मॉय थाई

Woman Crush Wednesday: ऐनी लाइन होगस्टैड

ऐनी “निंजा” लाइन होगस्टैड विमेंस मॉय थाई रैंक्स में एक प्रमुख नाम हैं। वो ONE एटमवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन स्टैम्प फेयरटेक्स को गोल्ड के लिए चुनौती देने वाली अगली एथलीट हो सकती हैं।

#2 रैंक की दावेदार की मुलाकात बीती जनवरी को हुए ONE: FIRE & FURY के दौरान ONE Championship के फैंस से हुई थी, जिसमें उन्होंने अपने डेब्यू मैच में अल्मा जुनिकु के खिलाफ जीत दर्ज की थी। वहां उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से सबकी वाहवाही लूटी थी।

होगस्टैड की उत्साहित कर देने वाली पर्सनैलिटी ने उनके नए प्रशंसकों का समूह बना दिया है, जो ये जानने को उत्सुक हैं कि वो दुनिया के सबसे बड़ी मार्शल आर्ट्स संगठन में और क्या-क्या हासिल कर सकती हैं।

इस साल जब फिर से प्रोमोशन के कैलेंडर इवेंट चालू होंगे तो ये रहे वो तीन कारण, जो इस नार्वे की एथलीट के फैनबेस को बढ़ाते रहेंगे।

एंडवेंचर से जुड़े खेलों में दिलचस्पी

View this post on Instagram

i want one @home ????????

A post shared by Anne Line Hogstad Muay Thai (@annelinemuaythai) on

होगस्टैड का एड्रेनालाइन बढ़ाने वाले खेलों के प्रति उत्साह से ये साफ झलकता है कि उनका जन्म मार्शल आर्ट्स में सफलता पाने के लिए ही हुआ है।

हालांकि, उन्होंने अपने एथलेटिक जीवन की शुरुआत जिमनास्टिक्स से की थी। होगस्टैड में अपनी मां के निडर तेवर की झलक दिखती है, जिसमें जोखिम भरे खेलों के प्रति उनका उत्साह भी शामिल है।

नार्वे की पहाड़ियों के बीच “निंजा” को वाइट वॉटर राफ्टिंग और दूसरे खेलों की चाह को पूरा करने का मौका मिलता है। उन्हें जब मार्शल आर्ट्स मिला तो उनको पता चला कि अपनी एड्रेनालाइन को बढ़ाने के लिए इससे बेहतर और कोई रास्ता नहीं है।

खतरे उठाने वाली

होगस्टैड ने अपनी मार्शल आर्ट्स यात्रा की शुरुआत जिउ-जित्सु से की थी। कुछ सफलता उन्हें सेमी कॉन्टैक्ट स्टाइल में मिली थी।

इसके बाद उन्हें एक रियलिटी टीवी Norway’s Best Fighter में शामिल होकर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की दुनिया से पूरी तरह जुड़ने का मौका मिला।

“निंजा” जल्दी से प्लेन पर चढ़ीं और थाइलैंड आकर पूरे जी-जान से ट्रेनिंग करने लगीं। हालांकि, एक मॉय थाई स्टाइल के एथलीट से हारने के बाद उन्हें जल्द ही इस बात का अहसास हो गया था कि वो अभी पूरी तरह से मुकाबले के लिए तैयार नहीं हैं।

हार के बावजूद होगस्टैड ने जिउ-जित्स के खेल को छोड़ दिया और “8 अंगों की कला” के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इसमें उन्हें पता था कि वो अपनी सीमाओं को धकेल सकती हैं।

वर्ल्ड चैंपियन स्ट्राइकर

मॉय थाई की कठोर दुनिया में अपने लिए इज्जत कमाने के बाद होगस्टैड ने पूरा ध्यान स्ट्राइकिंग पर लगा दिया। इसके साथ ही वो बेहतर ट्रेनिंग करने के लिए अपने देश की राजधानी ओस्लो चली गईं।

इससे काफी पहले ही वो अपने पैशन को सफलता में बदल चुकी थीं। “निंजा” ने अपने स्थानीय मुकाबलों में चमक बिखेरते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता, किकबॉक्सिंगमॉय थाई के स्कैडिनेवियन टाइटल जीते और इसके बाद वो दो बार ISKA वर्ल्ड चैंपियन भी बनीं।

उन उपलब्धियों ने उन्हें ONE Super Series में मौका दिया, जहां अब उनकी नजर सबसे बड़े पुरस्कार पर है।

ऐनी लाइन होगस्टैड के कुछ शानदार पल

अंत में देखिए नार्वे की एथलीट के The Home Of Martial Arts में सबसे अच्छे एक्शन की झलक।

ये भी पढ़ें: कड़ी मेहनत, त्याग और हौसले की वजह से ऐनी लाइन होगस्टैड ने खुद का नाम बनाया