Algerian striker Mehdi Zatout kicks Leo Pinto in the face

ज़टूट अपने सभी मैचों की शुरुआत ऑर्थोडॉक्स स्टांस में रहकर करते हैं, लेकिन फाइट शुरू होने के बाद वो अपने स्टांस को बदलते रहते हैं, जिससे उन्हें बाईं और दाईं तरफ से भी किक्स लगाने में आसानी होती है।

उनके शिष्य रामज़ानोव ने भी कैपिटन के खिलाफ यही रणनीति अपनाई थी, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। दूसरी ओर, ज़टूट को ऐसा करने में महारत है और ज्यादा अनुभव भी है। स्टांस में बदलाव कर वो ज्यादा सटीकता के साथ अटैक कर पाते हैं।

ऐसा करते हुए “डायमंड हार्ट” थाई स्टार के दोनों हाथों को कमजोर कर सकते हैं, जिससे कैपिटन के लिए पंच लगाना काफी मुश्किल हो जाएगा। इससे जाहिर तौर पर ज़टूट की जीत की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।

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