ओपिनियन

Shinya Aoki’s ONE 101: टॉप लेवल के मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट किस तरह की डाइट लेते हैं

दुनिया में बहुत से लोग हैं जो सोचते हैं कि मार्शल आर्टिस्ट्स सबसे अधिक फिट एथलीट्स होते हैं और उनके जैसा शरीर पाना चाहते हैं।

ONE Championship के अधिकतर एथलीट्स तगड़े होने के साथ-साथ फिट भी हैं लेकिन स्ट्राइकर्स और ग्रैपलर्स के बीच काफी अंतर होता है।

मेरे खुद के हाथ-पैर लंबे हैं और जापानी वयस्कों की तुलना में मेरी बॉडी बहुत अच्छी शेप में है। लेकिन इसे मार्शल आर्ट्स की दुनिया में लीन (दुबला-पतला) माना जाता है। इसलिए मेरी बॉडी किसी विशिष्ट मार्शल आर्ट्स की बॉडी की तरह नहीं दिखती।

शुरुआत में मेरा शरीर इतना बड़ा नहीं हुआ करता था और वजन बढ़ाने के लिए मुझे काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। मिडल स्कूल के दिनों में मेरा वजन 55 किलोग्राम हुआ करता था और मैं ज्यादा से ज्यादा खाने की कोशिश करता जिससे अपने बॉडीवेट को 80 किलोग्राम तक पहुंचा सकूं।

मुझे लगता था कि बड़ा शरीर होने से मुझे जूडो के मैचों को जीतने में मदद मिलेगी क्योंकि जापान में स्टूडेंट लेवल कॉम्पिटिशन ओपन वेट होते हैं। इस अनुभव के कारण मुझे खाने से कोई खास लगाव नहीं रहा है, और साथ ही मैं अपने जीवन के उस दौर को भुलाना भी चाहता हूं।

एक जापानी प्रोफेशनल रेसलर कोनोस्के ताकेशिता ने कहा कि वो एक दिन में 1400 ग्राम पके हुए चावल, 800 ग्राम चिकन, 1 किलो पोर्क और कुछ अंडे खाते थे।

उनकी इस कहानी को सुनकर मेरे अंदर भी बड़ा शरीर पाने की लालसा होने लगी थी।

ताकेशिता की लंबाई 187 सेंटीमीटर और वजन करीब 100 किलो हुआ करता था, इसलिए अपनी बॉडी को अच्छी शेप में बनाए रखने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी।

अक्सर मुझे जापानी स्टाइल का बार्बीक्यू याकिनिकू खाने के लिए आमंत्रित किया जाता है क्योंकि लोग मानते हैं कि मार्शल आर्टिस्ट्स को मांस खाना बहुत पसंद होता है लेकिन मैं मांस खाने का बड़ा फैन नहीं रहा हूं। अगर मैं 150 ग्राम भी खा लेता हूं तो वो मेरे लिए बहुत होता है। यहां तक कि निमंत्रण मिलने पर भी मैं मांस खाने से बचता हूं क्योंकि मैं लोगों को अपने द्वारा खाए जाने वाले आहार के कारण निराश नहीं करना चाहता।

जहां तक मुझे याद है, मैं दूसरे खाने के लिए दूसरे मार्शल आर्टिस्ट्स के साथ बाहर जाना भी कम पसंद करता हूं। अगर ऐसा होता है तो मुझे ये देखकर चिंता होने लगती है कि मेरे साथ वाले लोग क्या खा रहे हैं इसलिए मैं अकेले खाना ही पसंद करता हूं।



हालांकि, मैं एक प्रोफेशनल मार्शल आर्टिस्ट बन चुका हूं लेकिन ज्यादा वजन घटाना और बढ़ाना मुझे पसंद नहीं है।

एक बार मैं एक डिविजन नीचे यानी फेदरवेट डिविजन में गया और थोड़े ही समय में मुझे कम वजन से होने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। उसके बाद मुझे एहसास हुआ कि मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज ये है कि मैं कितना खाना खा रहा हूं और ज्यादा खाने से हमेशा बचूं।

अब मैं पौष्टिक खाना खा रहा हूं और जरूरत अनुसार ही खाता हूं। कुछ लोग ये जरूर सोच सकते हैं कि, ‘क्या एक एथलीट के लिए ऐसा करना सही है?’ लेकिन अच्छे स्वास्थ्य का मतलब है कि आपकी स्ट्रेंथ बढ़ रही है। मैं सोचता हूं कि अगर मैं वजन घटाने-बढ़ाने में लगा रहा तो ये मेरे करियर के लिए अच्छा नहीं होगा।

इसके अलावा वजन पर जरूरत से ज्यादा नियंत्रण से हो सकता है कि किसी एथलीट का करियर समय से पहले ही समाप्त हो जाए।

जब हम अन्य एथलीट्स के सोशल मीडिया प्रोफाइल को देखते हैं तो अक्सर वो अपने खाने की तस्वीर साझा करते रहते हैं और देखते ही हमें अंदाजा हो जाता है कि वो कितना प्रोटीन और कैलोरी खा रहे हैं।

इस तरह की पोस्ट्स को देख मैं बहुत प्रभावित महसूस करता हूं।

इसके बाद मैं अपनी डाइट को देखता हूं और अगर कोई मुझसे पूछता है तो जरूर हिसाब लगाता हूं कि मैं कितना प्रोटीन और कैलोरी खा रहा हूं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मेरा वजन ONE द्वारा तय किए गए भार वर्ग के मानकों से एक किलोग्राम कम है। मैं अपने भोजन को खाने के लिए कोई सीमाएं तैयार नहीं करना चाहता लेकिन मुझे ट्रेनिंग के बाद आइस क्रीम खाना बहुत पसंद है।

