किकबॉक्सिंग

5 कारण क्यों इवान कोंद्रातेव को ग्रिगोरियन के खिलाफ मुश्किल मैच में दिक्कत नहीं होगी

इवान कोंद्रातेव का मरात ग्रिगोरियन के खिलाफ ONE Super Series डेब्यू मैच काफी कठिन रहने वाला है, लेकिन वो इस चुनौती को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं।

शुक्रवार, 4 दिसंबर को ONE: BIG BANG में रूसी स्टार का सामना 3 बार के किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन से होगा और वो जानते हैं कि एक बड़ी जीत उन्हें किस मुकाम पर पहुंचा सकती है।

कोंद्रातेव इससे पहले भी कड़े मुकाबलों का हिस्सा रह चुके हैं और उनसे उन्हें कभी डर नहीं लगा।

यहां आप जान सकते हैं कि आखिर क्यों कोंद्रातेव को ग्रिगोरियन के खिलाफ मैच को लेकर इतनी परेशानी नहीं है।

#1 जॉन-क्लौड वैन डैम से प्रेरणा मिली

कई अन्य ONE स्टार्स की तरह कोंद्रातेव भी बचपन में मार्शल आर्ट्स पर आधारित फिल्में देखकर बड़े हुए हैं।

रूसी स्ट्राइकर को 1988 में आई “Bloodsport” नाम की फिल्म सबसे ज्यादा पसंद रही, जिसमें जॉन-क्लौड वैन डैम ने फ्रैंक्स डज़ का किरदार निभाया था। कोंद्रातेव भी उसी राह पर आगे बढ़ना चाहते थे।

उन्होंने वैन डैम के कैरेक्टर की नकल करनी शुरू की और वहीं से उनके शानदार सफर की शुरुआत हुई।

#2 एक बेहतरीन किकबॉक्सर

कोंद्रातेव को किकबॉक्सिंग में सफलता मिलने लगी थी और एमेच्योर लेवल पर रूसी और वर्ल्ड चैंपियन भी बने।

प्रोफेशनल करियर की शुरुआत करने के बाद वो 2 रूसी किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप जीत चुके हैं। अब उनका लक्ष्य ONE Super Series वर्ल्ड चैंपियन बनना है।



#3 कॉम्बैट स्पोर्ट्स के मास्टर हैं

Vityaz Fight Team के मेंबर दुनिया के सबसे उभरते हुए स्ट्राइकर्स में से एक हैं और उनकी सफलता ने उन्हें इस खेल का मास्टर बना दिया है और रूसी संघ द्वारा उन्हें टॉप एथलीट्स में से एक का दर्जा दिया गया है।

कोंद्रातेव के पास केवल एक तरह की स्किल्स नहीं हैं। उन्हें बॉक्सिंग में भी महारथ हासिल है।

#4 अविश्वसनीय तरीके से वापसी की

रिंग में कड़े मुकाबलों से पार पाते हुए कोंद्रातेव को व्यक्तिगत जीवन में भी समस्याओं से जूझना पड़ा। मार्शल आर्ट्स में सफलता प्राप्त करने के बावजूद उन्हें प्रतिबंधित चीजों का सेवन करते पकड़ा गया था, लेकिन उनके भाई ने उन्हें बचाया।

भाई उन्हें रूस के ग्रामीण इलाके में स्थित एक मठ में ले गए। वहां से सबसे करीब हाइवे भी 15 किलोमीटर दूर था। वहां उन्हें शांत माहौल में भगवान की आस्था करते हुए अपनी समस्याओं से निजात पाने में सफलता मिली।

2 साल के ब्रेक के बाद उन्होंने वापसी की और पहले से भी अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़े।

#5 सर्वश्रेष्ठ एथलीट्स के साथ मिलकर ट्रेनिंग की

जब कोंद्रातेव की किकबॉक्सिंग में वापसी हुई तो उन्होंने बड़े शहर में जाकर ज्यादा सफलता प्राप्त करने के मौके तलाशने शुरू किए।

इसलिए उन्होंने अपने होमटाउन येलाबुगा से मॉस्को आने का निर्णय लिया और अपने पूर्व प्रतिद्वंदी और किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन कॉन्स्टेंटिन सेरेब्रेनिकोव के जिम को जॉइन किया।

मॉस्को में कोंद्रातेव ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स और किकबॉक्सिंग स्टार सर्गेई खारीतोनोव और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता एलेक्जेंडर पोवेत्किन के साथ मिलकर अपनी स्किल्स में सुधार किया।

ये भी पढ़ें: मरात ग्रिगोरियन ने साबित किया कि मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है