‘सीखने की ललक’ – जोनाथन हैगर्टी ने ONE SAMURAI 4 से पहले अपनी महानता का राज खोला
जनवरी 2019 में 21 साल के जोनाथन “द जनरल” हैगर्टी अपने ONE Championship डेब्यू के लिए रिंग में उतरे थे। तब वो एक जोशीले नए फाइटर थे, जिन्हें ग्लोबल स्टेज पर खुद को साबित करना था। करीब आठ साल बाद आज उनके नाम को किसी परिचय की जरूरत नहीं है।
ब्रिटिश स्ट्राइकिंग सुपरस्टार शनिवार, 17 अक्टूबर को टोक्यो के एरियाके एरीना में होने वाले ONE SAMURAI 4 में अपने ONE बेंटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड टाइटल पूर्व डिविजनल किंग हिरोकी अकिमोटो के खिलाफ बचाने उतरेंगे।
कागज पर देखें तो ये बड़ा टाइटल डिफेंस उस मुकाबले से बिल्कुल अलग है, जहां से सब शुरू हुआ था। इंडोनेशिया के जकार्ता शहर में ONE: ETERNAL GLORY में जोसेफ लसीरी के खिलाफ उन्होंने प्रमोशन में अपना खाता खोला था और आज का मंच उससे कहीं बड़ा है।
तब और अब में कई वेट क्लास और दो अलग-अलग खेलों का फर्क है। रिकॉर्ड और वर्ल्ड टाइटल इस सफर की कुछ कहानी बताते हैं, लेकिन “लैंड ऑफ द राइजिंग सन” में उतरने वाले इस फाइटर में असल में क्या बदला है, वो इनसे पूरी तरह पता नहीं चलता।
हैगर्टी ने बताया:
“मुझे बाकियों से अलग बनाने वाली चीज शायद अनुभव है। मैं वहां रह चुका हूं। मैंने पांच राउंड की वर्ल्ड टाइटल फाइट्स की हैं। मैं डिविजन के और पूरे संगठन के सबसे बेहतरीन फाइटर्स के सामने उतर चुका हूं। लाइट्स, कैमरे, अब मुझे इन सबकी आदत हो गई है।
“मैं सबके घर जाकर फाइट कर चुका हूं, बेल्ट डिफेंड की है, बेल्ट गंवाई है, और उसे वापस भी जीता है। मुझे लगता है कि इन सबसे मेरा किरदार भी काफी मजबूत हुआ है।”
ये मजबूत किरदार एक ऐसे करियर में बना, जिसका बाहर से अंदाजा लगाना किसी के लिए आसान नहीं था। शानदार प्रमोशनल डेब्यू के बाद “द जनरल” ने अपने दूसरे ही मुकाबले में नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया। उन्होंने दिग्गज सैम-ए गैयानघादाओ को हराकर ONE फ्लाइवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल अपने नाम कर लिया।
इसके बाद रोडटंग “द आयरन मैन” जित्मुआंगनोन के खिलाफ दो रोमांचक मुकाबलों में उन्हें हार मिली, लेकिन इस इंग्लिश फाइटर ने वही किया, जो वो जानते थे। उन्होंने फ्लाइवेट में दो और जीत हासिल कीं और फिर एक बड़ा फैसला लिया, जिसने उनके बाकी करियर की दिशा तय कर दी: उन्होंने ये डिविजन पूरी तरह छोड़ दिया।
असली बड़ी कामयाबी अप्रैल 2023 में मिली, जब वो ग्लोबल स्टेज पर नोंग-ओ हामा को फिनिश करने वाले पहले फाइटर बने। उन्होंने थाई आइकॉन को नॉकआउट कर ONE बेंटमवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल भी जीत लिया।
कुछ ही महीनों बाद हैगर्टी ने फैब्रिसियो “वंडर बॉय” एंड्राडे को नॉकआउट कर वेकेंट (रिक्त) ONE बेंटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड टाइटल जीता और दो खेलों के किंग बन गए।
बाद में “द किकिंग मशीन” सुपरलैक ने उनसे मॉय थाई का ताज छीन लिया, लेकिन किकबॉक्सिंग की बेल्ट आज भी सिर्फ उन्हीं के पास है।
