मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स

माँ के आंसुओं ने क्वोन वोन इल को जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया

“प्रीटी बॉय” क्वोन वोन इल पिछले साल ONE Championship डेब्यू करने वाले एथलीट्स में से सबसे अधिक सफलता हासिल करने में सफल रहे हैं।

दक्षिण कोरियाई नॉकआउट आर्टिस्ट ONE: FIRE AND FURY में वापसी कर रहे हैं, उन्होंने लगातार 3 मैचों में स्टॉपेज से जीत हासिल करते हुए सभी को चौंका दिया था और इसी के साथ वो बेंटमवेट डिविजन के उभरते हुए सितारे साबित हुए हैं।

शुक्रवार, 31 जनवरी को सियोल से आने वाले एथलीट ग्लोबल स्टेज पर अपने छठे मुकाबला में हिस्सा लेंगे और उन्हें शोको साटो की चुनौती से पार पाना है। यदि क्वोन अपने अनुभवी प्रतिद्वंदी और Shooto बेंटमवेट वर्ल्ड चैंपियन पर जीत दर्ज करने में सफल रहे तो जल्द ही उन्हें वर्ल्ड टाइटल शॉट भी मिल सकता है।

हालांकि, “प्रीटी बॉय” ने इतना बड़ा स्टार बनने के बारे में कभी नहीं सोचा था।

मॉल ऑफ एशिया एरीना में इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले से पहले देखिए वो क्या चीज रही जिसने क्वोन का ध्यान मार्शल आर्ट्स की तरफ आकर्षित किया और कैसे वो ONE के सबसे टैलेंटेड और उभरते हुए सितारों में से एक साबित हुए।

माँ के आंसू

Kwon Won Il at ONE CENTURY

क्वोन का जन्म दक्षिण कोरिया के पांचवे सबसे बड़े शहर डेजिओन में हुआ था, जो राजधानी सियोल से करीब 150 किमी दक्षिण में स्थित है।

यहीं से उनके मार्शल आर्ट्स सफर की शुरुआत हुई और अपने प्राथमिक स्कूल की टायक्वोंडो टीम को जॉइन किया। उन्होंने जल्द ही बता दिया कि वो बने ही मार्शल आर्ट्स के लिए हैं और उसके बाद उन्होंने छोटे स्तर के टूर्नामेंट् से आगे बढ़कर नेशनल यूथ टूर्नामेंट में भाग लिया।

हालांकि क्वोन अच्छे स्टूडेंट नहीं साबित हुए। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा करने के बाद इस स्पोर्ट को छोड़ दिया और उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें दिशा दिखाने वाला कोई नहीं था।

उन्होंने कहा, “मैं टायक्वोंडो से परेशान हो चुका था और एक समय पर मैंने पढ़ना और ट्रेनिंग करना, दोनों ही छोड़ दिए थे।”

इसके बाद भी परिस्थितियों में सुधार नहीं आया और समय-समय पर वो अन्य स्टूडेंट्स के साथ मारपीट करते थे। फिर एक ऐसा भी समय आया जब उनके स्कूल के प्रिंसिपल इस रवैये से बहुत परेशान हो चुके थे और आग्रह किया कि वो स्कूल बदल लें।

क्वोन ने बताया कि जब उन्होंने प्रिंसिपल के इस फैसले पर अपनी माँ को रोते देखा तो उस लम्हे ने उन्हें अलग तरह से सोचने पर मजबूर कर दिया।

उन्होंने कहा, “ये पहली बार था जब मैं अपनी माँ को सिर नीचे झुकाए रोते हुए देख रहा था।”

“इसी लम्हे ने मुझे एहसास कराया कि उनके आंसुओं को पोंछने के लिए मुझे कुछ करना होगा। उसके बाद मैंने पढ़ाई और ट्रेनिंग को सीरियस तरीके से लिया।”

नया घर और नया सपना

क्वोन ने कुछ समय बाद ही खुद को Hwajeong के एक स्कूल में पाया जो सियोल से कुछ ही दूरी पर स्थित है। नया शहर और नए दोस्तों ने उन्हें खुद कुछ करने के लिए प्रेरित किया।

क्वोन ने कहा, “मैं निश्चय कर चुका था कि मुझे अपनी जिंदगी में जरूर कुछ कर दिखाना है।”

“इसी दौरान मैंने नोटिस किया कि नए स्कूल में स्टूडेंट्स अपने-अपने काम में व्यस्त थे। जल्द ही मुझे एहसास हुआ कि इनके भी कुछ सपने हैं। इसी चीज ने मुझे प्रेरित किया कि मैं आखिर अपनी जिंदगी में क्या करना चाहता हूँ।”

“प्रीटी बॉय” ने Extreme Combat को जॉइन किया जो एक मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स जिम है। यही वो जगह रही जिसने उनके दिल में मार्शल आर्ट्स के प्रति एक बार फिर जुनून को जागृत कर दिया था।

एक ऐसा खेल जो दुनिया में किसी अन्य खेल से बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और उसके अनुशासन को समझने से उन्हें बहुत प्रेरणा मिली और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

