कैसे पाई-पाई जोड़कर बियांका बैसिलियो ने टॉप BJJ एथलीट बनने का सफर किया हासिल

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टॉप ब्राजीलियन जिउ-जित्सु (BJJ) ब्लैक बेल्ट होल्डर बियांका बैसिलियो अपने करियर में केवल सफलता प्राप्त करने को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य मानती आई हैं।

अब 25 मार्च को ONE Fight Night 8 में 27 वर्षीय स्टार का सामना एक हाई-प्रोफाइल सबमिशन ग्रैपलिंग मैच में 5 बार की BJJ वर्ल्ड चैंपियन टैमी मुसुमेची से होगा।

बैसिलियो भी 2 बार BJJ वर्ल्ड चैंपियन रही हैं और उन्होंने साओ पाउलो में एक सोशल प्रोजेक्ट के कारण जिउ-जित्सु सीखना शुरू किया था और आगे चलकर अपने टैलेंट से पूरी दुनिया को प्रभावित किया।

वो अब सिंगापुर इंडोर स्टेडियम में मुसुमेची के खिलाफ अहम स्ट्रॉवेट बाउट की तैयारी कर रही हैं। उस मैच से पहले यहां जानिए ब्राजीलियाई एथलीट के सफलता प्राप्त करने के शानदार सफर के बारे में।

‘मुझे गुस्सा बहुत जल्दी आता था’

बैसिलियो बचपन से बहुत एक्टिव, एनर्जी से भरपूर रहती थीं और उनकी एथलेटिक एबिलिटी भी शानदार थी। वो गर्मी में चिलचिलाती धूप में कापोएरा, बॉक्सिंग, मॉय थाई, बाटोन टवर्लिंग, थिएटर, सॉकर और हैंडबॉल भी खेला करती थीं।

उन्हें 12 साल की उम्र में जिउ-जित्सु के बारे में पता चला और इस खेल से उन्हें तुरंत लगाव हो गया था।

बैसिलियो बहुत हंसमुख इंसान दिखाई पड़ती हैं, लेकिन युवावस्था में वो बहुत आक्रामक स्वभाव की हुआ करती थीं, जिससे पता चलता है कि उन्हें हमेशा फाइटिंग से प्यार रहा है।

उन्होंने ONEFC.com से कहा:

“मेरे पिता हमेशा कहते थे कि कभी किसी को उकसाना नहीं है और अगर कोई पहले हम पर हमला करे तो हमें उस व्यक्ति की हालत खराब कर देनी है क्योंकि वो कहते थे कि हम पंचिंग बैग नहीं हैं। अगर हम पिटकर आए तो हम घर पर भी पिटेंगे (हंसते हुए)। वो ये भी कहते थे कि अगर मेरी लड़ाई हो रही है, जिसमें मेरी गलती थी तो स्थिति ज्यादा बिगड़ सकती थी।

“मैं अन्य बच्चों से लड़ती रहती थी और जब मेरे भाई का झगड़ा होता तो हम दोनों साथ जाते थे। मेरी एनर्जी उस समय सबसे ज्यादा काम आती थी। मैं जब अपनी एनर्जी का इस्तेमाल खेलों की ट्रेनिंग के लिए नहीं कर रही होती थी, तब मेरी एनर्जी फाइटिंग में जा रही होती थी। मुझे बहुत जल्दी गुस्सा आता था।”

बैसिलियो की इसी आक्रामकता के कारण स्कूल में अन्य बच्चे उनसे डरते और उनका सम्मान करते थे, मगर आज उनका व्यक्तित्व पूरी तरह बदल चुका है।

उन्होंने कहा:

“मैं हमेशा सही का साथ देकर अपने साथियों की मदद करती थी। मैं बात करने या बहस में ज्यादा नहीं पड़ती थी। मेरे स्कूल के दिनों में ज्यादा दोस्त नहीं थे, लेकिन मुझे लगता था कि वो मेरे खिलाफ होने के बजाय साथ रहकर ज्यादा फायदे में रहते। एक हास्यास्पद बात ये है कि मेरा आज का रूप देखकर कोई नहीं कह सकता कि मैं युवावस्था में कैसी थी।”

एक ऐसी राह जिसने उनका जीवन बदल दिया

BJJ में आने के बाद युवा स्टार ने अपनी एनर्जी ट्रेनिंग में लगानी शुरू की और इस खेल ने उनके जीवन में भी कई बदलाव लाए।