इन दिनों प्रोटीन बार, प्रोटीन ड्रिंक या पका हुआ चिकन जापान की दुकानों पर आसानी से मिल जाता है।

ये सुविधाजनक है लेकिन मुझे अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी होने लगती है और ऐसा लगता है जैसे मेरे अंदर का हिस्सा मुझसे लगातार प्रोटीन लेने के लिए कह रहा हो जिससे मैं चीजों को लेकर ज्यादा सतर्कता बरत सकूं।

ऐसा अक्सर कहा जाता है कि एथलीट्स को अपने बॉडी वेट (किलोग्राम) के मुकाबले दोगुना प्रोटीन (ग्राम) लेना चाहिए। जब मेरी उम्र 20 साल थी तो मैं इस चीज पर काफी ध्यान दिया करता था क्योंकि मुझे लगता था कि तगड़ा शरीर पाने के लिए ये फायदेमंद होता है।

लेकिन अब मैं अपने जीवन के उस दौर को पीछे छोड़ चुका हूं इसलिए उन चीजों के बारे में मैं ज्यादा नहीं सोचता और मेरी पाचन शक्ति भी पहले की तुलना में ठीक नहीं रहती है, ऐसा शायद इसलिए हो रहा है क्योंकि मेरी उम्र बढ़ रही है या फिर मेरा शरीर ज्यादा चीजों को झेल नहीं पाता है। जब मैं खुद को ज्यादा खाने के लिए मजबूर नहीं करता तो अच्छा महसूस करता हूं।

साथ ही ये भी नहीं भूलना चाहिए कि मार्शल आर्ट्स बाउट कोई बॉडी बिल्डिंग कॉम्पिटिशन नहीं होता और ना ही कोई ऐसा टूर्नामेंट होता है जहां आपको बड़ी मसल्स की जरूरत होती है। सबसे अधिक महत्वपूर्ण ये चीज होती है कि आप किस अवस्था में अच्छा महसूस कर पा रहे हैं।

Japanese martial arts icon Shinya Aoki celebrates his victory in Tokyo, Japan

हर एथलीट का आहार लेने का तरीका अलग होता है और हर किसी को इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि किस समय वो सबसे अच्छा फील कर पा रहे हैं। इसलिए मैं किसी को अपनी डाइट को फॉलो करने के लिए नहीं कहूंगा।

पहले आपको मूल बातों का ज्ञान होना जरूरी है और उसके बाद ही आप अपने लिए डाइट प्लान तैयार करें। मैंने भी शुरुआत में कई अन्य तरीकों की डाइट अपनाई थी। बॉडी बिल्डर की डाइट से लेकर शाकाहारी बनने तक मैंने सब चीजों पर अपना हाथ आज़माया और तब तक डाइट प्लांस को बदलता रहा जब तक मुझे अच्छा महसूस नहीं होने लगा।

जापानी भाषा में एक शब्द होता है Shuhari, जो मार्शल आर्ट्स की अवधारणा को दर्शाता है।

“Shu” का मतलब होता है कि आपको अपने गुरु द्वारा दी गई शिक्षा का पालन करना चाहिए। “Ha” का मतलब नियमों को तोड़कर उनकी समीक्षा करना होता है और “Ri” का मतलब अपने लिए एक नई राह का चुनाव करना। इस मनोदृष्टि से आप अपने लिए सबसे बेस्ट डाइट प्लान तैयार कर सकते हैं।

भोजन आपके प्रदर्शन पर ज्यादा प्रभाव नहीं डालेगा। आपको ये भी मानना होगा कि सप्लीमेंट्स आपके प्रदर्शन को जमीन से आसमान के लेवल पर नहीं पहुंचा सकता क्योंकि ये कोई दवा नहीं है।

मेरा मानना है कि इस तरह की हानिकारक चीजों को अपनी डाइट में शामिल करने से बचना चाहिए और कुछ ऐसा कीजिए जो आपको फायदा पहुंचा सके।

सप्लीमेंट्स लेने से पहले अच्छा आहार लेना सबसे जरूरी है। साथ ही जरूरत से ज्यादा भोजन भी फायदेमंद नहीं है और हमें शराब के सेवन से जितना हो सके उतना दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए।

Japanese mixed martial arts legend Shinya Aoki speaks at a press conference

सबसे महत्वपूर्ण बात आपका स्वस्थ रहना है। आपको जरूरत से ज्यादा खाने पर पाबंदी नहीं लगानी चाहिए और ना ही जरूरत से ज्यादा आहार लेना चाहिए। अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक डाइट प्लान बनाना बेहद जरूरी है जिससे आपका करियर लंबे समय तक चल सके।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए ONE के भार वर्ग भी इसी तरह तैयार किए गए हैं जिससे एथलीट्स को ज्यादा दिक्कत ना आए। क्योंकि ये आपको ज्यादा वजन घटाने या बढ़ाने के लिए मजबूर नहीं करता।

मैं आशा करता हूं कि आप शारीरिक और मानसिक रूप से सभी स्वस्थ रहेंगे।

ये भी पढ़ें: Shinya Aoki’s ONE 101: अगल तरह के स्पोर्ट से आते हैं ट्रेनिंग के अलग तरीके

शिन्या एओकी कई बार ONE लाइटवेट वर्ल्ड चैंपियन रह चुके हैं। वो किताबों के साथ-साथ जापान के मीडिया आउटलेट में कॉलम लिखते हैं। ये सुपरस्टार “Shinya Aoki’s ONE 101” कॉलम लिखते हैं, जिसमें वो एथलीट होने के नजरिए से ढेर सारी जानकारियां देते हैं। लेखक के विचार निजी हैं।