Mixed Martial Arts

एडुअर्ड फोलायंग अब भी शिक्षा देने के अपने सपने को कर रहे हैं पूरा

एडुअर्ड “लैंडस्लाइड” फोलायंग चाहे फिलीपींस के सबसे बड़े मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स स्टार हैं लेकिन ये चीज उन्हें अपने देशवासियों के लिए समय निकालने से नहीं रोक पाती।

पूर्व ONE लाइटवेट वर्ल्ड चैंपियन इस शुक्रवार, 31 जनवरी को होने वाले ONE: FIRE AND FURY में पीटर “द आर्केंजल” बस्ट का सामना करने वाले हैं। उन्हें ग्लोबल स्टेज पर मार्शल आर्ट्स में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने से पहले से ही अपने अनुभव से दूसरी जनरेशन के एथलीट्स को शिक्षा देने का शौक रहा है।

चाहे वो क्लास को पीछे छोड़ चुके हैं लेकिन अब कम से कम वो Team Lakay में स्टूडेंट्स को बेहतर मार्शल आर्टिस्ट बनने और बेहतर इंसान बनने की शिक्षा देते हैं।

फोलायंग ने University of Cordilleras से अपराध-विज्ञान की पढ़ाई की है और एक समय वो इसी फ़ील्ड में करियर बनाना चाहते थे लेकिन नेशनल वुशु टीम के साथ उनके शेड्यूल ने उन्हें इस कोर्स के एग्ज़ाम में बैठने से वंचित रख दिया था।

वो डिग्री को उतना ही दर्जा देते थे जितना कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करने को इसलिए उन्होंने एक नए विषय पर ध्यान देना शुरू कर दिया। अपने मार्शल आर्ट्स के गुरूजनों से प्रेरित होकर उन्होंने एजुकेशन की डिग्री को ज्यादा तवज्जो दी।

उन्होंने कहा, “ये काफी सराहनीय बात थी कि किस तरह हमारे कोच हमें अपने ज्ञान से अवगत करा रहे थे।”

“इस टीम के साथ बिताए गए समय ने मुझे ये भी समझने में मदद की कि पढ़ाई किसी व्यक्ति की जिंदगी में कितना बदलाव ला सकती है। मेरे सामने चुनाव के लिए कई प्रोग्राम थे लेकिन मैं एक ऐसी चीज चुनना चाहता था जिसमें मुझे मजा आए इसलिए मैंने शिक्षा देने/टीचिंग को चुना, इसके बाद मैं किसी भी जगह जाता तो वहाँ मैं शिक्षा देने का ही चुनाव करता।”

“लैंडस्लाइड” ने साल 2008 में डिग्री प्राप्त की और 3 महीने और पढ़ाई करने के बाद वो बोर्ड एग्ज़ाम में उत्तीर्ण हुए, लाइसेंस प्राप्त किया और हाई स्कूल में फिज़िकल एजुकेशन पढ़ाने लगे।



बच्चे जानते थे कि फोलायंग एक एथलीट हैं इसलिए वो उन्हें हमेशा सम्मान की नजरों से देखते आए हैं और फोलायंग अपने जीवन के उस समय को बड़े शौक से याद करते हैं।

उन्होंने कहा, “वो समय काफी अच्छा था क्योंकि बच्चे अपनी-अपनी जिंदगी में क्या होगा उसको लेकर जिज्ञासु थे।”

“शरारती बच्चे हर जगह होते हैं लेकिन जब भी आप किसी को नोटिस करते हैं कि कोई आपको बड़े ही ध्यान से सुन रहा है तो वो बहुत अच्छा अनुभव होता है। दूसरे जो दिक्कतें पैदाकर रहे होते हैं, ये एक अच्छा अनुभव उन दिक्कतों की भरपाई करता है।

“मुझे लगता है कि उस समय को याद करने का अपना ही एक अलग मजा है, जब मैं उनके पेपरों को चेक कर रहा था तो उनमें से कई बहुत परेशान भी थे। वो सभी मेरे टीचिंग करियर के रोमांचक लम्हे रहे और इसके साथ ही ये जानना कि उनमें से कुछ बच्चे आपका बहुत आदर करते हैं।”

इस प्रोफेशन से संतुष्ट होने के बावजूद फोलायंग को एक दिक्कत का सामना करना पड़ा क्योंकि वो इस जॉब की जरूरतों और अपने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स करियर के बीच सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे थे। मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स करियर जो 2007 में हुए डेब्यू के बाद आगे बढ़ने का इंतज़ार कर रहा था।