इस खेल के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता की वजह से कुछ समय बाद ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फाइटिंग शुरू की।

बैसिलियो ने कहा:

“मेरे जिउ-जित्सु शुरू करने के बाद काफी चीज़ें प्राकृतिक रूप से बदलने लगी थीं। मैं समय के साथ इस खेल के प्रति समर्पित होती जा रही थी। मैंने स्कूल की पढ़ाई छोड़कर केवल ट्रेनिंग पर ध्यान लगाया।

“कुछ महीनों की ट्रेनिंग के बाद मुझे जिम में ट्रेनिंग के लिए स्कॉलरशिप मिली। यहां से मैं एक प्रोजेक्ट गर्ल से स्कॉलरशिप एथलीट बनी। मैं जब 16 साल की उम्र में ब्लू बेल्ट पाने के करीब आई, तब मेरे सामने अमेरिका में वर्ल्ड चैंपियनशिप में फाइट करने का अवसर आया, लेकिन मेरी नज़र में वो उस समय संभव नहीं था। मैं एक दिन में 5 वर्कआउट सेशंस करती थी। मैं उस समय वर्ल्ड चैंपियनशिप्स के बारे में ज्यादा नहीं जानती थी, लेकिन मेरे ट्रेनर, चाओ अल्मेडा ने मेरे अंदर जुनून भरा, जिसके बाद हमने बहुत मेहनत की।”

युवा बैसिलियो ने अमेरिका जाने के लिए पैसे इकट्ठा करना शुरू किए और कुछ समय बाद IBJJF वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में भाग लिया।

वो पहली बार ब्राजील से बाहर जा रही थीं इसलिए आसानी से उनका ध्यान भटक सकता था। मगर जैसे-जैसे उनका करियर आगे बढ़ा, उन्होंने केवल वर्ल्ड चैंपियन बनने के लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया।

उन्होंने कहा:

“मेरा सपना था कि मैं एक दिन अमेरिका जाऊं और वहां जाकर मेरा ध्यान भटक सकता था। मगर मैं जब वहां गई और होटल से निकलने के बाद सोचा कि मैं यहां केवल 3 चीज़ें करने आई हूं। मैं केवल ट्रेनिंग, खाने और जिम में जाने पर ध्यान देना चाहती थी। मैं अपने दिमाग को एक जगह पर केंद्रित रखते हुए केवल फाइटिंग के बारे में सोचती थी। मेरे दिमाग में केवल यही बात चल रही होती थी कि मुझे जीत के लिए क्या करना होगा।”

उन्होंने अपने लक्ष्य को प्राप्त भी किया।

ब्राजीलियाई एथलीट ने ब्लू बेल्ट होल्डर होते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती और आगे चलकर कई IBJJF वर्ल्ड टाइटल्स जीते। वहीं 2016 में उन्हें ब्लैक बेल्ट होल्डर होने का सम्मान मिला।

उसके बाद 2019 में बैसिलियो अपने करियर के चरम समय पर पहुंचीं, जहां उन्होंने ADCC वर्ल्ड चैंपियनशिप्स पर कब्जा जमाया था।

आज वो ब्लू बेल्ट होल्डर के रूप में अपनी पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप जीत को उस लम्हे के रूप में देखती हैं, जब उन्होंने तय कर लिया था कि वो इसी खेल में आगे बढ़ेंगी:

“जिउ-जित्सु वर्ल्ड चैंपियनशिप्स से वापस आने के बाद मैंने तय कर लिया था कि मुझे अपने जीवन में क्या करना है। मैंने तभी तय कर लिया था कि मैं दोबारा वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए चैलेंज करना चाहती हूं। इसलिए मैंने पैसे बचाने शुरू किए और परिस्थितियों को संतुलित रखा।”

जीवन यापन करना हुआ मुश्किल

बैसिलियो को बहुत त्याग करने के बाद सफलता मिली थी।

अन्य युवा जिउ-जित्सु एथलीट्स की तरह अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी। फाइट्स के लिए उन्हें विदेश का सफर करना और टूर्नामेंट की फीस भी देनी होती थी। ये सब उन्हें बिना किसी प्राइज़ मनी के करना था। ट्रेनिंग के अलावा बैसिलियो की बड़ी प्राथमिकता पैसा इकट्ठा करने की थी।

