कैसे 2 युवा एथलीट्स टाय और केड रुओटोलो बन गए BJJ के सबसे बड़े सितारे

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वर्तमान में जुड़वा भाई टाय रुओटोलो और केड रुओटोलो मार्शल आर्ट्स की दुनिया के दो सबसे जोशीले व प्रतिभाशाली एथलीट बन गए हैं। शुक्रवार, 20 मई को ONE Championship में ये दोनों अपनी ग्राउंड स्किल्स ग्लोबल स्टेज पर लाने वाले हैं।

19 साल के ये प्रतिभाशाली एथलीट सबमिशन ग्रैपलिंग कॉन्टेस्ट में अपना डेब्यू ONE 157: Petchmorakot vs. Vienot में आयोजित मुकाबले के दौरान करेंगे, जिसमें टाय का मुकाबला गैरी टोनन और केड का मुकाबला शिन्या एओकी से इवेंट के मेन कार्ड पर होगा।

टोनन और एओकी दोनों पहले से ही BJJ और MMA के सुपरस्टार हैं। ऐसे में अमेरिकी जुड़वा एथलीट्स को अपने पहले प्रोमोशनल मुकाबले में समझदारी से उतरना होगा।

सिंगापुर इंडोर स्टेडियम के सर्कल में प्रवेश करने से पहले आइए जानते हैं कि दोनों युवा एथलीट ग्रैपलिंग की दुनिया में शिखर तक कैसे पहुंचे ओर कैसे उन्होंने The Home of Martial Arts जॉइन किया।

सीखने से मैट तक का सफर

रुओटोलो भाइयों के लिए बचपन और ब्राज़ीलियन जिउ-जित्सु काफी कुछ एक जैसे ही रहे थे।

हवाई के माउई में जन्म लेने के बाद दोनों कैलिफोर्निया के हंटिंगटन बीच चले गए और उसके कुछ ही महीनों के बाद उनकी BJJ की यात्रा शुरू हो गई।

उनके पिता खुद BJJ प्रैक्टिस किया करते थे और तीन साल की उम्र से ही उन्होंने अपने बेटों को इसकी क्लास में शामिल करवा दिया। उसके बाद से दोनों के जीवन का ये हिस्सा बन गया।

केड ने कहा:

“उस समय हमारे पिता ब्लू बेल्ट तक पहुंच गए थे। ऐसे में अपना करियर शुरू करने से पहले हम उन्हीं के साथ रेसलिंग किया करते थे। इस वजह से जैसे ही हम थोड़े बड़े हुए थे, तब तक पता चल चुका था कि वो हमें इसमें शामिल करना चाहते हैं।”

टाय ने कहा:

“पहले ही दिन से ये महसूस हो गया था कि मुझे इस चीज से प्यार हो गया है और तभी से हम ये करते आ रहे हैं।”

इसके बाद से दोनों ने जल्द ही मुकाबले करने शुरू कर दिए और उनकी कमाल की प्रतिभा जल्द ही सब पहचान गए क्योंकि उन्होंने स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिताब हासिल करने शुरू कर दिए थे।

केड अपनी सफलता का श्रेय इस खेल के प्रति अपने जुनून और भाई से दोस्ताना प्रतिद्वंदिता को देते हैं, जिसके चलते उनका उत्साह बरकरार बना रहा।

उन्होंने कहा, “हमने बच्चों की रैंक्स में अच्छा करते हुए प्रगति करनी शुरू कर दी थी और लगभग हर मुकाबला जीतने लगे थे। हमारे माता-पिता कहने लगे थे ‘कमाल हो गया, ये बच्चे तो काफी अच्छा कर रहे हैं।’ इसके बाद वो हमें बड़े बच्चों से मुकाबला करने के लिए प्रेरित करने लगे।”

“हम एक के बाद एक तरक्की करते ही जा रहे थे और ऐसे मुकाम पर पहुंच गए थे, जहां हम जो भी करते थे, उसमें नंबर-1 बन जाते थे। जीवन में अब तक हम एक-दूसरे से मुकाबला करते आ रहे थे, एक-दूसरे को कांटे की टक्कर देते आ रहे थे और उसी के बल पर हम आज यहां तक आ पहुंचे हैं।”