तब से उन्होंने दो सफल टाइटल डिफेंस किए हैं। फरवरी 2025 में ONE 171: Qatar में वेई रुई के खिलाफ जीत और इसी अप्रैल ONE SAMURAI 1 में युकी योज़ा के खिलाफ दबदबे वाला प्रदर्शन।
लेकिन इन सबके पीछे कोई जादुई फॉर्मूला नहीं है। गोल्ड बेल्ट, बड़ी जीतें, मेन इवेंट के यादगार पल, ये सब उस कड़ी और मेहनत से कमाई गई हैं, जिसे कोई और नहीं देखता।
हैगर्टी ने इस बारे में बताया:
“असली मुश्किल पर्दे के पीछे होती है। मैं ये नहीं कहूंगा कि फाइट नाइट आसान हिस्सा है। लेकिन आप जानते हैं, ट्रेनिंग, रणनीतियां, सुबह जल्दी उठना, देर रात तक ट्रेनिंग करना [ये सब कहीं ज्यादा मुश्किल है]।
“मैं और क्रिश्चियन नोल्स, रोज-रोज अपने परिवारों से दूर रहकर बस मेहनत करते हैं। और योज़ा के खिलाफ पिछली फाइट जैसे नतीजे साबित करते हैं कि आखिर में सब कुछ सार्थक होता है। मैं इस बात के लिए भी शुक्रगुजार हूं कि मेरे साथ इतना शानदार कोच है।”
जोनाथन हैगर्टी को क्या चीज शिखर पर रहने में मदद करती है
ONE वर्ल्ड चैंपियन होना सिर्फ फाइट जीतने से कहीं ज्यादा उम्मीदों के साथ आता है। जोनाथन हैगर्टी इस स्तर पर खरे उतरने का श्रेय एक सीधे-सादे फॉर्मूले को देते हैं, जिस पर वो पहले दिन से टिके हुए हैं।
29 साल के हैगर्टी से जब पूछा जाता है कि वो बेंटमवेट के बाकी फाइटर्स से अलग क्यों हैं तो वो किसी कुदरती टैलेंट या किस्मत का नाम नहीं लेते।
उन्होंने इसे कुछ यूं समझाया:
“मैं इन सबका श्रेय कड़ी मेहनत को देता हूं। कड़ी मेहनत, लगन, सीखने की ललक, जीतने की ललक और कोई कसर बाकी न छोड़ना। मैं जितना हो सके उतनी मेहनत से ट्रेनिंग करता हूं। आप यकीन नहीं करेंगे।
“ये मेरे लिए सब कुछ है इसलिए रिंग में उतरकर जीत हासिल करना और अपना हाथ ऊपर उठवाना आखिर में बहुत मायने रखता है।”
बेल्ट जीतना एक बात है। उन्हें जीतने के बाद भी भूखा बने रहना बिल्कुल अलग चुनौती है और इसी चुनौती ने कॉम्बैट स्पोर्ट्स में कई दबदबे वाली बादशाहत को चुपचाप खत्म कर दिया।
हैगर्टी चाहें तो अपनी उपलब्धियों के भरोसे आराम से चल सकते हैं, खासकर तब जब रिंग के बाहर की उनकी बढ़ती जिंदगी लगातार उनका ध्यान खींच रही है। खास फैशन वीक के न्योतों से लेकर बड़े रेड कार्पेट इवेंट्स तक, इस ब्रिटिश सुपरस्टार ने मार्शल आर्ट्स की दुनिया से बाहर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
लेकिन इनमें से किसी ने भी उस चीज पर उनकी पकड़ ढीली नहीं की, जो अब भी सबसे ज्यादा मायने रखती है: कॉम्बैट स्पोर्ट्स के सबसे बड़े मंच पर वही करना, जो उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है।
उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा:
“मुझे भूखा रखने वाली चीज है बेल्ट को डिफेंड करते रहने की मेरी भूख, अपनी विरासत बनाना, खेल में सबसे बेहतरीन बनना, जीतते रहना, टॉप पर बने रहना, और हैगर्टी नाम को जिंदा रखना।
“मेरा छोटा भाई (फ्रेडी हैगर्टी) भी आगे बढ़ रहा है तो जब ये सब खत्म हो जाएगा तो फिर उसकी बारी होगी। लेकिन अभी के लिए, मैं इसे जारी रखूंगा।”