क्वोन ने कहा, “इसके बाद टायक्वोंडो मेरे लिए मात्र एक हॉबी बनकर रह गई थी।”

“टायक्वोंडो में कुछ खराबी नहीं है लेकिन इसकी ट्रेनिंग से मुझे लग रहा था कि ये मुझे आगे बढ़ने से रोक रहा है। जैसे ही मुझे मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स का ज्ञान हुआ तो मैं बेहद उत्साहित महसूस करने लगा।

“ये टायक्वोंडो से मिलता-जुलता था लेकिन साथ ही साथ ये मेरे लिए नया भी था। जब मुझे एहसास हुआ कि अब इससे ऊपर कोई खेल नहीं है इसलिए मैंने अपने लिए लक्ष्य तैयार करने शुरू कर दिए।”



प्रोफेशनल करियर की शुरुआत

उन्होंने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग शुरू कर दी लेकिन जल्द ही उनके सामने एक और नई मुसीबत आ खड़ी हुई और इस मुसीबत का नाम था पैसा।

उन्होंने आगे बताया, “वो मेरे लिए सबसे बड़ी मुसीबतों में से एक थी, मैं ट्रेनिंग जारी रखना चाहता था लेकिन इसके लिए मुझे पैसे भी चाहिए थे।”

“इसलिए मैंने एक स्नैक स्टैंड पर पार्ट-टाइम नौकरी शुरू कर दी और उसके बाद फ्राइड चिकन जॉइंट पर भी काम किया।”

सप्ताह के दिनों में वो tteok-bokki (मसालेदार फ्राइड राइस केक्स) के आर्डर लिया करते थे, वीकेंड में वो दूसरी जगह पर काम किया करते थे।

इसका मतलब ये था कि उन्हें लंबे और थकान भरे दिन के बाद रात में ट्रेनिंग के लिए समय मिल पाता था।

उन्होंने कहा, “जब मैं जिम जाता था तो मैं मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत थका हुआ महसूस करने लगा था।”

“लेकिन मैं दृढ़ निश्चय कर चुका था और किसी भी स्थिति में ट्रेनिंग जारी रखना चाहता था। ये एक ऐसी चीज थी जिसे मैं चाहकर भी नहीं छोड़ सकता था।”

उनकी मेहनत रंग लाई और जल्द ही उन्हें जापान जाने का मौका मिला जहाँ, 19 साल की उम्र में उन्होंने हिरोटाका मियाकावा के खिलाफ मैच के साथ अपना प्रोफेशनल डेब्यू किया। उन्होंने 19 प्रोफेशनल मुकाबलों के अनुभव वाले एथलीट को केवल 36 सेकेंड में नॉकआउट कर सुर्ख़ियाँ बटोरीं।

अगला कदम क्या है?

हालांकि क्वोन शुरुआत में तो सफल साबित हुए लेकिन साथ ही साथ उन्हें मैच मिलने के लिए संघर्ष भी करना पड़ रहा था। उन्होंने अपने पहले 7 मुकाबलों में जीत दर्ज की लेकिन वो इस बात से निराश थे कि इस रिकॉर्ड को बनाने में उन्हें 4 साल से भी ज्यादा का समय लगा।

ये सौभाग्य की बात रही कि ONE ने उनके टैलेंट को नोटिस किया और अभी तक वो ONE में 3 फर्स्ट-राउंड TKO जीत दर्ज कर चुके हैं।

जनवरी 2019 में अपने प्रोमोशनल डेब्यू मैच में उनके शानदार और दमदार स्ट्रेट राइट के सामने एंथनी एंगलेन केवल 67 सेकेंड में मैच गंवा बैठे थे।

अप्रैल में एरिक “द नेचुरल” केली उनके सामने केवल 19 सेकेंड ही टिक सके।

वहीं अक्टूबर में हुए ONE: CENTURY PART I में उन्होंने पहले राउंड में जबरदस्त ग्राउंड एड पाउंड गेम के सहारे सुनौटो “द टर्मिनेटर” पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

अब 31 जनवरी को ONE: FIRE AND FURY में Extreme Combat और Top Gym BF का प्रतिनिधित्व करने वाले क्वोन ग्लोबल स्टेज पर अपनी चौथी जीत के इरादे से सर्कल में कदम रखेंगे और जीत हासिल कर वर्ल्ड टाइटल के एक कदम और करीब पहुंचने की कोशिश भी करेंगे।

क्वोन ने कहा, “मेरे लिए ONE किसी सपने के सच होने जैसा है। मैं बड़े लेवल पर मैच चाहता था और यहाँ कई चीजें हैं जो मुझे अभी हासिल करनी हैं।”

“मैं एक दिन वर्ल्ड चैंपियनशिप बेल्ट के साथ कोरिया वापस जाना चाहता हूँ।”

ये भी पढ़ें: कड़ी मेहनत, त्याग और हौसले की वजह से ऐनी होगस्टैड ने खुद का नाम बनाया

मनीला | 31 जनवरी | ONE: FIRE & FURY | टिकेट्सयहां क्लिक करें  

*ONE Championship की ऑफिशियल मर्चेंडाइज़ के लिए यहां हमारी शॉप पर आएं