जल्द ही ऊबने वाले दौर से बाहर निकले

बहुत ही कम बच्चे 3 साल की उम्र से कुछ करना शुरू कर देते हैं और फिर दशकों तक बिना रुके हुए उसमें शामिल रहते हैं।

ऐसे में अपनी शुरुआती उम्र में ही भविष्य के महान एथलीट्स के तौर पर गिने जाने वाले दोनों भाइयों को लगने लगा था कि उन्हें BJJ छोड़ देना चाहिए।

केड ने कहा, “मुझे लगता है कि मैं करीब 12 या 13 साल के आसपास का रहा होऊंगा, जब हम इस खेल से पूरी तरह ऊब गए थे। लगने लगा था कि हम इसे और आगे जारी नहीं रखना चाहते थे और दो महीने तक हमने इससे दूरी बनाए रखी थी।”

टाय ने कहा, “वही वो समय था, जब हमने ये तय किया था कि हमें जरूरत से ज्यादा ट्रेनिंग नहीं करनी है। हम जब भी क्लास में जरूरत से ज्यादा ट्रेनिंग करते थे तो हमें लगता था कि हम में सुधार नहीं हो रहा है। ये उसी तरह से था कि जैसे हम क्लास में गए ही ना हों।”

उस समय केवल वो एक ही चीज थी, जो उन्हें इस परेशानी से निकाल सकती थी और वो था उनका बच्चों की तरह मजा करना। कोस्टा रिका की विरासत वाले दोनों भाई अपने गृहनगर गए और वहां आध्यात्मिक माध्यम से दोनों ने फिर से ऊर्जा बटोरनी शुरू कर दी थी।

इसके बाद जब वो फिर से मैट पर आए तो उन्हें ये अहसास हो चुका था कि वो भटकाव अस्थाई था, लेकिन ये मौका उन्हें अपने जीवन और स्ट्राइकिंग के बीच जरूरी संतुलन बनाने का सबक सिखाकर गया था।

केड ने बताया:

“मैंने एक छोटा सा ब्रेक लिया ओर दो महीने के लिए कोस्टा रिका चला गया। वहां जंगल घूमने गया और खुद को तरोताजा किया। इसके बाद फिर से आकर ट्रेनिंग में लग गया।”

टाय ने बताया:

“ये हमारे लिए बहुत जरूरी था कि हम जरूरत से ज्यादा ट्रेनिंग ना करें और इसके व बाकी चीजें जो हमें अच्छी लगती हैं जैसे सर्फिंग, स्केटिंग और फिशिंग के बीच में सही संतुलन बनाकर रखें।”

एक दिग्गज से ली प्रेरणा

फिर एक समय ऐसा आया, जब इन किशोरों के जीवन में एक नए कोच की एंट्री हुई और उन्होंने इन दोनों एथलीट्स का ग्रैपलिंग के प्रति लगाव और बढ़ा दिया।

BJJ आइकॉन और साथी ONE एथलीट आंद्रे गल्वाओ इन दोनों जुड़वा भाइयों को अपने साथ कैलिफोर्निया में सैन डियागो के Atos HQ जिम ले आए। वहां उन्होंने इन दोनों को अपना भविष्य इस खेल के प्रति समर्पित करने के लिए प्रेरित किया।

केड को याद है, “ये वो समय था, जब हम जिउ-जित्सु से ऊबने लगे थे और हमने इसके लिए एक ब्रेक ले लिया था।”

“फिर हम Atos गए और दो महीने में पहली बार एक क्लास ट्राई की। इसके तुरंत बाद हमें इस खेल से फिर प्यार हो गया। आंद्रे ने हमारा स्वागत खुली बाहों से किया। ऐसे में वो मुझे सकारात्मक सोच के साथ एक सामान्य व्यक्ति लगे। फिर लगा कि हमें वहां रुके रहना चाहिए। उन्होंने इस तरह से हमारी काफी मदद की।”

अगर ये दोनों एथलीट महान बनना चाहते थे तो रुओटोलो भाइयों को इससे बेहतर प्रेरणास्रोत नहीं मिल सकता था।

