मॉय थाई फाइटर्स की एक दिन की ट्रेनिंग कैसी रहती है

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अनुशासन का मार्शल आर्ट्स में बहुत महत्व है इसलिए जैकी बुंटान जैसे कई अन्य मॉय थाई फाइटर्स खुद को अच्छी शेप में बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। जीवन भर की प्रतिबद्धता ही उन टैलेंटेड स्टार्स को ONE वर्ल्ड चैंपियन बनाती है।

शुक्रवार, 22 अप्रैल को ONE: Eersel vs. Sadikovic में बुंटान का सामना सबसे पहले ONE विमेंस स्ट्रॉवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियनशिप मैच में स्मिला संडेल से होगा और उनकी कड़ी मेहनत ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

मॉय थाई फाइट्स किसी फाइटर के स्टैमिना की कड़ी परीक्षा लेती हैं और अगर टाइटल दांव पर लगा हो तो एक्शन 15 मिनट तक चलता है, जिनकी तैयारी के लिए उन्हें दिन-रात पसीना बहाना पड़ता है। जैसे-जैसे फाइट का समय करीब आता है, एथलीट्स सप्ताह में 6 दिन बहुत कड़ी ट्रेनिंग कर रहे होते हैं।

इसलिए यहां आप बुंटान के जरिए जान सकते हैं कि ONE के किसी मॉय थाई फाइटर के लिए कोई दिन कैसे गुजरता है।

दो अलग ट्रेनिंग सेशंस

आमतौर पर प्रोफेशनल मॉय थाई फाइटर्स सुबह और शाम 2 घंटे के ट्रेनिंग सेशन करते हैं। इस दौरान वो अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज़ करते हैं, जो उन्हें मॉय थाई फाइट में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद करती हैं।

दूसरी ओर, बुंटान जैसी फाइटर के लिए एक ट्रेनिंग सेशन उन्हें शारीरिक रूप से नहीं बल्कि मानसिक मजबूती प्रदान करता है।

ONEFC.com से फिलीपीनो-अमेरिकी स्टार ने कहा

“रूटीन को फॉलो करना और अनुशासन बहुत जरूरी है। मुझे रूटीन को फॉलो करना पसंद है और यही मुझे ट्रेनिंग आगे बढ़ने को प्रोत्साहित करता रहता है और अनुशासित रखता है। इस रूटीन के बिना मेरा ध्यान भटकने लगता है।”

रनिंग से होती है शुरुआत

इस मॉय थाई ट्रेनिंग सेशन की शुरुआत सुबह 3 से 5 मील की दौड़ के साथ होती है। लंबी दौड़ कार्डियो को अच्छा बनाती है, जिससे आपका स्टैमिना अच्छा होता है।

रनिंग से आपको अगली एक्सरसाइज़ को करने में भी आसानी होती है।

दूसरी ओर, कुछ कोच अपने स्टूडेंट्स को फाइट कैम्प के दौरान स्प्रिंट लगाने की सलाह देते हैं, जिससे उनकी ऑक्सीजन लेने की क्षमता बढ़े।

इससे फाइटर्स मैचों के दौरान एक ही पेस के साथ अटैक कर पाते हैं, फिर चाहे उनकी फाइट लंबी ही क्यों ना चले।

शैडोबॉक्सिंग के जरिए मूव में महारत हासिल करना

बार-बार किन्हीं मूव्स का इस्तेमाल सर्कल में आपकी मूवमेंट को बेहतर बनाता है।

जो लोग शैडोबॉक्सिंग करते हैं, उनके लिए कॉम्बिनेशंस लगाना और अपने विरोधी की स्ट्राइक्स को ब्लॉक करना आसान हो जाता है और सुबह की दौड़ के बाद बुंटान इसी की ट्रेनिंग करती हैं।

शैडोबॉक्सिंग किसी विशेष तकनीक और कॉम्बिनेशंस का अभ्यास करने का बहुत अच्छा तरीका है। फाइटर्स खुद को अपना विरोधी मानकर पंच, किक्स, नी और एल्बो स्ट्राइक्स लगाने का अभ्यास करते हैं।