Former ONE Lightweight World CHampion Eduard Folayang

उन्होंने बताया, “एक टीचर की जिंदगी बहुत कठिन होती है, आप सुबह जल्दी उठते हैं और आपको दिन के लंबे शेड्यूल के लिए तैयार रहना होता है। इसके बाद घर लौटने के बाद भी आपको कई अन्य कामों से निपटना होता है।”

“आपका पूरा दिन व्यस्त कार्यक्रम से भरा हुआ होता है। मुझे लगता है कि ये बहुत अच्छा प्रोफेशन है और मैं उनका आदर करता हूँ जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी शिक्षा देने को समर्पित की है।

“मेरा समय और ध्यान 2 चीजों में बंटा हुआ था इसलिए मैं किसी एक पर ध्यान नहीं दे पा रहा था। मुझे लगा कि मैं बड़ा होने के बाद भी पढ़ा सकता हूँ लेकिन मार्शल आर्ट्स करियर बनाने का मौका एक बार निकल गया तो ये मेरे लिए इंतज़ार नहीं करेगा। मैं पुराने समय को याद कर ये नहीं सोचना चाहता कि मैंने प्रतिस्पर्धा करने का अवसर खो दिया जबकि मेरा शरीर मुझे ऐसा करने की अनुमति दे रहा था।

“उसके बाद मैंने निर्णय लिया कि मैं मार्शल आर्ट्स में आगे बढ़ना जारी रखूंगा क्योंकि भविष्य में कभी ना कभी मैं टीचिंग दोबारा से शुरू कर सकता हूँ।”

सौभाग्य से उन्हें जीत मिलनी शुरू हुई, इस खेल का सबसे बड़ा टाइटल अपने नाम किया और पूरे एशिया के सबसे बेस्ट मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट्स में से एक बने। इस दौरान उन्हें अपने दूसरे पैशन को पूरा करने का भी मौका मिला, अंतर ये था कि इस बार वो क्लासरूम में नहीं बल्कि Team Lakay के युवा स्टार्स को अपने अनुभव से सीख दे रहे थे।

असल में अब वो जो भी करते हैं उसका उनकी कम्यूनिटी पर उतना ही प्रभाव पड़ता है जितना उन्होंने किसी दूसरे करियर से ऐसा करने के बारे में सोचा था।

उन्होंने बताया, “मार्शल आर्ट्स आपको ऐसी कई चीजें सीखने में मदद करता है जिनका प्रयोग एथलीट्स अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भी कर सकते हैं।”

“पंचिंग और किकिंग ऐसी स्किल्स हैं जो आसानी से सिखाई जा सकती हैं। हालांकि, इन स्किल्स को सीखने के दौरान जो चैलेंज और त्याग करने पड़ते हैं वो लोगों को बताते हैं कि मार्शल आर्ट्स के नियमों से आप अपनी जिंदगी कैसे व्यतीत कर सकते हैं।

“ट्रेनिंग आपको बताती है कि आप अपने समय को कैसे नियंत्रित कर सकते हैं, प्रतिस्पर्धात्मक रवैये में कैसे सुधार ला सकते हैं, अनुशासन, आदर, दूसरों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने के साथ-साथ कई अन्य चीजें भी सिखाती है। मुझे लगता है कि ये सभी चीजें किसी व्यक्ति को सोसाइटी का अच्छा सदस्य बनने में भी मदद करते हैं।

“मेरे स्टूडेंट मुझसे कैसी शिक्षा ले रहे हैं, मार्शल आर्ट्स मुझे भी ये जानने के लिए प्रेरित करता है, जिससे मेरी शिक्षा देने की लालसा और भी बढ़ने लगती है। अपने स्टूडेंट्स को सफल होते देखना और अपने फ़ील्ड में आगे बढ़ने पर मुझे शिक्षक होने पर गर्व महसूस होता है। इसका मतलब ये नहीं है कि मैंने अकेले दम पर उन्हें आगे बढ़ने में मदद की है बल्कि मुझे ये बात अच्छी लगती है कि मैं उनके सफल होने तक के सफर में साथ रहा।”

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मनीला | 31 जनवरी | ONE: FIRE & FURY | टिकेट्सयहां क्लिक करें  

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