गल्वाओ गी और नो-गी मुकाबलों के शिखर तक पहुंच चुके थे और वो अपने स्टूडेंट्स को उनके सपनों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करते थे। साथ ही उनमें मूल्यों के प्रति आदर भी पैदा करते थे।

टाय ने कहा:

“जहां तक जिउ-जित्सु की बात है तो मैं हर वो चीज पाने की कोशिश कर रहा हूं, जो वो कर चुके हैं। केवल यही नहीं बल्कि जिस तरह से हम उन्हें जिम चलाते हुए देखते हैं, वो गजब का है। वो एक बहुत बड़ा जिम चलाते हैं और हर स्टूडेंट के लिए वहां मौजूद रहते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि उनके खुद के जीवन में क्या चल रहा है।

“मेरी समझ से मुझे ये कहना ही होगा, ‘किसी भी व्यक्ति की महानता इस बात से नहीं आंकी जा सकती है कि उनके पास कितनी धन-दौलत है बल्कि वो अपने आसपास कितने लोगों को सकारात्मक तरीके से प्रभावित करते हैं।’ ये वो चीज है, जिसके आसपास मुझे जीना अच्छा लगता है और यही वो चीज है, जो आंद्रे ने हमें सिखाई है। वो हरेक को अपनी सकारात्मकता से प्रभावित करते हैं इसलिए मैं कई तरीके से उनकी सराहना करता हूं।”

शिखर पर पहुंचकर टिकी नए मौकों पर नजरें

अपने प्रेरणास्रोत के पदचिह्नों पर चलते हुए टाय और केड का नाम ऐसी लिस्ट में शामिल हो गया है, जिसको BJJ में अपने जीवन लगा देने वाले सितारे नहीं पा पाते हैं। ऐसे मे केवल 19 साल की उम्र में उन्हें अपने गजब के टैलेंट का प्रदर्शन सबसे बड़े मंच पर करने का मौका मिलने जा रहा है।

ONE ने हाल ही में सबमिशन ग्रैपलिंग मुकाबलों को दोबारा शामिल किया है। ऐसे में ये किशोर एथलीट्स इसमें भाग लेने से ज्यादा खुश नहीं हो सकते हैं।

टाय ने कहा, “(सबमिशन ग्रैपलिंग) एक गजब का खेल है। इसको बढ़ावा देकर ONE ने एक शानदार काम किया है। इसमें आपको सबसे तेजी से और सही तरीके से प्रतिद्वंदी का सबमिशन करना होता है।”

केड ने आगे बताया, “हर चीज, यहां तक कि इवेंट से पहले चाट्री की बातों से हर एथलीट को ये पता चल जाता है कि वो यहां क्यों आए हैं। वो यहां फिनिश करने आए हैं और इन चीजों को ऐसे ही होना चाहिए था। ये जिउ-जित्सु के लिए बहुत अच्छा हो रहा है।”

अभी के लिए रुओटोलो भाई ONE 157 में अपने कड़े मुकाबले पर ध्यान लगा रहे हैं, लेकिन दोनों ने ही ONE के साथ MMA में भी मुकाबला करने पर डील की हुई है।

इसके चलते दोनों भविष्य को लेकर काफी उत्साहित हैं। ऐसे में BJJ की दुनिया में भी काफी कुछ ऐसी उपलब्धियां हैं, जिन्हें वो हासिल करना चाहेंगे। इस वजह से दोनों भाइयों की नजरें पूरी तरह से अपने नए स्पोर्ट पर मजबूती से टिकी हैं।

केड ने कहा:

“जिउ-जित्सु अब भी हमारी प्राथमिकता में नंबर-1 बनी हुई है और अभी से आगे तक ये ऐसे ही बनी रहने वाली है। हालांकि, जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा तो मैं दूसरे रास्ते भी तलाशना चाहूंगा।”

टाय ने आगे बताया:

“पिछले साल हमने MMA की ट्रेनिंग वाले पक्ष पर ध्यान देना शुरू किया था। ऐसे में हम वहां पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। हम तैयार हैं और उत्साहित भी हैं।”

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