विशेष कहानियाँ

मॉय थाई के लिए वॉल्टर गोंसाल्वेस को अपना परिवार छोड़ना पड़ा

अक्टूबर 5, 2019

वॉल्टर गोंसाल्वेस टीनेज (युवा) थे, जब उन्होंने थाईलैंड जाकर मॉय थाई सीखने के लिए ब्राजील में अपने घर और सभी जानने वालों को छोड़ दिया था।

ये उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल भरा फैसला था। वॉल्टर का त्याग और मेहनत बेकार नहीं जाएगी अगर वो 13 अक्टूबर को ONE फ्लाईवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियनशिप जीत जाएं।

21 साल के गोंसाल्वेस की जिंदगी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है लेकिन वो कहते हैं कि अनुभवों ने उन्हें टोक्यों में होने वाले ONE: CENTURY II में रोडटंग “द आयरन मैन” जित्मुआंगनोन से टाइटल जीतने के लिए तैयार किया है।

गोंसाल्वेस 18 साल के भी नहीं हुए थे, जब उन्होंने ब्राजील में अपने घर को छोड़कर 17 हजार किमी. से ज्यादा का सफर किया था, ताकि वो मॉय थाई में महारथ हासिल कर सकें।

उन्होंने कहा, “मैं 17 साल की उम्र में ब्राजील छोड़कर थाईलैंड आ गया।”

“मैं अपना, अपने परिवार और कोच का सपना पूरा करना चाहता था। मेरे कोच एंडरसन डेंटाओ ने मुझे कहा था कि वो एक वर्ल्ड चैंपियन को कोचिंग देना चाहते हैं।”

गोंसाल्वेस ने 3 वर्ल्ड टाइटल जीतकर ये सपना पूरा किया, लेकिन थाईलैंड में उनके शुरुआती दिनों में ये टाइटल जीतना बहुत मुश्किल काम लग रहा था।

वो समय बहुत ही मुश्किल भरा था, लेकिन कड़ी ट्रेनिंग की वजह से नहीं।

ब्लैकथाई सीटी के इस रिप्रेंजटेटिव ने कहा, “थाईलैंड पहुंचने के बाद का करीब 1 महीना मैंने रोने में बिताया।”

“अपने परिवार, घर और दोस्तों को छोड़ने की वजह से वो समय मेरे लिए बहुत मुश्किल भरा था। जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो जानता था कि वहां मेरे अलावा कोई नहीं है।”

“फिर मैंने सोचा, मैं यहीं पर सब कुछ हासिल करना चाहूंगा, जो मैंने सोचा हुआ है। ये मेरे लिए किसी बड़े चैलेंज की तरह था, जिसे मुझे पार करना था। मैं अपने परिवार और कोच को निराश नहीं करना चाहता था। उन लोगों के विश्वास की वजह से ही यहां पहुंच पाया।”



इसी दृढ़ इच्छाशक्ति की वजह से गोंसाल्वेस खुद को इस नए वातावरण में ढालने में कामयाब हुए।

उन्होंने कहा, “थाईलैंड में मेरा अनुभव अपने कम्फर्ट जोन को छोड़ने जैसा रहा।”

“यहां की ट्रेनिंग, खाने और कल्चर में काफी अंतर था। मैंने ऐसा पहले कुछ अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा था। लेकिन मैं जानता था कि अगर यहां रुका रहा, तो कुछ न कुछ जरूर हासिल कर लूंगा और मैंने ऐसा ही किया। मैंने मुश्किलों से पार पाई। मैं थोड़ा मैच्योर हुआ और सबकी रिस्पेक्ट हासिल की।”

गोंसाल्वेस में कामयाब होने की भूख थी और इसी वजह से उन्हें थाईलैंड में अपनी खास इज्जत बनाई। उन्हें अपना नाम बनाने के लिए काफी प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेना पड़ा, जिससे उन्हें बड़े मौके मिल सकें।

वो कहते हैं, “अगर मैं फाइट नहीं करता तो मेरे पास खाने के लिए कुछ नहीं होता।”

“किसी भी हाल में मेरे पास वापिस ब्राजील जाने के लिए पैसे नहीं थे। मैंने खुद को इस खेल में झोंक दिया ताकि पैसा कमाकर कुछ खा सकूं।”

“मुश्किलें? मैं उन मुश्किलों को सीढ़ी बनाकर चढ़ा।”

उन्हें कड़ी ट्रेनिंग के अलावा रिंग में मुश्किल मुकाबलों की वजह से संघर्ष करना पड़ा। गोंसाल्वेस का थाईलैंड में समय थोड़ा आसान हो गया क्योंकि वो जानते थे कि वो अपनी जिंदगी में 2 सबसे महत्वपूर्ण लोगों का सपोर्ट हमेशा पा सकते हैं।

पहले थे उनके पिता, असीस, जिन्होंने गोंसाल्वेस को मार्शल आर्ट्स से रूबरू करवाया था।

उन्होंने कहा, “मेरे पिता आज भी मुझे सपोर्ट करते हैं। वो मेरे सबसे बड़े फैन होने के अलावा मेरे लिए प्रेरणा हैं।

“मेरे पिता की वजह से ही इस मुकाम तक पहुंच पाया हूं।”

दूसरे शख्स थे कोच डेंटाओ, जिन्होंने छोटी सी उम्र में गोंसाल्वेस के टैलेंट को पहचाना और उन्हें बाहर जाकर अपनी स्किल्स को बेहतर करने के लिए उत्साहित किया।

वॉल्टर ने कहा, “मेरा दुनिया घूमने का बड़ा सपना था और अपने कोच की बदौलत ऐसा कर पाया।”

“नई लोगों से मिलना और नई दुनिया देखना, मेरे लिए किसी उपलब्धि की तरह था। मेरे कोच पूरा समय मेरे जहन में रहे, वो मुझे फोन पर सलाह देते रहते हैं। इन सबकी वजह से मुझे कामयाबी हासिल हुई।”

इस सब चीज़ों ने उन्हें “द लैंड ऑफ स्माइल्स” थाईलैंड में वर्ल्ड टाइटल के पथ पर रखा। उन्हें अपनी कड़ी मेहनत के दम पर टोक्यो में ONE: CENTURY में ग्लोबल स्टेज पर बड़ा मौका मिलने जा रहा है।

रोडटंग के खिलाफ चैंपियनशिप बाउट से पहले ये फ्लाईवेट सुपरस्टार आत्मविश्वास से भरा हुआ है। उन्हें लगता है कि “द आयरन मैन” के खिलाफ 5 राउंड की फाइट भी उन्हें नहीं रोक पाएगी।

उन्होंने कहा, “मॉय थाई के लिए मैंने अपने परिवार को छोड़ा, जो मेरे लिए सबसे बड़ा त्याग रहा लेकिन ऐसा करने सही साबित हुआ। मैं फिर से ऐसा करने के लिए तैयार हूं।”

“मैंने अपनी जिंदगी में बहुत मुश्किलें देखी हैं, अब मुझे मेरे रास्ते से कुछ भी नहीं डिगा सकता।”

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13 अक्टूबर को जापान के टोक्यो में प्रसिद्ध रोयोगोकू कोकूगिकन में कई वर्ल्ड टाइटल मुकाबलों, वर्ल्ड ग्रां प्रिक्स चैंपियनशिप फाइनल की एक तिकड़ी और कई वर्ल्ड चैंपियन बनाम वर्ल्ड चैंपियन मैच लाने के साथ The Home Of Martial Arts नई जमीन पर दस्तक देगा।