दूसरे लोगों की मदद की मानसिकता ओडी डेलेनी को ग्लोबल स्टेज तक खींच लाई है

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ओडी डेलेनी को देखकर प्रतीत होता है जैसे वो ONE Championship के हेवीवेट MMA डिविजन के बड़े स्टार बनने वाले हैं, लेकिन पहले उन्हें कोई अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर वो एक टॉप लेवल के एथलीट बनेंगे।

“द विटनेस” कई चुनौतियों को पार कर इस मुकाम पर पहुंचे हैं और इस शुक्रवार ONE 158: Tawanchai vs. Larsen में उनकी भिड़ंत मेहदी बार्घी से होगी और इस बार भी डेलेनी दिखाना चाहेंगे कि वो आगे बढ़ने के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं।

यहां जानिए कैसे अमेरिका के एक छोटे से शहर से निकलकर वो मार्शल आर्ट्स के ग्लोबल स्टेज पर पहुंच पाए हैं।

ग्रामीण अलास्का में बहुत परेशानियां झेलनी पड़ीं

डेलेनी, विलो नाम के एक शहर में पले-बढ़े हैं। वो 4 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर आते हैं और उनका परिवार बेहद गरीबी से गुजरा है।

मगर 32 वर्षीय डेलेनी ने उस समय की यादों को अपने साथ नहीं रखा है क्योंकि उस समय उन्हें बुली (तंग) किया जाता था।

उन्होंने कहा, “विलो एक खाली जगह के बीच बसा शहर है और इसके बारे में कोई नहीं जानता। मैं इसी जगह से आता हूं और यहीं मेरी परवरिश हुई है।”

“मैं युवावस्था में अलास्का में था, जहां मुझे परेशान किया जाता था। मुझे जीवन में बहुत लोगों ने बुली किया और हर रोज अपनी मां के पास रोता हुआ घर आता था। मैं बहुत लंबा और पतला हुआ करता था और हमेशा लोगों के लिए मजाक का स्रोत बना रहता था। असल में स्कूल का समय मेरे लिए बहुत कठिन रहा।

“मगर मेरी नजर में बुली होने के कारण ही मैं इस आई राह पर चल पाया। हालांकि, आगे चलकर मुझे दूसरी चीज़ों से प्रेरणा मिली, लेकिन मेरे अंदर खुद और अपने दोस्तों को डिफेंड करने और बुरे लोगों को सबक सिखाने की इच्छा रहती थी।”

जब डेलेनी 14 साल के थे, तब उनकी मां ने दूसरे व्यक्ति से शादी की और उसके बाद उनका परिवार फ्लोरिडा आकर रहने लगा।

यहां आकर “द विटनेस” के जीवन में कई बदलाव आए। नया फ्रेंड सर्कल मिला और कोई उन्हें बुली भी नहीं करता था, जिससे उनका आत्मविश्वास का स्तर बेहतर हुआ।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए वातावरण में बहुत बदलाव हुआ। जैसा कि मैंने कहा कि मैं ऐसी जगह रहा, जहां ज्यादा लोग नहीं रहते थे। मुझे अपने दोस्त से मिलने कुछ किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। मेरी नजर में अलास्का का रहन-सहन का तरीका करीब 20 साल पीछे है।”

“वहीं फ्लोरिडा में मुझे कोई परेशान नहीं करता था और ऐसा शायद वातावरण में बदलाव के कारण हुआ और यहां सबका बात करने का तरीका काफी अच्छा था। यहां आकर मैंने कई नए दोस्त बनाए।”

रेसलिंग से लगाव हुआ

फ्लोरिडा में आने के बाद डेलेनी ने रेसलिंग में कदम रखा। वो इससे पहले अलास्का में अपने साथियों के साथ रेसलिंग किया करते थे, लेकिन नई जगह पर आने के बाद उन्होंने कोच की निगरानी में ट्रेनिंग शुरू की।