रनिंग पूरी होने के बाद ये एक्सरसाइज़ अक्सर 2 राउंड्स तक चलती है।

पैड वर्क करते हुए कॉम्बिनेशंस की ट्रेनिंग

एक फाइटर के ट्रेनिंग सेशन में पैड वर्क का अहम योगदान होता है, जो 3 से 5 राउंड्स तक चल सकता है।

पैड वर्क एथलीट्स को अपनी रेंज, स्पीड और पावर और कॉम्बिनेशंस लगाने के दौरान अच्छी मूवमेंट करने में मदद करता है।

इससे टाइमिंग भी बेहतर होती है, खासतौर पर तब जब ट्रेनर आपको किसी विशेष स्ट्राइक को लगाने के लिए कहे। पैड को पकड़ने वाला व्यक्ति जवाबी अटैक कर सकता है, जिससे आपका डिफेंस बेहतर होता है और आपके अंदर बेहतर करना का जुनून पैदा होता है।

बुंटान, पैड वर्क को बहुत महत्व देती हैं क्योंकि ये उन्हें कॉम्पिटिशन से बाहर की दुनिया में भी मदद करता है।

“रोज ट्रेनिंग और कड़ी मेहनत करना मेरे अपने गेम प्लान पर भरोसे को बढ़ाता है और मॉय थाई से बाहरी जीवन में भी ये मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाए रखता है।”

बैग को हिट करना 

अगर पैड वर्क करने से आप अपनी रेंज और स्पीड को बेहतर कर पाते हैं तो बैग वर्क आपको पावर देता है और फुटवर्क को बेहतर बनाता है।

बैग पर फाइटर्स जैब्स, पुश किक्स, राउंडहाउस किक्स और स्विच किक्स की ट्रेनिंग कर सकते हैं। वो केवल बॉक्सिंग पर भी फोकस कर सकते हैं या सभी चीज़ों का मिश्रण करते हुए अभ्यास कर सकते हैं।

एथलीट्स भारी बैग के अलावा पोल बैग, वॉल-माउंटेड बैग या बनाना बैग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

क्लिंच का अभ्यास

क्लिंच के अभ्यास के बिना ट्रेनिंग पूरी नहीं होती। इसे अक्सर ट्रेनिंग सेशन के अंत में किया जाता है, जिससे फाइटर्स अपनी लिमिट को पुश कर पाते हैं।

एथलीट्स नी स्ट्राइक्स की ट्रेनिंग के दौरान असल में नी लगाने के बजाय जांघ के अंदरूनी हिस्से से अटैक करते हैं, जिससे अपने पार्टनर को चोटिल होने से बचा सकें।

वहीं क्लिंच में ताकत का इस्तेमाल करने के बजाय मॉय थाई फाइटर्स मौका ढूंढकर अपने विरोधी के बॉडी बैलेंस को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं।

स्पारिंग में सभी चीज़ों का एकसाथ अभ्यास

ट्रेनिंग के दौरान सीखी गई बातों को फाइटर्स स्पारिंग सेशन में अमल में लाते हैं।

यही वो समय होता है जब कोई ट्रेनर अपने स्टूडेंट की ताकत और कमजोरियों को परखता है। मॉय थाई में केवल 50 प्रतिशत पावर के साथ स्पारिंग की जाती है, जिससे फाइटर्स अपनी तकनीक पर फोकस कर सकें।

बुंटान अक्सर अपनी सबसे फेमस टीम मेंबर और ONE एटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन जेनेट “JT” टॉड के साथ ट्रेनिंग करती हैं।

उन्होंने ONEFC.com से कहा:

“मैं एकसाथ ड्रिल्स करते हैं, गेम प्लान और रणनीति पर बात करते हैं।”

इस खेल के प्रति गंभीर रहने वाले लोग कभी स्पारिंग मिस नहीं करते क्योंकि ये काफी हद तक असली फाइट जैसी होती है। वहीं 22 अप्रैल को फैंस को बुंटान की कड़ी मेहनत का अंदाजा लगने वाला है।

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