उन्होंने बताया:

“मेरे लिए पैसा इकट्ठा करना सबसे बड़ी समस्या थी। मुझे एक-एक पैसा जमा करने और टूर्नामेंट की फीस देने के लिए हर रोज संघर्ष करना पड़ता था। मुझे हमेशा सफलता मिली और मेरे पिता मुझे हमेशा प्रोत्साहन देते थे। वो हमेशा कहते थे कि मुझे इसी खेल को अपना जीवन समर्पित करना है, अपना बेस्ट देते हुए दुनिया के टॉप फाइटर्स में शामिल होना है और ये सब मुझे बिना कोई बेईमानी करते हुए हासिल करना है।”

वो अब ONE के ग्लोबल स्टेज पर परफॉर्म कर रही हैं और अपने डेब्यू में शानदार प्रदर्शन के लिए 50 हजार यूएस डॉलर्स का बोनस जीतने वाली ब्राजीलियाई एथलीट को एक वर्ल्ड-क्लास एथलीट होने के चलते अच्छी रकम अदा की जाती है।

मगर उनके लिए परिस्थितियां हमेशा आसान नहीं थीं।

16 साल की उम्र में अधिकांश बच्चे कोई वीडियो गेम या फैशन से जुड़ी चीज़ खरीदने के लिए पैसा इकट्ठा कर रहे थे, लेकिन बैसिलियो अपने जिम में फ्रंट डेस्क पर काम कर हर महीने 40 डॉलर्स कमा रही थीं और ज्यादातर पैसे को सेव कर रही थीं:

“उस सैलरी से मैंने पैसों का हिसाब रखना सीखा। मैंने सीखा कि मैंने अगर 2 या 10 रीस (करंसी) बेकार चीज़ों पर खर्च किए तो मैं अपने सपने से उतना ही दूर चली जाऊंगी।”

ONE Championship में नए लक्ष्य तैयार किए

अपनी युवावस्था में बैसिलियो एक बेहतरीन ग्रैपलर होने से लेकर ब्लैक बेल्ट लेवल पर पहुंचीं और कई बार वर्ल्ड चैंपियन भी बनीं। उन्होंने इस खेल में बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।

अब ONE Championship एथलीट बन चुकी बैसिलियो का लक्ष्य दूसरे लोगों को सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने कहा:

“हम जीवन में हर एक पहलू में अच्छा करना चाहते हैं। मैं केवल अपने जीवन में नहीं बल्कि अपने परिवार के जीवन को भी अच्छा बनाना चाहती हूं। मैं उन युवाओं को भी प्रोत्साहित करना चाहती हूं, जो इस लंबे सफर में मेरे साथ रहे हैं।

“मैं जानती हूं कि ये संभव है। मैंने एक सोशल प्रोजेक्ट से शुरुआत की थी, लेकिन अब फाइटिंग ही मेरा जीवन है और मानती हूं कि ONE मुझे उस खेल में अपने सपनों को हासिल करने में मदद करेगा, जिसे मैंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया है। मैं केवल अपने लिए एक स्टार नहीं बनना चाहती बल्कि जीसस के अनुसार दूसरों को प्रेरणा देना चाहती हूं। मैं लोगों को ये सिखाना चाहती हूं कि अपना जीवन किसी अच्छी चीज़ के समर्पण में लगाएं।”

बैसिलियो का लक्ष्य इस समय ONE Fight Night 8 में टैमी मुसुमेची को हराने का है।

ब्राजीलियाई एथलीट को इस सबमिशन ग्रैपलिंग मैच का बेसब्री से इंतज़ार है और साथ ही बेस्ट एथलीट्स का सामना करने से उनका उत्साह बढ़ जाता है।

इस सबके अलावा उन्हें एक धमाकेदार मैच की उम्मीद है। दोनों एथलीट्स के पास मौका है कि वो यूएस प्राइमटाइम ऑडियन्स को अपनी वर्ल्ड-क्लास ग्राउंड स्किल्स से प्रभावित करें।

उन्होंने कहा:

“मेरी नज़र में ये धमाकेदार फाइट होगी। मैं एक संपन्न फाइटर हूं, टेकडाउन स्कोर करने और गार्ड पोजिशन में अच्छा करती आई हूं और अपने विरोधी के डिफेंस को चीरने में भी महारत रखती हूं।

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