“द विटनेस” का बॉडी साइज़ अपनी उम्र के लोगों से बड़ा था, जिसके कारण वो फुटबॉल टीम का हिस्सा बने जिसे उन्होंने बिना सोचे समझे जॉइन कर लिया था।

उन्होंने बताया, “मैं साउथ वॉल्टन हाई स्कूल में गया, लेकिन उनकी कोई रेसलिंग टीम ही नहीं थी।”

“अमेरिका के दक्षिणी इलाकों में फुटबॉल का राज है और उस समय फुटबॉल कोच ने कहा था कि अगर मैं सही से खेलूंगा तो वो रेसलिंग टीम की शुरुआत करवाएंगे।”

अपने माता-पिता के साथ के कारण डेलेनी ने दोनों खेलों में आगे बढ़ना जारी रखा, लेकिन रेसलिंग उनके दिल के ज्यादा करीब थी।

युवा एथलीट को अपने जीवन में एक और महत्वपूर्ण व्यक्ति मिला, जिन्होंने “द विटनेस” के टैलेंट को परखा और उन्हें हाई स्कूल में ऑल-अमेरिकन स्टेटस दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

डेलेनी ने कहा, “मार्टी कोउनार्ड के कारण मुझे रेसलिंग से ज्यादा लगाव होना शुरू हुआ, जो हाई स्कूल की शुरुआत से ही मेरे मेंटोर रहे। मुझे लगता है कि उन्होंने मुझमें कुछ देखने के बाद ही मुझे रेसलिंग और एथलेटिक्स में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और एक अच्छा इंसान बनने में भी मदद की।”

“वो पूरे देश भर में मुझे टूर्नामेंट्स में ले जाते और शायद उसी वजह से मेरे अंदर एक जुनून पैदा हुआ क्योंकि उन्हें मुझपर भरोसा था कि मैं कुछ कर सकता हूं। मुझे लगता है कि एक युवा के पास उन्हें हमेशा प्रोत्साहन देने वाला व्यक्ति जरूर होना चाहिए।”

सिटाडेल की कठिन ट्रेनिंग को सर्वाइव किया

हाई स्कूल की पढ़ाई के बाद डेलेनी, दक्षिण कैरोलिना के एक फेमस मिलिट्री कॉलेज सिटाडेल में आए, जहां उन्होंने रेसलिंग को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया।

मगर इससे पहले उन्हें कठिन परीक्षाओं को पास करना था और इस अनुभव का भी उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा।

डेलेनी ने बताया, “सिटाडेल का अनुभव बहुत दर्दनाक हो सकता है। सिटाडेल एक मिलिट्री अकादमी है, जो फिल्मों की तरह तो बिल्कुल नहीं है और आपको यहां किसी सामान्य कॉलेज से बहुत अलग अनुभव प्राप्त होता है।”

“यहां आपको मिलिट्री नियमों के तहत रहना होता है, मार्च करना होता है और आप पर चिल्लाया जाता है और अपने कमरे में आप बहुत थके हुए जाते हैं। पहले साल में आप किसी मशीन की तरह होते हैं, जिसे किसी भी दिशा में घुमाया जा सकता है। आपको गंजा कर दिया जाता है और अपनी गर्दन झुकाकर चलना होता है। इन चीज़ों के कारण दबाव बढ़ने लगता है, जो आपको अंदर तक तोड़ने के लिए की जाती हैं, जिससे आप मानसिक और शारीरिक तौर पर भी मजबूत बन सकें।”

बहुत कठिन परिस्थितियों से जूझने के बाद भी “द विटनेस” ने हार नहीं मानी। उन्होंने पढ़ाई पर ध्यान दिया और रेसलिंग की ट्रेनिंग भी जारी रखी।

एक बार ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें एकसाथ फायदा मिलना शुरू हुआ क्योंकि वो आगे चलकर 4 बार सदर्न कॉन्फ्रेंस चैंपियन, एक बार डिविजन-1 ऑल अमेरिकन और सिटाडेल हॉल ऑफ फेम में भी शामिल हुए।

डेलेनी ने कहा, “ये शायद मेरे जीवन के सबसे कठिन कामों में से एक रहा और मैं नहीं जानता कि मैं इतना कठिन काम अपने जीवन में दोबारा करूंगा या नहीं।”

“वो बहुत कठिन था, लेकिन उसे पूरा करने के बाद मुझे अहसास हुआ कि उस अनुभव की मेरे जीवन को बहुत जरूरत थी क्योंकि अब मैं किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”

MMA के जरिए अपने सपनों को पूरा कर रहे

कॉलेज के बाद डेलेनी पुलिस में काम करने का निर्णय लिया, जिसे जॉइन कर वो लोगों की मदद करना चाहते थे।

मगर पुलिस में आने के बाद उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा और कुछ समय बाद करियर में बदलाव का निर्णय लिया, लेकिन वो नहीं जानते थे कि उनकी मार्शल आर्ट्स में वापसी होने वाली है।

उन्होंने बहुत सोच-विचार किया कि वो किस तरह दुनिया में बदलाव ला सकते हैं और कुछ समय बाद उन्होंने MMA को माध्यम बनाकर ऐसा करने का फैसला लिया।

डेलेनी ने बताया, “मुझे पुलिस फोर्स में दिक्कतें आईं, जिसके कारण मैं सोचने पर मजबूर हो चला था और आखिरकार करियर में बदलाव करना पड़ा।”

“मैंने सोचा, ‘मुझे भगवान ने क्या चीज़ें तोहफे में दी हैं? मैं ऐसा क्या कर सकता हूं जो मेरे और अन्य लोगों के लिए भी फायदेमंद हो?’ मुझे हमेशा रेसलिंग से लगाव रहा है, जिसके बाद मैंने जिउ-जित्सु करने का फैसला लिया और तुरंत मुझे इससे लगाव महसूस हुआ।

“कई सारे लोगों ने मेरे पास आकर कहा, ‘अगर तुम कुछ सबमिशन मूव्स सीख लोगे, अगर जिउ-जित्सु में अच्छे हो जाओगे तो बहुत खतरनाक फाइटर बन सकते हो। वहीं उसके बाद थोड़ी स्ट्राइकिंग सीख ली तो तुम्हें हराना बहुत मुश्किल होगा। असल में चीज़ें खुद-ब-खुद मेरे सामने आती रहीं।”

इसी के साथ “द विटनेस” MMA में आए और ONE Championship के उभरते हुए हेवीवेट डिविजन का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया।

यहां आने के बाद उनके पास लाखों फैंस तक अपनी पहुंच बनाने का मौका है और यहां आकर वो दूसरे लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन सकते हैं।

डेलेनी ने कहा, “दुनिया को प्रेरित करने की चाह मुझे आगे बढ़ते रहने को प्रोत्साहित करती है और मुझे लगता है कि मैं ONE में रहकर ऐसा कर सकता हूं।”

“ONE के CEO चाट्री सिटयोटोंग मार्शल आर्ट्स और सम्मान के बारे में बात करते हैं और मैं भी इन्हीं बातों को सीख कर पला-बढ़ा हूं।”

आगे चलकर American Top Team के स्टार हाई-प्रोफाइल मुकाबलों को जीतकर अपने करीबियों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी प्रेरित करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “करियर के नजरिए से, मैं अपने परिवार के लिए सर्वश्रेष्ठ करना चाहता हूं। और मुझे नहीं पता कि कोई इसमें किसी और कारण से है।”

“मैं ये भी दिखाना चाहता हूं कि फाइटिंग के जरिए आप बहुत ताकतवर बनने के साथ बहुत अनोखी चीज़ों को कर सकते हैं, लेकिन कभी-कभी कमजोर होना बेकार बात नहीं है। मैं यहां चकाचौंध के लिए नहीं आया हूं, मेरा लक्ष्य केवल दूसरों को प्रेरणा देना है।”

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